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जामीन

281 questions for this subtopic 0 attempted

Multiple choice

274 questions · auto-graded
Question 1
PYQ 1.0 marks
IPC की धारा 34 के अंतर्गत 'सामान्य इरादे' के लिए कौन-सी आवश्यक सामग्रियां मौजूद होनी चाहिए? निम्नलिखित विकल्पों में से सही चुनें:
Why: IPC धारा 34 के अंतर्गत 'सामान्य इरादे' के लिए चार आवश्यक तत्व हैं: (1) अपराध करने का एक सामान्य इरादा होना चाहिए; (2) ऐसा कार्य सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए; (3) ऐसे कृत्य का परिणाम अपराध होना चाहिए; (4) ऐसा सामान्य इरादा दो या अधिक व्यक्तियों के लिए समान होना चाहिए। यह 'समान इरादे' को 'सभी के लिए समान इरादा' के रूप में परिभाषित करता है। विकल्प B इन सभी को सही ढंग से दर्शाता है[2].
Question 2
PYQ 1.0 marks
रक्तदान के लिए न्यूनतम हीमोग्लोबिन स्तर क्या होना चाहिए?
Why: रक्तदान के लिए दानकर्ता का हीमोग्लोबिन स्तर 12.5 gm/dl होना चाहिए। इससे कम होने पर खून की कमी मानी जाती है और दान की अनुमति नहीं दी जाती। यह मानक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निर्धारित है। [1]
Question 3
PYQ 1.0 marks
मानव शरीर के वजन का कितना प्रतिशत रक्त होता है?
Why: मानव शरीर के वजन का लगभग 7% हिस्सा रक्त होता है। एक औसत 70 किग्रा वजन वाले व्यक्ति में करीब 5 लीटर रक्त होता है। यह रक्त ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का परिवहन करता है। [3]
Question 4
PYQ · 2016 2.0 marks
SSC CGL 2016: अस्पताल में आसानी से उपलब्ध निम्नलिखित रुधिर वर्गों से किस एक का रक्तदान के लिए उपयोग सबसे सुरक्षित होगा?
Why: O, Rh- को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है क्योंकि यह सभी रक्त समूहों को दिए जा सकता है बिना एग्लूटिनेशन के। इसमें कोई A, B एंटीजन नहीं होते और Rh- सभी को सूट करता है। [4]
Question 5
PYQ · 2008 1.0 marks
SSC मैट्रिक स्तरीय परीक्षा 2008: प्लाज्मा प्रोटीन में सबसे अधिक मात्रा किसका होता है?
Why: रक्त प्लाज्मा प्रोटीन में एल्ब्यूमिन की मात्रा सबसे अधिक (लगभग 55%) होती है। यह osmotic pressure बनाए रखता है और रक्त को वाहिकाओं में रखता है। ग्लोब्युलिन दूसरा प्रमुख है। [4]
Question 6
PYQ 1.0 marks
भारतीय दंड संहिता की धारा 403 के अनुसार, जो कोई किसी चल संपत्ति का बेईमानी से गबन करेगा या उसे अपने उपयोग में ले लेगा, उसे क्या दंडित किया जाएगा?
Why: भारतीय दंड संहिता की धारा 403 बेईमानी से चल संपत्ति का दुरुपयोग करने या उसे व्यक्तिगत उपयोग के लिए परिवर्तित करने के कृत्य को संबोधित करती है। इस अपराध के लिए निर्धारित सजा दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा। विकल्प B सही है क्योंकि यह धारा 403 की सजा का सटीक वर्णन करता है।[1]
Question 7
PYQ 1.0 marks
जो कोई भी व्यक्ति किसी चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करता है या अपने पास रखता है, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चोरी की संपत्ति है, उसे किस धारा के तहत दंडित किया जाएगा और सजा क्या होगी?
Why: IPC की धारा 411 के अनुसार, चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करने या रखने वाले व्यक्ति को तीन वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा। यह अपराध जानबूझकर चोरी की संपत्ति को स्वीकार करने से संबंधित है। विकल्प A सही है।[1]
Question 8
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित में से सही अपराध का नाम बताइए: बेईमानी या कपटपूर्ण तरीके से संपत्ति को हटाना, छिपाना या पर्याप्त विचार के बिना हस्तांतरित करना, लेनदारों के वैध वितरण को रोकने के इरादे से।
Why: BNS की धारा 320 (पूर्व IPC धारा 423) के अनुसार, यह धोखाधड़ीपूर्ण संपत्ति हस्तांतरण का अपराध है। सजा कम से कम छह महीने के कारावास, जो दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों। विकल्प C सही है।[2]
Question 9
PYQ 1.0 marks
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अंतर्गत 'बालक' से अभिप्रेत है?
Why: घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 2(b) के अनुसार 'बालक' से अभिप्रेत 18 वर्ष से कम आयु का बालक है। यह अधिनियम घरेलू हिंसा की शिकायतकर्ता महिला के साथ रहने वाले 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कवर करता है। विकल्प C सही है क्योंकि यह अधिनियम की परिभाषा से मेल खाता है।[4]
Question 10
PYQ 2.0 marks
भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से संबंधित निम्नलिखित प्रमुख विधायी प्रतिक्रियाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें: A. अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1986 B. मथुरा बलात्कार मामला और 1983 का संशोधन C. महिलाओं और लड़कियों का अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (SITA), 1956
Why: सही कालानुक्रमिक क्रम है: C (SITA, 1956), B (मथुरा मामला और 1983 संशोधन), A (1986 अधिनियम)। SITA 1956 में लागू हुआ, उसके बाद 1983 में मथुरा मामले के आधार पर दंड संहिता में संशोधन, और 1986 में अनैतिक व्यापार अधिनियम। विकल्प C सही है।[3]
Question 11
PYQ 1.0 marks
एनसीआरबी के अनुसार, 2017 में भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सबसे अधिक मामले किस राज्य में दर्ज हुए?
Why: एनसीआरबी 2017 रिपोर्ट के अनुसार, बलात्कार के सबसे अधिक मामले मध्यप्रदेश (5562) में थे, लेकिन कुल महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर था। हालांकि स्रोत [1] में हाल के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश (56,083) शीर्ष पर है। सही उत्तर B है।[1][2]
Question 12
PYQ · 2022 2.0 marks
जामीन (Bail) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत गिरफ्तारी के विरुद्ध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण किया गया है।
2. CrPC की धारा 436 के अंतर्गत गैर-जमानती अपराध में भी मजिस्ट्रेट जमानत दे सकता है।
3. उच्चतम न्यायालय ने **अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य** मामले में कहा कि हर छोटे अपराध में गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3
Why: सभी कथन सही हैं। अनुच्छेद 21 व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है[1]। CrPC धारा 436 गैर-जमानती अपराधों में भी जमानत की अनुमति देती है जब मजिस्ट्रेट उचित समझे। अर्नेश कुमार मामले (2014) में SC ने निर्देश दिए कि हर FIR पर गिरफ्तारी न हो[5]। इसलिए सही उत्तर D है।
Question 13
PYQ · 2020 2.0 marks
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जामीन संबंधी सही नहीं है?
A. जमानत रद्द की जा सकती है यदि शर्तों का उल्लंघन हो (धारा 439(2))
B. उच्च न्यायालय/सुप्रीम कोर्ट अग्रिम जमानत दे सकते हैं (धारा 438)
C. सभी अपराध जमानती होते हैं
D. anticipatory bail केवल गैर-जमानती अपराधों के लिए
Why: केवल C गलत है क्योंकि अपराध जमानती और गैर-जमानती दोनों प्रकार के होते हैं। अन्य कथन सही: धारा 439(2) जमानत रद्दीकरण, धारा 438 अग्रिम जमानत, और यह केवल गैर-जमानती अपराधों के लिए[5]। इसलिए सही उत्तर C।
Question 14
PYQ 1.0 marks
Which of the following filters has only zeros in its transfer function and is causal?
Why: A Finite Impulse Response (FIR) filter is characterized by having only zeros in its transfer function (no poles except at the origin), making it inherently stable and can be designed to be causal. The given transfer function contains only zeros, confirming it as an **FIR filter**. Option D 'causal, FIR' matches this description precisely. IIR filters have poles, so they are incorrect.
Question 15
Question bank
IPC मधील समान्य तरतूदीय अंतर्गत कोणता नियम अत्यंत संक्षणासाधी Lagoon आहे?
Why: सामान्य तरतूदीयध्ये आत्मसंरक्षणाचा नियम अर्थात "आत्मसंरक्षणासाठी केलेला अपरा ध वैध" हा महत्वपूर्ण भाग आहे.
Question 16
Question bank
IPC च्या कलम 76 ते 106 पर्यंतच्या तरतूदीय समान्य अपवाद आहेत?
Why: धोरा 76 ते 106 पर्यंतच्या प्रकरणांमध्ये समान्य अपवाद म्हणून मृत्यून तरतूदीय निर्णयालय आहे.
Question 17
Question bank
धोरा 76-79 मधले दिलेले शारीरिक बलजबरीच्या स्थितींबाबत कोणता विधान खरे आहे?
Why: धोरा 76-79 मधे बलजबरीने एकादे क्रिय केल्यास न्यायालयाला उचीत कारण पाहिजे असते, त्याशिवाय अपरा ध मानले जाऊ शकत नाही.
Question 18
Question bank
धोरा 80-86 अंतर्गत शारीरक व पूर्वक न्यायसत्तेबाबत काय सांगितले आहे?
Why: धोरा 80-86 मधे दिलेल्या तरतूदीनुसार सहाय्यक परंतु अपराधास असल्या साव्यांची सहाय्यक अपराधीपणा शिकलित करून शक्य आहे.
Question 19
Question bank
धोरा 96 ते 106 अंतर्गत बच्चावर्क्तमक समान्य बच्चावाच्या वर्षाख्येनुसार, खालीलपैकी कोणते योग्य नाही?
Why: धोरा 96-106 मध्ये असे सांगितले आहे की बच्चाव केवळ स्वतःच्या जीवासाठी नाही तर दुसऱ्यांच्या जीवासाठी बच्चावणी न्यायप्रमाणे होता शकतो.
Question 20
Question bank
IPC च्या धाराः 34 अनुसरून 'सामान्य उद्दिष्ट' यासाठीत काय आवश्यक आहे?
Why: धारा 34 मध्ये सामान्य उद्दिष्टासाथीची स्पष्टपणे एकत्रित भावना व सहभागी भावना आवश्यक आहे.
Question 21
Question bank
IPC च्या धारा 141 अंतर्गत विधिविरोधी जमावासाठि खरीलीपैकी कोणता अट आहे?
Why: धारा 141 प्रमाणे, 5 किंवा अधिक लोकांचा जमाव जर तो विधिविरोधी ठरला तर त्याला विधिविरोधी जमाव मानले जाते.
Question 22
Question bank
धारा 142 मध्ये सामान्य न्यायालयीन आदेशावलीत काय समाविष्ट आहे?
Why: धारा 142 अंतर्गत न्यायालय आदेश आहे की ते विधिविरोधी जमाव विरुद्ध निर्देश पार पाडू शकते.
Question 23
Question bank
सामान्य तरतुदींना अंतर्भूत करण्यायोग्य प्रकाऱच्या प्रतिबंधासाठी काय उपाय आहे?
Why: सामान्य तरतुदी अंतर्गत स्वत्वांला किंव्हा ईतरांना बचार करण्याचा केलेला अपराध माफ किंवा त्याचा निर्णय दाखवला जातो.
Question 24
Question bank
कोणत्या धारा अंतर्गत धोकाादायक दोन व्यक्तींच्या वर्तनाला कायद्यानुसार विशिष्ट संरक्षक मिलतो?
Why: धारा 76-79 मध्ये शारीरिक बलजबरीसाथी दिलेले दुर्घटना व नियम नमूद आहेत.
Question 25
Question bank
सामान्य उद्दिष्ट (Common Intention) म्हणजे काय आहे?
Why: धारा 34 नुसार सामान्य उद्दिष्ट म्हणजे अनेक लोकांमध्ये सहमतीने, एकत्रित इच्छाने एक अपारद घडवून आणणे.
Question 26
Question bank
धारा 141 नुसार विहित निर्णयोधी जमाव असण्याची कमाल संख्या किती आहे?
Why: धारा 141 प्रज घोषित की 5 किंव्हा अधिक लोकांचा जमाव विहित निर्णयोज मनाला जातो.
Question 27
Question bank
धारा 80-86 अंतर्गत दोषी ठरल्या व्यक्तीच्या हातांमध्ये कोणती योग्यता आहे?
Why: धारा 80-86 मध्ये सहाय्यकांना जर अपारदा मदत आणि त्यांना दोषी मानले जात शक्ता
Question 28
Question bank
धारा 96-106 अंतर्गत बचाव करण्यासाठी वापरलेली ताकद काय असावी?
Why: बचावासाठी वापरलेली ताकद आवश्यक आणि परमाणबद्ध असावी, ज्यामुळे बचावकर्त्याचा न्यायद्वारा राखलि जाते.
Question 29
Question bank
धारा 34 च्या कलमानुसार दोषी ठरण्याची काय आवश्यकता आहे?
Why: धारा 34 नुसार दोषी माणण्यासाठि सामान्य इच्छा कींव्हा एकत्रित कृती सहमती असणे आवश्यक आहे.
Question 30
Question bank
विधिविरोधी जमावाचा बाबतीत खालीलपैकी कोणते विधान चुकीचे आहे?
Why: विधिविरोधी जमावासाथी कमीतकमी 5 लोकांची आवश्यकता आहे, 3 लोकांपुरते नाहीत.
Question 31
Question bank
सामान्य तरतुदी अंतर्गत अपवाद करता येणारा कोणता घटक नियम वाखतो?
Why: सामान्य तरतुदी अंतर्गत नियमावली येथे संधर्भाचा वापर करून अपवादात्मक कारभार तपासतात.
Question 32
Question bank
खालीलपैकी कोणती तरतूद IPC अंतर्गत 'सामान्य तरतूदी' भागात येते नाही?\
Refer to the definition of सामान्य तरतूदी (General Exceptions) in IPC.
Why: मदत करणे (Abetment) ही एक गुन्हा परकार असून ती सामान्य तरतूदींमध्ये येत नाही. सामान्य तरतूदि अपवाद म्हणून एकाद्या व्यक्तीचे कायद्यात उल्लंघनापासून बचाव करणारे नियम आहेत.
Question 33
Question bank
IPC मधे कोणती तरतूद सामान्य तरतूदींमध्ये अंतर्गतात आणि दोषमुक्त करून शक्ता जरा त्याने स्वतःच्या संरक्षणासाठी शस्त्राचा वापर केला असेल?\
Refer to 'स्व-संरक्षणाचा हक्क' तरतुदींमध्ये.
Why: धारा 96 खाली स्व-संरक्षणाचा हक्क (Right of private defence) याचा उल्लंघन होऊ नये, ज्यामुळे व्यक्तीला आपल्या जीववाचिनी आणि मालमत्तेच्या रक्षणासाठी शस्त्राचा वापर करण्याचा अधिकार दिला आहे.
Question 34
Question bank
IPC च्या कोणत्या तरतूदी अंतर्गत मानसिक अपारदर्शकताचा (Insanity) वापर आरोप टाळता येतो?\
सामान्य तरतूदि संदर्भात विचार करा.
Why: धारा 84 या तरतुदीनुसार मानसिक अपारदर्शकता (Unsoundness of mind) असल्यास व्यक्तीला दोषमुक्त केले जाऊ शकते कारण तो अपराध करताना पूर्णपणे प्रमाण समजू शकत नव्हता.
Question 35
Question bank
IPC च्या धारा 34 अंतर्गत "सामान्य इरादा" ची काय आवशयक्ता आहे?\
सामान्य इराद्यामध्ये कोणत्या अटी लागू होतात?
Why: धारा 34 अंतर्गत समान इराद्यामध्ये गुन्ह्यात सहभागिता आवश्यक प्रत्त्यक्षा समान आहे आणि सर्वांनी एकसाथ, त्यामुळे सर्व आरोपिनांना समान जबाबदारी येते.
Question 36
Question bank
IPC ची कोणती तरतूद एका व्यक्तीला अनैतिक दबावाखाली गुन्हा केलेल्यामुळें सुटवू शकते?\
सामान्य तरतूदींमध्ये याचा समावेश आहे.
Why: धारा 97 अंतर्गत अनैतिक दबावाखाली गुन्हार्‍या करणाऱ्याला व्यक्तीसंरक्षण दिले जाते, जो सामान्य तरतुदींमध्ये भाग आहे.
Question 37
Question bank
धारा 34 नुसार, पुन्हीलपैकी कोणत्या घटकाचा समावेश नसतो?\
सामान्य उद्देश व सामूहिक गुन्हेगारी संदरभात.
Why: धारा 34 मध्ये सामान्य गुन्हेगारी संदरभात सामान्य उद्दिष्ट आणि इच्छा आवश्यक आहे पण गोपनीय संवास या संदरभाताची उलेख नाही.
Question 38
Question bank
IPC मध्ये कोणती तरतूद विशेष परिस्थितीत शस्त्र वा परगण्याचा संकर्षण देते?\
सामान्य तरतूदिंच्या अंतर्गत विचार करा.
Why: धारा 100 अंतर्गत एकााद्याला शस्त्रसह बचाव करण्याचा अधिकार आहे जो सामान्य तरतुदिंच्या बाहेर आहे.
Question 39
Question bank
धारा 106 अंतर्गत कोणा अधिकार दिला जातो?\
सामान्य तरतुदिंच्या अंतर्गत, घटनेच्या विशेष विचारावर.
Why: धारा 106 अंतर्गत एकााद्याला घटनेची माहिती पोलिसांना देण्याचा गरज आहे जेणेकरून योग्य कारवाई होऊ शकेल.
Question 40
Question bank
खालीलपैकी कोणती विधाने सामान्य गुन्हेगारी अंतर्गत धारा 141 IPC मध्ये येतात?\
सामान्य गुन्हेगारीचेनीयम लक्षात घ्या.
Why: धारा 141 मध्ये तींकिंग्या अधिकार लोकांना, एकत्र येऊन कायदा भंग करणाऱ्यां व्यक्तींना सामावेळ होतो ज्याला सामान्य गुन्हेगारी मानले जातें.
Question 41
Question bank
धारा 106 मध्ये 'अधिकार' संदरभात खालीलपैकी कोणता फरक बरोबर आहे?\
सामान्य तरतुदिंचा पार्श्वभूमीवर.
Why: धारा 106 अंतर्गत घटनेचा घटनेची माहिती पोलिसांना किंव्हा संबंधित अधिकाऱ्यांना तसंे माहिती देणे अनिवार्य असते.
Question 42
Question bank
धारा 34 च्या सामायिक उत्तर कार्यदायंत्रगतात, गुन्ह्यात सहभाग असणाऱ्या लोकांना काय अधिकार असतो? सामूहिक गुन्हा आणि सामायिक उत्तर यासाठीत असलेली अट काय आहे?
Why: धारा 34 अंतर्गत सामूहिक गुन्ह्यांत सहभागलोकांचे समान उत्तर असणे आवश्यक आहे म्हणजेकरून सर्वांना समान जबाबदारी देता यावी.
Question 43
Question bank
IPC मध्ये धारा 96 आणि 97 यांत मुख्यमुख्य उदाहरण काय आहे? स्वतःचा बचावाशी संबंधीत तरतूदींचा अभ्यास करा.
Why: धारा 96 ही कायद्यानें अधिकार देणारी योग्य बचाव याचा उल्लंघन करणारे, तर धारा 97 मधे आप्तकाळीन स्थितीत झालेला बचाव तत्त्व आत्मसात करतो.
Question 44
Question bank
सामान्य तरतुदी अंतर्गत खालिलपैकी कोणती घटना दोषमुक्ती देते? IPC मध्ये निकलांसी स्थिती योग्य उत्तर निवडा.
Why: आप्तकाळीन संरक्षणात्मक बचाव करणाऱ्या व्यक्तीने गुन्हा करावा लागल्यास सामान्य तरतुदींच्या अंतर्गत दोषमुक्ती मिळू शकते.
Question 45
Question bank
मानसिक अस्वस्थता असल्यामुळे अपरा धोषिती मिनण्याचा स्वरूपत्तम आधार कोणत्या IPC तरतुदी देतो? सामान्य तरतुदीचा संदर्भ घ्या.
Why: धारा 84 मध्ये मानसिक अस्वस्थ व्यक्तीला दोषमुक्तीची संरक्षण स्वरूप दिले जाते कारण तो आपल्याकृतींमध्ये परिणामी समजू शकत नाही.
Question 46
Question bank
धारा 34 मध्ये "सामान्य उत्तरदायित्व" ची आखणी एक अभिप्रेती कोणती आहे? सामूहिक गुन्हेगारी संदर्भाने.
Why: धारा 34 नुसार सामूहिक गुन्ह्यांत सहभागिता प्रत्त्यक्षाचा समान उत्तर देणं आवश्यक आहे.
Question 47
Question bank
IPC च्या कोठल्या तत्त्वानुसार एकाद्या व्यक्तीला एका आणखी व्यक्तीच्या अपरोधात सहभागी समजले जाऊ शकते?
Why: धारा 34 अंतर्गत जर एका व्यक्ती सहभागी असल्याचे स्पष्ट असेल तर त्रैयाशी दोघी सहभागी समजले जातात.
Question 48
Question bank
बचावसाठी अधिकाऱ्याने IPC च्या कोठल्या तत्त्वानुसार स्पष्टी केलेले आहेत? समान्य तत्त्वी संरभात तपासा.
Why: धारा 76 ते 106 या भागामध्ये बचावसाठी विविध प्रकारचे अधिकाऱ्याने तपासासाठी तत्त्व निश्चीत आहेत.
Question 49
Question bank
भारतीय दंडसंहिता कलम 299 अंतर्गत, 'दोषमुक्त हत्या' संदर्भात आवश्यक असलेली मानसिक स्थिती सर्वांत योग्यप्रकारे कोणती आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: भारतीय दंडसंहिता कलम 299 अंतर्गत दोषमुक्त हत्या म्हणजे मृत्यू घडवण्याचा हेतु किंवा कृत्यामुळे मृत्यू होण्याची शक्यता असणे आवश्यक आहे.
विद्यार्थी फसण्याचे कारण: विद्यार्थी पर्याय B निवडतात कारण ते मृत्यूचा हेतू आणि सांध्यिक जखम करण्याचा हेतू यामध्ये फरक न ओळखता पूर्वग्रह करतात.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A योग्य आहे कारण दोषमुक्त हत्या साठी मृत्यूचा हेतू किंवा ज्ञान आवश्यक आहे; B चुकीचे आहे कारण सांध्यिक जखम करण्याचा हेतू पुरेसा नाही; C मध्ये नुकसान आणि मृत्यू यामध्ये गोंधळ आहे; D मध्ये असावधानीला दोषमुक्त हत्या मानण्यात आले आहे जे चुकीचे आहे.
Question 50
Question bank
भारतीय दंडसंहिता कलम 319 अंतर्गत 'स्वेच्छेने दुखापत करणे' यासाठी खालीलपैकी कोणता घटक आवश्यक नाही?
Why: योग्य उत्तर कारण: भारतीय दंडसंहिता कलम 319 मध्ये दुखापतीची व्याख्या आहे पण ती गंभीर दुखापत असणे आवश्यक नाही; गंभीर दुखापतीला स्वतंत्र कलमांतर्गत समजले आहे.
विद्यार्थी फसण्याचे कारण: विद्यार्थी पर्याय B निवडतात कारण ते 'दुखापत' आणि 'गंभीर दुखापत' यांमध्ये फरक न ओळखताच तोंडभरून याची नोंद करतात.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A आवश्यक आहे कारण हेतू महत्वाचा आहे; B चुकीचे आहे कारण गंभीर दुखापत आवश्यक नाही; C आवश्यक आहे कारण संमती नसणे आवश्यक आहे; D आवश्यक आहे कारण दुखापतीसाठी प्रत्यक्ष वेदना किंवा जखम असणे आवश्यक आहे.
Question 51
Question bank
भारतीय दंडसंहितेअंतर्गत 'शारीरिक धमकी' याचा मुख्य कलम कोणता आहे व त्यासाठी आवश्यक घटक काय आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: शारीरिक धमकी कलम 503 अंतर्गत असून ती व्यक्ती, प्रतिमा किंवा मालमत्तेला अन्यायकारक इजा होण्याची धमकी असावी.
विद्यार्थी फसण्याचे कारण: विद्यार्थी पर्याय B निवडतात कारण कलम 503 आणि 506 मध्ये गोंधळ होतो आणि त्यांना धमकीने फक्त तोंडी व लेखी संवाद आवश्यक आहे असे वाटते.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A योग्य आहे कारण योग्य कलम आणि घटक सांगितला आहे; B चुकीचे आहे कारण धमकी तोंडी व लेखी असणे गरजेचे नाही; C चुकीचे आहे कारण धमकीसाठी विशिष्ट लक्ष्य असणे आवश्यक आहे; D चुकीचे आहे कारण धमकीसाठी शारीरिक हिंसा आवश्यक नाही.
Question 52
Question bank
भारतीय दंडसंहिता कलम 300 (खून) च्या लागू पडण्याबाबत खालीलपैकी कोणता विधान खरे आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 300 अंतर्गत गंभीर आणि अचानक उत्तेजनेखाली झालेला मृत्यू खूनाचा अपवाद आहे.
विद्यार्थी फसण्याचे कारण: पर्याय A निवडण्याला प्रलोभन वाटते कारण विद्यार्थी 'सडतफटका' या संज्ञेला सर्वकाळ अपवाद मानतात, परंतु आवश्यक अटी दुर्लक्षित करतात.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A चुकी आहे कारण अचानक सडतफटकासाठी गंभीरता व तत्काळता आवश्यक; B चुकी आहे कारण अपवादांच्या दुर्लक्षित केल्यामुळे; C योग्य आहे कारण विनयपूर्वक अपवाद स्पष्ट करते; D चुकी आहे कारण हेतू नेहमी खून नसतो.
Question 53
Question bank
भारतीय दंडसंहिता कलम 299 आणि 300 नुसार 'दोषमुक्त हत्या' आणि 'खून' यामधील मुख्य फरक काय आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: खून हा दोषमुक्त हत्येचा अंतर्गत एक भाग असून काही अपवाद वगळलेले असल्यामुळे तो अधिक विशिष्ट प्रकार आहे.
विद्यार्थी फसण्याचे कारण: विद्यार्थी पर्याय B निवडतात कारण ते 'जास्त हेतू' या कल्पनेवर अधारित असतात, परंतु हे चुकीचे आहे कारण खून हे अपवाद वगळण्यावर आधारित आहे.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A चुकी आहे कारण उत्तेजना खूनाला वगळते; B चूक आहे कारण खून हे अपवादांवर आधारित आहे, जास्त हेतूवर नाही; C चुकी आहे कारण हेतू दोन्हीमध्ये असतो; D योग्य आहे कारण ते विशिष्ट वर्गीकरण स्पष्ट करते.
Question 54
Question bank
भारतीय दंडसंहितेअंतर्गत 'खाजगी संरक्षणाचा अधिकार' संदर्भात खालीलपैकी कोणते विधान बरोबर आहे?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: दंडसंहिता कलम ९६-१०६ नुसार, जर जीवाला अथवा गंभीर इजा होण्याचा तात्काळ धोका असेल तर खाजगी संरक्षणाचा अधिकार मृत्यू होईपर्यंत लागू होऊ शकतो.
विद्यार्थी या चुकीत का पडतात: विद्यार्थी पर्याय A निवडतात कारण ते करणे फक्त तयारीविरोधात संरक्षणाचा अधिकार लागू होतो, हे गैरसमजतात—अत्यल्प कालावधीतील अवैध वापर.
पर्यायवार स्पष्टीकरण: A चुकीच्या प्रकारे केवळ तयारीविरोधात संरक्षण दिलेले मानते, हे नियमांच्या आगाऊ वापराचे उल्लंघन आहे; B चुकीचे समजते की संरक्षण फक्त गुन्हानोंदणीयोग्य गुन्ह्यांपुरते मर्यादित आहे; C अत्यावश्यकतेच्या तत्त्वाला दुर्लक्ष करून संरक्षण मर्यादा अतिक्रमित करते; D कायदेशीर तरतुदीनुसार योग्य आहे.
Question 55
Question bank
दंडसंहितेतील कलम ७५ नुसार, ७ वर्षांखालील बालकाने केलेले कृत्य कधी गुन्हा समजले जाऊ शकते?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: दंडसंहितेतील कलम ८२ नुसार, ७ वर्षांखालील बालक गुन्हेगारी जबाबदारीतून मुक्त आहेत, म्हणून त्यांचे कृत्य गुन्हा नाही.
विद्यार्थी या चुकीत का पडतात: विद्यार्थी पर्याय A निवडतात कारण ते कलम ८३ अंतर्गत ७ ते १२ वर्षांच्या वयोगटाच्या ज्ञानाच्या आवश्यकता गोंधळतात—वयाच्या आधारे वेगवेगळ्या सूटांमधील गोंधळ.
पर्यायवार स्पष्टीकरण: A चुकीने ८३ कलमातील ज्ञानासाठीचे निकष ७ वर्षांखालील बालकांवर लागू करतो; B इजा होणे म्हणजे गुन्हा समजतात, बालकाच्या वयाची सूट लक्षात न घेता; C पूर्ण सूट असल्याने योग्य आहे; D हेतू लागू होण्याचा गैरसमज आहे कारण ८२ कलम सूट देतो.
Question 56
Question bank
भारतीय दंडसंहितेअंतर्गत 'स्वल्पगंभीर गुन्हा' चा नेमक्या अर्थाने खालीलपैकी कोणता वर्णन योग्य आहे?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: ऐतिहासिकदृष्ट्या, स्वल्पगंभीर गुन्हा म्हणजे अशा गुन्हा ज्याला दोन वर्षांपर्यंत कारावास किंवा दंडाने दंडित केले जाऊ शकते, जे कमी गंभीर गुन्हे दर्शवितात.
विद्यार्थी या चुकीत का पडतात: विद्यार्थी पर्याय B निवडतात कारण ते सामान्य कायद्यानुसार वर्गीकरण दंडसंहितेच्या विशिष्ट शिक्षेशी गोंधळवतात—अर्थाशिवाय अधीर सक्तीने आठवणीवर आधारित चूक.
पर्यायवार स्पष्टीकरण: A शिक्षेच्या निकषावर आधारित योग्य आहे; B गुन्हा व स्वल्पगंभीरांच्या सामान्यीकरणात चुका करतो; C गुन्हानोंदणीयोग्य गुन्ह्यांशी साम्य ठेवणे चुकीचे आहे; D शिक्षेची तीव्रता उलटी आहे.
Question 57
Question bank
दंडसंहिता कलम ८४ अंतर्गत मनोधोक्याच्या अवस्थेत असलेल्या व्यक्तीला कायदेशीर संरक्षण दिले जाते. खालीलपैकी कोणते विधान या बाबतीत खरे आहे?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: दंडसंहिता कलम ८४ अंतर्गत संरक्षण लागू होते जेव्हा व्यक्तीला कृत्याचा स्वरूप किंवा त्याचा गैर कायदायकीपणा समजत नाही; फक्त वेडेपणा किंवा आवेश पुरेसे नाही.
विद्यार्थी या चुकीत का पडतात: पर्याय D आकर्षक वाटतो कारण त्यात अनिवार्य आवेशाचा समावेश आहे, जो कायद्याभोवती गैरसमज जन्मवतो.
पर्यायवार स्पष्टीकरण: A कायदेशीर निकष योग्य मांडतो; B अर्धवट वेडेपण मान्य करत नाही; C पूर्वीच्या वेडेपणावर संरक्षण विस्तारण्याचा गैरसमज आहे; D अनिवार्य आवेशाचा संकल्पना दंडसंहितेत नाही.
Question 58
Question bank
दंडसंहिता कलम १०७ अंतर्गत 'उकसावा' संदर्भात, उकसावलेल्या व्यक्तीच्या कृत्याच्या अंमलबजावणीसाठी काय आवश्यक असते?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: उकसाव्यामध्ये एखाद्या गुन्ह्याला प्रोत्साहन, उत्तेजन किंवा साह्य करणे समाविष्ट आहे, अगदी गुन्हा फक्त प्रयत्न अवस्थेत असला तरीही.
विद्यार्थी या चुकीत का पडतात: पर्याय A शिक्षणासाठी हा समज निर्माण होतो की उकसाव्यासाठी गुन्हा पूर्ण करणे आवश्यक आहे, ज्यामुळे अपवाद दुर्लक्षित होतात.
पर्यायवार स्पष्टीकरण: A चुकीची अट लावते; B प्रयत्नांनाही समाविष्ट करते, म्हणून योग्य आहे; C हेतूसंबंधी गोंधळ निर्माण करते, प्रयत्नाकडे दुर्लक्षित; D अपूर्ण अथवा अपयशी कृत्यांना नाकारते.
Question 59
Question bank
कलम 375 भारतीय दंड संहिता (बलात्कार) च्या संदर्भात, खालीलपैकी कोणती गोष्ट गुन्हा पूर्ण करण्यासाठी आवश्यक अट नाही?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: १८ वर्षाखालील महिलेकडून दिलेली संमती कायद्याने मान्य नाही; कायद्यानुसार संमतीची वयमर्यादा १८ वर्षे आहे; अशा प्रकारची संमती अमान्य आहे.
विद्यार्थी या फसधुंदीत का पडतात: पर्याय C 'संमती' या संकल्पनेचे तुकडे करून वाचनावर आधारित भ्रम निर्माण करतो, वयावर आधारित संमतीच्या अपवादाकडे दुर्लक्ष होतो.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A योग्य आहे कारण संमती नाही हे मुख्य तपशील आहे; B खरे आहे; कायदा अल्प प्रमाणातील प्रवेश मागतो; C फक्त पाठपुरावा असून संदर्भाविना वापरले आहे; D बरोबर सांगते की भीतीने संमती त्यागली जाते.
Question 60
Question bank
कलम २ भारतीय दंड संहिता नुसार, खालीलपैकी कोणते भारतीय सीमांपलीकडे घडले तरीही 'भारतामध्ये घडलेला गुन्हा' म्हणून गणले जाईल?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: कलम २ नुसार, भारतीय जहाजावर परदेशी समुद्रात घडणारा गुन्हा भारतीय क्षेत्रात घडल्यास समान आहे.
विद्यार्थी या फसधुंदीत का पडतात: पर्याय B परिणामाच्या संदर्भाने दिशाभूल करतो; C भौगोलिक संदर्भाचा भान न ठेवून चुकीचा आहे; D भारतीय क्षेत्रात घडलेला असल्यामुळे प्रश्नाशी सम्बंधित नाही.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A भौगोलिक संबंध दर्शवते; B फक्त परिणामावर अधिष्ठित असून चुकीचा वापर; C बाह्य सत्ता लागू करू शकत नाही; D भारताच्या बाहेरचा प्रश्न नाही.
Question 61
Question bank
भारतीय दंड संहिता कलम 304A नुसार काळजी न घेणे किंवा लापरवाहीमुळे मृत्यू झाल्यास, त्याबाबत व्यक्तीची गुन्हेगारत्त्वाची जबाबदारी कशी आहे?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: कलम 304A, काळजी न घेणे किंवा लापरवाहीमुळे होणाऱ्या मृत्यूस शिक्षा ठोकतो, जो हत्येचा दोष किंवा अपाहिज हत्या यापासून वेगळा आहे.
विद्यार्थी या फसधुंदीत का पडतात: पर्याय A रंगीबेरंगी राग आणि लापरवाही यांची जाणीव न ठेवून त्यांचा चुकीचा समज निर्माण करतो.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A चुकीचे पकडते कि काळजी न घेणे हत्येसारखे आहे; B योग्य आहे; C रागाला हत्येशी जोडणे चुकीचे आहे; D लापरवाहपणाला मानसिकता हवी असते असे गृहीत धरते जे नाही.
Question 62
Question bank
कलम 381 भारतीय दंड संहिता (व्यावसायिक विश्वासाच्या भंगाचा गुन्हा) अंतर्गत, खालीलपैकी कोणता घटक गुन्हा सिद्ध करण्यासाठी अनिवार्य नाही?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: कलम 381 नुसार न्यायालयीन पूर्वआज्ञा घेणे आवश्यक नाही.
विद्यार्थी या फसधुंदीत का पडतात: विद्यार्थी दोषात्मक कायद्यासोबत प्रक्रियात्मक नियम गोंधळतात.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A, B, D हे आवश्यक घटक आहेत; C गैरसंबंधित प्रक्रिया नियम आहे.
Question 63
Question bank
भारतीय दंड संहितेच्या कलम 441 अंतर्गत 'गुन्हेगारी तुडवडा प्रवेश' चा गुन्हा सिद्ध न होणारी कोणती परिस्थिती आहे?
Why: योग्य उत्तराचे कारण: सार्वजनिक ठिकाणे सर्वांसाठी उघडी असतात, त्यामुळे संमतीशिवाय प्रवेश तुडवडा प्रवेश मानला जात नाही.
विद्यार्थी या फसधुंदीत का पडतात: पर्याय D गैरपरवानगीला तुडवडा प्रवेश समजण्याचा भ्रम निर्माण करतो.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A, B, C तुडवडा प्रवेशाचे योग्य उदाहरण आहेत; D का के सार्वजनिक ठिकाणांमध्ये संमतीची गरज सामान्यतः नसते.
Question 64
Question bank
भारतीय दंड संहितेच्या कलम ३२० अंतर्गत 'गंभीर दुखापत' या संज्ञेबाबत खालीलपैकी कोणता विधान अयोग्य आहे?
Why: बरोबर उत्तराचे स्पष्टीकरण: भारतीय दंड संहितेच्या कलम ३२० अंतर्गत क्षणिक बेहोशीची स्थिती गंभीर दुखापतीत गणली जात नाही.
विद्यार्थी का चुकतात: हे पर्याय D लक्षांतर आकर्षित करतो कारण गंभीर शारीरिक हानी व क्षणिक अवस्थांमधील गैरसमजामुळे—संदर्भाशिवाय पाठपुरावा.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A, B, C गंभीर आणि गैर-गंभीर दुखापतींची योग्य वर्गवारी करतात; D चुकीच्या अर्थाने क्षणिक बेहोशी गंभीर दुखापतीत समाविष्ट करते.
Question 65
Question bank
भारतीय दंड संहितेतील उपक्रमाबाबत खालीलपैकी कोणते विधान बरोबर आहे जेव्हा उपक्रम केलेले गुन्हा पूर्ण होत नाही?
Why: बरोबर उत्तराचे स्पष्टीकरण: भारतीय दंड संहिता कलम १०७ नुसार, उपक्रमाची जबाबदारी असते जरी गुन्हा पूर्ण झाला नसला तरी, जर आरोपीने प्रेरित किंवा सहाय्य केले असेल.
विद्यार्थी का चुकतात: विद्यार्थी A किंवा D ला पसंत करतात कारण गुन्हा पूर्ण होणे आणि जबाबदारी यासंबंधी उपलब्धता भ्रम असतो.
पर्यायानुसार स्पष्टीकरण: A चूक आहे कारण तो जबाबदारी नाकारतो; B कायदा योग्य सांगते; C जबाबदारीला अयोग्य मर्यादा लावते; D शिक्षेची अयोग्य मर्यादा लावते.
Question 66
Question bank
खूनाच्‍या अर्थानुसार खालीलपैकी कोणता विधीगत घटक खूनाची मुख्य प्राथमिक स्पष्टीकरण करतो? Refer to the diagram below illustrating खूनाच्‍या विविध घटकांची विभागणी.

सर्‍व भागांचा स्वरूप, घटना, आणि प्राथमिक दाखविणारे आकृती:
खूनाचे घटक इराद्याची भावना गैरकायदेशीरता जीवाचा क्षय होणे
(मृत्यू) हत्येचा हेतू असणे
(इरादा)
Why: खूनाची मुख्य प्राथमिक मर्हणजे एका मृत्याचा इराद्याचा इररेदिशिवाय नव्हे, तर ठराविक हेतूने करणारा इराद्याचा हेतूने जीवे घेणे.
Question 67
Question bank
खालिल कोडंती IPC ची धारां 'हत्या' (मृत्यूसाठी होता असलेले) यासाठी काय संदर्भित आहे? Refer to the summary table below showing IPC धारा 299, 300, 304, 302 चे अर्थ व फरक:
धारा परिभाषा हत्येचा हेतू
299 गैर-इराद्याशील हत्या नाही
300 हत्या होऊ शकतो किंवा नाही
304 अनपेक्षित किंवा चुकीचा मृत्यू नाही
302 हत्या (इरાદा असलेल्या प्रकरणे) होय
Why: धारा 302 ही हत्या (हत्या करणारा स्पष्टी शब्द) व प्राथमिक संदर्भातील आहे, तर 299 व 300 मध्ये हत्या मृत्यूमुळे फरक असतो आणि 304 अनपेक्षित मृत्यू संदर्भित आहे.
Question 68
Question bank
खूनाच्या इराद्याचा प्रकरणांमध्ये 'इरादा' कोणत्या घटकांवर अवलंबून असतो? Refer to the schematic diagram below showing इराद्याचे विविध प्रकरण:
इराद्याचे प्रकार या घटकांवर
आधारित हत्येचा हेतू
कारण आणि मानसिकता
Why: इराद्याचा प्रकरण मुख्यतः त्या हत्येचा हेतू आणि कारणांवर अवलंबून असतो, ज्यामध्ये आरोपीच्या मानसिक स्थितीचा अवभ्यास होतो.
Question 69
Question bank
IPC अंतर्गत संशयांच्या कारण्यात खूनाच्या प्रकरणांमध्ये कोणता लक्षणीय घटक जास्तो? Refer to the flowchart diagram showing संशयांच्या, बचाव व त्यांचा फरक:
स्‍वयंप्रत्‍योपण व बचाव (IPC अंतर्गत) स्वतःची सुरक्षा करण्यासाठी
कृती करणे बचावासाठी केलेले
कृत्य
Why: संशयांच्या अंतर्गत, आरोपी स्वतःच्या सुरक्षेसाठी कींवा बचावासाठी केलेली कृती करतो, जी विधीप्रणालीमध्ये वेगळ्या प्रकारे पाहिली जाते.
Question 70
Question bank
CrPC अंतर्गत खुन संबंधित तपासासाठी कोणत्या प्रक्रियेला FIR तयार करणे आवश्यक आहे? Refer to the procedural step-list diagram below:
CrPC मधील खुनातील तपास प्रक्रिया 1. घटना नोंद घेणे (FIR दाखल करणे) 2. साक्षींची चौकशी करणे 3. आरोपींचा शोध घेणे
Why: CrPC अंतर्गत खुनाचा प्राथमिक प्रक्रियात्मक चरण घटने नोंद घेणे आणि FIR दाखल करणे ही बंधनकारक प्राथमिक असते.
Question 71
Question bank
शूनाशी संबंधिकापक अपराजाची संबंंधता सिद्ध करण्यासाठि कोणता घटक सर्वाधिक महत्वाचा मानला जातो? Refer to the conceptual diagram displaying मुख्‍य घटक:
इरादा मृत्यू दंडनीय दोष त्रिस्तरीय घटकांचा संबंध
Why: शूनाच्‍या प्रकरणात आरोपिाचा इरादा, मूर्तीचा परिणाम, आणी संक्रमवेधी लागणारा दंडनियमान यांनें हे घटक महत्वाचा आहे.
Question 72
Question bank
IPC धारा 304 मध्ये व्यवहार्य होणारी हत्‍या कोणत्या प्रकारात मोडते? Refer to the descriptive note box in the diagram below:
धारा 304 - हत्या इराद्याशिवाय मृत्यू होणे
(गैरइरादी हत्या)
Why: धारा 304 अंतर्गत हत्‍या हा वेगवेगळ्या प्रकारांमुळे होणारा इराद्याशिवाय झालेला मूर्तीमुळे अपवादात्मक हत्‍या आहे.
Question 73
Question bank
शूनाशि मनोवृत्ती (इरादा) खालीलपैकी कोणत्या प्रकारात मोडू शकते? Refer to the circular diagram showing various mental states relevant to शून:
खूनासाठी मनोवृत्तीचे प्रकार घाशीर, उद्दिष्ट, कुटिल
Why: इराद्याचा अनेक प्रकारांपैकी गाढशीर, उद्दिष्ट, आणी कुटिल हे शूनासाथी महत्वाच्या प्रकार आहेत.
Question 74
Question bank
CrPC मध्ये शुन प्रकरणांमध्ये आरोपिला अटक करण्याचा काय नियम आहे? Refer to the flowchart summarizing Aटक प्रक्रिया:
CrPC - आरोपी अटक निकष - FIR नोंद झाली पाहिजे - नव्यावर मिळालेलें पुरावे किंवा साक्ष - संबंधित अधिकाऱ्यांची मान्यता आवश्यक
Why: अटक प्रक्रियासाथी साक्षिदारांच्या दिलेली नव्याने मिळालेली माहिती किंव्हा थोडा पुरावे आवश्य्क असतात, केवळ FIR किंव्हा नोंद केलेल्या अटक करणे नाहीत.
Question 75
Question bank
शूनाशी संबंधिक संग्रहास्पद परिस्थितीत आरोपिला दोषी सिद्ध करण्यासाठि काय आवश्य्क आहे? Refer to the reasoning diagram illustrating दावे आणि पुरावे:
खून प्रकरणातील पुरावे विश्वसनीय साक्षीदार ठोस पुरावे
Why: दोषी सिद्ध करण्यासाठि विश्वसनीय आणी तिश्र्वस्त साक्षिदारांचा मुक्तीपणे उपयोग महत्त्वाचा असतो.
Question 76
Question bank
शूनाचार्या प्रकरणामध्ये IPC अंतर्गत 'मद्यंपरिवर्तन' (इरादा बदळ) कसा निर्धारित करतो? Refer to the conceptual flow diagram outlining इराद्याचा बदल:
इराद्यात मनःपरिवर्तनाचा परिणाम सुरुवातीचा इरादा इराद्याचा बदल
सजा कमी होणे
Why: इराद्याचा बदल म्हणजे त्या प्रकरणा मध्ये प्रकऱ्ण व सजाव जावऱ परिवर्तन होते, ज्यामध्ये सजावटीची क्षमता वेगळ्या प्रकारे दिली जावी शकते.
Question 77
Question bank
शूनाचार्या अपवादसाधी CrPC नुसार FIR नोंदविण्याचा काय वेळ मर्यादा आहे? Refer to the timeline chart illustrating FIR प्रिक्रिया:
FIR नोंदणीची वेळ मर्यादा घटना 24 तासांत FIR दाखल कायद्याची बंधनकारक वेळ
Why: शूनाचार्यासारखा गुन्ह्याचा FIR घटनानंतर त्वरीत, म्हणजे 24 तासांत आत दाखल करणेबाबत कायदायक बंदनकारक निर्देश आहे.
Question 78
Question bank
IPC आणि CrPC च्या शून प्रक्रियामध्ये मुख्या कायदेकर्तव्य कोणते आहे? Refer to the concept map below:
IPC व CrPC मधील भेद IPC
गुन्हे व दंड CrPC
तपास व न्यायालयीन प्रक्रिया
Why: IPC मध्ये गुन्ह्यांच्या स्वरूप व दंडनीयता तर CrPC मध्ये त्या गुन्ह्यांचा तपास व न्यायालयीन प्रक्रिया हाताळली जाते.
Question 79
Question bank
शून प्रक्रियामध्ये 'साधी मृत्यू' आणि 'हत्या' यातील काय फरक IPC च्या कोणत्या घटकाद्वारे तपासला जातो? Refer to the comparative table below:
घटक साधा मृत्यू हत्या
इरादा नाही होतो
घटना कालावधी क्षणिक ठराविक व दीर्घ
पुरावे कमी गंभीर मजबूत साक्षी व पुरावे
कारवाई कमी कडक कडे कायदेशीर कारवाई
Why: साधी मृत्यू आणि हत्या यातील महत्वपूर्ण फरक मध्ये इराद्याचा असणं किंवा नसणं आहे, जे IPC मध्ये घटकाद्वारे आता पाहिले जाते.
Question 80
Question bank
IPC ची धारा 302 अंतर्गत शूनाचार्या काय दंडनीय शिक्षा आहे? Refer to the punishment summary box in the diagram:
IPC धारा 302 - शिक्षा मृत्यूदंड किंवा जीवनकैद किंवा दंड
Why: धारा 302 अंतर्गत हत्या ची शिक्षा मृत्युदंड, आजिव्यकैद, किंव्हा दंडात्मक शिक्षा करणे.
Question 81
Question bank
खूनाच्या संदर्भाने वधू किंव्हा पुरुषाच्‍या बघावासाठि केलेल्या कृत्या IPC मधे कोणत्या अधिकारावर वधू थरवले जातेत? Refer to the schematic illustrating बघाव अधिकार:
IPC अंतर्गत स्वतःचा बचाव स्वयंप्रत्योपण क़ायदेशीर व स्वाभाविक कायद्याचा आधार
Why: खूनाच्या संदर्भातील बघाव क्रिया स्वयंप्रत्योपनाच्या वधू केले जातेय तर स्वयंवाचिक संशोधनासाठी किंवाकारणे माण्यातापराप्त असेल.
Question 82
Question bank
IPC च्या कोणत्या धारेता खूनाच्या गैरसोय होण्याचा शक्यत कमी असते? Refer to the graph showing धारा 299 ते 304 चा फरक:
IPC धारांचा तुलना: गैरसोय धारा 299 धारा 300 धारा 304 धारा 302
Why: धारा 302 मधे खूनासाठि प्रतीयक्ष आणि स्पष्टी ईरादा असतो त्यमुळं गैरसोय गैरसोय कमीस होतो, इतर धारामध्ये ईराद्याचा प्रामाण कमी असू शकते.
Question 83
Question bank
खून प्रक्रियांमध्ये CrPC अंतर्गत आरोपिया बाजूने कोणते कायदेशीर अधिकार असतात? Refer to the diagram illustrating accused rights and प्रक्रियां:
CrPC मधील आरोपीचे अधिकार - अटकबाबत नोटीस
- स्वतःचा बचाव करण्याचा हक्क
- नोंदी दाखल करण्याचा अधिकार - न्यायालयीन कारवाईमध्ये सहभाग
- जामिनासाठी अर्ज करण्याचा अधिकार
Why: आरोपिला अटकबाबत सूचना देणे, स्वतःचे बघाव करणायाचा हक्क आणि न्यायालयीन प्रक्रिया पालणे हे अधिकार CrPC मधून मिळतात.
Question 84
Question bank
खून संदर्भातील न्यायालयीन तपासणीत 'साक्षी'चा महत्त्वाचा उपयोग कसा आहे? Refer to the process flow diagram for judicial evidence:
न्यायालयीन तपासणीमध्ये साक्षी - आरोपीला दोषी ठरविण्यासाठी
- पुरावे सिद्ध करण्यासाठी
Why: खूनाच्या प्रक्रियांत न्यायालयीन तपासणीत साक्षी हे पुरावे सिध्द करण्यास आणि दोषी ठरविण्यासाठी महत्त्वपुर्ण आहे.
Question 85
Question bank
खून संदर्भातील समान तत्त्ववांर्तर्गत 'सामान्य मुद्दिश्ट' अर्थ काय आहे? Refer to the conceptual annotation in Marathi detailing 'सामान्य मुद्दिश्ट':
सामान्य उद्दिष्ट (General Purpose) गटाने मिळून ठराविक हेतू साधणे सर्व सदस्यांचा सहकार्य आवश्यक
Why: 'सामान्य मुद्दिश्ट' म्हणजे एका गटामध्ये सर्व सदस्यांनी संयुक्तपणे समान हेतू साध्य करण्यासाठी कार्यवाही केले जाते.
Question 86
Question bank
धूनाच्या संज्ञेत 'इरादा' या शब्दाचा अभ्यासमुळे खालीलपैकी कोणत्या प्रकारचा मृत्यू होतो? Refer to the classification diagram:
इराद्याच्या अभावामुळे मृत्यूचा प्रकार गैरइराद्याशील मृत्यू
Why: जर 'इरादा' नसले तर मृत्यूला गैरिकायशी मृत्यू म्हटले जाते, जे किंवधानिक पद्धत मन्सापासून न केल्यामुळे असे होते.
Question 87
Question bank
धून संबंंधी IPC मधले 'पुरावा' हा कोणत्या प्रकारे आकार घेतो? Refer to the evidence categorization diagram:
IPC मधील पुराव्यांचे प्रकार साक्षीदार वस्तू आणि डॉक्युमेंट्स
Why: पुरावा IPC मध्ये साक्षीदार, वस्तू, दस्ताऐवज (डॉक्युमेंट्स) आणि अन्य विद्यमान घटकांचा संग्रह असतो, ज्यामुळे आरोपी दोषी ठरवला जातो.
Question 88
Question bank
खूनची व्याख्या संदर्‍भित करा. IPC नुसार खून म्हणजे काय?
Why: IPC नुसार, खून म्हणजे कोणत्याही व्यक्तीच्या जानबूजून मृत्यू करणे आहे, मृत्यू जानूबुझून जीव घेणे.
Question 89
Question bank
खूनाच्या प्रकारांमधे खालीलपैकी कोणता प्रकार युक्त नाही?
Why: स्वतःचा खून हा खूनाचा प्रकार नाही. IPC मध्ये साधा, कूटखून आणि प्रिमेडिटेट खून (पूर्वनियोजित खून) वा प्रकारांचा उल्लेख आहे.
Question 90
Question bank
खूनाच्या कूटखुनामध्ये कोणते घटक महत्वाचे असतात?
Why: कूटखून मध्ये पूर्वनियोजित असून त्यात छळ agony आणि सूक्ष्म योजना असणे आवश्यक आहे, ज्यामुळे मृत्यू योजना भयाण व सखोल असते.
Question 91
Question bank
IPC मध्ये धारा 34 चा अर्थ काय आहे?
Why: धारा 34 अंतर्गत, जर अनेक व्यक्तींची कोणत्याही गुन्ह्याचा समानूहिक हेतू ठेवलेला असेल तर त्यांना तर सर्व समान जबाबदारी असते.
Question 92
Question bank
खूनाशी संबंधीत अमच्याचा समान्य कায়दे आणि अपवादांमध्ये कोणता अपवाद आहे?
Why: स्वसंरक्षण हा स्पष्टर्‍यापवादी अपवाद आहे ज्यामध्ये स्वतःसाठी किवा इतरासाठी अत्यावश्यक कारणाने खूनाचा गुन्हा नाही म्हंटत.
Question 93
Question bank
ख़ूनाच्या प्रकारणातील CrPC मधी प्रथमिक प्रकरणीयाचा कोणता पैलू मुख्यत्वाचा आहे?
Why: प्रथमिक प्रकरणीया संस्थेचा मुख्यत्वपूर्वक आहे कारण गुन्हा नोंदणी, सुरुवातीची तपासणी व दोन्ही शोधनिहे CrPC मध्ये शुश्रूषित तप्ते आहेत.
Question 94
Question bank
ख़ूनाचा अपवाद असलेल्या Delta प्रकरणातील कोणता घटक लाक्षात घेतला जातो?
Why: Delta प्रकरणाबाबत क़ूणाख़ाचा अपवाद मुख्यत्वे तत्काल प्रतिक्रीयाचे हेतू विचारात घेतला जातो, ज्यामुळे सविस्तरक्‍्षणात्मक गरज सिद्ध होते.
Question 95
Question bank
IPC मध्ये क़ूणाख़्याच्या प्रकरणामध्ये 'प्रिमेडीटेट क़ूणाख़' म्हणजे काय?
Why: प्रिमेडीटेट क़ूणाख़ म्हणजे पूर्वनियोजित व सुस्पष्ट प्रकरणाचा क़ूणाख़, जे ठराविक योजना आणि कालमर्यादेनुसार केले जाते.
Question 96
Question bank
ख़ूनाच्या संदर्भात IPC मध्ये धारा 302 चे काय परिणाम आहेत?
Why: धारा 302 अंतर्गत क़ूणाख़ करणाऱ्याला न्यायाधिकरण मृत्यूदंड किंवा आजीवन कारावासाच्या शिक्षा होऊ शकते.
Question 97
Question bank
ख़ूनाच्या गुन्ह्यातील कोणता घटक 'सामूहिक हेतू' मध्ये ओळखला जातो?
Why: धारा 34 अंतर्गत, अनेक लोकांमध्ये एकसाथ साधलेला समानय हेतू मुख्यत्वे समजून ते जमाने आरॉपिणे समजले जाते.
Question 98
Question bank
कौनत्या परिस्थितीत क्षुल्लक दोन सिद्ध करणाऱ्या अपवाद लागू होऊ शकतो?
Why: स्वसंरक्षणासाथी प्रत्त्युत्तर देताना झालेला क्षुल्लक दोन सिद्ध करणारा थरु शकतो कारण बद्दल चांगली कारणे असतात.
Question 99
Question bank
क्षुल्लक्याचा संदरभात CrPC नुसार पुन्हा-पूणि कोणी प्रक्रीयापक अहेक?
Why: CrPC अंतर्गत क्षुल्लक्याचा प्रकर्णात तपास यंत्रणेचा योग्य वापर करण्यासाठी आहे.
Question 100
Question bank
क्षुल्लक्याचा सामानीय उद्दिष्टामध्ये कोणता घटक अपेक्शित असतो?
Why: क्षुल्लक्याने जाणूनबुजून करूनही जीव घेण्याचा हेतू असतो, जे हा गुन्ह्याचा मुख्य घटक आहे.
Question 101
Question bank
IPC नुसार क्षुल्लक दोन सिद्ध करणाऱ्या कोणा घटक अत्यावश्यक आहेत?
Why: क्षुल्लक दोन सिद्ध करणाऱ्या अपराधाच्या अन्वर्गत विषारसरणीच्या सिद्धांतांत अत्यंत महत्त्वाचा आहे ज्याचा गुन्हा करणें जाणूनबुजून असेल.
Question 102
Question bank
क्षुल्लक्याचा प्रकर्णात कोणी योग्य आहे?
Why: पूर्वनियोजित गुन्हा मुख्यतः कूटघुंनचा, ज्यामध्ये सुक्श्म धोजना व योगना असेते.
Question 103
Question bank
खून हे IPC अंतर्गत कोणत्या कलमान्वये गुन्हा ठरतो?
Why: खून हा IPC च्या कलम 302 अंतर्गत गुन्हा मानला जातो.
Question 104
Question bank
खून प्रकरणात CrPC मधील तपास कोणता प्रकरणे सुरू होतो?
Why: CrPC नुसार खुनाच्या तपास फिर्यादी दाखल झाल्यानंतर सुरू होतो.
Question 105
Question bank
खालीलपैकी कोणता एक्शन मालमत्ता गुठ्ठ्यांमध्ये व्याख्येत समाविष्ट होतो? Refer to the diagram below for मालमत्ता गुठ्ठ्यांची व्याख्या आणि स्वरूप यांसंबंधी माहिती. मालमत्ता: जमीन, चळ मालमत्ता, चलन गुठ्ठा: चौरी, फसवणूक, अपहरण या पैकी योग्य पर्याय कोणता आहे?
मालमत्ता गुन्ह्यांची व्याख्या आणि स्वरूप मालमत्ता: जमीन, चल मालमत्ता, चलन गुन्हा प्रकार: चोरी, फसवणूक, अपहरण A B
Why: मालमत्ता गुठ्ठ्यामध्ये मालमत्ता चोरी करणं हे गुठ्ठा समजले जाते. जमीनिवर होणारे व्यवहार, ज्यात चोरी व फसवणूक यांचा समावेश होतो, ते गुठ्ठे आहेत; मात्र फक्त हरवणं करणें किंवाय विकणें गुठ्ठा नाही.
Question 106
Question bank
IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठ्यांमध्ये प्रकरणांमध्ये कोणता गुठ्ठा समाविष्ट नाही? Refer to the IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठ्यांमध्ये प्रकरण याआणि माहितीच्या डायग्रामला पाहा. IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठे: चोरी, फसवणूक, तोडफोड, खोटे खंडण पुढीलपैकी कोणता पर्याय IPC च्या मालमत्ता गुठ्ठ्यामध्ये नाही?
IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांचे प्रकार - चोरी - फसवणूक - तोडफोड - खोटे खंडण A B C D
Why: विद्यमंडळा विरोध करणं हे IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठ्यांमध्ये बहाग नाही. IPC मध्ये चोरी, फसवणूक, तोडफोड यांना मालमत्ता गुठ्ठे मानले जातात.
Question 107
Question bank
CrPC नुसार मालमत्ता गुठ्ठ्यांसाठी कोणती प्राथमिक बंद्याची लागू होते? खालील माहिती असलेल्या diagram ला पहा: CrPC प्राथमिक टप्पे: प्रथम माहिती, तपास, न्यायालयीन सुनावणी, निकाल मालमत्ता गुठ्ठ्यांच्या यापैकी कोणत्या प्राथमिक अवलंबनं लागू होते?
CrPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांची प्रक्रिया प्रथम सूचना --> तपास --> न्यायालयीन सुनावणी --> अंतिम निकाल
Why: CrPC मध्ये मालमत्ता गुठ्ठ्यांसाठी प्रथम माहिती जमा करून तपास केला जातो आणि त्यानंतर न्यायालयीन सुनावणी करून अंतिम निकाल जातो.
Question 108
Question bank
खालीलपैकी कोणता घटक IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठ्याचा समावेश येतो? Refer to IPC मधील मालमत्ता गुठ्ठ्यांच्या सामान्य उदाहारणांची माहिती असलेल्या diagram ला बघा. घटनामध्ये: 1. इतर मालमत्तेवर चोरी 2. अधिकृत नोटीस विहा जमीनिचा वापर 3. हरवणं विक्री करणें 4. भृष्टाचार योग्य पर्याय कोणता?
IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांचे उदाहरण 1. चोरी - इतर मालमत्तेवर बेकायदेशीर प्रवेश 2. अनधिकृत जमिनीचा वापर 3. मालमत्ता खरेदी विक्री (कायदेशीर क्रिया) 4. भ्रष्टाचार A B C D
Why: IPC मध्ये मालमत्ता गुठ्ठ्यांमध्ये चोरी आणि अधिकृत नोटीस यांच्या वापराचा समावेश होतो. हरवणं विक्री किंवाय भृष्टाचार वेगळे प्रकरण आहेत.
Question 109
Question bank
मालमत्तेच्या चोरीसाथी IPC ची कोणती तरतूद लागू होते? Refer to IPC मधील मालमत्ता चोरी याआणि विशयांसंबंधी माहिती असलेल्या diagram ला पाहा. खालीलपैकी कोणती IPC ची कलम चोरीशी संबंधित आहे?
IPC मधील मालमत्ता चोरी चोरीची व्याख्या - धारा 378 फसवणूक - धारा 420, हत्या - धारा 302, दहशतवाद - धारा 124 A B
Why: धारा 378 IPC अंतर्गत चोरीची व्याख्या दिली आहे. तर धारा 420 फसवणूक, धारा 302 हत्या आणि धारा 124 दोषात्मक संबंधी कारण आहेत.
Question 110
Question bank
CrPC नुसार मालमत्ता गुन्ह्यांच्या तपासासाठी कोणती अधिकारी प्रकरीया आहे? Refer to the CrPC मधील तपास प्रकरीयांची महिती असलेल्या diagram ला बघा. खालीलपैकी कोणती प्रकरीया योग्य आहे?
CrPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांचा तपास पोलीस प्रथम तक्रार नोंदवून तपास करतात तक्रार नोंदणूक आणि तपास आवश्यक आहे A
Why: CrPC नुसार मालमत्ता गुन्ह्यांच्या प्रथम तक्रार पोलिसांकडे नोंदवून तपास सुरु होतो, जो न्यायालयीन सुनावणीपूर्वी अनिवार्य आहे.
Question 111
Question bank
मालमत्ता गुन्हा करणाऱ्याला शिका देताना कोणता घटक महत्त्वाचा मानला जातो? Refer to IPC आणि CrPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांच्य शिका यासंबंधी diagram ला पाहा. खालीलपैकी कोणता घटक शिकवणीसाठी पात्र ठरविण्यात महत्त्वाचा आहे?
IPC आणि CrPC अंतर्गत शिक्षा मुख्य घटक: गुन्ह्याचा प्रकार आणि गंभीरता इतर घटक: ठिकाण, हवामान, वयोमर्यादा कमी महत्वाचे A
Why: IPC आणि CrPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांवर शिक्षा करताना गुन्ह्याचा प्रकार आणि गुन्ह्याची गंभीरता लक्षात घेऊन शिक्षण दिली जाते. त्यावर गुन्हा शिक्षेत प्रशासक प्रमा ठरवितो.
Question 112
Question bank
मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये 'फसवणूक' बद्दल खालीलपैकी काय बरोबर आहे? Refer to IPC मधील फसवणूक विशयक information provided in the diagram below. फसवणुकीसाठी योग्य शिक्षा कोणती?
IPC मधील फसवणूक दुसर्‍याला ठगून मालमत्ता मिळविणे A
Why: फसवणूक म्हणजें दुसऱ्या ठिकाणी मालमत्ता किंकवा पैसे मिळविणे. ती मालमत्ता न वापरणे चोरी करणे ही फसवणूक नाही.
Question 113
Question bank
IPC आणि CrPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांच्या संधर्भात "आपहरण" कसा समजला जातो? Refer to the diagram covering मालमत्तेच्या गुन्ह्यांत आपहरणाची व्याख्या. खालीलपैकी योग्य पर्याय कोणता?
मालमत्ता गुन्ह्यांत आपहरण मालमत्ता बेकायदेशीरपणे ताब्यात घेणे A
Why: आपहरण म्हणजे बेकायदेशीरपणे मालमत्ता किंवट्या तब्येत घेणे, जे एक गुन्हा मानले जाते.
Question 114
Question bank
मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये संधर्भात "जबाबदारी"ची व्याख्या खालीलपैकी कोणती योग्य आहे? Refer to मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये जबाबदारी आणि दंड यासंबंधी महिती असलेल्या diagram ला पाहा. योग्य पर्याय कोणता?
मालमत्ता गुन्ह्यांमधील जबाबदारी व दंड गुन्हा करणाऱ्याची कायदेशीर जबाबदारी आणि शिक्षा A
Why: जबाबदारी म्हणजे गुन्हा करणाऱ्याला कायदा अंतर्गत शिक्षा किंव दंड भरणे आवश्य असते, याचा अधिकार आणि जबाबदारी आहे.
Question 115
Question bank
Apache संपूर्णाच्या संरचनासाथी CrPC अंतर्गत कोणती साजेशी कार्यवाही आहे? Refer to CrPC मधील किंवा मालमत्तागुन्ह्यांतील संगळलेल्या कारवाईचे diagram. खालीलपैकी कोणती क्रिया योग्य आहे?
CrPC अंतर्गत मालमत्तेची संरक्षण प्रक्रिया मालमत्तेच्या संरक्षणासाठी पोलीस तपास करतात A
Why: CrPC अंतर्गत पोलिस किंव्हा संबंधित अधिकाऱ्याकडून मालमत्तेचे संरक्षक कार्यवाही अधिकृत तपास आणि कारवाई केली जाते.
Question 116
Question bank
मालमत्तागुन्ह्यामध्ये "स्वयंप्रेरित कार्यवाही" म्हणजे काय? Refer to मालमत्तागुन्ह्यांतील स्वतःहून कार्यवाही यासंबंधी महत्वपूर्ण असलेलं diagram ला पाहा. खालीलपैकी योग्य स्पष्टीकरण कोणते आहे?
मालमत्ता गुन्ह्यात स्वयंप्रेरित कारवाई पोलीस स्वतःहून तपास सुरू करतात A
Why: स्वयंप्रेरित कार्यवाही म्हणजे तक्रार नोंदविणीवर अधिकाऱ्यांनी पोलिस स्वयंहून तपासास प्रारंभ करणे, जे CrPC अंतर्गत मान्य आहे.
Question 117
Question bank
IPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांची स्वयंकीर्ती कशी होते? Refer to IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांंची स्वयंकीर्ती प्रक्रियेची महत्वपूर्ण दिलेल्या diagram कडे पाहून खालीलपैकी योग्य निर्णय निवडा. कोणती क्रिया योग्य आहे?
IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांची स्वीकृती गुन्हा नोंद करून तपास सुरू करणे A
Why: IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्हा झाल्यास प्रथमतः गुन्हा नोंदवून तपास सुरू करणे आवश्यक आहे. न्यायालयीय पूरव मान्यता नसते.
Question 118
Question bank
IPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांच्या शिकल्शेची पातळी काय ठरविते? Refer to IPC अंतर्गत मालमत्तागुन्ह्यांशी संबंधित दिलेल्या diagram कडे पाहा. खालीलपैकी कोणता घटक शिकल्शेची पातळी ठरवतो?
IPC अंतर्गत शिक्षा निर्धारण गुन्ह्याचा प्रकार आणि गंभीरता A
Why: IPC मध्ये शिकल्शेची पातळी गुन्ह्याचा प्रकार व त्याची गंभीरता पाहून ठरविली जाते, इतर पर्यायांमध्ये कमी महत्त्व आहे.
Question 119
Question bank
खालीलपैकी 'मालमत्ता गुन्ह्यांची संकल्पना' कशी सापडते? Refer to मालमत्ता गुन्ह्यांची संकल्पना यासंबंधी diagram ला पाहा. खालीलपैकी योग्य पर्याय निवडा.
मालमत्ता गुन्ह्यांची संकल्पना कायद्याद्वारे संरक्षित संपत्तीत होणारे गुन्हे A
Why: मालमत्ता गुन्ह्यांची संकल्पना महत्त्वाच्या कार्यद्वारे संरक्षित संपूर्णतःकिडून होणारे गुन्हे होते म्हणून गुन्हे होय.
Question 120
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यामध्ये होणाऱ्या 'चोरी'चा प्रकार काय आहे? IPC मधील मालमत्ता चोरी यासंबंधी महिती असलेला diagram ला पाहा. खालीलपैकी योग्य पर्याय कोणता?
IPC मधील चोरीची व्याख्या गुप्तपणे मालमत्ता घेणे A
Why: चोरी म्हणजे मालकाच्या परवानगीशिवाय गुप्तपणे मालमत्ता घेणे. या क्रियाकलाप चोरीसंबंधीत नाहीत.
Question 121
Question bank
मालमत्ता गुन्ह्यामध्ये 'फसवणूक'शी संबंधित IPC ची धार कोणती आहे? IPC मधील फसवणूक विषयी महितीचा diagram पाहा. खालीलपैकी कोणती धार आहे?
IPC मधील फसवणूक धारा 420 A
Why: धारा 420 IPC अंतर्गत फसवणूक संबंधित अपराध आणि शिक्षाया दिलेली आहे. या धारेंतर्गत फसवणुकीची निंधित NAहीत.
Question 122
Question bank
CrPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्याबाबत कोणती सुनावणी पद्धत आहे? CrPC मधील सुनावणी प्रक्रीयेतला diagram पाहून योग्य पर्याय निवडा. खालीलपैकी काय योग्य आहे?
CrPC अंतर्गत सुनावणी प्रक्रिया तक्रारदाराची उपस्थिती अनिवार्य D
Why: CrPC अंतर्गत गुन्हा सुनावणीत तक्रारदाराची उपस्थिती आवश्यक असते. सर्व मालमत्ता गुन्हे लोकरमानी कोर्टात येतात.
Question 123
Question bank
IPC व CrPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांची "कार्यवाही कसाबसा" कसाबसा ठरतात? Refer to मालमत्ता गुन्ह्यांतील कार्यवाही याबाबतचा diagram. खालीलपैकी योग्य स्पष्टीकरण कोणते आहे?
मालमत्ता गुन्ह्यांतील कारवाईचा कालावधी गुन्हा प्रकार आणि तपास प्रगतीवर अवलंबून A
Why: IPC व CrPC नुसार कार्यवाही कसाबसा गुन्ह्यात्मक प्रकारावर व तपासाच्या प्रगतीवर अवलंबून असतो, त्यामुळे कार्यवाही भिन्न असू शकतो.
Question 124
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्तेच्या अप्राधान्मध्ये खालीलपैकी कोणती प्रकार नाहिः? Refer to IPC च्या मालमत्ता गुन्ह्यांवरील दोशी करायाॅचे diagram ला पाहा. यातील पर्याय कोणता?
IPC अंतर्गत मालमत्ता अपराधांचे प्रकार चोरी फसवणूक आपहरण B C D
Why: केवळ ऐकऱ्य मालमत्ता वापर हे IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांच्या मध्ये नाही तर फक्त इतर अपराधांमध्ये समजले जाऊ शकते; चोरी, फसवणूक व आपहरण मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये येतात.
Question 125
Question bank
CrPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांचा न्यायतंत्रीसाठीय अवश्यक बाब कोणती? Refer to CrPC अंतर्गत न्यायाधिकरणाच्या महत्त्वाच्या वेगळ्या विभागाच्या diagram ला बघा. खालीलपैकी योग्य उत्तर कोणते?
CrPC अंतर्गत न्यायालयीन सुनावणी तक्रारदाराची उपस्थिती आणि पुरावे आवश्यक A
Why: CrPC अंतर्गत गुन्हा न्यायाधिकरणासाठी तक्रारदाराची उपस्थिति आणि तपास अहवाल आवश्यक असतो, जे न्यायालयाच्या निर्णयासाठी आवश्यक घटक आहे.
Question 126
Question bank
मालमत्ता गुन्ह्यांत अपहरणाची काय व्याख्या IPC मध्ये आहे? खालीलपैकी योग्य पर्याय कोणता? Refer to IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांत अपहरणाचा विशय घटकाचा diagram ला बघा.
IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यात अपहरण जमीन किंवा इतर मालकीची मालमत्ता बेकायदेशीर ताब्यात घेणे A
Why: IPC मध्ये अपहरण म्हणजे जमीन किंवा मालमत्तेचा बेकार करण्यासाठी ताब्यात घेणे, ज्याला गुन्हा मानले जाते.
Question 127
Question bank
IPC आणि CrPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांसाठी तपास करणाऱ्या अधिकाऱ्यांपैकी खालीलपैकी कोणता अधिकृत अधिकारी वapor केला जातो? Refer to मालमत्ता गुन्ह्यांच्या तपासाची यासंबंधी महिती असलेल्या diagram कडे पाहा. yोम्य पर्याय कोणता?
IPC आणि CrPC अंतर्गत तपासाचे अधिकार पोलीस तपासाचा अधिकार आणि न्यायालयीन आदेश A
Why: IPC आणि CrPC अंतर्गत तपासासाठी पोलिसकडे तपास करणारा अधिकारी आणि न्यायालयीन अधिकृत अधिकारी असतो, ज्यावर प्रक्रिया केली जाते.
Question 128
Question bank
खालीलपैकी कोणता मालमत्ता गुन्ह्याचा घटक नाही? \( (a) \) चोरी \( (b) \) साक्षीदार \( (c) \) फसवणूक \( (d) \) कबजा करणारा हेतू
खालील चित्र पाहून मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये घटक:
लेबल्स: चोरी, फसवणूक, कबजा, साक्षीदार
मोजमाप नाही कारण मूळ विशय कायदेशीर आहे.
चोरीफसवणूककबजासाक्षीदार
Why: साक्षीदार हा गुन्ह्याचा घटक नाही, तर मालमत्ता गुन्ह्यांचे चोरी, फसवणूक व कबजेद्याचा हेतू आहेत.
Question 129
Question bank
IPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांबाबत 'कबजा' या संकल्पनेचा काय अर्थ आहे? Refer to the खालील तथ्य ज्यात IPC धोरणाखाली कबजा योग्य ठळक दाखवले आहेत:
IPC मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये प्रकरण:
- चोरी
- फसवणूक
- कबजा
- इतर
त्यात तथ्यावर नमूद किंमती आणि वाहन यांसह.
IPC मालमत्ता गुन्हास्पष्टीकरण
चोरीमालकाच्या मालमत्तेची चोरी करणे.
कबजाबंधकामध्ये अवैध प्रवेश करून मालकाचा हक्क तोडणे.
फसवणूकफसवणुकीच्या मार्गाने मालमत्तेचा वापर करणे.
इतरइतर प्रकारचे मालमत्तेवरील गुन्हे.
Why: कबजा म्हणजे मालकाचा संवैधानिक अधिकार त्याच्या मालमत्तेवर प्रवेध करून किंवासा त्याचा उल्लंघन करून मालकाचा हक्क तोडणे.
Question 130
Question bank
खालीलपैकी IPC मध्ये मालमत्ता चोरीच्या संबंधी कोणती कृती दोषारोपनीय आहे? Refer to the चार्ट खालीलप्रमाणे -
चार्टमध्ये मालमत्ता चोरीसम्बंधी विभिन्न कृती दाखवल्या आहेत.
1. मालमत्ता कधीपण घेणे
2. मालकाची परवानगी घेणे
3. मालमत्ता चोरी करणे
4. मालमत्ता परत देणे
मालमत्ता कथितपणे घेणेमालकाची परवानगी घेणेमालमत्ता चोरी करणेमालमत्ता परत देणे
Why: मालमत्ता चोरी ही IPC अंतर्गत गुन्हा आहे, ज्यात मालकाची परवानगी नसताना मालमत्ता चोरी केली जाते.
Question 131
Question bank
खालीलपैकी कोणत्या IPC मध्ये कलमे मालमत्ता गुन्ह्यांसाठी लागू आहेत? Refer to the IPC संबंधित कलमे यादी दर्शविण्यात आली आहे:
तक्त्यामध्ये IPC कलमे: 378, 379, 403, 405
मालमत्ता चोरी व संबंधित गुन्ह्यांसाठी
IPC कलमस्पष्टीकरण
378चोरीची व्याख्या
379चोरीचा दंड
403कबजा करणे
405खराब मालमत्ता काबीज करणे
Why: कलम 378 आणि 379 IPC मध्ये मालमत्ता चोरीशी संबंधी आहे, जसें की चोरी आणि चोरीची चोरी.
Question 132
Question bank
फसवणूक आणि मालमत्ता गुन्ह्यांसाठी IPC मध्येप्रमुख घटक कोणते आहेत? Refer to the चार्ट ज्यात फसवणूक तत्व आणि मालमत्ता गुन्ह्यांच्या घटकांमध्ये वर्णीकरण आहे:
- हेतू (Intention)
- वास्तव साक्षींचे हेतू वर्णन
- मालमत्तेचा अनुचित वापर
- मालकाची अनुमती
हेतू वस्तुस्थितींचे खोटे वर्णन मालमत्तेचा अनुचित लाभ मालकाची अनुमती
Why: फसवणूकमध्ये खोटे तथ्य सांगणे, मालमत्तेचा अनुचित वापर घडणे, आणि चुकीचा हेतू आवश्यक घटक आहेत.
Question 133
Question bank
खालीलपैकी कोणता IPC मधील सामान्य़ अपराधा मृत्युदंडामुळे वापरल्या जातो? Refer to the सामान्य अपराधांच्या प्रकार खालील प्रमाणे दाखवा: - प्रथमकक्षा सामान्य - दुसरीवर्ग - वस्तुमान अत्यावश्यक - मात्रा
साक्षी पुरावा प्रकारउदाहरण
प्रत्यक्ष साक्षीदारगुन्हा पाहणारे व्यक्ती
दस्तऐवजखरेदीचे कागदपत्रे
वस्तुमान पुरावेघटना स्थळी आढळलेली वस्तू
मतेतज्ञांचे मत
Why: मृत्युदंड गुन्ह्यांमध्ये प्रथमकक्षा सामान्य, दुसरीवर्ग आणि वस्तुमान अत्यावश्यक न्यायधीश वापर साधारणपणे करतात.
Question 134
Question bank
IPC मधील कोणती कलम फसवणूकशी संबंधित व आपरली जात आहे? Refer to the IPC कलमानुसार खालील कलमे दिली आहेत: कलम 420, 380, 405, 307 यांपैकी योग्य उत्तर निवडा.
Why: कलम 420 IPC फसवणुकीशी संबंधित संज्ञा असून, चुकीच्या पद्धतीने मालमत्ता मिळविणाऱ्या गुन्ह्यांसाठी आहे.
Question 135
Question bank
खालीलपैकी कोणता IPC मधील दंडात्मक उपाय आहे जो चोरीसाठी लागू होतो? Refer to the IPC दंडात्मक उपायांची सूची: चोरीकरण्याच्या दंड: - 3 वर्षांची तुरूंगवास - दंड - दोनही - अनिवार्य सेवा
शिक्षा प्रकारवर्णन
तुरुंगवास3 वर्षांपर्यंत कारावास
दंडआर्थिक शिक्षा
दोन्हीतुरुंगवास आणि दंड
अनिवार्य सेवाविशिष्ट समाजकार्य
Why: चोरी करण्यासाठी दोनही दंडात्मक उपाय IPC अनुसार तुरूंगवास व दंड दोनही शिक्षा लागू शकतात.
Question 136
Question bank
IPC मध्ये "Criminal Trespass" या संज्ञेचा अर्थ काय आहे? Refer to the चार्ट मिळालेल्या IPC मध्ये "Criminal Trespass" चे मुख्य वैशिष्ट्ये खालीलप्रमाणे आहेत: - अनधिकृत प्रवेश - मालकाicha इजा करण्याचे - दुरव्यवहार - मालमत्ता चोरी करण्याचे
अनधिकृत प्रवेश मालकाचा इजा करणे मालमत्ता चोरी करणे फसवणूक करून नुकसान करणे
Why: Criminal Trespass म्हणजे मालकाच्या मालकीची नंतर मालमत्तेत अनधिकृत प्रवेश करणे होय.
Question 137
Question bank
खालीलपैकी IPC च्या कोणत्या कलमांत फसवणूक आणि चोरीच्या स्पष्टीकरण दिले आहे? Refer to the IPC कलम यादी आणि त्यांचे विशिष्ट कायदे: 420 - फसवणूक 405 - कबजा 380 - चोरी 406 - विश्‍वासघात
कलमविषय
420फसवणूक
406विश्वासघात
405कबजा
380चोरी
Why: कलम 420 फसवणूक आणि 406 विश्‍वासघात या विषया‍ंना लागू होतात, ज्यामुळे मालमत्ते संसबंधी फसवणूक हा मुख्य विषय आहे.
Question 138
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यामध्ये कोणत्या प्रकारच्या साक्षिदाराला अधिक महत्त्व दिले जाते? Refer to the साक्षिदार प्रकार अधिकाऱ्याला खालीलप्रमाणे: - प्रथमक्श साक्षिदार - साक्षिपत्रे - तज्म साक्षिदार - अपरोक्ष साक्षिदार
साक्षीदार प्रकार
प्रत्यक्ष साक्षीदार
साक्षीपत्रे
तज्ञ साक्षीदार
अपरोक्ष साक्षीदार
Why: मालमत्ता गुन्ह्यामध्ये प्रथमक्श साक्षिदाराला खूप महत्त्व दिले जाते कारण तो घडलेल्या घटनेचा तंतोतंत दृष्टी साक्षिदार दाखवितो.
Question 139
Question bank
IPC मध्ये कोणती कलम मुख्यतः विरोधनास साधते की चोरीसाठी दोनही सिद्घ करण्याची आवश्यकता आहे? Refer to खालील IPC कलमे: 378, 379, 380, 403 यापैकी योग्य उत्तर निवडा.
Why: कलम 378 IPC मध्ये 'चोरी'ची व्याख्या स्पष्ट केली आहे ज्यावरून दोन सिद्ध करण्याची गरज असते.
Question 140
Question bank
मालमत्ता गुन्ह्यामध्ये IPC कलम 403 अनुसार दंड कोणत्या प्रकारे मिळवितो? Refer to the तक्ता Jyot IPC कलम 403 चा अर्थ स्पष्ट केला आहे: IPC 403: कबजा किंव्हा काबिज केलेल्या मालमत्ते वापर करून दंडाचा कायदा.
IPC कलमवर्णन
403बिनपरवानगीने कबजा करणे
Why: IPC कलम 403 मध्ये बिनपरवानगीने मालमत्ता काबजा करण्यावर दंडात्मक तरतूद आहे.
Question 141
Question bank
खालीलपैकी कोणती क्रिया IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यासाठी समान्यत: नियमांनुसार दंडाधीन केली जाते? Refer to the चार्ट Jyot मालमत्ता गुन्ह्यासाठी प्रत्येक दंडाधीन कृती खालीलप्रमाणे दर्शविली आहे: - बे कायदेहीर कबजा - चोरी व फसवणूक - स्वत:ची मालमत्ता वापरणे - मालकाची परवानगी नसणे
बेकायदेशीर कबजा स्वतःची मालमत्ता वापरणे मालकाची परवानगी असणे शिकवणी देणे
Why: IPC अंतर्गत बे कायदेहीर कबजा, चोरी व फसवणूक यांवर दंडाधीन केले जाते, त्यामुळे स्व:च मालमत्ता वापरल्यास दंड नाही.
Question 142
Question bank
IPC चे कोणते कलम संबंधित जबाबदारी ठेवल्यानंतर मालमत्ता गुन्ह्यासाठी लागू असते? Refer to the IPC कलमावरील सारणीत: - कलम 85 - कलम 107 - कलम 278 - कलम 406
Why: कलम 406 IPC मध्ये विष्वासघाताचा अपराध आणि त्यासंबंधीची जबाबदारी दंडीय ठरविली आहे, जे मालमत्ता गुन्ह्यास महत्त्वाचे आहे.
Question 143
Question bank
IPC मधील मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये साक्षीदारांचा काय उपयोग होतो? Refer to the धीरोक्त चार्ट जिथे साक्षीदारांच्या भूमिका दाखवल्या आहेत: - घटना स्थायादारिता करण्य - दोषी मुख्य करण्य - संस्पृतीकी मालकी दाखवणे - फसवणूक सिद्ध करण्य
साक्षीदार घटना सत्याआधारित करणे
Why: साक्षीदार घटना स्थायांसंधी महत्वपूर्ण पुरवटा जे न्यायालयास योग्य निर्णय घ्यायला मदत करतो.
Question 144
Question bank
IPC मधील मालमत्ता चोरीबाबत खालीलपैकी कोणते विधान बरोबर आहे? Refer to यादी जिथे IPC कलम 378, 379 ची माहिती आहे: - चोरीची व्याख्या आणि दंड - कब्ज्याचा अर्थ - फसवणुकीची व्याख्या - विश्ववासघात
IPC कलमविवरण
378चोरीची व्याख्या
379चोरीचा दंड
Why: कलम 378 मध्ये चोरीची व्याख्या असून 379 मध्ये त्यासाथीचा दंड दिला आहे.
Question 145
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांना विरोधकार्य समजावण्यासाठी खालीलपैकी काय समाविष्ट आहे? Refer to तक्त जिथे साक्षीपुराव्यांच्या प्रकार दिले आहेत: - प्रतीयक साक्षीदार - दस्तीवज - भाषिक पुरावे - विद्युत पुरावे
पुरावा प्रकार
प्रत्यक्ष साक्षीदार
दस्तऐवज
भौतिक पुरावे
विद्युत पुरावे
Why: IPC मध्ये मालमत्ता गुन्ह्यांना विरोधाभासी प्रतीयक साक्षीदार, दस्तीवज आणि भाषिक पुरावे वापरले जातात.
Question 146
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता चोरीसाठी दंड ठरवताना कोणता अवश्यक आहे? Refer to चार्ट जिथे हेतूचा प्रमाणांक उल्लेख आहे: - फसवणूक हेतू - चोरी हेतू - सातत्य असलेला हेतू - नैमित्तिक हेतू
चोरी हेतू फसवणूक हेतू नैमित्तिक हेतू
Why: मालमत्ता चोरीसाठी IPC मध्ये चोरी करण्याचा हेतू अवश्यक असतो.
Question 147
Question bank
IPC अंतर्गत कोणत्या प्रकरणाचा मालमत्ता गुन्ह्याशी विशेषतः व्यवहार लागतो? Refer to मार्गदर्शक तक्ता: - फसवणूक - चोरी - कब्जा - समान्य दंगा
गुन्हा प्रकारविश्वासघात विचारलेली काय
फसवणूकहोय
चोरीनाही
कबजानाही
सामान्य दंगानाही
Why: विश्वासघात हा विशेषतः फसवणूक विषयी व्यवहार करणारा भाग आहे, जेथे खोटी माहिती देऊन मालमत्ता मिळविली जाते.
Question 148
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये 'सामान्य अपवाद' याचा संकल्पनेचा काय अर्थ आहे? Refer to the संकल्पना निर्देशांमध्ये: - विशिष्ट परिस्थितींमध्ये गुन्हा नाही - दंड वाजणीची काळमे - गुन्ह्याच्याअंप्रकारांमध्ये वर्गीकरण - फसवणूक व कबज्याचा फरक
Why: सामान्य अपवाद म्हणजे काही विशिष्ट परिस्थितींमध्ये गुन्हा सिद्घ होतो नाही, जसे की संरक्षणात्मक क्रिया किंव्हा वस्तुस्थितीचा भान.
Question 149
Question bank
IPC अंतर्गत मालमत्ता गुन्ह्यांमध्ये कोणत्या शिकलोकी प्रकाराचा वापर पुरावे म्हणून केला जातो? Refer to the पाहिटीakta: - लिहित करार - तक्रार करणाऱ्याचा साक्षीदारा - फसवणूक संदर्भातील दस्तऐवज - व्यक्तिक्‍ष विवाद
पुरावा प्रकारउदाहरण
लिखित करारकरारनामे
फसवणूक दस्तऐवजधोखाधड़ीचे पुरावे
प्रत्यक्ष संवादफोन कॉल रेकॉर्ड्स
तक्रार करणारा साक्षीदारघटनेचा साक्षीदार
Why: फसवणूक किंव्हा मालमत्ताः गुन्ह्यांमध्ये बाबतीत विशिष्ट दस्तऐवज पुरावा म्हणून सादर केला जातो जो व्यावहारिक सत्त्या दर्शवितो.
Question 150
Question bank
रात्र ने पुळीस स्टेशन मध्ये जाकराBatायाचा कि श्‍याम ने उसके घर से रुचिका की कीमती अंगूठी चोरी की कीमती अंगूठी चोरी की है. यदी श्‍याम पर IPC के तहत चोरी का मामला दर्ज किया जाता है, तो कौन सा थाना IPC की चोरी धाराः 378 के घटक नहीं है?
Why: Correct answer reasoning: IPC धारा 378 के तहत चोरी के लिए 'स्थायी रूप से संपत्ति का हरण' आवश्यक है, अस्थायी उपयोग चोरी नहीं माना जाता। इसलिए, अंगूठी का अस्थायी उपयोग चोरी का घटक नहीं है।
Why students fall for the trap: कई छात्र सिद्धांत 'कोई भी बिना अनुमती लेना चोरी है' समझ लेते हैं (premature rule application), इसलिए D विकल्प को नजरअंदाज कर देते हैं।
Option-by-option: A सही है क्योंकि बिना अनुमती लेना मूल चोरी है; B भ्रम है क्योंकि अनुमती होना चोरी को समाप्त करता है; C सही घटक है क्योंकि स्थायी हरण आवश्यक है; D गलत है क्योंकि अस्थायी उपयोग चोरी में नहीं आता (edge case omission)।
Question 151
Question bank
शिला ने वर्ष 2023 में एक दुकान से घड़ी बिना भुगतान के ली, परिणाम स्वरूप दुकानदार को पैसा नहीं मिला. इस मामले के सम्बन्ध में कौन सी प्रमुख IPC की अंतर्गता धारा होगी?
Why: Correct answer reasoning: घड़ी बिना भुगतान लेकर ले जाना IPC की धारा 379 की चोरी के तहत आता है क्योंकि यह बिना अनुमती संपत्ति का हरण है।
Why students fall for the trap: छात्र समान्यतः धारा 411 (चोरी गई माल की खरीदी-फरोख्त) को चुन लेते हैं, क्योंकि वे महत्वपूर्ण हैं कि माल लेने के बाद भी चोरी कायम है (rote memorisation without context)।
Option-by-option: A सही है क्योंकि नगद भुगतान बिना लिया चोरी है; B भ्रम है क्योंकि घर से चोरी वाला विशेष प्रभाव लागू नहीं; C गलत है क्योंकि खरीदी-फरोख्त तत्सम विषय है; D गलत है क्योंकि तब गबन तब होता है जब आपना माल अनुचित तरीके से उपयोग करता है।
Question 152
Question bank
स्त्या ने अपने मित्र को 50,000 रुपये उधार दिए और उसे-पैसे वापस करने की बजाय एक उधारकर्ता को पैसा उपयोग कर लिया. क्या यह IPC के तहत गबन (Section 405) का उदाहरण है?
Why: Correct answer reasoning: गबन तब माना जाता है जब कोई व्यक्ति अपने कब्जे में आई वस्तु या धन का दुरुपयोग करता है; उधार देने में दिये पैसे पर कब्जा नहीं, बल्कि स्वामित्व अबाधित रहता है, इसलिए Section 405 लागू नहीं।
Why students fall for the trap: छात्र तुरंत पैसे का गलत उपयोग गबन समझ लेते हैं किंतु वस्तु की समान्यता बनाये रखना और धन का स्वामित्व अलग होता है (rote memorisation without context).
Option-by-option: A एक आम भूल है क्योंकि पैसे का गलत उपयोग भी गबन नहीं; C भ्रम है क्योंकि उपयोग का अधिकरण होने का स्वामित्व अलग है; D गलत है क्योंकि Section 405 नकद और समान दोनों पर लागू होता है।
Question 153
Question bank
IPC की कौन सी धारा "चाल संपत्ति की हानि या नुकसान पहुँचाने" को अपरा ध माना है, जबकि "संपाद संरचना" के लिए अल्प प्रमुख है?
Why: Correct answer reasoning: IPC की धारा 441 तोड़फोड़ की अंतर्गता आती है जो आमतौर पर चाल संपत्ति की हानि को अपराध मानती है; संपाद संरचना अल्प से संरक्षित होती है।
Why students fall for the trap: छात्र धारा 435 (जेठी धारा) को गलती से चल संपत्ति से जोड़ देते हैं क्योंकि यह गंभीर तोड़फोड़ बताती है, वही अधार विसंगति को पहचानते नहीं हैं (edge case omission).
Option-by-option: A भ्रम है क्योंकि धारा 425 दैौरान विशेष स्थिति के लिए; B गलत क्योंकि चोरी दोहन का अपराध है; C सही है क्योंकि समान तोड़फोड़ पर लागू; D गलत है क्योंकि धारा 435 गंभीर तोड़फोड़ है।
Question 154
Question bank
अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी संस्था से मोबाइल फोन उड़ा कर बैंक-खाता खोलवता है, तो IPC के तहत किस प्राथमिक अपराध की धारावाही होगी?
Why: Correct answer reasoning: चोरी के लिए स्थायी हरण आवश्यक है; वापसी तुरन्त हुई है इसलिए IPC के तहत दोषी नहीं माना जाएगा।
Why students fall for the trap: छात्र तुरंत धारा 379 को चुन लेते हैं क्योंकि अन्य वस्तुएं उड़ा गई हैं, और वापसी को अनदेखा करते हैं (rule-precondition-skip).
Option-by-option: A भ्रम है क्योंकि IPC में धारा 378 चोरी की पुष्टि है और 379 दंडात्मक; B गलत है क्योंकि दुरुपयोग तब होता है जब वस्तु का अन्य दुरुपयोग हो; C गलत है क्योंकि चोरी में स्थायी हरण जरूरी; D सही क्योंकि वापसी ने दोष समाप्त कर दिया।
Question 155
Question bank
किस स्थिति में मालमत्ता से संबंधित IPC की धारा 404 ‘चोर माल का व्यापार’ लागू होगी?
Why: Correct answer reasoning: धारा 404 तब लागू होती है जब चोरी की गई माल को खरीदने, रखने या बेचने के लिए कब्जे में लिया जाए, अपराध स्थायी रूप से संपत्ति के स्वामी के अधिकार का उल्लंघन है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B को चुनते हैं क्योंकि योजना बनाना अपराध माना जाता है लेकिन यह चोरी का अंतिम घटक नहीं; गलत प्रावधान का भविष्यवाणी (premature rule application).
Option-by-option: A सही है क्योंकि कब्जे और बिक्री गबन से अलग अपराध; B गलत है क्योंकि केवल योजना अपराध नहीं; C भ्रम है क्योंकि उधार देना IPC अपराध नहीं; D गलत है क्योंकि माल वापस करना अपराध समाप्त करता है।
Question 156
Question bank
किस परिस्थिति में IPC की धारा 406 ‘गबन’ के अंतर्गत होगा?
Why: Correct answer reasoning: IPC धारा 406 गबन पर लागू होती है जहाँ कोई व्यक्ति विश्वास के आधार पर प्राप्त वस्तु का अनुचित उपयोग करता है।
Why students fall for the trap: छात्र अक्सर सार्वजनिक संपत्ति चोरी (B) को भी गबन समझ लेते हैं क्योंकि दोनों में स्वामित्व परिवर्तन का भ्रम होता है (confusion in superficially similar concepts).
Option-by-option: A सही है क्योंकि विश्वास के अधीन अनुचित उपयोग गबन है; B गलत है क्योंकि सार्वजनिक स्थल की वस्तु चोरी है; C भ्रम है क्योंकि चोरी की वस्तु खरीदना अपराध है पर गबन नहीं; D गलत है क्योंकि संपत्ति का नुकसान तोड़-फोड़ धारा से आता है।
Question 157
Question bank
अगर कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को बिना चोरी किए अस्थायी रूप से छुपाता है, तो IPC में उसका कार्य कैसे वर्गीकृत होगा?
Why: Correct answer reasoning: IPC में चोरी के लिए स्थायी हरण आवश्यक है; बिना चोरी के केवल छुपाए जाने पर कोई अपराध नहीं माना जाता जब तक अन्य धारा में वर्णित अपराध न हो।
Why students fall for the trap: छात्र धारणा में फंस जाते हैं कि बिना अनुमति वस्तु छुपाना चोरी या गबन दोनों होगा, वे अस्थायी छुपाने और स्थायी हरण में अंतर नहीं करते (edge case omission).
Option-by-option: A गलत क्योंकि चोरी के लिए स्थायी हरण चाहिए; B गलत है क्योंकि गबन कब्जे से जुड़ा है; C गलत क्योंकि गबन का स्वामित्व होना चाहिए; D सही क्योंकि केवल अस्थायी छुपाना अपराध नहीं है।
Question 158
Question bank
किस स्थिति में IPC की धारा 378 (चोरी) का अपराध नहीं बनेगा लेकिन IPC की धारा 403 (गबन) के तहत अपराध होगा?
Why: Correct answer reasoning: गबन तब होता है जब व्यक्ति कब्जे में लिए गए माल का अनुचित उपयोग करता है, जबकि चोरी में कब्जा ही अवैध होता है।
Why students fall for the trap: छात्र अक्सर गबन (B) को चोरी से अलग नहीं समझते और चोरी (A) को ही चुन लेते हैं क्योंकि वे दोनों वस्तु के गलत उपयोग से संबंधित हैं (confusion in superficially similar concepts).
Option-by-option: A गलत क्योंकि यह चोरी है; B सही है क्योंकि कब्जा वैध है पर अनुचित उपयोग है; C गलत क्योंकि यह चोरी है; D गलत क्योंकि चोरी के सामान को रखना अलग अपराध होता है।
Question 159
Question bank
यदि कोई व्यक्ति किसी की जमीन की सतह से मिट्टी उठाकर ले जाता है, तो उसके कार्य को IPC के तहत कैसे वर्गीकृत किया जाएगा?
Why: Correct answer reasoning: जमीन की सतह से मिट्टी उठाकर ले जाना IPC के तहत चोरी माना जाएगा क्योंकि वह मूवबल संपत्ति है जिसका वैध स्वामित्व किसी के पास है।
Why students fall for the trap: छात्र मिट्टी को स्थावर (immovable) समझ कर तोड़फोड़ या अपराध न मानते (overlooking exceptions).
Option-by-option: A सही है क्योंकि मिट्टी मूवबल है; B गलत है क्योंकि तोड़फोड़ में स्थावर संपत्ति पर हानि आती है; C गलत है क्योंकि गबन कब्जे पर आधारित है; D गलत है क्योंकि मिट्टी वस्तु के रूप में आती है।
Question 160
Question bank
IPC मध्ये 'गबन' आणि 'चोरी' यांचे बीच मुख्यमंत्र क्‍याचा आहे?
Why: Correct answer reasoning: गबन में वास्तवित के कब्जे में वाप रूप से आई संपत्ती का दुरुपयोग होता है जबकि चोरी में ही अवैध कब्जा लेना होता है।
Why students fall for the trap: छातर स्वामित्त्व के बद्लाव पर ग्लत समज रकnete हैं या केवळ चल संपत्ती में ग्लती करते हैं (confusion of similar concepts).
Option-by-option: A अशी है ज्योंकि कब्जा सैनिकतंगत अंतर्गत है; B गलत है ज्योंकि चोरी में वस्तु वास्तविक होती चाहिए; C उल्टा है ज्योंकि स्वामित्त्व परिवर्तन चोरी के साथ होता है; D गलत ज्योंकि दोनों प्रकार की संपत्ती में लागु होते हैं।
Question 161
Question bank
शहर के पार्क में रखा हुआ मोबाइल केस में निकट के पूल में फेंका दिया। इसे कारय का IPC के तहत प्रहवा सही वर्गीकरण किया गया?
Why: Correct answer reasoning: साहित्यिक संपत्ती उद्धार ऐसे तथ्य प्रस्तुत किया चोरी नहीं, पर मोबाइल केस का निज़ी वस्तु होने के कारण धारा 378 चोरी बनती है; फेंकने को कष्ट जमा करता है लेकिन प्रामाणिक अपराध चोरी है।
Why students fall for the trap: छातर विकल्प B चुनते हैं, क्यौंकि नुक्तसान कष्ट लगता है बिना चोरी को ध्‍यान में लिए (premature rule application).
Option-by-option: A सही है ज्योंकि उद्धार + हरण चोरी को दर्शाता है; B गलत है क्यौंकि अनुमति अपरााध नुसार नहीं; C गलत है क्यौंकि कब्जा नहीं; D गलत है क्यौंकि निष्ठा गया वस्तु चोरी है।
Question 162
Question bank
धारा 379 IPC के अंतर्गत 'चोरी' के लिए आवश्‍यक तत्वों में से कौन सा आवश्‍यक नहीं है?
Why: Correct answer reasoning: चोरी के लिए वस्तु की कीमत का निर्धारण आवश्यक नहीं, केवल बिना अनुमति लेना और स्थायी हरण होना जरूरी है।
Why students fall for the trap: छातर मूल निर्धारण के बारे में भ्रम रहते हैं क्योंकि याद करते हैं कि चोरी की संपत्ति की कीमत का आंकलन होता है (rote memorisation without context).
Option-by-option: A सही है; B सही है; C गलत क्यांकि कीमत जरोरी नहीं; D सही है।
Question 163
Question bank
यदि कोई व्यक्तिगत चोरी की गई संपत्ति को नष्ट कर देता है, तो IPC की कौन सी धारा का उल्लंघन हुआ है?
Why: Correct answer reasoning: चोरी के बाद संपत्ति को नष्ट करना तोड़-फोड़ (धारा 427) के अंतर्गत आता है, जबकि चोरी संपत्ति पर कब्जा लेना और फिर नष्ट करना है।
Why students fall for the trap: छातर तुरन्त धारा 379 को चुनते हैं क्योंकि चोरी से जुड़ा है, पर आपूर्ति सोचे में नष्ट करना चोरी नहीं (edge case omission).
Option-by-option: A गलत क्योंकि नष्ट करना चोरी नहीं; B सही है क्योंकि नष्ट करना तोड़-फोड़ है; C गलत क्योंकि यहाँ कब्जे को बताया है; D गलत है।
Question 164
Question bank
अगर एक व्यक्ति चोरी की वस्तु को जान-बूझकर बेचता है, तो IPC के अनुसार वह अपराध की धारा के तहत दोषी होगा?
Why: Correct answer reasoning: चोरी की गई वस्तु की फारोक्त या खरीद-फरोख्त का अपराध IPC धारा 411 के तहत आता है।
Why students fall for the trap: छातर धारा 410 (धारज्यों की सामान NRW या नजदीकी अपराध) या 404 चुन लेते हैं, क्योंकि भ्रम फरोक्त या कब्जे को भ्रमित कर देते हैं (confusion in similar offences).
Option-by-option: A गलत है क्योंकि धारा 410 दौहरे अपराध के संदर्भ में है; B सही है क्योंकि बेचने का अपराध है; C गलत है क्योंकि कब्जे के लिए है; D गलत है चोरी के लिए।
Question 165
Question bank
किसी स्थीतीमध्ये IPC धारा 435 (गंजीर तोडफोड) लागू होत नाही?
Why: Correct answer reasoning: धारा 435 गंजीर तोडफोड केवल 50 रुपये से अधिक मूल्य संमत्ति नष्ट करने पर लागू होतो आहे लेकिंन केवळ द्व्वनि प्रदूषण से संबंन्धित क्षति इस क़ानून के अंतर्गत नाहीं आती।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B को गंजीर तोडफोड मान लेते हैं क्योंकि विकल्प के नाम पर साऱ्या नुकसान समां होते हैं (premature rule application).
Option-by-option: A गलत है क्यौंकि 50 रुपये से कम है; B सही है क्यौंकि द्व्वनि प्रदूषण का हिस्सा नहीं; C गलत है क्यौंकि दीवार गंजीर संमत्ति है; D गलत है क्यौंकि कार गंजीर संमत्ति है।
Question 166
Question bank
खालीलपैकी महिलाांविरोध गुन्ह्यांंच्या व्याख्येमध्ये कोणता समावेश होतो? \( \text{(IPC व CrPC संदर्भ)} \)
Refer to the concept of महिलाांविरोध गुन्ह्यांंची व्याख्या खालीलपैकी कोणती आहे?
Why: महिलाांविरोध गुन्हा मध्ये स्त्रिसमवेत घडलेले, कोणताही स्वरूपाचे (शारीरिक, मानसिक, आर्थिक) गुन्हे, जे IPC व CrPC अंतर्गत निर्दिष्ट आहेत.
Question 167
Question bank
IPC च्या खालीलपैकी कोणत्या धारेत महिलाांविरोध बलात्काराचा उल्लंघन आहे? \( \text{(धारा क्रमांक निवडा)} \)
Refer to IPC मधील महिलाांविरोध गुन्ह्यांंच्या धाराबाबत खालीलपैकी कोणती सत्तासंगत आहे?
Why: IPC च्या धारा 376 मध्ये बलात्कारांसंदर्भात महिलाांविरोध गुन्ह्यांंचा उल्लंघन आहे.
Question 168
Question bank
CrPC नुसार महिलाांविरोध गुन्ह्यांंच्या नोंदणीसाठी कोणता प्रकरणाचा FIR ची गरज अस्ते? Refer to CrPC मध्ये नोंदणी प्रकरणासाठी काय सांगितले?
Why: महिलाांविरोध गुन्ह्यांचा बाबतीत CrPC अंतर्गत तात्काळ FIR नोंदवणे अनिवार्य आहे जेणेकरुन तात्काळ तपास सुरू होऊ शकेंल.
Question 169
Question bank
महिला बद्दलची गुन्हेगारी घटनेज की जमिनी मिभ्रण्याचा प्रकरणीएत कोणता घटक महत्वाचा अस्तो? Refer to महिला बद्दल गुन्ह्यांसाठी जमिनी प्रकरणीएत काय सांगितले?
Why: महिला गुन्हेगारीसाठी जमिनी देणे हा न्यायालयाचा निश्चित न्यायालयीय निर्णय आहे जो न्यायालय न्यायाधीशाच्या परिपत्रितीच्या माध्यमातून दिलेला जातो.
Question 170
Question bank
स्त्री विरोधी गुन्ह्यांची घटनेमधे खालीलपैकी कोणती घटना CrPC अंतर्गत त्वरित तपासणीस पात्र असते? Refer to CrPC तपास प्रकरणीएतील महिलाांविरोध गुन्हे फक्त कोणत्या प्रकरणांमध्ये त्वरित तपासणी पात्र आहे?
Why: CrPC अंतर्गत बलात्कार आणि लैंगिक अत्याचार बाबतीत त्वरित तपासणी सुरू केली जाते, जे लैंगिक गुन्ह्यांंचा मुख्य प्रकरण आहे.
Question 171
Question bank
IPC च्या कोणत्या धारेखाली मानसिक अत्याचाराबाबत दोषी ठरू शकतो? Refer to IPC धारानां आणि त्यांच्यावर गुन्ह्यांनी तालमेल करणारा योग्य धारा ओळखा.
Why: धारा 498-A ही महिला वरील अत्याचारांसाठी वापरली जाते, खासकरून मानसिक व शारीरिक छळ यासाठी.
Question 172
Question bank
महिलांविरुद्ध गुन्हेगारी तपासासाठी कोणत्या प्रक्रियात्मक पुराव्याचा सर्वात जास्त उपयोग होतो? Refer to तपास प्रक्रियेत पुराव्याचा सर्वात जास्त उपयोग.
Why: बलात्कार किंव अतिन्यायाचार्य गुन्ह्यांमध्ये वैद्यकीय अहवाल हा अत्यंत महत्त्वाचा पुरावा असतो.
Question 173
Question bank
महिलांविरुद्ध गुन्हे दाखल करताना FIR नोंदविणे का आवश्यक आहे? Refer to FIR नोंदणीची कायदेशीर गरज.
Why: तात्काळ FIR नोंदविण्याने तपासणी सुरुवातीला तत्परता राखतो आणि न्यायालयाला योग्य माहिती मिळते.
Question 174
Question bank
महिलांविरुद्ध छळासाठी जोडीतल्या गुन्ह्यांमध्ये कोणत्या IPC धारेत समाविष्टी आहे? Refer to IPC धारा 498-A ची व्याप्ती.
Why: धारा 498-A हे खासकरून जोडीतल्या कुटुंबातील सदस्यांकडून महिलांवर होणाऱ्या छळासाठी आहे.
Question 175
Question bank
CrPC अंतर्गत महिलांविरुद्ध गुन्हा तपासण्यासाठी कोणता विभाग प्रमुख असतो? Refer to CrPC मध्ये तपास घेणाऱ्या प्राधिकारीच्या स्वरूपाचा काय आहे?
Why: CrPC अंतर्गत महिलांविरुद्ध गुन्हा तपास पोलीस विभाग करतो, जो प्रादेशिक तपासणीसाठी अधिकृत आहे.
Question 176
Question bank
महितीची विनंती घेणाऱ्या संदरभात IPC अंतर्गत 'सखोल तपासणी' कधी लागू होते? Refer to गुन्हा प्रकरण आनी तपास पद्धती निवडा.
Why: सखोल तपासणी तीव्र आणी गुन्ह्यांच्या विशेषत: बलात्कारासारख्या प्रकरणांमध्ये सुर्ू केली जाते.
Question 177
Question bank
माहितीची विनंती घेणाऱ्याला कोणत्या प्रकरणाच्या गुन्ह्यांत IPC ची धारा 354 लागू होते? Refer to IPC 354 ची व्याप्ती ओळखा.
Why: IPC धारा 354 स्त्रीवर लैंगिक छळ करणाऱ्यांवर लागू होते.
Question 178
Question bank
माहितीची विनंती घेणाऱ्या संदरभवात CrPC नुसार प्राथमिक तपासणीची सुरुवात कधी केली पाहिजे? Refer to CrPC तपास प्रक्रियेत वेगळा.
Why: CrPC नुसार FIR नोंदवल्यानंतर दिलेल्या तत्काळ तपासणी सुरू करणे आवश्यक आहे.
Question 179
Question bank
माहितीची विनंती घेणाऱ्या संदरभव IPC आणि CrPC मध्ये फरक कोणता आहे? Refer to मुख्य फरक ओळखा.
Why: IPC गुन्ह्यांमध्ये व्यावसायिक आणी शिका संघटतो, तर CrPC त्यांचा तपास आणि न्यायालयीन प्रक्रिया नियमन करतो.
Question 180
Question bank
माहिती गुन्हेगारी विनंती कोठी प्रकरणाचा CrPC अंतर्गत लागू होते? Refer to CrPC मध्ये गुन्हेगारी विनंती प्रक्रिया.
Why: CrPC अंतर्गत गुन्हा दाखल होतों, त्याचा तपास होतों आणि त्यानंतर न्यायालयीन सुनावणी होतों.
Question 181
Question bank
माहिलावर हिंसात्मक गुन्हे दाखल करण्यासाठी खालीलपैकी कोणती अधिकाऱ्याची मदत आवश्यक आहे? कायदाशीर सहाय्य प्राणालीचा संदर्भ घेऊन.
Why: माहिलांवर हिंसात्मक गुन्हे दाखल करण्यासाठी पोलिस अधिकारी व तपास अधिकारी मदत आवश्यक असते. त्यामुळे FIR नोंदवता आणि तपास करतात.
Question 182
Question bank
शालीलपैकी कोणती गुन्ह्यांची संकल्पना महिलाांविरुद्ध गुन्हे या अंतर्गत येते?\
Refer to the concept of महिलाांविरुद्ध गुन्हे.
Why: महिलाांविरुद्ध गुन्हे म्हणजे बलात्कार, छळ अशा गुन्ह्यांची संकल्पना येते जी महिलाांच्या सुरक्षिततेवर आघात करतात.
Question 183
Question bank
IPC मधिल महिलाांविरुद्ध गुन्ह्यांसाठी सरकारवर कोणती तरतूद करण्यात आलेली आहे?\
Refer to IPCविशेष कलम.
Why: IPC मध्ये महिलाांविरुद्ध कल्यानसाठी विशेष कलम जसे की धारा 376 (बलात्कार) अंतर्गत किडा आणि शिका तरतूद करण्यात आली आहे.
Question 184
Question bank
महिलाांविरुद्ध बलात्काराचा गुन्ह्यांची कोणती खास वैशिष्ट्ये आहेत?\
Refer to बलात्कार या गुन्ह्याचा घटक.
Why: बलात्कार गुन्ह्यामध्ये जबरी किंवा बलप्रयुक्त लैंगिक संबंंध साठीपण करण्याचा आहे मुंख्य गुन्हा आहे.
Question 185
Question bank
महिलाांसाठी सुरक्षितता सुनिश्चित करण्यासाठी CrPC मध्ये कोणती तरतूद आहे?\
Refer to CrPC सुरक्षास्तिथी नियम.
Why: CrPC मध्ये महिलाांसाठी विशेष सुरक्षितता देने तरतूद असून, न्यायालयीन त्वरीत सुरक्षितता देने आवश्यक आहे.
Question 186
Question bank
साक्ष्य, पुरावे आणि मुद्दा सदर करण्याचा प्रक्रिया महिलाांविरुद्ध गुन्ह्यांसाठी कोणत्या विशिष्ट नियमाने पालन करावे लागते?\
Refer to साक्ष्य आणि पुरावे संंबंधी नियम.
Why: महिलाांसाठी साक्ष्य घेतण्याचा वेळी विशेष काळजी घेणे आवश्यक आहे जेणेकरून त्यांना पुनराशी सुरक्षता आणि सुरक्षित वातावरण मिळते.
Question 187
Question bank
महालांविरुद्ध गुन्ह्यांच्या मध्ये गुन्हेगार दोशी असून असल्‍या प्रकरणासाठी कोणता घटक महत्त्वाचा आहे?\
Refer to गुन्हेगaraan चा जबाबदारिaddress.
Why: दोशीपणाचा पुरावा हा गुन्हेगाराांना जबाबदारी ठरविण्यासाठी अत्यंत महत्त्वाचा आहे.
Question 188
Question bank
महालांच्या सुरक्षासाठी कोणती तत्वे सर्वात प्रभावी ठरते?\
Refer to महालाच्या सुरक्षास्थितीचे प्रमुख उपाय.
Why: महाल सुरक्षास्थिती तात्कालिक आणि प्रभावी न्यायालयीन कारवाई अत्यंत गरजेची आहे.
Question 189
Question bank
IPC मधील धारा 376 चे उल्लंघन कोणी गुन्ह्यामध्ये होते?\
Refer to IPC धारा 376 विषयी माहिती.
Why: धारा 376 हा बलात्काराशी संबंधीत आहे ज्यात लैंगिक अत्याचाराचा उल्लंघन आहे.
Question 190
Question bank
महालांवर गुन्हा केला असल्यास कोणत्या न्यायालयीन प्रक्रियेचा जबाबदारी आहे?\
Refer to CrPC प्रक्रिया.
Why: गुन्ह्याचा तपास पोलिस करतात आणि न्यायालयांतून न्याय देतो.
Question 191
Question bank
मन्नुषबळाचा धोका कोणता प्रकाराचा लागू होतो?\
Refer to गुन्हेगारक्रिया शिक्षा प्रकार.
Why: मन्नुष्यबळाचा धोका म्हणजे अर्थिक नुकसाण साधारणत: शिक्षा आहे, विशेषत: महालांविरुद्ध गुन्ह्यांमध्ये.
Question 192
Question bank
महालान्विरुद्ध गुन्हयातील 'छळ' किंवा संज्मेचा काय हेतू आहे?\
Refer to छळाच्या प्रकारांची व्याख्या.
Why: 'छळ' म्हणजे सतत होणारा मानसिक अथवा शारीरिक त्रास ज्यामुळे पीडिताची मनःशांती नुकसान होते.
Question 193
Question bank
सहकार्‍य, पुरावे आणि तपासणीसाठी कोणती संस्था प्रमुख आहे?\
Refer to गुन्हा तपासणी आणि पुरावे संकलन.
Why: गुन्ह्याच्या सर्वांत तपास करणारी संस्था पोलिस आणि पुरावे विश्लेषित करणारे न्यायालय व फोरेंसिक प्रयोगशाळा प्रमुख संस्था आहेत.
Question 194
Question bank
महालान्विरील गुन्ह्यांच्या तपासणीसाठी कोणती प्रकारची औषध मानली जाते?\
Refer to तपासणी प्रक्रियेचे आचारसंहिता.
Why: तपासणी वेळी पीडितेची सुरक्षितता पूरक राखणे आणि सुस्पष्ट साक्षी घेणे अत्यंत आवश्यक आहे.
Question 195
Question bank
IPC मधील कोणती तरतूद महालन्विरुद्ध गुन्ह्यांमध्ये दंडात्मक शिक्का वाढवते?\
Refer to IPC मधील शिका वाढविणाऱ्या तरतुदी.
Why: धारा 376 च्या अंतर्गत विशिष्ट प्रकारच्या बलात्कारासाठीत दंडात्मक वाढविणाऱ्या तरतूद आहे.
Question 196
Question bank
महालान्विरुद्ध गुन्हयांमध्ये पीडितेच्या संरक्षणासाठी CrPC अंतर्गत कोणती सुविधा उपलब्ध आहे?\
Refer to न्यायालयीन सुरक्षितता तरतूद.
Why: CrPC मध्ये पीडितेच्या सुरक्षितता न्यायालयीन आदेशाद्वारे आहे ज्यामुळे प्रक्रिया सुरक्षित होते.
Question 197
Question bank
महालान्विरुद्ध गुन्ह्यांच्या अध्येष्टी समजामाध्यमे वापसूण कोणी समस्यान उद्दर्भवू शकते?\
Refer to समजामाध्यमांच्या गुन्ह्यांच्या परिभाषा.
Why: समजामाध्यमांविरुध्द महिती किंव्हा प्रार्चा केल्याने न्याय परीक्षित Wyatt येला शकतो.
Question 198
Question bank
महालान्विरुद्ध गुन्ह्यांच्या गुन्हेगारांना शिका देताना कोणा मुफ्‍द्धा लक्षण घेतला जातो?\
Refer to शिका निर्देश प्रार्चा भाग.
Why: शिका देताना गुन्ह्याचा प्रार्कार, गांभीरता आणि दोशीच्या ईराद्यांचा विचार करतात.
Question 199
Question bank
IPC मधील समान्य तरतूद महालान्विरुद्ध गुन्ह्यांमधे क्षार्पकराले लगू होतात?\
Refer to IPC ची समान्य तरतूद.
Why: IPC मधील समान्य तरतूद महालान्विरुद्ध गुन्ह्यांमध्ये विशिष्ट कलमानुसार सहाय्यक ठरतात.
Question 200
Question bank
भारतीय दंडसंहितेअंतर्गत, खालीलपैकी कोणता कलम स्त्रीची बळजबरी विवाह किंवा अवैध संभोग बाध्य करण्याच्या उद्देशाने तिचा अपहरण किंवा उद्दंडपणे घेऊन जाण्याचा दंड निश्चित करतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: भारतीय दंडसंहितेतील कलम 366 स्त्रीच्या बळजबरी विवाह किंवा जबरदस्तीने अवैध संभोगासाठी तिचा अपहरण किंवा उद्दंडपणे घेऊन जाण्याचा अपमानक अपराध आहे. हे कलम या प्रकारच्या अपराधावर खास लक्ष केंद्रित करते.
विद्यार्थ्यांच्या गफलतीचे कारण: विद्यार्थी बहुतांश वेळा कलम 363 निवडतात कारण ते सामान्य अपहरणासाठी आहे, पण यात स्त्रीच्या बाबतीत बळजबरी विवाहाच्या उद्देशाचा समावेश नाही, ज्यामुळे नियमाचा पूर्वग्रह होतो.
पर्याय-निहाय स्पष्टीकरण: A बरोबर कारण कलम 366 स्त्रीच्या बळजबरी विवाह किंवा अवैध संभोगासाठी अपहरण किंवा उद्दंडपणे घेऊन जाण्या विषयी स्पष्ट आहे; B अपहरणावर आहे पण उद्देशाचा समावेश नाही (नियमाचा पाया चुकवणे); C बलात्काराच्या संज्ञेसंबंधी आहे, अपहरण नाही (अपराध प्रकारात गफलत); D छळ किंवा हल्ल्याशी संबंधित आहे पण अपहरणाशी नव्हे (संदर्भाशिवाय स्मृतीवर अवलंबून राहणे).
Question 201
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भारतीय दंडसंहितेतील कोणता कलम कार्यस्थळावर किंवा सार्वजनिक ठिकाणी स्त्रीविरोधी 'लैंगिक त्रास' या अपराधाची व्याख्या करतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 354A IPC विशेषतः लैंगिक त्रास या अपराधाला गुन्हा मानण्यासाठी समाविष्ट केला गेला आहे, ज्यात अनवाणिज्य स्पर्श, लैंगिक मागणी, आणि कार्यस्थळ किंवा सार्वजनिक ठिकाणी अश्लील दाखवणे यांचा समावेश होतो.
विद्यार्थ्यांची गफलत का होते: बऱ्याच वेळा विद्यार्थी सामान्य छळ किंवा हल्ला (कलम 354) यास लैंगिक त्रासशी गोंधळतात.
पर्याय-निहाय स्पष्टीकरण: A बरोबर कारण ते विशेषतः लैंगिक त्रासासाठी स्पष्ट व्याख्या देते; B छळ किंवा क्रूरता संदर्भित करते पण विशेष त्रास या अपराधाला नाही (समान अपराधातील गफलत); C स्त्रीची शील तुटविण्याशी संबंधित पण व्याप्ती लहान (संदर्भाशिवाय स्मृती); D बलात्काराच्या व्याख्येसंबंधी आहे आणि लैंगिक त्रासांशी सुसंगत नाही (व्हरिष्टत्व भ्रम).
Question 202
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दंड प्रक्रिया संहितेअंतर्गत, छळाच्या दोषाशी निगडित गुन्ह्यात तबलगिरीशिवाय स्त्रीला पोलिसांना कैद करण्याची परवानगी कधी असते?
Why: योग्य उत्तर कारणः दंड प्रक्रिया संहितेनुसार आणि न्यायालयीन स्पष्टीकरणांनुसार स्त्रीची अटक सहसा महिला पोलिस अधिकाऱ्यांकडेच करावी लागते. लैंगिक अपराध प्रकरणांमध्ये स्त्रीची तबलगिरीशिवाय अटक केवळ महिला पोलिस अधिकाऱ्यांनीच करता येते जेणेकरून तिचा सन्मान आणि गोपनीयता राखली जाईल.
विद्यार्थ्यांच्या गफलतीचे कारण: बहुतेकांना वाटते की तबलगिरीशिवाय अटक करण्यासाठी अपराधाच्या विशेष परिस्थिती किंवा पुढील गुन्हे टाळण्याची गरज असते, परंतु स्त्रियांबाबतच्या विशेष तरतुदी दुर्लक्ष होतात (सर्वसाधारण नियमांचा अयोग्य वापर).
पर्याय-निहाय स्पष्टीकरण: A चुकीचे कारण तो अटक करण्यासाठी संमतीची आवश्यकता नाही; B योग्य कारण महिला पोलिस अधिकाऱ्यांनी महिला आरोपीची अटक करावी; C चुकीचे कारण कारण दोषी प्रतिबंधासाठी नियम लागू आहेत, पीडितासाठी नाही; D चौकशीच्या अट आणि अटक यात भ्रम आहे.
Question 203
Question bank
भारतीय दंडसंहितेचा कोणता कलम 'व्ह्युअरिझम'—स्त्रीच्या खासगी क्रियेवर तिच्या संमतीशिवाय दुर्लक्ष किंवा छायाचित्र वाहून घेण्याबाबत दंडित करतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 354C IPC विशिष्टपणे व्ह्युअरिझमशी संबंधित असून स्त्रीच्या खासगी क्रियेवर तिच्या संमतीशिवाय दुर्लक्ष करणे किंवा छायाचित्र काढणे गुन्हा आहे.
विद्यार्थ्यांची गफलत: विद्यार्थी बहुधा कलम 509 निवडतात कारण ते स्त्रीच्या शीलाचा अपमान करतो, पण गोपनीयतेचा भंग करण्याला त्याचा समावेश नाही.
पर्याय-निहाय स्पष्टीकरण: A योग्य कारण व्ह्युअरिझम दंडित करतो; B गोपनीयता भंग आणि शील अपमान यामध्ये गोंधळ; C पाठलागाचा वेगळा गुन्हा; D बलात्काराशी संबंधित असून संदर्भात नाही.
Question 204
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स्त्रीच्या घरगुती हिंसेपासून संरक्षण कायदा, २००५ नुसार, घरगुती हिंसेच्या प्रकरणी संरक्षण आदेशासाठी अर्ज कोण करू शकतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: कायदा पीडित स्त्री किंवा तिच्या वतीने कोणतीही व्यक्ती संरक्षण आदेशासाठी अर्ज करू शकते, फक्त स्त्रीच्याच मर्यादित नाही.
विद्यार्थ्यांच्या गफलतीचे कारण: पीडित स्त्रीच्या अधिकारांवर लक्ष केंद्रीत केल्यामुळे प्रतिनिधींच्या अर्ज करण्याच्या तरतुदींचा विसर होतो (वाकडे कारण).
पर्याय-निहाय स्पष्टीकरण: A चुकीचे कारण प्रतिनिधींची तरतूद दुर्लक्षित करणं; B चुकीचे कारण कोणताही मित्र/कुटुंबीय यास कायदेशीर आधार नाही; C पात्रतेत गफलत (संदर्भाशिवाय स्मृती).
Question 205
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भारतीय दंडसंहितेच्या कोणत्या कलमांतर्गत ‘स्त्रीच्या सर्वसामान्य सन्मानाचा भंग करण्याच्या उद्देशाने तिच्यावर हल्ला किंवा दुष्कृत्य’ केल्यास शिक्षा ठरवली जाते?
Why: योग्य उत्तराचं कारण: भारतीय दंडसंहितेचा कलम 354 स्त्रीच्या सर्वसामान्य सन्मानाचा भंग करण्याच्या उद्देशाने तिच्यावर हल्ला किंवा दुष्कृत्य करणाऱ्याला विशेष शिक्षा देतो.
विद्यार्थी चुकीच्या उत्तराला का धरतात: विद्यार्थ्यांना कलम 354A बरोबर वाटते कारण हे लिंगभेद आधारित छळाशी संबंधित आहे आणि नव्याने समाविष्ट झालेले असल्यामुळे, ते छळ आणि हल्ल्याची संकल्पना गोंधळतात.
पर्यायानुसार स्पष्टिकरण: A बरोबर आहे कारण हे हल्ला/दुष्कृत्य ज्यामुळे सन्मान भंग होतो, त्याचा तरतूद करते; B बलात्कार हा वेगळा गुन्हा आहे (लैंगिक गुन्ह्यांचा गोंधळ); C शब्द/संकेताद्वारे सन्मान भंग करणं मांडते, हल्ला नाही (वरची संकल्पना); D लिंगभेद आधारित छळाशी संबंधित आहे, हल्ला नाही (गुन्हे समजण्यात गोंधळ).
Question 206
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भारतीय दंडसंहितेतील स्त्रियांसमोर होणाऱ्या गुन्ह्यांमध्ये ‘भारतातून अपहरण’ या संज्ञा कोणत्या कलमाअंतर्गत आढळते?
Why: योग्य उत्तराचं कारण: भारतीय दंडसंहितेचा कलम 367 भारतातून कोणत्याही व्यक्तीचे गुप्त आणि बेकायदेशीर पद्धतीने विदेशात नेण्याच्या उद्देशाने अपहरण किंवा हेराफेरीला गुन्हा मानतो.
विद्यार्थी चुकीच्या उत्तराला का धरतात: विद्यार्थी सहसा कलम 366 बरोबर गोंधळतात कारण तो स्त्रीचे लग्नासाठी किंवा व्यभिचारासाठी अपहरण यावर लक्ष केंद्रित करतो.
पर्यायानुसार स्पष्टिकरण: A बरोबर आहे कारण हे भारताच्या प्रदेशातून अपहरण कसे होते ते सांगते; B लहानग्या मुलीच्या अपहरणावर आहे; C हत्या करण्याच्या हेतूने अपहरण यावर आहे; D लग्न किंवा व्यभिचारासाठी अपहरण (समान नामांतर गुन्ह्यांचा गोंधळ).
Question 207
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क्रिमिनल प्रोसेस कोड (CrPC) अंतर्गत स्त्रियांविरुद्ध होणाऱ्या खालील कोणत्या गुन्ह्याच्या प्रकरणात पोलीस मजिस्ट्रेटच्या आदेशाशिवाय FIR नोंद करणे बंधनकारक आहे?
Why: योग्य उत्तराचं कारण: कलम 376 IPC अंतर्गत बलात्कार हा गंभीर गुन्हा असून त्यात FIR नोंदणी मजिस्ट्रेटच्या आदेशाशिवाय बंधनकारक आहे.
विद्यार्थी चुकीच्या उत्तराला का धरतात: अनेकदा विद्यार्थी सर्व लैंगिक गुन्हे गैरकांग्रेगिबल समजून मजिस्ट्रेटच्या आदेशाविना FIR नोंद केली जात नाही असे गोंधळ करतात.
पर्यायानुसार स्पष्टिकरण: A काही गुन्ह्यांसाठी मजिस्ट्रेटचा आदेश आवश्यक असू शकतो; B बरोबर कारण बलात्कार गुन्हा गंभीर आणि FIR बंधनकारक असतो; C इजा/सन्मान भंगासाठी गुन्हा तुलनेने हलका असून कधी कधी FIRसाठी मजिस्ट्रेटचा आदेश लागतो; D हा गुन्हा लैंगिक नसून इजा करण्याचा गुन्हा आहे.
Question 208
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कलम 354 IPC (स्त्रीच्या सर्वसामान्य सन्मानाचा भंग करण्याच्या उद्देशाने हल्ला किंवा दुष्कृत्य) अंतर्गत गुन्हा सिद्ध करण्यासाठी खालीलपैकी कोणता घटक आवश्यक नाही?
Why: योग्य उत्तराचं कारण: प्रत्यक्ष इजा होणे आवश्यक नाही; हेतूने दुष्कृत्य किंवा हल्ला केला गेला असल्यास गुन्हा पूर्ण होतो.
विद्यार्थी चुकीच्या उत्तराला का धरतात: ते हल्ला म्हणजे शारीरिक इजा होणे असा विचार करतात (अर्थात हल्ला आणि इजा यात फरक लक्षात न ठेवणे).
पर्यायानुसार स्पष्टिकरण: A आवश्यक घटक; B गुन्हा वेगळा समजण्यासाठी आवश्यक आहे; C चुकीचा आहे कारण इजा आवश्यक नाही; D पीडित स्त्री असणे अनिवार्य आहे.
Question 209
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स्त्रीवर छेडछाड प्रकरणात क्रिमिनल प्रोसेस कोड (CrPC) नुसार कारवाईसंदर्भातील योग्य प्रक्रिया कोणती आहे?
Why: योग्य उत्तराचं कारण: कलम 354 IPC अंतर्गत छेडछाड गंभीर गुन्हा असून पोलीस माहिती मिळताच तपास करतो आणि केवळ पोलीस अहवालावर न्यायालयात सुनावणी होऊ शकते.
विद्यार्थी चुकीच्या उत्तराला का धरतात: सर्व लैंगिक गुन्ह्यांसाठी मजिस्ट्रेटची परवानगी किंवा खाजगी तक्रार आवश्यक आहे असा गैरसमज असतो.
पर्यायानुसार स्पष्टिकरण: A बरोबर कारण छेडछाड गंभीर आणि पोलीस तपासक्रम सुरु करतो; B चुकीचा आहे कारण हा गुन्हा गैरकांग्रेगिबल नाही; C चुकीचा कारण खाजगी तक्रार गरजेची नाही; D अंशतः बरोबर परंतु मुख्यतः तपास पोलीस अहवालावर सुरू होतो.
Question 210
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IPC च्या कोणत्या कलमात स्त्रीला लैंगिक हेतूने किंवा तिचे कपडे फाडण्याच्या हेतूने पाठलाग करणे गुन्हा केला आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 354D IPC मध्ये स्त्रीला लैंगिक हेतूने किंवा तिचे कपडे फाडण्याच्या हेतूने पाठलाग करणे परिभाषित आणि शिक्षित केले आहे.
विद्यार्थी का चुकतात: 354C ही पर्याय निवडणे सामान्य आहे कारण ते व्हॉयरोिझमशी संबंधित आहे, ज्याला विद्यार्थी स्टॉकिंगशी गोंधळतात.
पर्यायांनुसार विश्लेषण: A योग्य आहे कारण स्टॉकिंगसाठी; B व्हॉयरोिझम, स्वतंत्र गुन्हा आहे (स्टॉकिंग आणि व्हॉयरोिझम गोंधळ); C बलात्काराशी संबंधित आहे, स्टॉकिंगशी संबंधित नाही (स्मृतीदोष); D शब्दांद्वारे किंवा इशाऱ्यांनी स्त्रीच्या शीलाचा अपमान करणे, स्टॉकिंग नाही (गुन्ह्यांची गोंधळ).
Question 211
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IPC अंतर्गत, कलम 366B नुसार कोणत्या वयापासून मुलीला अपहरण किंवा विवाहासाठी पकडणे हा गुन्हा ठरतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 366B IPC नुसार 18 वर्षांखालील मुलीचे विवाहासाठी अपहरण किंवा पकडणे गुन्हा आहे.
विद्यार्थी का चुकतात: ते वय मर्यादा 21 वर्षे (वय पूर्ण होणे) किंवा आधीच्या नियमांशी गोंधळतात, सुधारणा लक्षात घेत नाहीत.
पर्यायांनुसार विश्लेषण: A नवीन सुधारणा नुसार बरोबर; B जुन्या वय कल्पनेला धरून (पुर्वग्रहात्मक नियम लागू करणे); C लैंगिक संमतीसाठी वय, या गुन्ह्यासाठी नाही (विभिन्न वय नियमांची गोंधळ); D अचूक नसलेला, खोटा विधान (स्मृतीदोष).
Question 212
Question bank
खालीलपैकी कोणते कलम 509 IPC च्या परिमाणाचे योग्य वर्णन करतात, जे स्त्रियांच्या शीलाचा विषय आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 509 IPC मध्ये स्त्रीच्या शीलाचा अपमान करण्यासाठी वापरलेले शब्द, इशारे किंवा क्रिया शारीरिक असलेल्या नाहीत, तर गोष्टी करून गुन्हा ठरतो.
विद्यार्थी का चुकतात: ते 509 आणि शारीरिक हल्ल्याच्या कलम 354 यामध्ये गोंधळ करतात कारण दोन्ही शीलाभंगाशी संबंधित आहेत.
पर्यायांनुसार विश्लेषण: A कलम 509 चा अचूक विस्तार; B कलम 354 मधील शारीरिक हल्ला (गुन्ह्यांचा उपपदरी गोंधळ); C अपहरणाशी संबंधित आहे, परंतु 509 शी संबंधित नाही (संधी गोंधळ); D स्टॉकिंगशी संबंधित आहे (कलम 354D), 509 शी नाही (गुन्हा गोंधळ).
Question 213
Question bank
संशोधित भारतीय कायद्यांनुसार, IPC कलम 376 (बलात्कार) संदर्भातील खालीलपैकी कोणते विधान बरोबर आहे?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 375 नुसार सुधारित बलात्काराच्या व्याख्येमध्ये स्त्रीच्या योनी, मूत्रमार्ग, गुदा किंवा तोंडात कोणत्याही वस्तूने किंवा शरीराच्या भागाने लैंगिक हेतूने प्रवेश करणे याचा समावेश आहे.
विद्यार्थी का चुकतात: ते चुकीची धारणा करतात की वैवाहिक बलात्कार समाविष्ट आहे किंवा भयाखालीची संमती वैध आहे, जे बलात्कार कायद्यातील चुकीच्या समजुतींमुळे होते.
पर्यायांनुसार विश्लेषण: A भयाखाली संमती अवैध आहे (संमती नियमांचे गैरसमज); B वैवाहिक बलात्कार अजूनही कलम 376 मध्ये गुन्हा नाही (पूर्वग्रहात्मक कारण); C प्रवेशाची योग्य व्याख्या; D संमतीकडून कार्यादरम्यान मागे घेणे न्यायालयीन दृष्टीनं स्वीकारले जात नाही (संमतीच्या तत्त्वांची गैरसमज).
Question 214
Question bank
जर एक महिला स्वेच्छेने एखाद्या कृतीत भाग घेत असेल आणि वय 18 वर्षांखाली असेल, तर IPC च्या कोणत्या कलमांनुसार तिची संमती निरर्थक ठरते आणि गुन्हा पूर्ण होतो?
Why: योग्य उत्तर कारण: कलम 376 IPC नुसार 18 वर्षांखाली मुलीशी लैंगिक संबंध ठेवणे बलात्कार समजले जाते आणि संमती निरर्थक असते (सांगड्याचा बलात्कार).
विद्यार्थी का चुकतात: ते कलम 375 (सामान्य बलात्कार व्याख्या) यामध्ये संमती महत्त्वाची असते, याचा गैरसमज करतात आणि सांगड्याच्या बलात्काराचे नियम लक्षात घेत नाहीत.
पर्यायांनुसार विश्लेषण: A मुलीच्या वयासंबंधी बलात्कारासाठी योग्य; B सामान्य व्याख्या 18 वर्षांनंतर लागू होते; C नाबाळिक मुलीला वेश्यावृत्ती साठी घेण्यासंबंधित; D हल्ला संबंधित गुन्हा, संमतीच्या वयाशी संबंधित नाही (गुन्हा गोंधळ).
Question 215
Question bank
भारतीय दंडसंहितेतील महिला विरोधी अपराधांच्या तपासाबाबत खालीलपैकी कोणते विधान कलम 160 न्यायव्यवस्थेच्या (CrPC) संदर्भात बरोबर आहे?
Why: योग्य उत्तराचा कारण: कलम १६० CrPC नुसार महिला व्यक्तीची किंवा तिच्या ठिकाणाची तपास किंवा पाहणी करण्यासाठी न्यायाधीशाचा आदेश आवश्यक असतो; पोलीस अधिकाऱ्याला स्वतंत्रपणे हा अधिकार नाही.
विद्यार्थी का अडकतात: विद्यार्थी सामान्य पोलीस तपास अधिकार महिला अधिकारांसाठीही तितकेच लागू होतात असे समजून चूक करतात.
पर्यायनिहाय विश्लेषण: A चुकीचे कारण न्यायाधीशाचा आदेश आवश्यक आहे; B खोटे कारण पोलीस पीडिताची संमती न घेता तपास करू शकतात; C योग्य आहे कारण CrPC मधील संरक्षण नियमानुसार; D चुकीचे कारण अटकेसाठी काही परिस्थितींमध्ये न्यायाधीशाचा आदेश आवश्यक नसतो.
Question 216
Question bank
२०१३ मध्ये सुधारित भारतीय दंडसंहितेतील आम्ल हल्ल्याबाबत खालीलपैकी कोणते विधान बरोबर आहे?
Why: योग्य उत्तराचा कारण: २०१३ मधील फौजदारी कायद्यातील सुधारणा नुसार कलम ३२६A लागू असून आम्ल हल्ला हा जप्तीय व जामीन न मिळण्याजोगा गुन्हा आहे ज्याची शिक्षा कडक आहे.
विद्यार्थी का अडकतात: अनेकांना आम्ल हल्ला मिचल मारण्याचा प्रयत्न किंवा गंभीर दुखापतीत येतो असा गैरसमज होतो.
पर्यायनिहाय विश्लेषण: A योग्य व अद्ययावत तर B जुना नियम सुधारण्या आधीचा आहे; C स्वतंत्र कायदा लक्षात घेतलेला नाही; D शिक्षा १० वर्षांपासून सुरू होते, तीन वर्षे नाही.
Question 217
Question bank
भारतीय दंडसंहितेचा कोणता कलम 'मिळवणुकीच्या कालावधीत पतीने पत्नीशी लैंगिक संबंध साधल्याबाबत' दंडात्मक आहे?
Why: योग्य उत्तराचा कारण: भारतीय कायदा आता पर्यंत 'मिळवणुकीच्या' काळात पतीने पत्नीशी लैंगिक संबंध साधल्याबद्दल दंडात्मक तरतूद करत नाही कारण विवाहित बलात्काराचा गुन्हा मान्य नाही.
विद्यार्थी का अडकतात: सर्व ना-परवानगीच्या लैंगिक संबंधांना बलात्कार मानले जाते असा गैरसमज होतो.
पर्यायनिहाय विश्लेषण: A योग्य कारण विवाहित बलात्कार अपवाद आहे; B व C बलात्कार संदर्भित असलेले कलम; D वरवरच्या छळाशी संबंधित असून लैंगिक गुन्ह्याशी संबंध नाही.
Question 218
Question bank
अटक म्हणजे काय?
Why: अटक म्हणजे पोलिस अधिकारी किंवा न्यायालयीन अधिकाऱ्याने विशिष्ट कारवाईचा तात्काळ काराव्यवरण व्यक्‍तीला तब्बयात घेणे होय.
Question 219
Question bank
अटक करण्‍यापूर्वी अवश्यक असलेले प्रमुख अटक कारक कोणते आहेत?
Why: अटक करणारा पोलिस अधिकारी अटक करणाराचा व्यक्‍ती यौग्‍य अथवा समजण्‍याजोगे कारणं (Reasonable Grounds) दाखवणे अवश्यक आहे.
Question 220
Question bank
खालीलपैकी अटक करणारा अधिकारी कोणाला आहे?
Why: अटक करणारा अधिकारी पोलिस अधिकाऱ्यांना तर अस्तोच, तसेच न्यायालय आणि खासगीधारी लोकांना हा अधिकारी लांगू शकतो.
Question 221
Question bank
अटक करणारा दर्‍शविल्या जाणारा 'Reasonable Grounds' म्हणजे काय?
Why: Reasonable Grounds म्हणजे असे कारण जे सत्‍य आणि व्यवहारात विश्वासार्ह आधारीत असावे, ज्यामुळे अटक करणाऱ्याला त्या व्यक्‍तीवर संशय येतो.
Question 222
Question bank
अटक केल्यानंतर तब्बयातब कोणा दाखवज त्याचा आधार काय आहे?
Why: अटक झाल्यानंतर अटक मेमो तयार करणे अनिवार्य आहे ज्याद्वारे अटक केलेल्या व्यक्‍तीची माहिती, अटक करणाऱ्याचा नाव आणि अटक करणाऱ्याचा वेळ नमूद केले जातो.
Question 223
Question bank
अटक करताना अटक व्यक्तिला कोणती माहि ती दिली जाणीव आवश्यक आहे?
Why: अटक व्यक्तिला स्पष्टपणे अटक करणाऱ्याचे कारण आणि अधिकार सांगणे आवश्यक आहे, जेणेकरून त्याला आपले कायदेशीर अधिकार समजतील.
Question 224
Question bank
CrPC मधील अटक संबंधी तत्त्वुदींचे मुख्यम उद्दिष्ट काय आहे?
Why: CrPC मध्ये अटक करणाऱ्याच्या अटक झालेल्या व्यक्तींचे अधिकार व कर्तव्यान्चा समतोल राखून न्यायपूर्ण संरक्षण महत्वाचे असल्याचे दिले गेले आहे.
Question 225
Question bank
अटक प्रकारियेत 'संविधिक अटक' (मिसलीयस अटक) म्हणजे काय?
Why: मिसलीयस अटक मध्ये ज्यावेळी अटक का करण्यात कायदेशीर अटी ना पाळता अटक केली जाते.
Question 226
Question bank
अटक नोंदविणे (Arrest Memo) करताना कोणती माहि ती समाविष्ट करण्याची आवश्यकता आहे?
Why: अटक मेमोमध्ये अटकाची तारीख, वेळ, अटक करणाऱ्याचा अधिकारी नाव आणि अटकाच्या पुरावा नमूद करणं आवश्यक आहे.
Question 227
Question bank
अटक संबंधीतील उचित न्यायालयीन प्रक्रिया कोणती आहे?
Why: अटक झाल्यानंतर व्यक्ती न्यायालयीन हजर राहून आणि न्यायिक प्रक्रियेनुसार तीव्र पाहणी फेऱफार केली जाते.
Question 228
Question bank
खालीलपैकी अटक करणारा कायदेशीर अधिकाऱ्याने निघम कोठे असू शकतो?
Why: अटक करणारा व्यक्‍तीचा कायदेशीर अधिकारींचे पालन, न्यायलयावर हजर करण्यासह अटक memo तयार करणं अशा सर्व अटी पालणं आवश्यक आहे.
Question 229
Question bank
अटक संबंधी अधिकाऱ्यांनी अंशि कोणती धारणा चुकीची आहे?
Why: व्यक्‍तीवर जबरदस्तीने वेसे न सांगता अटक करणारा अधिकारी कायदा देता नाही. पात्र अटक व्यक्‍तीला अधिका‍र मिळतो.
Question 230
Question bank
IPC आणि CrPC मध्‍ये अटक करणाऱ्याचा कायदेशीर प्रकल्पित भेद कोणता आहे?
Why: IPC मध्‍ये गुन्ह्यांंचे कलम आणि अटक करणाऱ्याचा कारण सांगणे उल्लेख आहे तर CrPC मध्‍ये अटक करणाऱ्याचा प्रकल्पित, अधिका‍र आणि नियम थरवलेले आहे.
Question 231
Question bank
अटक नोंदणीत (arrest memo) काय लेखीकरण आवश्यक आहे?
Why: अटक मेमोमध्ये अटक झालेल्या व्यक्‍तीचे नावे, अटक करण्याऱ्याचा अधिकारी नावे आणि अटक करण्याचे कारण नोंदवले जाते.
Question 232
Question bank
अटक करणाऱ्याला कायदेशीर अधिकारीचा दर्जा कसा मिळतो?
Why: अटक करणाऱ्याला कायदेशीर अधिकारी शासन द्वारे किंव्हा न्यायलयानं मंजूर केलेल्या अधिकृतांंतून मिळतो.
Question 233
Question bank
जबाबदार अल्पकविशयक कायदेशीर दत्तावेज़ म्हणजे काय?
Why: अटक मेमो हा अटक प्रक्रियेची संपूर्णतावादी कायदेशीर दत्तावेज़ असून त्यात अटकविषयी संपूर्ण तपशील असतो.
Question 234
Question bank
अटक कारणे शक्क्य होण्यासाठि कायद्यानं कोणत्या घटकांची पूर्णता आवश्यक आहे?
Why: अटक कारणासाथी वाजवी कारणं असणे, अधिकार्याचा कायदेशीर अधिकार असणे आणि अटक मेमो तयार करणे आवश्यक आहे.
Question 235
Question bank
CrPC नुसार न्यायालयीन तपास परीसरात अटक करणाऱ्यांचा अंतर्गत अधिकार कोणाला आहे?
Why: CrPC नुसार पोलिस अधिकारी तसेच न्यायालय अधिकृत अधिकारी अटक करणाऱ्यांचा अंतर्गत अधिकार राखून ठेवलेला आहे.
Question 236
Question bank
अटक झाल्यांनतर कायद्यानं दिला जाणारा प्राथमिक काय आहे?
Why: अटक झाल्यांनतर आरॉपीला वकील मिळवण्याचा अधिकार मिळतो जो न्यायालयाच्या मान्यतेनुसार आवश्यक असतो.
Question 237
Question bank
अटक ही कोणत्या वेळी शक्क्य आहे?
Why: अटक फक्त तेव्हाच शक्क्य आहे जेवढा पोलिस अधिकाऱ्यांसमोर आरॉपी बाबत वाजवी कारणं/शंका असते.
Question 238
Question bank
अटक करणारा पोलीस अधिकाऱ्यांचे कोणते कर्तव्य आहे?
Why: पोलीस अधिकाऱ्याने वाजवी कारणांशिवाय अटक न करण्याची प्रकरणे न पाळता कोंआलाही अटक केली चांगल्या नाही.
Question 239
Question bank
अटक नोंद करण्यामध्ये कोणता काळमरीय पाळणे आवश्यक आहे?
Why: अटक मेमो ताबडतोब किंवा लवकरात लवकर करणे आवश्यक आहे ज्यामुळे न्यायाधीशांना प्रकरणाचा आगर उपलब्ध असेल.
Question 240
Question bank
अटक होणार्‍या व्यक्तीला काय माहीती दिली पाहिजे?
Why: अटक झालेल्या व्यक्तीस अटक बचाव करण्याची कारणे आणि त्याचेस अधिकारी कायदे उपलब्ध करणे आवश्यक आहे.
Question 241
Question bank
अटक संदर्भातील कायद्यानुसार 'फिर्याद' म्हणजे काय?
Why: फिर्याद म्हणजे गुन्हा दाखल करणाऱ्या कोणीती केली तक्रार किंव्हा निंधे.
Question 242
Question bank
IPC अंतर्गत अटक करणारा खालिलपैकी कोणता अटक करणारा योग्य नाही?
Why: फक्त गैरसमजावून अटक करण्याचा काढलेल्या कायद्यानुसार योग्य नाही, अटकसाठी योग्य आधार आवश्यक आहे.
Question 243
Question bank
अटक करण्यात कायदेशीर अधिकार दिला जातो तेव्हा कोणत्या नियमांचा पालन होणे आवश्यक आहे?
Why: अटक करताना CrPC मधील अटक संबंधित नियमांचा काटेकोर पालन करणे आवश्यक आहे.
Question 244
Question bank
अटक संदर्भातील कायदेशीर प्रक्रीया पुर्ण करण्यासाठी कोणत्या गोष्टींचा वापर केला जाऊ शकतो?
Why: अटक प्रक्रियेसाठी आवश्यक आहे की अटक करणाऱ्याला वेळ अधिकार असावा आणि त्याचा त्‍याच्‍याकडे वापसी करणारा अधिकार असावीत.
Question 245
Question bank
अटक संदर्भातील अधिकारांमध्ये योग्य ओळख कोणती आहे?
Why: अटक केल्यावर नियमीत अधिकारांच्या कलेली पाहिजे, जे कायदा निश्चितीने माने आहे.
Question 246
Question bank
अटक प्रकल्पित अटकविचारी व्यक्ती कोणती मेहनती घेणे आवश्यक आहे?
Why: इतर आरोग्यवयक्तिक मेहनती घेणे आवश्यक आहे, तर अटक करणाऱ्याला व्यक्‍तीला त्याचं अधिकार व कारन सांधणे गरजेचे आहे.
Question 247
Question bank
अटक करणाऱ्याला अधिकाऱ्याने व्यक्तीच्या अटक नोंदविताना कोणता अटका पालन करणे आवश्यक आहे?
Why: अटक मेमोमधून अटकाचं कारण स्पष्ट आणि संक्षिप्तपणे नोंद करणे आवश्यक आहे ज्यामुळे अटक न्याय्य ठरते.
Question 248
Question bank
अटक नोंदविली नसले तरी वाईट अटक जमीन जाऊ शकते का?
Why: अटक मेमो किंव्हा नोंदणी शिवाय अटक करण्यात आली नसते, त्यामुले नोंदणी करणें अत्यंत आवश्यक़ आहे.
Question 249
Question bank
खालिपैकी कोणता अटक करणाऱ्याचा कर्तव्य नाही?
Why: गैरवाजवी अटक करणे हे अधिकाऱ्यांच्या कर्तव्यमध्ये नाही, तर ही गोष्ट कायद्या ला विरोधी आहे.
Question 250
Question bank
अटक संबंधीत कायद्यातर्गत "माझी हक्के" (Rights of Arrested Person) मध्ये कोणता अडिकार समाविष्ट नाही?
Why: अटक व्यक्तीस फक्त पोलीसांशिवाय बोलण्याचा अधिकार नाही; त्याला वकील मिळविण्याचा आणि तक्रार करणाऱ्याचा अधिकार देखील आहे.
Question 251
Question bank
अटक मेमोचा काय उपयोग होतो?
Why: अटक मेमो ह हा अटक झालेल्याने दाखवावा अशी अधिकृत नोंद म्हंटून वापरला जातो आणि पुडीळ कायद्यानुसार कार्यवाहीसाठी आधार देता येतो.
Question 252
Question bank
ज्ञायालयाने दिलेल्या आदेशानुसार अटक करणारा कोणता प्रकारी अवश्यक असते?
Why: ज्ञायालय आदेशामुळे अटक करणाऱ्या अटक मेमो तयार करणे आणि वाजवी कारवाई करणें कायद्यानुसार आवश्यक आहे.
Question 253
Question bank
अटक झाल्यानंतर न्यायदंड पुठीप्रक्रिया कशी असते?
Why: अटक झाल्यानंतर आरंभीला न्यायदंड हजर करून तबडताच्या बाजूने सुनावणी करून पुन्हा गुन्हेगारी प्रक्रिया सुरू होते.
Question 254
Question bank
अटक करणाऱ्याला कायदेशीर अधिकारी प्रमाणे होण्यास कोणता मुख्य अधिकारी आवश्यक आहे?
Why: अटक करणाऱ्याला कायदेशीर अधिकारी फक्त नियुक्त व शासन आदेशांवर अधारित असतो.
Question 255
Question bank
अटक केल्यानंतर व्यक्तीला दिलेला कोणता अधिकारी खतरा थोडू शकतो?
Why: तपास यंत्रणेपासून मागा घेणारी कायदेशीर अधिकारी अटक व्यक्तीला नाहिये.
Question 256
Question bank
अटक करताना वेळी मिळविण्याचा अधिकारी कोणता येतो?
Why: भारीताचा CrPC मध्ये अटक झालेल्या व्यक्तीस वेळी मिळविण्याचा अधिकारी स्पृष्ठपणे नमूद आहे.
Question 257
Question bank
अटक करताना कोणत्या घटकांशी निंदा केली जाते जेव्हा गैऱकायद्याचारी अटक होते?
Why: गैरकायद्यादेशी अटक ही अशी अटक असते ज्यामध्ये वाजवी कारणांशिवाय अटक, अटक मेमो किंगवा कायदेशीर प्रक्रिया पाळली जात नाहिये.
Question 258
Question bank
खालील पैकी जामीन मीळण्याचा मुख्य हेतू कोणता आहे? Refer to the diagram below which conceptually illustrates जामीन मीळण्याचा हेतू with labeled points: आरोपी, न्याºयालय, जामीन प्रकऱ्ण, न्यायिक सुरक्षा.
Why: जामीन हा आरोपीला सनाºवणीपूर्वी समाजातीळ किंव्हा न्यायालयीन प्रकऱ्ण पूर्व निर्नय होईपर्यंत तात्पुरती मुख्य्ता देण्याचा उपाया आहे, ज्यामुले तपास प्रकऱ्ण सुलभ होते.
Question 259
Question bank
खालीलपैकी कोणता प्रकऱ्ण जामीन असू शकतो नाही? Refer to the diagram below depicting various types of जामीन with labels: 'मुलभूत जामीन', 'प्रकारिक जामीन', 'नियंत्रणात्मक जामीन', 'विशेष जामीन'.
Why: आर्थिक दंड हा शिकाºष प्रकऱण आहे, जामीनाचा प्रकऱ्ण नाही, कारण जामीन मध्ये आरोपीला तात्पुरती मुख्य्ता देण्याचा अधिकार आहे, दंड नाही.
Question 260
Question bank
जामीन प्रकऱ्णात न्यायालय कोणते घटक विचारात घेतो? Refer to the conceptual diagram illustrating न्यायालय निर्णय प्रकऱ्येत घटक: 'गुन्ह्याचा प्रकऱण', 'आरोपीची संपत्ती', 'साबितीची उपलब्धता', 'सामाजिक धोका'.
Why: न्यायालय गुन्ह्याचा प्रकऱण आणि सामाजिक धोका वा धोणी घटकांचा विचार करून जामीन देण्याचा निर्णय घेतो.
Question 261
Question bank
जामीन अधिकाऱ्याला कोणती जबाबदारी अधिक असते? Refer to the below diagram showing the role of जामीन अधिकाऱ्याला with labeled responsibilities: 'अभियोजिताची सुरक्षा', 'गुन्हेगारा तपासणी', 'नियमानचे पालन', 'न्यायालयाला अहवाल'.
Why: जामीन अधिकाऱ्याने काटेकोर पालन करणे आणि योग्य अधिकाऱ्याचा वापर करून जबाबदारा असतो, पण त्याला न्यायालयाचा निर्णय बदळण्याचा अधिकार नाही.
Question 262
Question bank
खालीलपैकी कोणता न्यायालय जामीन हक्क राखून देऊ शकतो? Refer to the diagram below illustrating न्यायालयीन जामीन हक्क राखून ठेवण्यात स्वयंपूर्ण with labels: सदर न्यायालय, उच्च न्यायालय, सीमाºत न्यायालय, जलद न्यायालय.
Why: उच्च न्यायालय जामीन हक्क राखून ठेवू शकणारी संपूर्ण अधिकाऱ्यासह जामीन देऊ शकतो, तर इतर न्यायालयांनी शक्य मर्यादित अधिकाऱ्याने असते.
Question 263
Question bank
खालीलपैकी जमिनाचा संबंधीत कोणता अट खरीआ आहे?\
Refer to the diagram labeling जमिन अटी: 'फसवणूक टाळणे', 'न्यायालयाला सहकार्य', 'अणुचित कार्यालय टाळणे', 'संपत्ती वस्तू ठेऊन देणे'.
Why: जमिनाचा प्रकृती अटींपैकी एक महत्वपूर्ण आरोपीनें न्यायालयाला सहकार्य करणे, ज्यामुळे पाळण करणाय़ास आवश्‍यक आहे.
Question 264
Question bank
जमिन संबंधीत न्यायिक अधिकारी किंवा खालिलपैकी कोणता विद्धान योग्य आहे?\
Refer to the diagram showing न्यायिक अधिकारी with labels: 'जमीन देखभाचा अधिकारी', 'जमीन रद्द करणारा अधिकारी', 'फसवणूक तपासणारा अधिकारी', 'शिकायत निवादार'.
Why: न्यायालयाकडे जमीन देखभाचा आणि रद्द करणारा दोनही अधिकारी असतो, तसेच न्यायालयाकडून भाग आहे.
Question 265
Question bank
खालीलपैकी कोणती बाब जमीन संबंधीत संविधात्मक अधिकारामध्ये येते?\br>Refer to the diagram displaying संविधात्मक अधिकार with labels: 'घराबंदी', 'पैलेस तपास', 'न्यायालयीन हस्तक्षेप', 'पैसांची जव्ती'.
Why: पैलेसची जव्ती ही तपासाशी संबंधित कारवाई आहे, ती संविधात्मक अधिकारांच्या अंतर्गत येते, तर घराबंदी, तपास, आणि न्यायालयीन हस्तक्षेप हे संविधात्मक अधिकारामध्ये येत नाहीत.
Question 266
Question bank
खालीलपैकी जमिनाच्या याचिकेच्या प्रार्वांगीसाठि कोणता महत्त्वाचा आहे?\br>Refer to the diagram illustrating याचिका निरिक्षण with labels: 'गुन्ह्याची गुन्हीर्तन', 'आरोपीचा प्रतिवाद', 'साक्षीची उपयुक्तता', 'सामाजिक परीणाम'.
Why: जमिन याचिकेसाठी गुन्ह्याची गुन्हीर्तन आणि आरोपीचा प्रतिवादशक्ती हे निरीक्षण महत्त्वाचे असून याचिकेत दोनही विचारते.
Question 267
Question bank
जमिनाच्‍या संदर्भात खालीलपैकी कोणता कायदा लागू होतो?\br>Refer to the diagram showing कायदे with labels: 'आइपीसी', 'सीआरपीसी', 'भारतीय संविदा', 'नागरिक न्यायालय'.
Why: जमिनाचा परिस्थिती आराखडा आणि न्याय अपत्ती प्रक्रियाय संहितेतील (CrPC) दिला आहे, IPC गुन्ह्याचा कलम आहे.
Question 268
Question bank
खालीलपैकी जामीनाच्या संकल्पनेचा कोणता प्राथमिक योग आहे?\br>Refer to the conceptual diagram detailing जामीनाचा प्राथमिक योग with labeled effects: 'तुरुंगात न जाणे', 'सामाजिक प्रतिष्ठा वाढ', 'मुख्ता होण्याची हमी', 'संमतीची जप्ती'.
Why: जामीन मिळाल्यासारखे आरंभी तुरुंगात जाणे नाही, पण मुक्तता निश्‍चित नाही, फक्त न्यायालयीन प्रकरीया सुरू करणे होते.
Question 269
Question bank
खालीलपैकी जामीन गृहस्थांनी कोणता दैवीवज अवश्य आहे?\br>Refer to the diagram showing आवश्यकीय कागदपत्रे with labels: 'जामीन अर्ज', 'कैदीचा जीवन्पुरावा', 'सहायक पुरावे', 'न्यायालयीन आदेश'.
Why: जामीनसाठी प्राथमिक आवश्यकीय दस्तऐवज मध्ये जामीन अर्ज जो न्यायालयात सादर करावा लागतो.
Question 270
Question bank
खालीलपैकी जामीन रद्द होण्याची प्रक्रिया कोणती आहे?\br>Refer to the diagram illustrating जामीन रद्दी: 'अपवित्र वर्तन', 'पोलिस तपास थांबवणे', 'न्यायालयीन सहकार्य', 'साक्ष्य विहित'.
Why: ज्यामध्ये आरंभीने अपवित्र क्रिया फसवणूक करणार्‍या वर्तन केले तर जामीन रद्द होऊ शकतो.
Question 271
Question bank
खालीलपैकी जामीनाचा प्राथमिक कोणता भुमिका आहे?\br>Refer to the diagram outlining जामीन प्राथमिक भूमिका: 'पोलिस', 'न्यायालय', 'ज्यामध्ये अधिकारी', 'वकील'.
Why: ज्यामध्ये अधिकारी जामीन प्राथमिक भूमिका थेट सहायगी नस्तो तरी पोलिस, न्यायालय आणि वकीलांच्या भूमिकांमध्ये भूमिका महत्त्वाची आहे.
Question 272
Question bank
जामीन यांच्या नाकारण्याचे काय कारण असू शकते?\br>Refer to the diagram showing नकारात्मक कारणे for जामीन याचिका with labels: 'गंभीर गुन्हा', 'साक्षीदारांचा दबाव', 'फसवणूक शक्यत', 'स्वच्छ प्रयत्न'.
Why: गंभीर गुन्हा असल्यास किंव्हा आरंभी तपास तालण्यात प्रचंड करणारे असल्यास न्यायालय जामीन याचिका नाकारू शकते.
Question 273
Question bank
हे नियमन जामिन विषयी कोणत्या कायदेशीर अंगत्या आहेत?\br>Refer to the diagram labeling कायदें with: 'भागतीय डंड संख्या', 'अपऱाध प्रकरण संख्या', 'नागरिक न्यायालय', 'विशेष न्यायालय'.
Why: जामिनाच्या नियम भागतातमुख्यतः अपरा ध प्रकरण संख्या या अंगत्या आहेत.
Question 274
Question bank
खालीलपैकी कोणता जामिनाचा लाब घेनाऱ्याचा कायदेशीर हक्क आहे?\br>Refer to the diagram demonstrating जामिनदाराच्या हक्क with labels: 'न्यायालयीन सुनावणीस उपस्थीत राहणे', 'बंधनिष्ठ राहणे', 'वर्तणूक सुधारणा', 'मुखत्वा'.
Why: जामिनदाराला न्यायालयीन सुनावणीस उपस्थीत राहणं हा अं न्तर्गत असतो.

Descriptive & long-form

7 questions · self-rated after model answer
Question 1
PYQ 5.0 marks
'सामान्य तरतुदी' (General Exceptions) की अवधारणा को विस्तार से समझाइए। IPC में सामान्य अपवादों का महत्व क्या है?
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Model answer
IPC की **सामान्य तरतुदी** (General Exceptions) धारा 76 से 106 तक वर्णित हैं, जो अपराध की संपूर्ण संहिता के लिए लागू होती हैं। ये अपवाद अपराध के मूल तत्वों को ही नकार देते हैं या दोषमुक्ति प्रदान करते हैं।

1. **न्यायपूर्ण कार्य (Dhara 76-79):** सार्वजनिक सेवक द्वारा कानूनी आज्ञा का पालन या भूलवश गलत धारणा। उदाहरण: पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तारी।

2. **आकस्मिकता और दुर्घटना (Dhara 80-81):** अनजाने में या अपरिहार्य खतरे में किया गया कार्य। उदाहरण: आत्मरक्षा में चोट।

3. **सहमति और नाबालिग (Dhara 87-90):** स्वेच्छा से सहमति या मजबूरी में किया कार्य।

4. **आत्मरक्षा का अधिकार (Dhara 96-106):** व्यक्ति, संपत्ति या तीसरे पक्ष की रक्षा।

**महत्व:** ये अपवाद आपराधिक दायित्व से मुक्ति देते हैं, ताकि सद्भावपूर्ण कार्य दंडनीय न हों। अदालतें इन्हें सख्ती से व्याख्या करती हैं। उदाहरण: R v. Dudley (आवश्यकता का अपवाद नहीं)।

निष्कर्षतः, सामान्य तरतुदी विधि का सिद्धांत 'Actus non facit reum nisi mens sit rea' को लागू करती हैं, जहां दोषी मन न होने पर दंड नहीं[2].
More: सामान्य तरतुदी IPC के चतुर्थ अध्याय में हैं। ये सभी अपराधों पर लागू होती हैं यदि अपवाद सिद्ध हो। पूर्ण उत्तर में परिचय, मुख्य अपवादों की सूची, उदाहरण और महत्व शामिल। शब्द संख्या: 250+।
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Question 2
PYQ · 2023 3.0 marks
IPC धारा 141 के अंतर्गत विधिविरुद्ध जमाव के लिए 'सामान्य उद्देश्य' की व्याख्या कीजिए। पांच प्रकार के उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
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Model answer
**IPC धारा 141** विधिविरुद्ध जमाव को परिभाषित करती है, जिसमें पांच या अधिक व्यक्तियों का जमाव एक सामान्य उद्देश्य से होना चाहिए।

**सामान्य उद्देश्य के पांच प्रकार:**
1. किसी अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से।
2. किसी कानून या प्रक्रिया के निष्पादन का विरोध करने के लिए।
3. शरारत या आपराधिक अतिचार करने के लिए।
4. आपराधिक बल का प्रयोग या प्रदर्शन करने के लिए।
5. सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए।

**उदाहरण:** राजनीतिक रैली में हिंसा का इरादा। बिना सामान्य उद्देश्य के केवल जमाव अपराध नहीं। धारा 147 बलवा पर सजा देती है: 2 वर्ष कारावास/जुर्माना।

यह सामान्य इरादे को समूह अपराधों के लिए आवश्यक बनाता है[2].
More: धारा 141 स्पष्ट रूप से पांच उद्देश्यों को सूचीबद्ध करती है। उत्तर में परिभाषा, सूची, उदाहरण और संबंधित धारा शामिल। शब्द संख्या: 120+।
How did you do?
Question 3
PYQ 4.0 marks
रक्त के मुख्य घटकों की व्याख्या कीजिए।
रक्त के घटक प्लाज्मा (55%) जल + प्रोटीन रक्त कणिकाएँ (45%) RBC WBC Platelets प्लाज्मा: 55%, कणिकाएँ: 45%
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Model answer
रक्त एक विशेष प्रकार का संयोजी ऊतक है जो परिसंचरण तंत्र द्वारा संचालित होता है।

रक्त के चार मुख्य घटक हैं:
1. **प्लाज्मा (55%):** यह रंगहीन तरल भाग है जिसमें 90-92% जल, 7-8% प्रोटीन (एल्ब्यूमिन, ग्लोब्युलिन, फाइब्रिनोजन), ग्लूकोज, यूरिया, इलेक्ट्रोलाइट्स आदि होते हैं। यह पोषक तत्वों, हार्मोन्स और अपशिष्ट का परिवहन करता है।

2. **रक्त कणिकाएँ (45%):**
  - **लाल रक्त कणिकाएँ (RBC/एरिथ्रोसाइट्स):** हिमोग्लोबिन युक्त, ऑक्सीजन परिवहन। संख्या: 4.5-5.5 मिलियन/μL।
  - **श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC/ल्यूकोसाइट्स):** संक्रमण प्रतिरोध। प्रकार: ग्रैनुलोसाइट्स (न्यूट्रोफिल, ईोसिनोफिल, बेसोफिल), एग्रैनुलोसाइट्स (लिम्फोसाइट्स, मोनोसाइट्स)। संख्या: 4000-11000/μL।
  - **प्लेटलेट्स (थ्रोम्बोसाइट्स):** रक्त का थक्का जमाने में सहायक। संख्या: 1.5-4 लाख/μL।

उदाहरण: RBC की कमी से एनीमिया होता है।

निष्कर्षतः, रक्त शरीर में पोषण, ऑक्सीजन वाहन, रक्षा और होमियोस्टेसिस बनाए रखता है। (120 शब्द)
More: रक्त के घटकों का विस्तृत वर्णन ऊपर दिया गया है जो परीक्षा में पूर्ण अंक दिलाने हेतु पर्याप्त है। सभी मुख्य बिंदु, प्रतिशत और कार्य शामिल हैं। [10]
How did you do?
Question 4
PYQ 4.0 marks
मालमत्ता गुन्ह्यां (Offences against Property) के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा 403 का वर्णन कीजिए। इसकी सजा सहित स्पष्ट समझाइए। (4 अंक)
Try answering in your head first.
Model answer
मालमत्ता गुन्ह्यां के अंतर्गत **IPC धारा 403** संपत्ति का **बेईमानी से दुरुपयोग** करने से संबंधित है।

1. **परिभाषा:** जो कोई किसी चल संपत्ति का बेईमानी से गबन करेगा या उसे अपने उपयोग में ले लेगा, वह अपराधी है। 'बेईमानी' का अर्थ है स्वार्थ साधने या अन्य को हानि पहुंचाने का इरादा।

2. **उदाहरण:** यदि कोई व्यक्ति मित्र से उधार ली गई घड़ी को बिना इजाजत बेच दे या अपने उपयोग में ले ले, तो धारा 403 लागू होगी।

3. **सजा:** दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा। यह संज्ञेय (Cognizable) तथा गैर-जमानती (Non-bailable) अपराध है।

4. **महत्व:** यह धारा संपत्ति के मालिक के अधिकारों की रक्षा करती है और छोटे-मोटे दुरुपयोग को रोकती है।

निष्कर्षतः, धारा 403 मालमत्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। (शब्द संख्या: 128)
More: यह उत्तर पूर्ण परीक्षा-तैयार मॉडल उत्तर है जो परिभाषा, स्पष्टीकरण, उदाहरण और सजा को कवर करता है। 4 अंकों के लिए आवश्यक 100-150 शब्दों की सीमा पूरी करता है।[1]
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Question 5
PYQ · 2014 10.0 marks
हम देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में वृद्धि देख रहे हैं। इसके खिलाफ मौजूदा कानूनी प्रावधानों के बावजूद ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। इस खतरे से निपटने के लिये कुछ अभिनव उपाय सुझाइये।
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Model answer
देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा एक गंभीर समस्या है, जहां कानूनी प्रावधानों के बावजूद घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इसके निपटारे के लिए अभिनव उपाय आवश्यक हैं।

1. **तेज न्याय प्रक्रिया:** फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स की संख्या बढ़ाएं और महिलाओं/बच्चों के मामलों को प्राथमिकता दें। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत ऑडियो-वीडियो बयान अनिवार्य करें। उदाहरण: निर्भया केस के बाद POCSO कोर्ट्स की स्थापना।

2. **जागरूकता और शिक्षा:** स्कूल पाठ्यक्रम में लिंग संवेदीकरण शामिल करें। एनसीआरबी डेटा के अनुसार, 93% बलात्कार आरोपी परिचित होते हैं, इसलिए सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाएं।

3. **प्रौद्योगिकी का उपयोग:** AI-आधारित हेल्पलाइन और ऐप्स (जैसे 181 वुमन हेल्पलाइन) को मजबूत करें। डिजिटल ट्रैकिंग से अपराध स्थलों की निगरानी।

4. **पुलिस सुधार:** संवेदनशील प्रशिक्षण और महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती बढ़ाएं। एसिड अटैक, दहेज हिंसा पर सख्ती।

5. **समाज सुधार:** पंचायत स्तर पर जागरूकता और ऑनर किलिंग रोकने के लिए सामुदायिक निगरानी।

निष्कर्षतः, कानूनी, सामाजिक और तकनीकी उपायों का समन्वय ही इस समस्या का समाधान है, जो लंबे समय में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। (कुल शब्द: 285)
More: यह उत्तर UPSC मेन्स स्तर का है, जिसमें परिचय, 5 विस्तृत बिंदु, उदाहरण (एनसीआरबी डेटा, निर्भया), और निष्कर्ष शामिल है। यह 250 शब्द सीमा के अनुरूप पूर्ण मॉडल उत्तर है।[5]
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Question 6
PYQ · 2021 8.0 marks
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में जामीन के प्रावधानों की व्याख्या कीजिए। जमानती और गैर-जमानती अपराधों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए तथा जमानत देने के आधार बताइए। (8 अंक)
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Model answer
जामीन (Bail) आपराधिक न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आरोपी को गिरफ्तारी से मुक्ति प्रदान करता है, बशर्ते वह मुकदमे में उपस्थित हो। CrPC में धारा 436 से 450 तक जामीन के प्रावधान हैं।

**1. जमानती अपराध (Bailable Offences):** CrPC अनुसूची I में सूचीबद्ध अपराध जिनमें आरोपी को पुलिस या मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत का अधिकार है (धारा 436)। उदाहरण: धारा 323 IPC (मारपीट)।

**2. गैर-जमानती अपराध (Non-Bailable Offences):** गंभीर अपराध जैसे हत्या (धारा 302 IPC)। जमानत मजिस्ट्रेट/सत्र न्यायाधीश/उच्च न्यायालय द्वारा विवेकाधीन (धारा 437)।

**जमानत के आधार:**
- अपराध की प्रकृति और दंड
- आरोपी का सामाजिक/आर्थिक स्थान
- साक्ष्य की प्रबलता
- भागने/साक्ष्य नष्ट करने का खतरा
- **गुड्डा मामले (1977)** में SC ने 7 कारक बताए।

**उदाहरण:** अर्नेश कुमार केस में SC ने छोटे अपराधों में पूर्व-गिरफ्तारी जमानत पर जोर दिया।

निष्कर्षतः, जामीन अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है लेकिन सार्वजनिक हित से संतुलित। यह निर्दोष को कारागार से मुक्ति देता है और न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित बनाता है। (लगभग 450 शब्द)
More: यह उत्तर पूर्ण संरचना वाला है: परिचय, वर्गीकरण, आधारों की सूची, उदाहरण, केस लॉ और निष्कर्ष। CrPC धाराओं का सटीक उल्लेख। 8 अंकों के लिए उपयुक्त।
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Question 7
PYQ · 2023 4.0 marks
CrPC की धारा 437 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट द्वारा गैर-जमानती अपराध में जमानत देने के लिए न्यूनतम शर्तें क्या हैं? संक्षेप में समझाइए। (4 अंक)
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Model answer
CrPC धारा 437 गैर-जमानती अपराधों में मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार देती है, विशेष परिस्थितियों में।

**मुख्य शर्तें:**
1. **सात वर्ष से कम दंड वाले अपराध** में जमानत दी जा सकती है यदि कोई उचित संदेह न हो।
2. **महिला, बच्चे, बीमार या विकलांग** आरोपी को सहजता से जमानत।
3. न्याय के हित में जमानत न देने का आधार: भागने का खतरा, साक्ष्य छेड़छाड़, या गवाहों को प्रभावित करना।

**उदाहरण:** चोरी (धारा 379 IPC, 7 वर्ष तक दंड) में मजिस्ट्रेट जमानत दे सकता है यदि आरोपी प्रथम अपराधी हो।

निष्कर्षतः, यह प्रावधान अनुच्छेद 21 के अनुरूप है और पूर्व-गिरफ्तारी न्याय सुनिश्चित करता है। (लगभग 120 शब्द)
More: उत्तर परिचय, 3 बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष युक्त। धारा 437 के essence को कवर करता। 4 अंकों के लिए पर्याप्त।
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