राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) ने भारत के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और पुनर्संरचनात्मक प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। यह नीति तकनीकी शिक्षा के आधुनिकीकरण, व्यावसायिक शिक्षा का समावेशन एवं उद्योग और विधालयों के मध्य सशक्त संबंध स्थापित करने पर केंद्रित है। इस खण्ड में, NEP 2020 के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के संदर्भ में मुख्य प्रावधानों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक समेकित प्रणाली में लाना है। इसका लक्ष्य है कि स्नातक स्तर से पूर्व छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल प्राप्त हो जिससे वे रोजगार योग्य बन सकें। साथ ही, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पाठ्यक्रम विकसित किए जाएं।
graph LR A[तकनीकी शिक्षा पुनर्संरचना] --> B[व्यावसायिक शिक्षा का समावेशन] B --> C[उद्योग-विद्यालय समन्वय] C --> D[नवीन पाठ्यक्रम और कौशल विकास] D --> E[रोज़गार योग्य स्नातक]
भारत में तकनीकी शिक्षा के संचालन और मानकीकरण के लिए विभिन्न संस्थान कार्यरत हैं, जिनमें प्रमुख हैं - AICTE और NITTTR।
AICTE भारत सरकार के तहत कार्यरत एक राष्ट्रीय संस्था है, जो तकनीकी शिक्षा के मानकों को निर्धारित करती है। यह नए पाठ्यक्रम, सीखी जाने वाली तकनीकों, और योग्य प्रशिक्षकों के विकास हेतु दिशा-निर्देश प्रदान करती है।
NITTTR तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं शोध के लिए स्थापित एक संस्थान है। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा में नवाचार और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है। NITTTR तकनीकी शिक्षण विधियों, प्रशिक्षण उपकरणों और पाठ्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
पॉलीटेक्निक शिक्षा एक डिप्लोमा स्तरीय तकनीकी शिक्षा प्रणाली है जो ६ महीने से ३ वर्ष तक की अवधि में उपलब्ध कराई जाती है। यह शिक्षा विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं सिद्धांत दोनों क्षमताओं में दक्ष बनाती है। SBTE झारखंड इसके नियामक और परीक्षा प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है।
SBTE झारखंड समय-समय पर सत्रीय परीक्षाएं आयोजित करता है जो लिखित एवं प्रायोगिक दोनों प्रकार की होती हैं। परीक्षा में उत्तीर्ण होना डिप्लोमा प्रमाणपत्र प्राप्ति के लिए अनिवार्य है। परीक्षाएं सामान्यतः सेमेस्टर आधारित होती हैं जिससे छात्र नियमित रूप से अपनी प्रगति का आकलन कर सकें।
| पाठ्यक्रम घटक | वार्षिक समय | परीक्षा का प्रकार |
|---|---|---|
| सैद्धांतिक अध्ययन | 12 माह प्रति वर्ष | लिखित परीक्षा |
| प्रायोगिक प्रशिक्षण | 6 माह प्रति वर्ष | प्रायोगिक परीक्षा |
| इंटर्नशिप / उद्योग प्रशिक्षण | 3-6 माह (अंतिम वर्ष में) | मूल्यांकन रिपोर्ट |
NEP 2020 ने उद्योगों और तकनीकी संस्थानों (विशेषकर पॉलीटेक्निक एवं डिप्लोमा प्रदान करने वाले विद्यालयों) के बीच सशक्त समन्वय और प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने पर बल दिया है। इसका उद्देश्य शिक्षा को व्यावहारिक, उद्योग की मांगों के अनुरूप और रोजगार सक्षम बनाना है।
क्षमता विकास का अर्थ है विशिष्ट कौशलों और ज्ञान क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त करना, जो विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करता है। NEP 2020 में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना है जो स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देंगे।
चरण 1: प्रश्न से पुनर्संरचना, व्यावसायिक शिक्षा, और उद्योग-विद्यालय समन्वय के मुख्य उद्देश्य के रूप में उल्लेखित हैं।
चरण 2: विकल्प 3 में सभी तीन उद्देश्यों का समावेश है, जो NEP 2020 के प्रावधानों के अनुरूप है।
उत्तर: विकल्प 3 सही है।
चरण 1: AICTE का कार्य तकनीकी शिक्षा के मानक और नियम निर्धारित करना है।
चरण 2: NITTTR का मुख्य कर्तव्य तकनीकी अध्यापकों का प्रशिक्षण और शोध करना है।
उत्तर: विकल्प B सही है। विकल्प A उल्टा दर्शाता है। विकल्प C और D दोनों संस्थानों की संपूर्ण भूमिकाओं को सीमित कर देते हैं।
चरण 1: SBTE झारखंड सेमेस्टर आधारित परीक्षा प्रणाली अपनाता है।
चरण 2: इसमें लिखित के साथ-साथ प्रायोगिक परीक्षण भी होते हैं।
उत्तर: विकल्प 3 सही है। विकल्प 1 गलत है क्योंकि यह वार्षिक नहीं है। विकल्प 2 गलत है क्योंकि प्रायोगिक परीक्षा भी होती है। विकल्प 4 गलत है क्योंकि SBTE पाठ्यक्रम सामग्री का निर्माण करता है।
चरण 1: NEP 2020 के अनुसार उद्योग-विद्यालय समन्वय में इंटर्नशिप और रोजगार उपयुक्त प्रशिक्षण अनिवार्य है।
चरण 2: उद्योगों से फीडबैक भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक है।
उत्तर: सभी i, ii, iii सही हैं।
चरण 1: NEP 2020 का लक्ष्य है कौशल आधारित व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना।
चरण 2: केवल अकादमिक शिक्षण पर बल देना नीति के उद्देश्य के विपरीत है।
उत्तर: विकल्प C सही है क्योंकि यह NEP 2020 की व्यावसायिक शिक्षा के प्रस्ताव से मेल नहीं खाता।
When to use: जब संस्थानों की भूमिकाओं पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न हों।
When to use: नीति के उद्देश्य व प्रावधान संबंधी प्रश्नों के उत्तर में।
When to use: परीक्षा और पाठ्यक्रम सम्बंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए।
When to use: व्यावसायिक शिक्षा के प्रभाव तथा सम्बन्धित प्रश्नों में।
When to use: रोजगार और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रश्नों में।
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