हिन्दी व्याकरण में अव्यय वे शब्द होते हैं जो न तो वचन (एकवचन या बहुवचन) बदलते हैं और न ही लिंग (पुल्लिंग या स्त्रीलिंग) या कारक रूपों के अनुसार संधि-समास के नियमों के तहत रूपांतरण होते हैं। सरल शब्दों में, अव्यय ऐसे शब्द हैं जो स्थिर रहते हैं तथा उनका रूप नहीं बदलता।
उदाहरण के लिए, शब्द "पर", "से", "भी" अव्यय वर्ग के अंतर्गत आते हैं क्योंकि ये हमेशा एक सहज, अपरिवर्तनीय रूप में प्रयोग होते हैं।
क्यों आवश्यक है अव्यय को समझना? क्योंकि ये भाषा में संबंधों, समय, स्थान, कारण आदि को स्पष्ट करते हैं जिससे वाक्य का अर्थ संपूर्ण और स्पष्ट होता है।
हिन्दी भाषा में अव्ययों को इनके प्रयोग और अर्थ के अनुसार मुख्य छह प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| कारक अव्यय | वे अव्यय जो संज्ञा या सर्वनाम के संबंध में उनके कारक (vibhakti) बताते हैं। | से, को, पर, तक, द्वारा | राम से मिला। (कर्म कारक) |
| सम्बन्धबोधक अव्यय | वे अव्यय जो सम्बन्ध यानी संबंध या जुड़ाव को व्यक्त करते हैं। | का, की, के, तथा | किताब की पन्ने। |
| सम्म्बन्धसूचक अव्यय | वे शब्द जो संबंध बताने के लिए प्रयुक्त होते हैं, विशेषकर क्रिया और वस्तु के बीच। | में, पर, उपरांत, तक | वह घर में है। |
| विस्मयादिबोधक अव्यय | वे अव्यय जो आश्चर्य, विस्मय, क्रोध आदि भाव को व्यक्त करते हैं। | अरे, वा, अहा, हे | अरे! वह कैसे आया? |
| उपसर्ग एवं प्रत्यय | शब्द के आरंभ या अंत में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं, पर मूल रूप अव्यय ही रहता है। | प्र-, निर-, सम-, -ता, -पन | प्रयास, निर्मल, सरलता |
| निरूपक अव्यय | वे विशेष अव्यय जो मात्रा, क्रम, सन्दर्भ, स्थिति आदि निरूपित करते हैं। | अभी, फिर, तभी, केवल | अभी वह आया। |
अव्यय वाक्य में शब्दों के बीच सम्बन्ध, काल, क्रम, कारण एवं भावों को स्पष्ट करते हैं। इन शब्दों का प्रभाव वाक्य की स्पष्टता और सूक्ष्मता पर गहरा होता है।
graph TD A[अव्यय] --> B[विभिन्न प्रकार] B --> C[कारक अव्यय] B --> D[सम्बन्धबोधक अव्यय] B --> E[विस्मयादिबोधक अव्यय] A --> F[वाक्य में भूमिका] F --> G[संबंध निर्माण] F --> H[भाव एवं काल सूचन]
उदाहरणः
अव्यय, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण जैसे भाषिक शब्द समूहों से भिन्न होता है। इसका मुख्य कारण है कि अव्यय स्थिर रूप का होता है और अन्य शब्द रूप धातु या आधार के अनुसार वचन, लिंग, या कालानुसार परिवर्तित होते हैं।
| शब्द समूह | परिवर्तन के आधार | उदाहरण | विशेषता |
|---|---|---|---|
| अव्यय | रूप परिवर्तित नहीं होता | से, पर, भी | स्थिर रूप, क्रिया या संज्ञा के साथ प्रयोग |
| संज्ञा | लिंग, वचन, कारक के अनुसार बदलती है | लड़का, लड़की, लड़कों | नाम या वस्तु दर्शाती है |
| सर्वनाम | संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त, परिवर्तनीय | मैं, तुम, वे | संज्ञा का पर्याय |
| क्रिया | काल, पुरुष, वचन के अनुसार बदलती है | खाता है, पिया था | क्रिया या कार्य दर्शाती है |
| विशेषण | लिंग, वचन के अनुसार बदलती है | सुंदर लड़की, सुंदर लड़का | संज्ञा या सर्वनाम का गुण बताए |
अव्यय की पहचान कैसे करें? वाक्य में ऐसे शब्द जो अपरिवर्तनीय हों, आकार में न बदले, और सम्बन्ध, स्थान, समय, भाव व्यक्त करें, वे अव्यय होते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्यय से सम्बन्धित प्रश्नों के निम्न प्रकार सामान्यत: पूछे जाते हैं:
Step 1: प्रत्येक शब्द की श्रेणी पर विचार करें।
Step 2: 'राम' (संज्ञा), 'ने' (कारक अव्यय), 'पेड़' (संज्ञा), 'के' (सम्बन्धबोधक अव्यय), 'नीचे' (स्थलवाचक अव्यय), 'शांति' (संज्ञा), 'से' (कारक अव्यय), 'बैठकर' (क्रिया), 'पुस्तक' (संज्ञा), 'पढ़ी' (क्रिया)।
Answer: अव्यय शब्द हैं - "ने", "के", "नीचे", "से"।
Step 1: प्रत्येक अव्यय का अर्थ एवं प्रकार समझें।
"से" - कारक अव्यय, संबंध क्रिया या संज्ञा के लिए।
"का" - सम्बन्धबोधक अव्यय, जो संबंध को दर्शाता है।
"अरे" - विस्मयादिबोधक अव्यय, आश्चर्य या विस्मय दर्शाने हेतु।
"तक" - कारक अव्यय, सीमा बताता है।
Answer: "का" सम्बंधबोधक अव्यय है।
Step 1: वाक्य का अर्थ देखें। "मेरे साथ" का संबंध बताने वाला शब्द चाहिए।
Step 2: अव्यय विकल्प: "से", "वाले", "से", "मैं"
Step 3: "साथ" के बाद 'मेरे' के लिए 'से' उपयुक्त होगा क्योंकि वह संबंध दर्शाता है।
Answer: "वह मेरे साथ से विद्यालय गया।"
Step 1: विस्मयादिबोधक अव्यय वे होते हैं जो आश्चर्य, क्रोध, या प्रसन्नता व्यक्त करते हैं।
Step 2: विकल्प A, C, D में अपरिवर्तनीय भाव नहीं हैं।
Step 3: विकल्प B में "अरे!" एक विस्मयादिबोधक अव्यय है।
Answer: विकल्प B
Step 1: अव्यय वे शब्द हैं जो अपरिवर्तनीय हों, किसी प्रकार के लिंग, वचन, या कारक रूप में न बदलें।
"तथा" - अव्यय (सम्बन्धबोधक)
"उसने" - यह सर्वनाम रूप है, जो कारक (कर्तृ कारक) सूचक प्रत्यय समेत परिवर्तित होता है।
"तक" - अव्यय (समय या सीमा दर्शाने वाला)
"पर" - अव्यय (कारक)
Answer: "उसने" अव्यय नहीं है।
When to use: जब शब्द लिंग, वचन या कारक के अनुसार रूप बदलना न हो।
When to use: जब भाव या अभिव्यक्ति वाले प्रश्न या वाक्य बनें।
When to use: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में विकल्प तय करते समय।
When to use: सर्वनाम- अव्यय अंतर के प्रश्न में।
When to use: शब्द निर्माण प्रश्न में अव्यय की भूमिका समझने के लिए।
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