वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) ने बाल विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण प्रदान किया। उनके अनुसार, बालक का संज्ञानात्मक विकास अकेले नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक संदर्भों के माध्यम से होता है। यह सिद्धांत यह बताता है कि बालिका कैसे सामाजिक बातचीत, भाषा और सांस्कृतिक उपकरणों के द्रष्टिकोण से अपने ज्ञान और सोच को विकसित करती है।
सामाजिक संदर्भ का महत्व: वाइगोत्स्की के अनुसार, बालक का विकास सामाजिक परिस्थितियों के साथ संवाद से प्रभावित होता है। एक बच्चा अपने परिवेश के माध्यम से नई जानकारियाँ सीखता है और समस्या-समाधान का तरीका विकसित करता है।
मस्तिष्क विकास में इंटरेक्शन: विभिन्न सामाजिक सहभागिता जैसे अभिभावकों, शिक्षकों और साथियों के साथ बातचीत से मस्तिष्क के विकास में सहायता मिलती है।
भाषा एवं संज्ञान का संबंध: भाषा बालक के सोच और समझ का प्रमुख उपकरण है। सामाजिक-सांस्कृतिक विकास में भाषा का प्रयोग संवाद और ज्ञान-संक्रमण का माध्यम बनता है।
ZPD का अर्थ होता है 'नजदीकी विकास क्षेत्र'। इसका प्रयोग यह वर्णित करने के लिए किया जाता है जब एक बालक स्वयं तो किसी कार्य को पूर्ण नहीं कर पाता, लेकिन सामाजिक मदद या संसाधनों के साथ वह कार्य संभव हो जाता है। यह क्षेत्र बालक के वर्तमान विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच होता है।
ऊपर चित्र में छोटा वृत्त बालक के स्वतंत्र कार्य करने के क्षेत्र को दर्शाता है, जबकि बड़ा वृत्त ZPD क्षेत्र है जहाँ बालक को सहायता की आवश्यकता होती है।
स्कैफोल्डिंग से तात्पर्य उस सहायता से है जो शिक्षक या अभिभावक बालक को देते हैं ताकि वह कठिन कार्य को समझ सके और सीख सके। यह सहायता धीरे-धीरे घटाई जाती है जब बालक स्वतंत्र बनने लगता है।
वाइगोत्स्की ने सांस्कृतिक उपकरणों (जैसे भाषा, लेखन, प्रतीक) को बालक के संज्ञानात्मक विकास के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण माना। ये उपकरण ज्ञान के हस्तांतरण और सोच के विकास में मदद करते हैं।
वाइगोत्स्की के सिद्धांत का प्रत्यक्ष प्रभाव शिक्षण-शिक्षा की प्रक्रियाओं में देखा जाता है जैसे सहयोगी शिक्षा, संवाद के माध्यम से सीखना, और मार्गदर्शन। शिक्षकों को चाहिए कि वे बालकों के ZPD का मूल्यांकन करें एवं उन्हें उपयुक्त सहायता प्रदान करें।
चरण 1: बालक जो कार्य स्वयं नहीं कर पा रहा (3 अंकों का जोड़) उसे उसकी वर्तमान क्षमता से परे माना जाता है।
चरण 2: यदि शिक्षक की सहायता से वह कार्य संभव होता है, तो इसे विकास का नजदीकी क्षेत्र (ZPD) माना जाता है।
उत्तर: हाँ, यह स्थिति ZPD के अंतर्गत आती है क्योंकि बालक सामाजिक सहायता से कार्य पूरा कर पा रहा है।
चरण 1: शिक्षक समस्या को छोटे भागों में तोड़कर समाधान में मदद करता है।
चरण 2: सहायता धीरे-धीरे घटाई जाती है जब छात्र आत्मनिर्भर बनने लगता है।
उत्तर: इसे स्कैफोल्डिंग कहा जाता है, जहाँ शिक्षक चरणबद्ध सहायता प्रदान करता है और छात्र को स्वतंत्रता से सीखने में सक्षम बनाता है।
चरण 1: बच्चों के बीच संवाद से भाषा संबंधी कौशल और सामाजिक व्यवहार विकसित होते हैं।
चरण 2: मित्रों की सहायता से बच्चा सांस्कृतिक और भाषाई उपकरण सीखता है।
उत्तर: सामाजिक संदर्भ सीखने के लिए एक प्रेरक और सहयोगात्मक माध्यम प्रदान करता है जो ज्ञान संकलन में सहायक होता है।
चरण 1: विकल्प (b) विकास का नजदीकी क्षेत्र (ZPD) वाइगोत्स्की के सिद्धांत का प्रमुख अंग है।
चरण 2: यह दर्शाता है कि बालक की वर्तमान योग्यता से परे विकास के लिए सामाजिक सहायता आवश्यक होती है।
उत्तर: (b) विकास का नजदीकी क्षेत्र (ZPD)। क्योंकि यह सिद्धांत में सामाजिक सहायता को विकास का आधार मानता है। अन्य विकल्प इसका मुख्य फोकस नहीं हैं।
चरण 1: विकल्प (b) स्वतंत्र ज्ञान की खोज वाइगोत्स्की के सिद्धांत की मुख्य धारणा नहीं है।
चरण 2: सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में ज्ञान का विकास सामाजिक सहायता से जुड़ा होता है।
उत्तर: (b) स्वतंत्र ज्ञान की खोज। क्योंकि वाइगोत्स्की का सिद्धांत सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के माध्यम से विकास पर जोर देता है, न कि अकेले स्वतंत्र कार्य पर।
जब उपयोग करें: सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के प्रश्नों में ZPD का अर्थ व उपयोग जानना हो।
जब उपयोग करें: शिक्षण विधियों में सहायता प्रदान करने के संदर्भ में प्रश्न पूछे जाएं।
जब उपयोग करें: विकास संबंधी, भाषा विकास या संवाद के सिद्धांत समझाते समय।
जब उपयोग करें: कई बार समानार्थी शब्दों से भ्रम होता है। सावधानी से देखें।
जब उपयोग करें: सिद्धांत संबंधी अवधारणाओं को व्यवहार में समझना हो।
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