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5-question demo · Bihar BPSC Labour Superintendent - MAINS - Labour Law Paper 1 - Hindi Medium

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Question 1 of 5
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिएः
1. इसने केंद्रीय विधान परिषद में सरकारी सदस्यों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की।
2. इसने विधान परिषदों को बजट पर चर्चा करने और कार्यपालिका से प्रश्न पूछने का अधिकार दिया।
3. इसने प्रांतीय विधान परिषदों के गैर-सरकारी सदस्यों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव का सिद्धांत प्रस्तुत किया।
A 1 और 2 के अतिरिक्त
B केवल 2
C 1 और 3 के अतिरिक्त
D 1, 2 और 3 सभी
Why: भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 ने केंद्रीय विधान परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ाई लेकिन सरकारी सदस्यों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की (कथन 1 गलत)। इसने विधान परिषदों को बजट पर चर्चा करने और कार्यपालिका से प्रश्न पूछने का अधिकार दिया (कथन 2 सही)। प्रांतीय विधान परिषदों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव का सिद्धांत 1909 के अधिनियम में आया, 1892 में नहीं (कथन 3 गलत)। इसलिए केवल कथन 2 सही है, जो विकल्प B है。[1]
Question 2 of 5
भारत सरकार अधिनियम 1935 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन चुनें:
1. इस अधिनियम ने भारत सरकार अधिनियम 1858 द्वारा स्थापित भारतीय परिषद को समाप्त कर दिया।
2. इसने प्रांतों में प्रांतीय स्वायत्तता की शुरुआत की।
3. अवशिष्ट शक्तियाँ गवर्नर जनरल को सौंपी गई थीं।
A केवल 1
B 1 और 2 के अतिरिक्त
C 2 और 3 के अतिरिक्त
D 1, 2 और 3 सभी
Why: भारत सरकार अधिनियम 1935 ने 1858 के अधिनियम द्वारा स्थापित भारतीय परिषद को समाप्त कर दिया (कथन 1 सही)। इसने प्रांतों में अराजकता समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता की शुरुआत की (कथन 2 सही)। संघ में अवशिष्ट शक्तियाँ गवर्नर जनरल को सौंपी गईं (कथन 3 सही)। सभी कथन सही हैं, इसलिए विकल्प D सही है。[4]
Question 3 of 5
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 का वर्णन कीजिए। इस अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
Why: यह उत्तर पूर्ण परीक्षा-तैयार मॉडल है जिसमें परिचय, मुख्य बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष शामिल हैं। यह 2-मार्क्स प्रश्न के लिए उपयुक्त है।[1]
Question 4 of 5
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के परिचय और मुख्य प्रावधानों की व्याख्या कीजिए।
Why: यह 4-मार्क्स के लिए उपयुक्त विस्तृत उत्तर है जिसमें सभी आवश्यक तत्व शामिल हैं।[4]
Question 5 of 5
भारत में सीमांत श्रमिक वह व्यक्ति है जो एक वर्ष में कितने महीने से कम काम करता है? A. 9 महीने B. 6 महीने C. 8 महीने D. 7 महीने
A 9 महीने
B 6 महीने
C 8 महीने
D 7 महीने
Why: भारतीय जनगणना के अनुसार सीमांत श्रमिक वह व्यक्ति है जो एक वर्ष में 183 दिन से कम काम करता है, जो कि 6 महीने से कम के बराबर है। ऐसे श्रमिक आमतौर पर मौसमी या अस्थायी रोजगार में लगे होते हैं, अक्सर कृषि, निर्माण या अन्य अनौपचारिक क्षेत्रों में। वे मुख्य श्रमिकों से अलग हैं, जो एक वर्ष में 183 दिन या उससे अधिक काम करते हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि जनगणना 6 महीने से कम की स्पष्ट सीमा निर्धारित करती है। इसलिए सही उत्तर B है।[1]