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क्रिया एवं विशेषण

परिचय

हिंदी व्याकरण में क्रिया एवं विशेषण दो अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द समूह हैं जो भाषा की व्याकरणिक संरचना और अर्थ को स्पष्ट एवं प्रभावी बनाते हैं। क्रिया (Verb) वह शब्द है जो कर्ता के द्वारा किए गए कार्य, स्थिति अथवा घटना को दर्शाता है। विशेषण (Adjective) वह शब्द है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता, गुण अथवा अवस्था के विषय में जानकारी प्रदान करता है। इस अध्याय में हम क्रिया और विशेषण के प्रकार, उनके लक्षण, कार्य, तथा उनके व्याकरणिक नियमों को विस्तारपूर्वक समझेंगे। साथ ही, इनके प्रयोग और आपसी संबंधों को भी स्पष्ट करेंगे।

1. क्रिया (Verb)

क्रिया: वह शब्द जो कर्ता द्वारा किए गए कार्य, स्थिति या घटना को दर्शाता है।

क्रिया मुख्यतः तीन प्रकार की होती है-कर्म प्रधान क्रिया, सहायक क्रिया एवं अव्ययीभाव क्रिया। इनके अलावा क्रिया के रूप से काल, पुरुष, लिंग, वचन और कर्तृ-कर्म संबंध भी जुड़ा होता है।

1.1 क्रिया के प्रकार

क्रिया का प्रकार परिभाषा उदाहरण
कर्म प्रधान क्रिया जहाँ क्रिया सीधे कर्ता के कार्य को दर्शाती है। सीखना, खेलना, खाना
सहायक क्रिया मूल क्रिया के साथ मिलकर उसका काल, रूप या भाव बताती है। रहना, होना, जाना (जैसे: वह जा रहा है)
अव्ययीभाव क्रिया क्रिया के रूप में स्थिर शब्द जो क्रिया के साथ प्रयोग होते हैं। कर (जैसे: पढ़ाई करना)

1.2 काल (Tenses)

काल से तात्पर्य किसी कार्य या घटना के समय से है। हिंदी भाषा में मुख्यतः तीन प्रकार के काल होते हैं:

  1. भूतकाल (Past Tense): वह काल जो पहले हुए कार्य को दर्शाता है।
  2. वर्तमान काल (Present Tense): वह काल जो वर्तमान में हो रहे कार्य को दर्शाता है।
  3. भविष्यत्काल (Future Tense): वह काल जो आने वाले समय में होने वाले कार्य को दर्शाता है।
graph TD    B[क्रिया के रूप] --> C1[भूतकाल]    B --> C2[वर्तमान काल]    B --> C3[भविष्यत्काल]

प्रत्येक काल के अंतर्गत भी काल के अनेक रूप होते हैं जैसे साधारण, पूर्ण और अपूर्ण काल। इन रूपों का प्रयोग क्रिया के प्रासंगिक समय और स्थिरता को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

1.3 पुरुष (Person)

किसी क्रिया का सम्बन्ध उसके कर्ता के व्यक्ति से होता है। व्याकरण में तीन पुरुष माने जाते हैं:

  1. प्रथम पुरुष (First Person): वाचक स्वयं - जैसे मैं, हम।
  2. द्वितीय पुरुष (Second Person): जिसके साथ या जिसे सम्बोधित किया जा रहा हो - जैसे तुम, आप।
  3. तृतीय पुरुष (Third Person): जिसके बारे में बात हो रही हो - जैसे वह, वे।

महत्वपूर्ण: क्रिया का रूप काल के साथ-साथ उसके पुरुष के अनुसार भी बदलता है।

2. विशेषण (Adjective)

विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता, गुण, संख्या या अवस्था को प्रदर्शित करता है। यह संज्ञा को अधिक स्पष्ट और अर्थपूर्ण बनाता है। उदाहरण के लिए, शब्द 'लाल' शब्द 'सेब' का विशेषण है क्योंकि यह सेब के रंग को स्पष्ट करता है।

2.1 विशेषण के प्रकार

विशेषण का प्रकार परिभाषा उदाहरण
गुणवाचक विशेषण जो किसी वस्तु, व्यक्ति, या संज्ञा के गुण का बोध कराए। सुंदर, बड़ा, मीठा
संख्यावाचक विशेषण जो संख्या या परिमाण को सूचित करे। तीन, कई, आधा
संबंधवाचक विशेषण जो किसी संज्ञा से संबंध दर्शाए। हिन्दी भाषा, सरकारी नियम

2.2 विशेषण का कार्य

विशेषण का मुख्य कार्य उस संज्ञा या सर्वनाम की पहचान, गुण, मात्रा अथवा स्थिति को विस्तार से व्यक्त करना होता है। लेखन और वाचन में इसका प्रयोग वाक्यों को अधिक रुचिकर और स्पष्ट बनाता है।

2.3 विशेषण और संज्ञा का संबंध

विशेषण हमेशा संज्ञा या सर्वनाम के साथ जुड़ा रहता है और संस्कृत में जैसे अन्य भाषाओं में, विशेषण का लिंग (पुल्लिंग/स्त्रीलिंग), वचन (एकवचन/बहुवचन), एवं कारक संज्ञा के अनुसार बदलता है।

3. क्रिया के अन्य लक्षण

3.1 वचन (Number)

क्रिया का रूप उसके कर्ता की संख्या (एकवचन या बहुवचन) के अनुसार बदलता है। उदाहरणतः

  • वह गया (एकवचन, पुल्लिंग)
  • वे गए (बहुवचन, पुल्लिंग)

3.2 लिंग (Gender)

क्रिया का रूप उसके कर्ता के लिंग (पुल्लिंग या स्त्रीलिंग) के अनुसार भी परिवर्तित होता है। उदाहरण:

  • राम आया (पुल्लिंग)
  • सीता आई (स्त्रीलिंग)

3.3 कर्तृ-कर्म संबंध

क्रिया कर्ता (जो कार्य करता है) और कर्म (जिस पर कार्य होता है) दोनों से सम्बंधित होती है। इसका ज्ञान वाक्य निर्माण और अर्थ की स्पष्टता के लिए आवश्यक है।

4. संबिंधित व्याकरणिक नियम

क्रिया एवं विशेषण दो अलग-अलग शब्द-भेद होते हुए भी वे वाक्य रचना में घनिष्ठ रूप से जुड़े होते हैं। क्रिया वाक्य में घटना या कार्य का बोध कराती है, जबकि विशेषण संज्ञा के विशेष गुण या संख्या को दर्शाता है। इसलिए क्रिया वाक्य की धुरी मानी जाती है और विशेषण उसकी सहायक भूमिका निभाता है।

नोट: हिंदी में क्रिया और विशेषण दोनों ही लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलते हैं।

5. कार्यप्रणाली एवं उदाहरण

Example 1: क्रिया के काल की पहचान Easy
वाक्य में दी गई क्रिया का काल बताइए: "राम बाजार गया।"

चरण 1: क्रिया को पहचानें - "गया"।

चरण 2: "गया" क्रिया का अर्थ बताता है कि कोई कार्य पहले हुआ है।

चरण 3: अतः यह भूतकाल (Past Tense) है।

उत्तर: वाक्य में क्रिया का काल भूतकाल है।

Example 2: विशेषण का प्रकार पहचानना Easy
वाक्य में विशेषण का प्रकार बताइए: "सुंदर फूल खिल रहा है।"

चरण 1: संज्ञा पहचानें - "फूल"।

चरण 2: "सुंदर" शब्द फूल की गुणवत्ता दर्शाता है।

चरण 3: इसलिए "सुंदर" गुणवाचक विशेषण है।

उत्तर: विशेषण का प्रकार - गुणवाचक विशेषण।

Example 3: क्रिया के रूप में पुरुष और वचन की पहचान Medium
वाक्य में क्रिया के पुरुष और वचन को पहचानें: "वे स्कूल जा रहे हैं।"

चरण 1: क्रिया पहचानें - "जा रहे हैं"।

चरण 2: "वे" सर्वनाम तृतीय पुरुष बहुवचन है।

चरण 3: इसलिए क्रिया भी तृतीय पुरुष बहुवचन में है।

उत्तर: क्रिया तृतीय पुरुष, बहुवचन है।

Example 4: विशेषण के साथ संज्ञा का लिंग और वचन मिलान Medium
समझाइए: "लाल किताबें मेज पर रखी हैं।"

चरण 1: संज्ञा: "किताबें", यह स्त्रीलिंग बहुवचन शब्द है।

चरण 2: विशेषण: "लाल" - इसको स्त्रीलिंग बहुवचन में "लाल" ही रखा जाता है क्योंकि रंग विशेषण लिंग से प्रभावित नहीं होता।

चरण 3: क्रिया: "रखी हैं", यह भी स्त्रीलिंग बहुवचन के अनुसार है।

उत्तर: विशेषण, संज्ञा, एवं क्रिया लिंग व वचन के अनुसार मेल खाते हैं।

Example 5 (परीक्षा-शैली): सही विकल्प चुनिए Hard
निम्न में से कौन-सा वाक्य क्रिया के लिंग और वचन के अनुसार उचित है?
(A) राम खा रही है।
(B) सीता खेलता है।
(C) बच्चे पढ़ रहे हैं।
(D) लड़की गए थे।

चरण 1: विकल्प (A): "राम" पुल्लिंग, "खा रही है" - स्त्रीलिंग, गलत मेल।

चरण 2: विकल्प (B): "सीता" स्त्रीलिंग, "खेलता है" पुल्लिंग, मेल नहीं।

चरण 3: विकल्प (C): "बच्चे" बहुवचन, "पढ़ रहे हैं" पुल्लिंग बहुवचन, सही मेल।

चरण 4: विकल्प (D): "लड़की" स्त्रीलिंग एकवचन, "गए थे" पुल्लिंग बहुवचन, गलत मेल।

उत्तर: विकल्प (C) सही है क्योंकि इसमें क्रिया का लिंग और वचन कर्ता के अनुरूप है।

Tips & Tricks

टिप: क्रिया के काल पहचानने के लिए 'रहा', 'रही', 'रहे' शब्दों पर ध्यान दें।

कब उपयोग करें: वर्तमान काल के वाक्यों में जहां क्रिया पूर्ण न होकर जारी हो, वहाँ।

टिप: विशेषण पहचाने तो देखें यह संज्ञा की जाती है या संख्या बताता है।

कब उपयोग करें: जब विशेषण के प्रकार को त्वरित रूप से चुनना हो।

टिप: एकवचन और बहुवचन क्रिया रूपों को याद करने के लिए, क्रिया के अंत के प्रत्ययों पर ध्यान दें जैसे '-ता', '-ते', '-ती।'

कब उपयोग करें: परीक्षा में क्रिया रूप पहचान के लिए।

टिप: क्रिया एवं विशेषण का लिंग और वचन मेल सुनिश्चित करें; इसे पसंदीदा नियमों के रूप में लिख लें।

कब उपयोग करें: व्याकरण संबंधित वाक्यों को लिखते या संशोधित करते समय।

टिप: क्रिया के पुरुष पहचानने के लिए 'मैं', 'हम' प्रथम, 'तुम', 'आप' द्वितीय, 'वह', 'वे' तृतीय पुरुष समझें।

कब उपयोग करें: संधि-विच्छेद और संप्रेषण आधारित प्रश्नों में।

Common Mistakes to Avoid

❌ क्रिया के काल पहचानने में सीधे क्रिया के शब्द पर ध्यान न देना और अनुमान लगाना।
✓ क्रिया के काल को निश्चित करने के लिए क्रिया के अंत में लगे प्रत्ययों जैसे 'रहा', 'गया', 'जाएगा' को देखें।
क्यों: क्रिया के प्रत्यय काल की सही जानकारी देते हैं। अनुमान लगाने से गलत उत्तर संभव हैं।
❌ विशेषण और संज्ञा के लिंग-वचन में मेल न रखना।
✓ विशेषण का रूप संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलें।
क्यों: हिंदी व्याकरण नियमों के अनुसार विशेषण संज्ञा के साथ मेल खाता है, इसलिए मेल न रखने से अर्थ भ्रमित हो सकता है।
❌ क्रिया में पुरुष (पहला/दूसरा/तीसरा) का गलत चयन।
✓ वाक्य के कर्ता के अनुसार सही पुरुष चुनें।
क्यों: कर्ता के पुरुष के अनुसार ही क्रिया के रूप का निर्धारण होता है, गलती से वाक्य असंवदनीय हो जाता है।
❌ सहायक क्रिया और मुख्य क्रिया को अलग समझना और गलत क्रिया रूप बनाना।
✓ सहायक क्रिया (जैसे 'रहा', 'है') एवं मुख्य क्रिया के मेल पर ध्यान दें।
क्यों: सहायक क्रिया काल और पुरुष को व्यक्त करने में सहायक होती हैं। इसका सही योग आवश्यक है।

मुख्य सारांश

  • क्रिया क्रिया के काल, पुरुष, लिंग और वचन के अनुसार परिवर्तनशील होती है।
  • विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता, संख्या तथा गुण को दर्शाता है।
  • क्रिया के काल की पहचान क्रिया के प्रत्ययों से संभव होती है।
  • विशेषण का रूप संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है।
  • सही व्याकरण के लिए क्रिया, विशेषण तथा कर्ता के बीच मेल जरूरी है।
Key Takeaway:

क्रिया एवं विशेषण की सही समझ हिंदी व्याकरण की नींव है, जो वाक्य रचना तथा अर्थ की स्पष्टता के लिए आवश्यक है।

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