Question 1 of 5
1 से 94 तक की सभी प्राकृत संख्याओं का औसत क्या है?
विकल्प:
A. 46.5
B. 47.5
C. 48.5
D. 49.5
A
46.5
B
47.5
C
48.5
D
49.5
Why: प्राकृत संख्याओं (प्रत्येक n प्राकृत संख्याओं) का औसत निकालने का सूत्र है \( \frac{n+1}{2} \)। यहाँ n = 94 है।
गणना:
\( \text{औसत} = \frac{94 + 1}{2} = \frac{95}{2} = 47.5 \)
इस प्रकार सही उत्तर 47.5 है, जो विकल्प B में है। यह सूत्र प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं 1, 2, ..., n के योग \( \frac{n(n+1)}{2} \) को n से भाग देने पर प्राप्त होता है।[1]
Question 2 of 5
प्राकृत संख्याएँ _____ और _____ की संक्रियाओं में संवृत्त हैं।
Why: **परिचय:** प्राकृत संख्याएँ (1, 2, 3, ...) संख्या पद्धति का आधार हैं जो गिनती के लिए प्रयुक्त होती हैं। ये संक्रियाओं (operations) के संदर्भ में संवृत्त (closed) होती हैं अर्थात् इनकी किसी भी संक्रिया का परिणाम भी प्राकृत संख्या ही होता है।
**मुख्य बिंदु:**
1. **योग संक्रिया:** यदि a और b कोई दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो \( a + b = c \) जहाँ c भी प्राकृत संख्या है। उदाहरण: 2 + 3 = 5 (सभी प्राकृत)।
2. **गुणन संक्रिया:** \( a \times b = c \) जहाँ c भी प्राकृत संख्या है। उदाहरण: 4 \(\times\) 5 = 20 (प्राकृत संख्या)।
**अन्य संक्रियाएँ:** फलन (division) और घात (exponentiation) में हमेशा संवृत्त नहीं होतीं। उदाहरण: 5 ÷ 2 = 2.5 (प्राकृत नहीं)।
**निष्कर्ष:** प्राकृत संख्याएँ मुख्यतः **योग** और **गुणन** की संक्रियाओं में संवृत्त हैं, जो इन्हें अंकगणितीय संरचनाओं में महत्वपूर्ण बनाता है। यह गुण संख्या सिद्धांत की नींव है। (शब्द गिनती: 120+)[3]
Question 3 of 5
सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ हैं। यह कथन सत्य है या असत्य? यदि असत्य हो तो सही कथन लिखें।
Why: **परिचय:** प्राकृत संख्याएँ (Natural numbers) वे संख्याएँ हैं जो 1, 2, 3, ... से प्रारम्भ होती हैं। पूर्ण संख्याएँ (Whole numbers) 0, 1, 2, 3, ... होती हैं।
**मुख्य बिंदु:**
1. **प्राकृत संख्याओं का समुच्चय:** \( \mathbb{N} = \{1, 2, 3, \dots\} \)।
2. **पूर्ण संख्याओं का समुच्चय:** \( \mathbb{W} = \{0, 1, 2, 3, \dots\} \)।
3. **संबंध:** सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ हैं (\( \mathbb{N} \subset \mathbb{W} \)) क्योंकि प्रत्येक प्राकृत संख्या (1, 2, 3...) पूर्ण संख्याओं में सम्मिलित है। लेकिन 0 केवल पूर्ण संख्या है, प्राकृत नहीं।
**उदाहरण:** 5 प्राकृत और पूर्ण दोनों है, परन्तु 0 केवल पूर्ण है।
**निष्कर्ष:** कथन 'सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ हैं' सत्य है, लेकिन इसके विपरीत नहीं। यह संख्या पद्धति के पदानुक्रम को दर्शाता है: प्राकृत ⊂ पूर्ण ⊂ पूर्णांक। (शब्द गिनती: 110+)[4]
Question 4 of 5
प्रथम 60 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
Why: **सूत्र:** प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग \( S = \frac{n(n+1)}{2} \)।
**दिया गया:** n = 60
**गणना:**
\( S = \frac{60 \times 61}{2} \)
\( = \frac{3660}{2} \)
\( = 1830 \)
**सत्यापन:** पहले कुछ संख्याओं से: 1+2+3+...+10 = 55 (सूत्र से \( \frac{10\times11}{2}=55 \))। इसी प्रकार 60 तक 1830 सही है।
यह सूत्र गौस्सियन योग सूत्र के नाम से जाना जाता है।[2]
Question 5 of 5
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) सभी पूर्ण संख्याएँ पूर्णांक हैं।
(B) सभी पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ हैं।
(C) सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्णांक हैं।
(D) सभी पूर्णांक प्राकृतिक संख्याएँ हैं।
A
सभी पूर्ण संख्याएँ पूर्णांक हैं।
B
सभी पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ हैं।
C
सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्णांक हैं।
D
सभी पूर्णांक प्राकृतिक संख्याएँ हैं।
Why: पूर्णांक (Integers) = {..., -2, -1, 0, 1, 2, ...}
पूर्ण संख्याएँ (Whole numbers) = {0, 1, 2, 3, ...}
प्राकृतिक संख्याएँ (Natural numbers) = {1, 2, 3, ...}
पूर्ण संख्याएँ पूर्णांकों का एक उपसमुच्चय हैं क्योंकि सभी पूर्ण संख्याएँ (0 सहित धनात्मक) पूर्णांक हैं। लेकिन सभी पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं (ऋणात्मक पूर्णांक जैसे -1, -2 आदि)। अतः कथन (A) सत्य है।[1][2][8]