अस्थि (Bone) मानव शरीर का एक कठोर एवं जीवित ऊतक है जो कंकाल तंत्र (Skeletal System) का आधार प्रदान करता है। अस्थियाँ शारीरिक संरचना बनाए रखने, आंतरिक अंगों की रक्षा करने, और शरीर के विभिन्न अंगों के मूवमेंट के लिए सहायता प्रदान करती हैं। साथ ही, अस्थि तंत्र में रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए स्थान भी उपलब्ध होता है। इस अनुभाग में हम अस्थि की प्रकार, संघटन, संरचना, विकास एवं उनके शरीर में कार्यों को विस्तार से समझेंगे।
शरीर में अस्थियाँ उनके आकार और कार्य के आधार पर मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं:
अस्थि अधिकांश रूप से कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों से बनी होती है, साथ ही इसका जलांश भी महत्वपूर्ण होता है।
| घटक | प्राथमिक तत्व | भूमिका |
|---|---|---|
| अकार्बनिक पदार्थ | हाइड्रॉक्सियापेटाइट [Ca10(PO4)6(OH)2], कैल्शियम और फास्फोरस के क्रिस्टल | कठोरता, मजबूती और टिकाऊपन प्रदान करता है। |
| कार्बनिक पदार्थ | कोलेजन (Collagen) और अन्य प्रोटीन | लचीलापन और लोच प्रदान करते हैं जिससे अस्थि टूटने से रुकती हैं। |
| जल (Water) | - | जीवित ऊतक की तरह, हाइड्रेशन और पोषक तत्व परिवहन में सहायक। |
अस्थि की संरचना तीन मुख्य भागों में विभाजित की जा सकती है:
अस्थि शरीर में अनेक महत्वपूर्ण कार्य करती हैं:
अस्थि का विकास दो प्रकार के प्रक्रियाओं द्वारा होता है:
इन प्रक्रियाओं के द्वारा अस्थि लंबाई में वृद्धि करती है और पूरी उम्र तक टिकाऊ रहती है।
graph LR A[कोशिकीय उपास्थि (Cartilage)] --> B[एंडोकोण्ड्रल अस्थि निर्माण] C[फाइब्रस टिशू] --> D[इंट्रामेम्ब्रेनेस अस्थि निर्माण] B --> E[दीर्घ अस्थि वृद्धि] D --> F[समतल अस्थि विकास]
Step 1: फीमर लंबी और बेलनाकार अस्थि है जो शरीर में भार वहन करता है।
Step 2: दीर्घ अस्थि वह होती है जो लंबी और बेलनाकार होती है।
Answer: फीमर दीर्घ अस्थि का उदाहरण है।
Step 1: दी गई जानकारी: अकार्बनिक पदार्थ का द्रव्यमान = 120 ग्राम, अस्थि का कुल द्रव्यमान = 200 ग्राम।
Step 2: खनिज प्रतिशत = \(\frac{120}{200} \times 100 = 60\%\)
Answer: अस्थि का 60% खनिजीय पदार्थ है।
Step 1: अस्थि के भीतर मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण मज्जा (Bone marrow) में होता है।
Step 2: मज्जा स्पंजी अस्थि के गुहाओं में स्थित होता है।
Answer: स्पंजी अस्थि में स्थित मज्जा रक्त कोशिका निर्माण का कार्य करती है।
Step 1: प्रारंभ में उपास्थि (cartilage) का ढांचा बनता है।
Step 2: बाद में उपास्थि में खनिज जमा होकर अस्थि में परिवर्तित हो जाती है।
Step 3: यह प्रक्रिया मुख्य रूप से लंबी अस्थियों की वृद्धि में होती है।
Answer: एंडोकोण्ड्रल अस्थि निर्माण में उपास्थि का अस्थि में परिवर्तन होता है, जिससे अस्थि बढ़ती है।
Step 1: भार वहन के लिए मजबूत और लंबी अस्थियाँ आवश्यक हैं।
Step 2: दीर्घ अस्थियाँ शरीर का भार सहन करती हैं, जैसे फीमर और टिबिया।
Step 3: समतल और छोटी अस्थियाँ मुख्य रूप से संरक्षण और गति हेतु होती हैं।
Answer: दीर्घ अस्थियाँ शरीर के भार वहन कार्य में प्रमुख होती हैं।
When to use: जब अस्थि के प्रकारों को त्वरित पहचानना हो।
When to use: अस्थि के संघटन संबंधी प्रश्नों को हल करते समय।
When to use: अस्थि विकास एवं वृद्धि के प्रश्न आसान बनाने के लिए।
When to use: अस्थिविज्ञान से जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए।
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