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विभाज्यता

विभाज्यता (Divisibility)

गणित में विभाज्यता का अर्थ है कि किसी संख्या को दूसरी संख्या बिना शेष के विभाजित कर पाना। उदाहरण के लिए, यदि संख्या \( n \) को संख्या \( k \) से विभाजित करने पर शेष शून्य आता है, तो कहा जाएगा कि \( n \) संख्या \( k \) से विभाज्य है। यह अवधारणा पूर्णांकों (integers) के समूह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, खासकर पूर्णांकों के गुणनखंड, भाजक, और संख्याओं के आपसी संबंधों के अध्ययन में।

पूर्णांक एवं विभाज्यता:
एक पूर्णांक \( n \) तब और केवल तब किसी अन्य पूर्णांक \( k \) का गुणक (multiple) होता है जब \( n \% k = 0 \) अर्थात् \( n \) को \( k \) से भाग देने पर शेष शून्य आये।

यहाँ, 'गुणक' से आशय उस संख्या से है जो किसी अन्य संख्या को विदृढ़ता (strength) के अनुसार कई बार जोड़कर प्राप्त हो। भोज्य संख्या जिसे गुणक का उत्पादन करती है, उसे भाजक (divisor/factor) कहते हैं। जैसे 12 के भाजक 2, 3, 4, 6 हैं क्योंकि वे 12 को बिना शेष के भाग देते हैं।

विभाज्यता के नियम क्या हैं?

विभाज्यता नियम हमें यह शीघ्र समझने में सहायता करते हैं कि कोई संख्या किसी दूसरी संख्या से बिना पूर्ण भाग लिए विभाजित हो सकती है या नहीं, बिना लंबा अंकगणितीय भाग किया। ये नियम मुख्यतः 2, 3, 5, 7, 11 और 13 जैसे प्रमुख संख्याओं के लिए विकसित किए गए हैं।

आइए पहले प्रमुख नियमों को समझते हैं और इनके उदाहरण देखते हैं।

2, 3, 5 के विभाज्यता नियम

  • 2 से विभाज्यता: किसी भी संख्या का अंतिम अंक (units digit) यदि 0, 2, 4, 6 या 8 हो तो वह संख्या 2 से विभाज्य होती है।
  • 3 से विभाज्यता: यदि किसी संख्या के अंकों का योग 3 का गुणज (multiple) हो तो वह संख्या 3 से विभाज्य होती है।
  • 5 से विभाज्यता: किसी संख्या का अंतिम अंक 0 या 5 हो तो वह संख्या 5 से विभाज्य है।

उदाहरण:

संख्या 462 को देखें:

  • अंतिम अंक 2 है, अतः 2 से विभाजित होती है।
  • अंकों का योग \(4 + 6 + 2 = 12\) है, जो 3 का गुणज है, अतः 3 से विभाजित है।
  • अंतिम अंक 2 है, न कि 0 या 5, अतः 5 से विभाजित नहीं है।

7, 11, 13 के विभाज्यता नियम

यह नियम अपेक्षाकृत अधिक जटिल हैं, लेकिन इन्हें याद रखना और समझना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक है।

  • 7 से विभाज्यता: अंतिम अंक का दो गुना हटाकर शेष संख्या निकालें, यदि शेष संख्या 7 से विभाज्य हो तो पूरी संख्या भी 7 से विभाज्य है।
  • 11 से विभाज्यता: अंकों के वैकल्पिक योग का अंतर यदि 0 या 11 का गुणज हो तो संख्या 11 से विभाज्य होती है।
  • 13 से विभाज्यता: अंतिम अंक को चार गुना करके शेष हिस्से से घटायें, यदि प्राप्त परिणाम 13 से विभाज्य हो तो वह संख्या भी 13 से विभाज्य है।

प्रमुख विभाज्यता नियम सारणी

संख्या विभाज्यता नियम उदाहरण
2 अंतिम अंक 0, 2, 4, 6, 8 होना चाहिए 462 (अंतिम अंक 2)
3 अंकों का योग 3 का गुणज होना चाहिए 462 (4+6+2=12)
5 अंतिम अंक 0 या 5 होना चाहिए 135 (अंतिम अंक 5)
7 अंतिम अंक का 2 गुणा हटाकर पुनः जांच 462, 7 से विभाजित है
11 वैकल्पिक अंकों के योग का अंतर 0 या 11 का गुणज 121 (1 - 2 + 1 = 0)
13 अंतिम अंक का 4 गुणा घटाकर पुनः जांच 273 (27 - 3x4 = 27 - 12 = 15)

विभाज्यता के अनुप्रयोग

विभाज्यता नियमों का उपयोग निम्न क्षेत्रों में प्रमुख रूप से किया जाता है:

  • LCM (लघुत्तम समापवर्तक) और HCF (महत्तम समापक) निर्धारण: संख्याओं के बीच परस्पर विभाज्यता समझकर LCM एवं HCF शीघ्र निकाले जाते हैं।
  • प्राथमिक परीक्षण (Prime Testing): किसी संख्या की प्राइम संख्या होने की जांच के लिए विभाज्यता नियम उपयोगी होते हैं।
  • गुणक और भाजक के गुणों का अध्ययन: संख्याओं के गुणनखंड विश्लेषण में सहायक।

पूर्णांकों व संख्याओं के समूह में विभाज्यता की भूमिका

संख्या प्रणाली को समझने में विभाज्यता सबसे मूलभूत अवधारणाओं में से एक है। प्राकृत संख्याओं से लेकर वास्तविक संख्याओं तक के विस्तृत वर्गीकरण में यह आधारशिला का काम करता है। उदाहरण के लिए, आप पहले उपविषय प्राकृत संख्याएँ तथा पूर्णांक को समझ चुके होंगे, जहाँ से यह विषय आगे बढ़ता है। विभाज्यता के नियम इनके गुणों का संकलन एवं परीक्षण करते हुए जटिल संख्याओं में व्यावहारिकता प्रदान करते हैं।

विभाज्यता पर आधारित कुछ महत्वपूर्ण अवधारणाएँ

  • गुणक (Multiple): यदि \( a = k \times b \) जहाँ \( k \) कोई पूर्णांक हो, तो \( a \) को \( b \) का गुणक कहा जाता है।
  • भाज्य (Divisor/Factor): यदि \( b \mid a \) अर्थात् \( a \% b = 0\), तो \( b \) को \( a \) का भाज्य कहा जाता है।
  • लघुत्तम समापवर्तक (LCM): दो या अधिक संख्याओं का वह सबसे छोटा सामान्य गुणनखंड जो उन सभी संख्याओं से विभाज्य हो।
  • महत्तम समापक (HCF): दो या अधिक संख्याओं का वह सबसे बड़ा संख्या जो उन सभी से बिना शेष के विभाजित हो।
12 2 3 ÷ ÷

विभाज्यता के नियम और सूत्र

विभाज्यता की परीक्षा के लिए आवश्यक प्रमुख सूत्र निम्न प्रकार हैं।

पूर्णांक विभाज्यता नियम

n \% k = 0

यदि पूर्णांक n को k से विभाजित नहीं पर शेष 0 हो तो n को k से विभाज्य कहते हैं।

n = विभाजित की जाने वाली संख्या (Dividend)
k = भाजक संख्या (Divisor)
\% = माड्यूलस (Remainder)

इस नियम का प्रयोग किसी संख्या की विभिन्न भाजकों का निर्धारण करने, तथा गुणकता की जांच करने के लिए किया जाता है। नीचे इसके प्रयोग को व्याख्यात्मक उदाहरणों के साथ समझाया गया है।

वर्कड उदाहरण (Worked Examples)

उदाहरण 1: संख्या 462 की विभाज्यता जांचें Easy
सत्यापित करें कि 462 संख्या 2, 3 और 7 से विभाज्य है या नहीं।

चरण 1: 2 से विभाज्यता के लिए अंतिम अंक देखें। 462 का अंतिम अंक 2 है, इसलिए 462 संख्या 2 से विभाज्य है।

चरण 2: 3 से विभाज्यता के लिए अंकों का योग निकालें: \(4 + 6 + 2 = 12\)। 12, 3 का गुणज है इसलिए 462 3 से विभाज्य है।

चरण 3: 7 से विभाज्यता के लिए, अंतिम अंक (2) का 2 गुणा करें: \(2 \times 2 = 4\)। शेष संख्या 46 में से 4 घटाएँ: \(46 - 4 = 42\)। 42, 7 का गुणज है इसलिए 462 7 से भी विभाज्य है।

उत्तर: संख्या 462, 2, 3 एवं 7 सभी से विभाज्य है।

उदाहरण 2: संख्या 1001 के भाजक ज्ञात करें Medium
1001 संख्या के सभी भाजक ज्ञात करें और जांचें कि क्या यह 7, 11 और 13 से विभाज्य है।

चरण 1: 7 से विभाज्यता जांचें। अंतिम अंक 1 है; \(1 \times 2 = 2\)। शेष संख्या: \(100 - 2 = 98\)। 98, 7 का गुणज है; अतः 1001 7 से विभाज्य है।

चरण 2: 11 से विभाज्यता: वैकल्पिक अंकों का योग लें: \((1 + 0 + 1) - (0 + 0) = 2\)। 2, 11 का गुणज नहीं है, इसलिए 1001 11 से तुरंत विभाज्य नहीं होता। लेकिन हमें पुनः जाँच करनी चाहिए: 1001 को 11 द्वारा भाग करें।

1001 को 11 से भाग देने पर भागफल 91 और बाकी 0 आता है; अतः 1001 11 से भी विभाज्य है। (वैकल्पिक योग विधि केवल त्वरित जांच के लिए है, यहाँ भाग करके पुष्टि आवश्यक थी।)

चरण 3: 13 से विभाज्यता: अंतिम अंक (1) का 4 गुणा करें: 4। शेष संख्या \(100 - 4 = 96\)। 96, 13 का गुणज नहीं है, फिर भी भाग देने पर:

1001 / 13 = 77 (शेष 0), अतः 1001 13 से विभाज्य भी है।

उत्तर: 1001 का भाज्य 7, 11 एवं 13 हैं।

उदाहरण 3: LCM और HCF का निर्धारण Medium
संख्याएँ 12 और 18 के LCM एवं HCF ज्ञात करें।

चरण 1: 12 का अभाज्य गुणनखंड: \( 12 = 2^2 \times 3 \)

चरण 2: 18 का अभाज्य गुणनखंड: \( 18 = 2 \times 3^2 \)

चरण 3: HCF निकालें: सामान्य अभाज्य गुणनखण्ड जिनका न्यूनतम घात लें। यह होगा \(2^1 \times 3^1 = 6\)।

चरण 4: LCM निकालें: सभी अभाज्य गुणनखंडों का उच्चतम घात लें। यह होगा \(2^2 \times 3^2 = 36\)।

उत्तर: HCF = 6 तथा LCM = 36

उदाहरण 4: परीक्षा शैली प्रश्न - संख्या 231 को 7, 11, और 13 से विभाज्य प्रमाणित करें Medium
जानिए 231 संख्या को 7, 11 और 13 से विभाज्य क्यों कहा जा सकता है।

चरण 1: 7 से जांच: अंतिम अंक \(1\), उसका 2 गुणा \(2\)। \(23 - 2 = 21\), जो 7 का गुणज है; इसलिए 231 7 से विभाज्य है।

चरण 2: 11 से जांच: वैकल्पिक अंक योग: \(2 + 1 = 3\) और बचे अंक \(3\)। अंतर: \(3 - 3 = 0\)। अतः 11 से विभाज्य है।

चरण 3: 13 से जांच: अंतिम अंक \(1\) का 4 गुणा \(4\)। \(23 - 4 = 19\)। 19 13 का गुणज नहीं है, लेकिन 231 को 13 से भाग दें: \(231 / 13 = 17.77\)। अतः 13 से विभाज्य नहीं है।

उत्तर: 231, 7 और 11 से विभाज्य है, पर 13 से नहीं।

उदाहरण 5: परीक्षा शैली प्रश्न - संख्या 2345 5 से विभाजित है क्या? Easy
जांचिए क्या संख्या 2345, 5 से विभाजित है।

चरण 1: संख्या का अंतिम अंक देखें: 5

चरण 2: 5 से विभाज्यता का नियम कहता है, अंतिम अंक 0 या 5 होने पर संख्या विभाज्य होती है।

उत्तर: इसलिए 2345 संख्या 5 से विभाज्य है।

Tips & Tricks

Tip: यदि संख्या 3 से विभाजित हो, तो उसके सभी अंक का योग पीछली संख्याओं में भी 3 से विभाज्य होगा।

याद रखें: इसके लिए जल्दी से अंकों का योग निकालें और 3 से भाग दें।

Tip: 7 से विभाज्यता हेतु चिंतन-मूलक विधि अपनाएं। अंतिम अंक का 2 गुना निकालकर पीछे की संख्या से घटाना सबसे तेज़ समाधान है।

जब प्रयोग करें: बड़ी संख्याओं की तेज़ जांच में समय बचाने के लिए।

Tip: 11 के लिए वैकल्पिक अंकों का योग निकालें और उनका अन्तर करें। यदि 0 या 11 का गुणज हो तो संख्या 11 से विभाज्य होती है।

जब प्रयोग करें: किसी भी संख्या के 11 से विभाजनीयता की त्वरित जांच के लिए।

Tip: 5 से विभाज्यता की जाँच सिर्फ अंतिम अंक 0 या 5 देखकर तुरंत करें।

सीधे समाधान: णumber की लंबाई चाहे कितनी भी हो, अंतिम अंक ही निर्णायक होता है।

Tip: बड़ी संख्याओं के लिए गुणनखंड निकालने के लिए विभाज्यता नियमों का संगठित एवं चरणबद्ध प्रयोग करें।

प्रयोग परिस्थिति: HCF या LCM जैसे प्रश्नों में समय की बचत हेतु अनिवार्य।

Common Mistakes to Avoid

❌ पूर्णांक को विभाजित करते समय शेष नहीं देखना।
✓ विभाज्यता जांचने के लिए हमेशा भाग देने पर शेष की पुष्टि करें।
गलती: बिना शेष जांचे केवल अंतिम अंक देखकर विभाज्यता मान लेना गलत उत्तर देता है।
❌ 3 या 9 से विभाज्यता जांचते वक्त केवल अंतिम अंक पर ध्यान देना।
✓ 3 और 9 के लिए सभी अंकों का योग निकालना अनिवार्य है।
गलती: केवल अंतिम अंक से 3 या 9 से विभाज्यता निर्धारित नहीं होती।
❌ 7, 11, 13 के विभाज्यता नियम को याद न करके अनावश्यक भाग करना।
✓ इन नियमों को समझकर लागू करने से समय की बचत होती है।
गलती: भाग देने में समय अधिक लगता है और त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है।

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विभाज्यता की मूल शर्त
\[ n \% k = 0 \]
जहाँ: \( n \) = पूर्णांक, \( k \) = भाजक, \(\% \) = भागफल का शेष
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