भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। इस महत्वपूर्ण क्षण के पश्चात् देश ने एक नए राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक युग की शुरुआत की। स्वतंत्रता के बाद भारतीय राज्य व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और समाज ने अनेक परिवर्तन देखे, जिनका उद्देश्य देश का समग्र विकास था। यह अनुभाग स्वतंत्रता के बाद भारत के प्रमुख विकास क्षेत्रों-राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक-को समझने में सहायता करेगा।
स्वतंत्रता के बाद भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी संवैधानिक संरचना की स्थापना की। संविधान सभा ने 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया, जिसके तहत भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। पहली लोकसभा का गठन तत्कालीन भारतीय जनता द्वारा निर्वाचित सदस्यों से हुआ, जिसने नई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रारंभ किया। प्रमुख राजनैतिक दल जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य ने नई व्यवस्थाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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प्रारंभिक वर्षों में भारत ने आर्थिक विकास के लिए पाँच वर्षीय योजनाएँ अपनाईं। पहली पाँच वर्षीय योजना (1951-1956) मुख्यतः कृषि विकास और बुनियादी उद्योगों पर केन्द्रित थी। भारत ने सतत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में कई नीतियाँ लागू कीं। औद्योगीकरण के साथ-साथ कृषि सुधारों को भी महत्व दिया गया, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
| योजना | मूल उद्देश्य | मुख्य क्षेत्रों पर जोर |
|---|---|---|
| प्रथम पाँच वर्षीय योजना | कृषि उत्पादन में वृद्धि | कृषि, सिंचाई, बुनियादी ढांचा |
| दूसरी योजना | औद्योगिकीकरण | भारी उद्योग, उत्पादन क्षमता |
| तीसरी योजना | उत्पादन और आत्मनिर्भरता | कृषि, उद्योग, विज्ञान |
स्वतंत्रता के बाद भारत ने सामाजिक समरसता के लिए कई कदम उठाए। गरीबी उन्मूलन, शिक्षा और स्वास्थ्य के विकास के लिए व्यापक योजनाएँ शुरू की गईं। सामाजिक न्याय की भावना को बढ़ावा देते हुए आरक्षण नीति लागू की गई, जिससे विभिन्न पिछड़ी जातियों और समुदायों को समान अवसर प्राप्त हुए। महिलाओं के अधिकारों में भी सुधार हुआ, तथा समान नागरिकता के सिद्धांत को संवैधानिक मान्यता दी गई।
स्वतंत्र भारत ने अपना वैश्विक कद बढ़ाने के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना की। इस आंदोलन के माध्यम से विकासशील देश विश्व राजनीति में समता का प्रस्ताव लेकर आए। भारत के प्रमुख विदेश नीतिगत निर्णय जैसे चीन और पाकिस्तान के साथ संघर्ष, अमेरिका और सोवियत संघ के साथ संतुलन साधना, और संयुक्त राष्ट्र में सक्रिय भागीदारी ने विश्व राजनीति में भारत की छवि मजबूत की।
Step 1: स्वतंत्रता के पश्चात् लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए लोक सभा का गठन आवश्यक था। यह निर्णय संविधान सभा द्वारा लिया गया।
Step 2: पहली लोकसभा ने केंद्र सरकार के प्रमुख निर्णयों को पारित कर देश के पुनर्निर्माण में योगदान दिया। इसने कानून बनाकर संविधान की भावना को लागू किया।
Step 3: यह लोकसभा लोक व्यावहारिकताओं और जनभावनाओं को संसद में प्रतिध्वनित करती थी।
Answer: पहली लोकसभा ने स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र की नींव मजबूत की और संवैधानिक व्यवस्था को प्राथमिक कार्यों के माध्यम से स्थिर किया।
Step 1: श्वेत क्रांति से पूर्व भारत की पहली पाँच वर्षीय योजना कृषि क्षेत्र के समग्र विकास पर केंद्रित थी।
Step 2: इस योजना का मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना था ताकि भोजन संकट से निपटा जा सके।
Step 3: इसलिए सिंचाई, बुनियादी उद्योग, और कृषि सुधार पर विशेष बल दिया गया।
Answer: पहली योजना का उद्देश्य था कृषि उत्पादन वृद्धि करना एवं देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।
Step 1: शीत युद्ध के दौरान विकसित देशों के मध्य संघर्ष के बीच विकासशील देशों ने अपनी स्वतंत्र नीति बनाए रखने के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन की आवश्यकता महसूस की।
Step 2: भारत ने इस आंदोलन की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य था किसी भी महाशक्ति की संगति में उलझे बिना अपने विकास और सुरक्षा हितों की रक्षा करना।
Step 3: इसने भारत को वैश्विक राजनीति में स्वतंत्र एवं सम्मानजनक स्थान दिलाया तथा नयी आर्थिक-सामाजिक विकास परियोजनाओं की सहायता प्राप्त की।
Answer: गुटनिरपेक्ष आंदोलन के माध्यम से भारत ने वैश्विक राजनीति में संतुलित भूमिका निभाई और विकासशील देशों को एक मंच प्रदान किया।
Step 1: स्वतंत्रता के बाद सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु पिछड़े वर्गों एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति को आरक्षण दिया गया।
Step 2: इस नीति से शिक्षा, नौकरी तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पिछड़ों के लिए अवसर बढ़े।
Step 3: उदाहरण के लिए, अनुसूचित जाति के छात्रों को विश्वविद्यालयों में आरक्षण मिलने से उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ।
Answer: आरक्षण नीति ने सामाजिक समता को बढ़ावा दिया और पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाया।
Step 1: भारत ने संविधान सभा द्वारा संविधान का निर्माण किया जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
Step 2: इस संविधान ने भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया।
Answer: स्वतंत्रता के बाद भारत ने "भारतीय संविधान" को अपनाने का निर्णय लिया।
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