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परिमेय एवं अपरिमेय

परिमेय एवं अपरिमेय संख्याएँ (Rational and Irrational Numbers)

संख्या प्रणाली (Number System) के अन्तर्गत परिमेय (Rational) एवं अपरिमेय (Irrational) संख्याएँ दो महत्वपूर्ण उपश्रेणियाँ हैं। प्रारंभ में, प्रत्येक संख्या को सरल वर्गीकरण के आधार पर समझना आवश्यक है ताकि उनकी विशेषताएँ स्पष्ट हो सकें। यह उपविषय वास्तविक संख्याओं की श्रेणी को विस्तार से समझने में मदद करता है।

परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers)

परिमेय संख्याएँ वे पूर्णांक संख्याएँ या भिन (fraction) हैं जिन्हें दो पूर्णांकों \(p\) और \(q\) के अनुपात के रूप में लिखा जा सकता है जहाँ \(q eq 0\)। यानि, किसी संख्या \(r\) को \(\frac{p}{q}\) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। उदाहरण : \(\frac{1}{2}\), \(-\frac{3}{4}\), \(\frac{7}{1} = 7\) आदि।

परिमेय संख्याओं के गुण:

  • सभी परिमेय संख्याएँ दशमलव (decimal) के रूप में या तो समाप्त होती हैं, या पुनरावर्ती दशमलव (repeating decimal) होती हैं।
  • परिमेय संख्याओं का जोड़, घटाव, गुणन और भाग भी परिमेय संख्या होगी।
  • परिमेय संख्याएँ \(\mathbb{Q}\) द्वारा दर्शाई जाती हैं।

परिमेय संख्याओं के वर्गीकरण का चित्रण (Rational Number Representation)

परिमेय संख्याएँ (\(\frac{p}{q}; q eq 0\)) पूर्णांक (Integer) भिन्न (Fraction)

अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers)

अपरिमेय संख्याएँ ऐसी वास्तविक संख्याएँ होती हैं जिन्हें किसी भी दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में नहीं लिखा जा सकता है। अर्थात्, ये परिमेय संख्याओं के विपरीत होती हैं। इनके दशमलव विस्तार न तो समाप्त होता है और न ही पुनरावर्ती होता है।

परिस्पर उदाहरण: \(\sqrt{2}\), \(\pi\), \( e \) आदि अपरिमेय संख्याएं हैं।

अपरिमेय संख्याओं की विशेषताएँ:

  • इनका दशमलव विस्तार अनंत और निरंतर बदलता रहता है।
  • इनकी कोई दोहराई जाने वाली आवृत्ति नहीं होती।
  • परिमेय संख्याओं के अतिरिक्त अपूर्ण वास्तविक संख्याएँ अपरिमेय होती हैं।

अपरिमेय संख्याओं के उदाहरण एवं गुण दर्शाने वाला चित्र

अपरिमेय संख्या उदाहरण √2, π, e दशमलव विस्तार: अनंत, गैर-आवर्ती और अपरिमेय

परिमेय और अपरिमेय संख्याओं के बीच अंतर

विशेषता परिमेय संख्या अपरिमेय संख्या
परिभाषा दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में व्यक्त दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में व्यक्त नहीं की जा सकती
दशमलव विस्तार समाप्त या आवर्ती दशमलव अनंत और गैर-आवर्ती दशमलव
उदाहरण \(\frac{3}{4}, -2, 0.5\) \(\sqrt{2}, \pi, e\)
संख्या समुच्चय \(\mathbb{Q}\) \(\mathbb{R}\setminus \mathbb{Q}\)

परिमेय एवं अपरिमेय संख्याओं की प्रासंगिकता

यह वर्गीकरण वास्तविक संख्याओं को समझने हेतु आवश्यक आधार प्रदान करता है जो कि वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) विषय के अन्तर्गत विस्तार से आता है। परिमेय एवं अपरिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याओं के दो प्रमुख उपसमुच्चय हैं। इस आधार पर वास्तविक संख्याओं के गुण, गणितीय संचालन तथा अनुप्रयोग समझना सरल हो जाता है।

Worked Examples (समस्या एवं समाधान)

Example 1: परिमेय संख्या की पहचान Easy
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या परिमेय संख्या है: \(\sqrt{16}\), \(\pi\), \(-\frac{5}{3}\), \(\sqrt{3}\)?

Step 1: \(\sqrt{16} = 4\), जो एक पूर्णांक व पूर्ण रूप से परिमेय संख्या है।

Step 2: \(\pi\) अपरिमेय संख्या है क्योंकि यह पूर्णांकों के अनुपात में व्यक्त नहीं की जा सकती।

Step 3: \(-\frac{5}{3}\) परिमेय संख्या है क्योंकि इसे दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में लिखा जा सकता है।

Step 4: \(\sqrt{3}\) अपरिमेय संख्या है, दशमलव विस्तार अनंत और गैर-आवर्ती है।

Answer: परिमेय संख्याएँ हैं: \(\sqrt{16} = 4\), \(-\frac{5}{3}\)

Example 2: \(\sqrt{2}\) के अपरिमेय होने का सिद्धांत Medium
सिद्ध करें कि \(\sqrt{2}\) अपरिमेय संख्या है।

Step 1: मान लें \(\sqrt{2} = \frac{p}{q}\), जहाँ \(p, q\) पूर्णांक एवं \(\frac{p}{q}\) पूर्ण रूप से सरल भिन्न हो।

Step 2: दोनों पक्षों को वर्ग करते हैं: \(2 = \frac{p^2}{q^2} \Rightarrow p^2 = 2 q^2\)

Step 3: \(p^2\) सम संख्या है, इसलिए \(p\) भी सम होगा। मान लें \(p=2k\)।

Step 4: \(p^2=4k^2\) जिससे \(4k^2=2 q^2 \Rightarrow q^2=2k^2\)। अतः \(q^2\) भी सम और \(q\) भी सम है।

Step 5: इससे \(p\) और \(q\) दोनों में 2 का गुणनखंड होगा जो परिकल्पना के विरुद्ध है कि भिन्न पूर्णरूप से सरल है।

Answer: अतः \(\sqrt{2}\) अपरिमेय संख्या है।

Example 3: परिमेय एवं अपरिमेय संख्याओं की पहचान Easy
निम्नलिखित संख्याओं में से परिमेय तथा अपरिमेय संख्याएँ अलग करें: \(0.333...\), \(2.1415926...\), \(-\frac{7}{9}\), \(\sqrt{9}\), \(\pi\)

Step 1: \(0.333...\) पुनरावर्ती दशमलव है, अतः परिमेय।

Step 2: \(2.1415926...\) दशमलव विस्तार अनिश्चित है, \(\pi\) जैसा निरंतर परिवर्तन; इसलिए अपरिमेय है।

Step 3: \(-\frac{7}{9}\) दो पूर्णांकों का अनुपात होने के कारण परिमेय।

Step 4: \(\sqrt{9} = 3\), परिमेय।

Step 5: \(\pi\) अपरिमेय संख्या है।

Answer: परिमेय: \(0.333...\), \(-\frac{7}{9}\), \(\sqrt{9}\)। अपरिमेय: \(2.1415926...\), \(\pi\)

Example 4: वास्तविक संख्या का रूप लिखना Medium
संख्या \(x = \frac{5}{8}\) और \(y = \pi\) का वास्तविक संख्याओं के समुच्चय द्वारा वर्गीकरण करें।

Step 1: \(x = \frac{5}{8}\) को पूर्णांकों के अनुपात के रूप में लिखा जा सकता है, अतः परिमेय संख्या है।

Step 2: \(y = \pi\) अपरिमेय संख्या है।

Step 3: दोनों संख्याएँ वास्तविक संख्याओं (Real Numbers) के अंतर्गत आती हैं।

Answer: \(x\) परिमेय और \(y\) अपरिमेय, दोनों वास्तविक संख्याएँ हैं।

Example 5: परिक्षा-शैली प्रश्न Hard
यदि \(a\) और \(b\) दो पूर्णांक हैं, और \(\frac{a}{b} = 0.1010010001...\) हो, जिसमें दशमलव स्थानों पर 1 की संख्या क्रमशः 1, 2, 3, ... बढ़ती है, तो यह संख्या परिमेय है या अपरिमेय? कारण स्पष्ट करें।

Step 1: संख्या दशमलव विस्तार बिना किसी पुनरावृत्ति के बढ़ रही है (यानी 1 की दूरी लगातार बढ़ रही है)।

Step 2: परिमेय संख्याओं के दशमलव विस्तार समाप्त या पुनरावर्ती होते हैं। यहाँ पुनरावर्ती पैटर्न मौजूद नहीं है।

Step 3: अतः यह संख्या अपरिमेय होगी।

Answer: संख्या अपरिमेय है क्योंकि इसका दशमलव विस्तार न समाप्त होता है न ही पुनरावर्ती।

फॉर्मूला बैंक

परिमेय संख्या का सामान्य रूप
\[\frac{p}{q} \quad (q eq 0)\]
जहाँ: \(p\) और \(q\) पूर्णांक; \(q\) शून्य नहीं
किसी भी परिमेय संख्या को दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में व्यक्त करने के लिए उपयोगी।
LCM और HCF सम्बन्ध
\[\text{LCM} \times \text{HCF} = a \times b\]
जहाँ: \(a, b\) दो पूर्णांक संख्याएँ हैं
दो संख्याओं के LCM और HCF के गुणनफल से मूल संख्याओं का गुणनफल मिलता है। गणितीय संचालन में सहायता करता है।

Tips & Tricks

Tip: यदि दशमलव विस्तार में अंक पुनरावर्ती है तो संख्या परिमेय होती है।

When to use: संख्याओं को परिमेय या अपरिमेय वर्ग में बांटने के लिए।

Tip: \(\sqrt{n}\) जहाँ \(n\) पूर्ण वर्ग नहीं है, वह अपरिमेय संख्या होगी।

When to use: वर्गमूल संख्याओं की अपरिमेयता जांचते समय।

Tip: LCM और HCF के समीकरण से दो संख्याओं के गुणज और भाजक तेजी से ज्ञात किए जा सकते हैं।

When to use: विभाज्यता, गुणज, और भाजक सम्बन्धी प्रश्न हल करते समय।

Tip: पूर्ण संख्या को \(\frac{p}{1}\) के रूप में देखें, जिससे वह परिमेय संख्या सिद्ध होती है।

When to use: पूर्ण संख्याओं के परिमेयता प्रमाणन में।

Common Mistakes to Avoid

❌ हार दशमलव संख्या को परिमेय माना जाना
✓ याद रखें कि केवल पुनरावर्ती अथवा समाप्त दशमलव ही परिमेय संख्या होती है, अन्य दशमलव अपरिमेय हैं।
Why: दशमलव विस्तार से संख्या परिमेय या अपरिमेय की पहचान होती है; भ्रम से गलत वर्गीकरण होता है।
❌ \(\sqrt{2}\) को परिमेय मान लेना
✓ \(\sqrt{2}\) की अपरिमेयता का प्रमाण याद रखना आवश्यक है।
Why: \(\sqrt{2}\) अनंत, गैर-आवर्तक दशमलव है, इसलिए परिमेय नहीं।
❌ LCM और HCF के सूत्र का गलत प्रयोग
✓ \(\text{LCM} \times \text{HCF} = a \times b\) सूत्र का सही प्रयोग करना चाहिए।
Why: सूत्र का उपयोग न करने या गलत करने से संख्यात्मक गलत परिणाम मिलते हैं।
Key Concept

परिमेय एवं अपरिमेय संख्याएँ

परिमेय संख्याएँ दो पूर्णांकों के अनुपात हैं; अपरिमेय संख्याएँ ऐसा अनुपात नहीं हैं।

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