गणित की मूलभूत इकाई संख्या है। संख्या पद्धति का अध्ययन संख्याओं के प्रकार, उनकी अभिव्यक्ति, स्थान मान, तथा उनके बीच क्रियाओं तक सीमित होता है। संख्या पद्धति का ज्ञान पूर्व न केवल गणितीय क्रियाओं को सरल बनाता है, बल्कि यह समस्त अंकगणितीय विषयों की नींव है।
संख्या की विभिन्न श्रेणियाँ हैं, जिन्हें समझना अत्यंत आवश्यक होता है क्योंकि सभी प्रश्न इनकी प्रकृति के आधार पर बनते हैं।
स्थान मान पद्धति (Place Value System) संख्या पद्धति की वह विधि है जिसमें किसी संख्या का मान केवल उसकी स्थिति से ज्ञात होता है। यह दसाधारी पद्धति (Base-10 System) पर आधारित है, जिसका अर्थ है प्रत्येक स्थान का मान दस का कोई घातांक होता है।
उदाहरण के लिए, संख्या 345 में:
इस प्रकार संख्या 345 को लिखा जा सकता है:
दशमलव संख्या वे संख्या होती हैं जिनमें दशमलव बिंदु के बाद के अंकों का भी महत्व होता है, जैसे 45.672। इसका प्रत्येक अंक दशमलव के बाद दस के नकारात्मक घातांक के स्थान पर स्थित होता है।
उदाहरण: 45.672 को व्यक्त करें
संख्या = \(40 + 5 + 0.6 + 0.07 + 0.002 = 45.672\)
| अंक | स्थान | स्थान मान |
|---|---|---|
| 4 | दस का घात 1 | 40 |
| 5 | दस का घात 0 | 5 |
| 6 | दस का घात -1 | 0.6 |
| 7 | दस का घात -2 | 0.07 |
| 2 | दस का घात -3 | 0.002 |
भिन्न संख्या दो संख्याओं के अनुपात को प्रदर्शित करती है, जहाँ एक संख्या को भागी (Numerator) और दूसरी को भाजक (Denominator) कहते हैं। उदाहरण के लिए, \(\frac{3}{4}\)।
भिन्न संख्या को दशमलव में बदलने के लिए भागी को भाजक से विभाजित करना होता है।
उदाहरण: \(\frac{3}{8}\) को दशमलव में बदलिए।
संख्या पद्धति का अध्ययन संख्याओं के जोड़, घटाव, गुणा, और भाग को समझने के लिए बुनियादी सिद्धांत भी प्रदान करता है। आवश्यक रूप से, स्थान मान पद्धति के कारण इन क्रियाओं को आसानी से किया जा सकता है।
graph TD A[संख्या पद्धति का ज्ञान] A --> B[संख्या की पहचान] B --> C[स्थान मान समझना] C --> D[जोड़ घटाव] D --> E[गुणा भाग] E --> F[सरलीकरण]
चरण 1: प्राकृतिक संख्याएँ 1, 2, 3, ... होती हैं; शून्य और ऋण संख्या प्राकृतिक संख्याएँ नहीं हैं।
चरण 2: सूची में \(7, 15, 1\) प्राकृतिक संख्याएँ हैं; \(0\) पूर्ण संख्या में आता है; \(-3\) ऋणात्मक है।
उत्तर: प्राकृतिक संख्याएँ हैं: \(7, 15, 1\)
चरण 1: अंक 3 का स्थान दस के घात 2 पर है: \(3 \times 10^2 = 300\)
चरण 2: अंक 4 का स्थान दस के घात 1 पर है: \(4 \times 10^1 = 40\)
चरण 3: अंक 5 का स्थान दस के घात 0 पर है: \(5 \times 10^0 = 5\)
चरण 4: अंक 6 का स्थान दस के घात -1 पर है: \(6 \times 10^{-1} = 0.6\)
चरण 5: अंक 7 का स्थान दस के घात -2 पर है: \(7 \times 10^{-2} = 0.07\)
चरण 6: अंक 2 का स्थान दस के घात -3 पर है: \(2 \times 10^{-3} = 0.002\)
उत्तर: स्थान मान क्रमशः 300, 40, 5, 0.6, 0.07, 0.002 हैं।
चरण 1: भागी को भाजक से विभाजित करें: 3 / 8
चरण 2: विभाजन करने पर प्राप्त होता है 0.375
उत्तर: \(\frac{3}{8} = 0.375\)
चरण 1: प्राकृतिक संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं, अतः 0 प्राकृतिक संख्या नहीं है।
चरण 2: पूर्ण संख्याएँ प्राकृतिक संख्याओं में 0 शामिल होती है।
उत्तर: 0 पूर्ण संख्या है, लेकिन प्राकृतिक संख्या नहीं।
चरण 1: अंक और उनके स्थान इस प्रकार हैं - 7 (दस का घात 0), 4 (दशमलव का पहला स्थान, दस का घात -1), 0 (दशमलव का दूसरा स्थान, दस का घात -2), 6 (दशमलव का तीसरा स्थान, दस का घात -3)।
चरण 2: स्थान मान निकालें:
चरण 3: सभी को जोड़ें: \(7 + 0.4 + 0 + 0.006 = 7.406\)
उत्तर: संख्या 7.406 का मान \(7 + 0.4 + 0 + 0.006 = 7.406\) है।
When to use: स्थान मान वाले प्रश्नों में तुरंत सही अंक की वैल्यू समझने के लिए।
When to use: भिन्न दशमलव में बदलने वाले सभी प्रश्नों में यह तरीका सबसे तेज़ और सरल होता है।
When to use: संख्या की श्रेणी पहचान वाले प्रश्नों में भ्रम से बचने के लिए।
When to use: दशमलव संख्या का मान निकालने एवं अंकों के स्थान समझने में सहायता के लिए।
When to use: भिन्न को दशमलव में परिवर्तित करते समय शीघ्र प्रतिक्रिया के लिए।
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