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भाषा विकास एवं बोलने का क्रम

244 questions for this subtopic 0 attempted

Multiple choice

227 questions · auto-graded
Question 1
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन-सी विकास की विशेषता नहीं है?
(A) क्रमबद्धता
(B) प्रगतिशील परिवर्तन
(C) अनिश्चित दिशा
(D) निरंतर प्रक्रिया
Why: विकास की प्रमुख विशेषताएँ हैं: (A) क्रमबद्धता - विकास चरणों में होता है और एक निश्चित क्रम में होता है; (B) प्रगतिशील परिवर्तन - विकास परिवर्तनों की एक प्रगतिशील शृंखला है; (D) निरंतर प्रक्रिया - विकास जीवन भर चलती है। हालांकि, विकास की दिशा निश्चित और पूर्वकथनीय होती है, अनिश्चित नहीं। अतः सही उत्तर विकल्प (C) अनिश्चित दिशा है।
Question 2
PYQ 1.0 marks
विकास और वृद्धि के बीच मुख्य अंतर क्या है?
(A) वृद्धि केवल शारीरिक है, विकास समग्र है
(B) वृद्धि मात्रात्मक है, विकास गुणात्मक है
(C) वृद्धि बचपन तक सीमित है, विकास जीवन भर होता है
(D) उपरोक्त सभी
Why: वृद्धि और विकास में कई अंतर हैं: (A) वृद्धि केवल शारीरिक परिवर्तन से संबंधित है जबकि विकास में शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, भावनात्मक और सामाजिक सभी पहलु शामिल हैं। (B) वृद्धि को संख्यात्मक रूप से मापा जा सकता है (मात्रात्मक) जबकि विकास का मूल्यांकन किया जाता है (गुणात्मक)। (C) वृद्धि एक निश्चित अवधि तक सीमित है जबकि विकास जीवन भर चलता है। इसलिए सभी विकल्प सही हैं।
Question 3
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा विकास के संदर्भ में सही है?
(A) विकास केवल बचपन में होता है
(B) विकास केवल आनुवंशिकता द्वारा निर्धारित होता है
(C) विकास एक क्रमबद्ध और निरंतर प्रक्रिया है
(D) विकास को सटीकतापूर्वक मापा जा सकता है
Why: (A) गलत है क्योंकि विकास जीवन भर चलता है, केवल बचपन तक सीमित नहीं है। (B) गलत है क्योंकि विकास आनुवंशिकता और पर्यावरण दोनों से प्रभावित होता है। (D) गलत है क्योंकि विकास गुणात्मक है और इसका सटीकतापूर्वक मापन संभव नहीं है। (C) सही है क्योंकि विकास क्रमबद्ध है (एक निश्चित क्रम में होता है) और निरंतर है (जीवन भर चलता है)।
Question 4
PYQ 1.0 marks
विकास का प्रारंभ कब होता है?
(A) जन्म के समय
(B) गर्भाधान से
(C) बाल्यावस्था से
(D) किशोरावस्था से
Why: विकास एक गतिशील, क्रमबद्ध और पूर्वकथनीय प्रक्रिया है जो गर्भाधान से ही प्रारंभ हो जाती है और जीवन भर चलती रहती है। भ्रूण के विकास का कार्य गर्भावस्था के दौरान ही शुरू हो जाता है। इसलिए विकास का प्रारंभ गर्भाधान से होता है, न कि जन्म के समय से।
Question 5
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन-सी परिपक्वता की विशेषता है?
(A) यह पूरी तरह आनुवंशिकता द्वारा निर्धारित है
(B) यह पर्यावरण द्वारा निर्धारित है
(C) यह पूरी तरह सीखने पर निर्भर है
(D) यह केवल बचपन में होती है
Why: परिपक्वता उन परिवर्तनों को इंगित करती है जो एक निर्धारित क्रम का अनुसरण करते हैं और प्रधानतः आनुवंशिक रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) से सुनिश्चित होते हैं। परिपक्वता मुख्यतः आनुवंशिकता द्वारा निर्धारित होती है, न कि पर्यावरण या सीखने से। इसलिए सही उत्तर (A) है।
Question 6
PYQ 1.0 marks
विकास की किन विशेषताओं को सही विकल्प में प्रदर्शित किया गया है?
(A) परिवर्तनों की प्रगतिशील शृंखला और क्रमबद्धता
(B) केवल शारीरिक परिवर्तन
(C) अनिश्चित दिशा और अनियमित गति
(D) केवल आनुवंशिकता द्वारा निर्धारण
Why: विकास की प्रमुख विशेषताएँ हैं: परिवर्तनों की प्रगतिशील शृंखला (एक चरण से दूसरे चरण में क्रमिक प्रगति), क्रमबद्धता (एक निश्चित क्रम में परिवर्तन), और समग्र प्रकृति (शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक आदि सभी पहलु)। विकास की दिशा निश्चित और पूर्वकथनीय होती है, अनिश्चित नहीं। इसलिए सही उत्तर (A) है।
Question 7
PYQ 1.0 marks
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा अवस्था विशेषता **स्कीमाटा** से संबंधित नहीं है?
Why: पियाजे के सिद्धांत में **स्कीमाटा** (schemas) मूल संरचना है जो सभी अवस्थाओं में मौजूद रहती है। वस्तु स्थायित्व, आत्म-विभेदीकरण और अनुकूलन स्कीमाटा के माध्यम से विकसित होते हैं, लेकिन स्कीमाटा स्वयं एक अवस्था विशेषता नहीं है। इसलिए सही उत्तर **स्कीमाटा** (D) है।[1]
Question 8
PYQ 1.0 marks
पियाजे के अनुसार बच्चे ने संज्ञानात्मक विकास के चार चरणों का वर्णन किया है। पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता सही है?
Why: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की मुख्य विशेषताएं हैं: **अहंकेंद्रवाद (Egocentrism)**, सेंट्रेशन, अपरिवर्तनीयता, और जीववाद। प्रश्न में सभी विकल्प इस अवस्था से संबंधित हैं लेकिन **अहम्-केन्द्रण** (अहंकेंद्रवाद) इस अवस्था की सबसे प्रतिनिधि विशेषता है। इसलिए सही उत्तर **B** है।[1][2]
Question 9
PYQ · 2022 1.0 marks
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार संज्ञानात्मक विकास कितने प्रमुख चरणों में होता है?
Why: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास के **चार प्रमुख चरण** वर्णित किए हैं: 1. संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष), 2. पूर्व-संक्रियात्मक (2-7 वर्ष), 3. मूर्त-संक्रियात्मक (7-11 वर्ष), 4. अमूर्त संक्रियात्मक (11+ वर्ष)। इसलिए सही उत्तर **C** (4) है।[2][4][5]
Question 10
PYQ 1.0 marks
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के लिए मुख्य कारक कौन-से हैं?
Why: पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास **भौतिक पर्यावरण** और **जैविक क्षमताओं** पर आधारित है। भाषा विकास संज्ञान से होता है, न कि इसके विपरीत। इसलिए सही उत्तर **B** है।[2]
Question 11
PYQ 2.0 marks
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के बारे में सही है?
1. संज्ञानात्मक विकास विभिन्न अवस्थाओं में विभिन्न दरों पर होता है।
2. बच्चे और पर्यावरण के बीच परस्पर क्रिया से संज्ञान विकसित होता है।
3. सभी चरण अपरिवर्तनीय हैं।
Why: पियाजे के सिद्धांत के अनुसार सभी तीन कथन सही हैं: **1.** विभिन्न अवस्थाओं में विभिन्न दरें, **2.** बच्चा-पर्यावरण परस्पर क्रिया, **3.** चरण क्रमिक और अपरिवर्तनीय हैं। इसलिए सही उत्तर **C** है।[4][5]
Question 12
PYQ 1.0 marks
वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चे के सांस्कृतिक विकास में प्रत्येक कार्य कितनी बार दिखाई देता है?
Why: वाइगोत्स्की के अनुसार, बच्चे के सांस्कृतिक विकास में प्रत्येक कार्य पहले सामाजिक स्तर पर (अन्य लोगों के साथ अंतर्क्रिया में) दिखाई देता है, फिर आंतरिक स्तर पर बच्चे के मन में आ जाता है। यह सिद्धांत सामाजिक अंतर्क्रिया को विकास का आधार मानता है[2].
Question 13
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन सा कथन वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार सही है? 1. संस्कृति और भाषा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं 2. संज्ञानात्मक विकास सामाजिक शिक्षा से पहले होता है 3. अधिगम केवल बाहरी घटना है
Why: वाइगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार संस्कृति और भाषा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संज्ञानात्मक विकास सामाजिक शिक्षा के बाद होता है (सामाजिक पहले), और अधिगम दैनिक जीवन में सामाजिक अंतर्क्रिया से होता है[2][3].
Question 14
PYQ 1.0 marks
वाइगोत्स्की ने अपने सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में किस अवधारणा को पेश किया?
Why: वायगोत्स्की ने आंतरिक भाषण की अवधारणा पेश की, जो पहले सामाजिक संपर्क से विकसित होकर बच्चे के व्यवहार को विनियमित करने में मदद करता है[3].
Question 15
PYQ 1.0 marks
वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास किसके द्वारा होता है?
Why: वाइगोत्स्की के अनुसार बालक समाज और संस्कृति में रहकर अनुकरण के द्वारा सीखता है और समाज के साथ अंतर्क्रिया से विकास करता है[1].
Question 16
PYQ 1.0 marks
वाइगोत्स्की और पियाजे के बीच मुख्य अंतर क्या है? A. वाइगोत्स्की: पहले विचार, फिर भाषा B. पियाजे: पहले भाषा, फिर विचार
Why: वाइगोत्स्की के अनुसार बालक में पहले विचारों का जन्म होता है, बाद में भाषा, जबकि पियाजे इसके विपरीत मानते हैं[1].
Question 17
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार नैतिक विकास किस चीज पर निर्भर करता है?
Why: कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार नैतिक विकास संज्ञानात्मक विकास और सामाजिक अनुभवों से प्रभावित होता है। नैतिक विकास एक क्रमिक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के चिंतन स्तर और सामाजिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। विकल्प B सही है क्योंकि यह कोहलबर्ग के सिद्धांत का मूल आधार है।
Question 18
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के सिद्धांत में कौन सा स्तर पूर्व-पारंपरिक चरण को दर्शाता है?
Why: पूर्व-पारंपरिक स्तर में व्यक्ति दंड और पुरस्कार पर ध्यान देता है। कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार यह सबसे निम्न स्तर है जहां बच्चा दंड से बचने और पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कार्य करता है। विकल्प A सही है।
Question 19
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर से संबंधित है?
Why: कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास पारंपरिक स्तर के अंतर्गत आता है। इस स्तर में व्यक्ति सामाजिक मानदंडों और दूसरों की प्रशंसा के अनुसार कार्य करता है। विकल्प B सही है।
Question 20
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग ने अपने नैतिक विकास सिद्धांत का प्रतिपादन किस वर्ष में किया?
Why: कोहलबर्ग ने अपने नैतिक विकास सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1969 में किया था। उन्होंने बाद में 1981 और 1984 में अपने विचारों में संशोधन का कार्य किया। विकल्प B सही है।
Question 21
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में कुल कितने स्तर हैं?
Why: कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में 3 मुख्य स्तर हैं: (1) पूर्व-पारंपरिक स्तर, (2) पारंपरिक स्तर, और (3) उत्तर-पारंपरिक स्तर। प्रत्येक स्तर को 2 चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे कुल 6 चरण बनते हैं। विकल्प B सही है।
Question 22
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग अपने परीक्षण के लिए किस माध्यम का उपयोग करते थे?
Why: कोहलबर्ग अपने परीक्षण के लिए कथाओं और नैतिक दुविधा विधि का उपयोग करते थे। वह इन कथाओं के माध्यम से छात्रों से प्रश्न पूछते थे और उन प्रश्नों से प्राप्त उत्तरों के माध्यम से नैतिक विकास के सिद्धांतों का निर्माण करते थे। विकल्प B सही है।
Question 23
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की गति किससे संबंधित है?
Why: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की गति संज्ञानात्मक विकास से अधिक होती है। व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता का विकास जितना अधिक होता है, उसका नैतिक विकास भी उसी अनुपात में आगे बढ़ता है। विकल्प B सही है।
Question 24
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता का विकास किससे संभव है?
Why: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता का विकास संवाद और चर्चा के माध्यम से संभव है। सामूहिक चर्चा और बहस के द्वारा बच्चों में उच्च स्तर की नैतिक सोच का विकास होता है। विकल्प B सही है।
Question 25
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास को मापने का आधार क्या है?
Why: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास को मापने का आधार व्यक्ति का तर्क स्तर है। यह केवल व्यवहार पर नहीं बल्कि नैतिक निर्णयों के पीछे के तर्क और सोच पर निर्भर करता है। विकल्प B सही है।
Question 26
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के सिद्धांत में पारंपरिक स्तर पर नैतिक चिंतन किस पर आधारित होता है?
Why: कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार पारंपरिक स्तर पर नैतिक चिंतन सामाजिक परिपेक्ष पर आधारित होता है। इस स्तर पर व्यक्ति समाज के मानदंडों, परंपराओं और दूसरों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर नैतिक निर्णय लेता है। विकल्प B सही है।
Question 27
PYQ 1.0 marks
कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास में व्यक्ति किस पर अधिक ध्यान देता है?
Why: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास में व्यक्ति कर्ता की मंशा और तर्क पर अधिक ध्यान देता है, न कि केवल परिणामों पर। यह दर्शाता है कि नैतिक विकास संज्ञानात्मक-नैतिक प्रकृति का होता है। विकल्प B सही है।
Question 28
PYQ 1.0 marks
एरिकसन के अनुसार, बच्चों का मनोसामाजिक विकास किस अवस्था में **परिश्रम बनाम हीनता** का संकट होता है?

1. शैशवावस्था (0 से 1½)
2. प्रारंभिक बाल्यावस्था (1½ से 3)
3. खेलने की आयु (3 से 5)
4. **स्कूल की आयु (5 से 12)**
graph TD
    A[एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास चरण] --> B[1. विश्वास बनाम अविश्वास
0-1½ वर्ष] B --> C[2. स्वायत्तता बनाम शर्म
1½-3 वर्ष] C --> D[3. नेतृत्व बनाम अपराधबोध
3-5 वर्ष] D --> E[**4. परिश्रम बनाम हीनता**
**5-12 वर्ष**
**क्षमता**] style E fill:#ff9999
Why: एरिकसन के मनोसामाजिक विकास सिद्धांत के अनुसार, **स्कूल की आयु (5 से 12 वर्ष)** के दौरान बच्चे **परिश्रम बनाम हीनता** का संकट अनुभव करते हैं। इस अवस्था में बच्चे स्कूल में जाकर कार्यों में परिश्रम करना सीखते हैं। सफलता से उनमें **क्षमता** नामक गुण विकसित होता है, जबकि असफलता से हीनभावना उत्पन्न होती है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि शैशवावस्था में विश्वास बनाम अविश्वास, प्रारंभिक बाल्यावस्था में स्वायत्तता बनाम शर्म, और खेलने की आयु में नेतृत्व बनाम अपराधबोध होता है[1].
Question 29
PYQ · 2022 1.0 marks
ऐरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, **छठा चरण** क्या कहलाता है?

A. परिपक्वता बनाम अवरोध
B. मध्य वयस्कता
C. **अंतरंगता बनाम अलगाव**
D. किशोरावस्था
चरणसंकटआयुमूल गुण
5अहम् पहचान बनाम भूमिका भ्रम12-18सत्य के प्रति निष्ठा
**6****अंतरंगता बनाम अलगाव****18-40****प्रेम**
7उत्पादकता बनाम ठहराव40-65देखभाल
Why: एरिक्सन के सिद्धांत में **छठा चरण अंतरंगता बनाम अलगाव** है जो **युवा वयस्कता (18-40 वर्ष)** में होता है। इस अवस्था में व्यक्ति दूसरों के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित करने का प्रयास करते हैं। सफलता पर **प्रेम** नामक गुण विकसित होता है। अन्य विकल्प गलत हैं: परिपक्वता आठवां चरण, मध्य वयस्कता सातवां चरण, और किशोरावस्था पांचवां चरण है[2].
Question 30
PYQ · 2022 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन बाल विकास को प्रभावित करने वाला कारक नहीं है?

(A) पोषण
(B) परिपक्वता
(C) अधिगम
(D) भाग्य
Why: बाल विकास को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक पोषण, परिपक्वता, अधिगम, वातावरण, आनुवंशिकता आदि हैं। भाग्य एक वैज्ञानिक कारक नहीं है और विकास पर इसका कोई प्रत्यक्ष प्रभाव सिद्ध नहीं है। पोषण शारीरिक विकास, परिपक्वता विकास की गति, अधिगम संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित करते हैं[3][2]。
Question 31
PYQ · 2023 1.0 marks
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पोषण बाल विकास को प्रभावित करता है।
2. पारिवारिक वातावरण विकास पर प्रभाव डालता है।
3. आनुवंशिकता विकास को निर्धारित करती है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) 1, 2 और 3
(D) केवल 3
Why: सभी तीनों कथन सत्य हैं। पोषण शारीरिक विकास, पारिवारिक वातावरण भावनात्मक व सामाजिक विकास, तथा आनुवंशिकता बौद्धिक विकास को प्रभावित करते हैं। विकल्प C सभी को शामिल करता है[1][2][3]。
Question 32
PYQ 1.0 marks
बाल विकास में 'परिपक्वता' कारक का क्या अर्थ है?
Why: परिपक्वता से तात्पर्य बच्चे के जन्म समय से है। समयपूर्व जन्म शारीरिक, मानसिक विकास को प्रभावित करता है। अन्य विकल्प पर्यावरणीय कारक हैं[2]。
Question 33
PYQ 1.0 marks
भाषा विकास के पूर्वभाषाई चरण में बच्चे क्या करते हैं?
Why: भाषा विकास के पूर्वभाषाई चरण का अर्थ है वह समय जब बच्चे अभी तक वास्तविक भाषा का उपयोग नहीं कर रहे होते हैं, लेकिन वे वाणी के माध्यम से अपने आस-पास के वातावरण से संवाद करना शुरू करते हैं। इस चरण के दौरान, बच्चे आमतौर पर 'कूजन' और 'बैबलिंग' का उपयोग करते हैं। 'बैबलिंग' नवजात शिशु के जीवन के 6 से 9 महीने के बीच शुरू होता है, और इसमें बच्चे 'बाबाबा' या 'मामामा' जैसी ध्वनियाँ उत्पन्न करने लगते हैं। यद्यपि इन ध्वनियों का अभी तक कोई विशेष अर्थ नहीं होता है, यह फिर भी बच्चों के भाषा विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है क्योंकि वे समझने लगते हैं कि ध्वनियों और वाणी के माध्यम से संचार संभव है। यह चरण आधिकारिक शब्दों और वाक्यांशों के निर्माण की ओर एक कदम होता है। इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।[1]
Question 34
PYQ 1.0 marks
एक बच्चे में भाषा का विकास ऐसे चरणों में पूरा होता है। लंबा कथन चरण कब शुरू होता है?
Why: एक बच्चे में भाषा का विकास निम्न चरणों में होता है: बकबकाना (6 सप्ताह), बड़बड़ाना (6 महीने), एक शब्द (12 महीने), दो शब्द (18 महीने), लंबा कथन (2 से 4 वर्ष)। लंबा कथन चरण 2 से 4 वर्ष की आयु में होता है, जब बच्चे मूल वयस्क वाक्य संरचना विकसित करते हैं। इस चरण तक शब्दावली 1000 शब्दों तक पहुँच जाती है और वाक्य रचना की समझ विकसित हो जाती है। इसलिए सही उत्तर विकल्प D है।[3]
Question 35
PYQ 1.0 marks
दो-शब्द उच्चारण चरण कब शुरू होता है?
Why: दो-शब्द उच्चारण चरण 1.5 से 2.5 वर्ष की आयु के बीच शुरू होता है, जब बच्चे एकल शब्दों का संयोजन करके दो शब्दों के उच्चारण करने लगते हैं। इससे वाक्य रचना की समझ विकसित होती है। निरंतर शब्दावली अधिग्रहण के साथ मूल वयस्क वाक्य संरचना लगभग 4 वर्ष की आयु तक विकसित हो जाती है। शब्दावली 2 वर्ष में 300 से 3 वर्ष में 1000 शब्दों तक बढ़ जाती है। इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।[3]
Question 36
PYQ 1.0 marks
शब्द युग्म का उच्चारण बच्चे कब शुरू करते हैं?
Why: शब्द युग्म का उच्चारण 18 से 24 महीने की आयु तक बच्चे शुरू करते हैं। इस चरण में बच्चे शब्द युग्मों को जोड़ना प्रारम्भ कर देते हैं तथा अपनी इच्छा, कुशलता, शारीरिक इच्छा तथा भूख के विभिन्न मुद्दों के बारे में संवाद करते हैं। नवजात शिशु 10 महीने में बोली गई ध्वनियों को अन्य ध्वनियों से अलग करने में सक्षम हो जाता है। विकास भाषा के बिना शुरू होता है लेकिन 10 महीने तक बच्चे भाषण की आवाज़ को पहचानने लगते हैं। इसलिए सही उत्तर विकल्प D है।[4]
Question 37
Question bank
निम्नलिखित में से विकास का कौन सा अर्थ सही है?
Why: विकास का अर्थ है शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक रूप से क्रमिक एवं सतत परिवर्तन जो व्यक्ति के पूरे जीवन के दौरान की ओर ले जाता है।
Question 38
Question bank
विकास की निम्नलिखित कौन सी विशेषता सही है?
Why: विकास एक निरंतर, क्रमबद्ध तथा स्थायी प्रक्रिया है जो जीवनभर चलती रहती है।
Question 39
Question bank
विकास और वृद्धि के बीच में मुख्य अंतर क्या है?
Why: वृद्धि केवल आकार या मात्र में वृद्धि है जबकि विकास गुणात्मक बदलाव है, जिसमें क्षमताएँ, समझदारी आदि शामिल होती हैं।
Question 40
Question bank
निम्नलिखित में से विकास की कौन सी प्राथमिकता सही है?
Why: विकास में व्यक्ति के समग्रण व्यक्तित्व में क्रमिक, स्थायी, गुणात्मक एवं मात्रात्मक परिवर्तन शामिल होते हैं।
Question 41
Question bank
विकास की प्राथमिक को समाप्ति समय कब होती है?
Why: विकास एक निरंतर प्रक्रिया है जो जीवन के प्रत्येक चरण में चलती रहती है और किसी भी निश्चित अवधि पर समाप्त नहीं होती।
Question 42
Question bank
निम्न में से विकास की कौन सी विशेषता सही नहीं है?
Why: विकास में जैविक के साथ-साथ मानसीक, भौतिकात्मक और सामाजिक बदलााव भी शामिल होते हैं, यह केवल जैविक बदलााव नहीं है।
Question 43
Question bank
विकास की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से क्या सही आशय व्यक्त करता है?
Why: व्यक्ति के विकास के अनुकरण, वातावरण और आनुवंशिकी तत्वों का सम्मिश्रित परिणाम है।
Question 44
Question bank
विकास की निम्न में से कौन सी विशेषता अन्य से भिन्न है?
Why: विकास जीवन भर क्रमिक रूप से चलता रहता है, केवल कुँछ उम्र तक सीमित नहीं होता।
Question 45
Question bank
विकास और प्रयोजन के बीच संबंध क्या है?
Why: व्यक्ति के विकास में प्रयोजन का महत्वपूर्ण योगदान होता है, जो उसकी सीखने और बदलाव के गुणात्मक स्तर को प्रभावित करता है।
Question 46
Question bank
नीचे दिए गए में से विकास की कौन सी प्रक्रिया सही है?
Why: विकास एक ऐसा क्रमिक एवं स्थायी बदलाव है जो जीवन भर चलता रहता है और सही प्रकार के विकाशात्मक पक्षों को समाहित करता है।
Question 47
Question bank
निम्नलिखित में से कौन विकास की एक विशेषता नहीं है? ऊपर दिए गए विकास की अवधारणा को बाल विकास के अध्याय में संदर्भित करें। विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है?
Why: विकास एक स्थिर प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह क्रमबद्ध, क्रमिक और बेहतर बनने वाली प्रक्रिया होती है जिसमें सुधार और वृद्धि देखी जाती है।
Question 48
Question bank
विकास की प्रक्रिया में कौन सा तत्व सबसे महत्वपूर्ण है?
Why: विकास की प्रक्रिया क्रमबद्ध होती है, अर्थात यह एक निश्चित क्रम में होती है जो विकास के स्तरों को स्पष्ट करती है।
Question 49
Question bank
विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है?
Why: विकास केवल शारीरिक वृद्धि तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक बदलाव भी शामिल होते हैं।
Question 50
Question bank
विकास और वृद्धि में क्या मुख्य अंतर है?
Why: विकास में गुणात्मक परिवर्तन होते हैं जबकि वृद्धि मात्रात्मक होती है। इसे समझने की क्षमता में सुधार या वजन में इजाफा शामिल है।
Question 51
Question bank
निम्नलिखित में से कौन विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला अंतरिक कारक नहीं है?
Why: वातावरण एक बाह्य कारक है, जबकि आनुवंशिकता, मानसिक स्वास्थ्य और परिरणा अंतरिक कारक होते हैं जो विकास को प्रभावित करते हैं।
Question 52
Question bank
विकास और वृद्धि के बीच संबंध किस प्रकार है?
Why: वृद्धि मात्रात्मक परिवर्तन है और विकास वह गुणात्मक परिवर्तन है जिससे विकास भी एक भाग होती है।
Question 53
Question bank
विकास की कौन सी विशेषता यह संकेत देती है कि विकास धीरे चलता रहता है?
Why: विकास की विशेषता निरंतर और सकारात्मक होना है, जो जीवन के प्रत्येक चरण में चलता रहता है।
Question 54
Question bank
निम्नलिखित में से विकास के कौन से कारक बह्य हैं?
Why: पठन-पाठन और मित्र समूह बाह्य कारक हैं जो व्यक्ति के विकास को प्रभावित करते हैं।
Question 55
Question bank
विकास की कौन सी विशेषता यह बताती है कि विकास के विभिन्न चरण अनियमित क्रम में होते हैं?
Why: क्रमबद्धता का अर्थ है कि विकास एक निश्चित और विनिर्दिष्ट क्रम में होता है।
Question 56
Question bank
एक छात्र विकास और वृद्धि दोनों को समष्टि रहा है। विकास के संदरभ में, वह क्र्या समष्टेगा?
Why: विकास एक समग्र प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, सामाजिक और मानसिक सभी प्रकार के सुधार शामिल हैं।
Question 57
Question bank
विकास की प्रक्रिया की एक विशेषता क्या है?
Why: सही उत्तर कारण: विकास एक सतत् और क्रमबद्ध प्रक्रिया होती है, जो प्रारंभ से अंत तक जीवन्मय भर चलती रहती है। यह एक मुह्यें विशेषता है जो विकास को व्यवस्थित और मानोवैज्ञानिक संदर्भ में प्रभावशाली करती है।
क्यों छात्र फंसे रहते हैं: अक्सर विकल्प C की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि विकास में स्थानीय बदलाव की धारणा आम है, जो 'edge-case omission' का उदाहरण है या विकास की समान क्रमान्तर नियत की उपेक्षा कर आकस्मिक बदलाव की धारणा को जोड़ते हैं।
विकल्पानुसार विश्लेषण: A सही है क्योंकि विकास सतत और क्रमबद्ध होता है; B भ्रम है क्योंकि विकास केवल शारीरिक परिवर्तन तक सीमित नहीं है; C गलत है क्योंकि विकास में अचानक उत्क्रमण नहीं होते; D गलत है क्योंकि विकास मात्र आनुवंशिकी पर निर्भर नहीं होता, पर्यावरण का भी प्रभाव होता है।
Question 58
Question bank
विकास औरlernen में मुख्य अंतर क्या है?
Why: सही उत्तर कारण: विकास जन्मजात जैविक प्रक्रिया है जो प्राकृत स्थानीयता के अंतर्गत होती है, जबकि Lernen व्यक्तिग्राही अनुभव और प्रशिक्षण के प्रभाव से होता है।
क्यों छात्र इस भ्रम में रहते हैं: विकल्प C की ओर झुकाव का कारण है कि वे सोचते हैं कि विकास के लिए शैक्षिक संस्थान जरुरी हैं, जो 'biased reasoning' (confirmation bias) का प्रमाण है, जबकि अन्य अनुभवों से सीखना भी Lernen कहलाता है।
विकल्प विश्लेषण: A सही है क्योंकि विकास प्राकृत और जैविक है; B भ्रम है क्योंकि lernen मानसिक स्तर पर भी होता है; C गलत है क्योंकि विकास स्वाभाविक प्रक्रियाओं द्वारा होता है न कि संसथान द्वारा; D गलत है क्योंकि विकास अस्थायी नहीं होता।
Question 59
Question bank
बाल विकास की अवधारणा में निम्नलिखित में से कौन सी बात सही नहीं है?
Why: सही उत्तर कारण: विकास न केवल बाहरी परिवर्तन पर निर्भर करता है, बल्कि आनुवंशिकी का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है। विकास केवल पर्यावरणीय प्रभाव से नहीं होता।
क्यों छात्र इस भ्रम में रहते हैं: विकल्प B की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि विकास में केवल भौमिकी निमित्त होती है, जबकि वास्तविकता में दोनों का सम्मिलित योगदान होता है। यह 'rote memorisation without context' का उदाहरण भी है।
विकल्पानुसार विश्लेषण: A गलत है क्योंकि विकास सिर्फ बाहरी प्रभाव से नहीं होता; B सही है क्योंकि विकास में आनुवंशिकी और पर्यावरण दोनों शामिल हैं; C सही है क्योंकि विकास क्रमबद्ध और चरणबद्ध होता है; D सही है क्योंकि विकास में शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक परिवर्तन होते हैं।
Question 60
Question bank
विकास की गति (rate of development) पर कौन सा कथन सही है?
Why: सही उत्तर कारण: विकास की गति व्यक्तित्व, समय और परिस्थिति के अनुसार विविध होती है, इसलिए यह समान नहीं होती। विकास प्रक्रिया में बदलाव आनुवंशिक तथा पर्यावरणीय दोनों संदर्भों से प्रभावित होता है।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प A की ओर झुकाव इसलिए होता है क्योंकि वे विकास को सांख्यिकीय और औसत स्तर से जोड़कर एकसमान मान लेते हैं, जो 'availability heuristic' का उदाहरण है।
विकल्पानुसार विश्लेषण: A गलत है क्योंकि विकास की गति सभी में एक समान नहीं होती; B सही है क्योंकि विकास की गति व्यक्ति विशेष के अनुसार बदलती है; C भ्रम है क्योंकि विकास केवल शारीरिक या मानसिक स्तर पर सीमित नहीं है; D गलत है क्योंकि विकास की गति केवल शारीरिक वृद्धि से मेल खाती है यह आवश्यक नहीं है।
Question 61
Question bank
विकास में 'क्रमबद्धता' का तात्पर्य क्या होता है?
Why: सही उत्तर कारण: विकास का अर्थ है कि विकास निश्चित चरणों में होता है, जहाँ प्रत्येक चरण पूर्व चरण पर आश्रित होता है, अर्थात् विकास एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प D की ओर झुकाव इसलिए होता है क्योंकि वे विकास की निरंतरता को गति के समान बगैर रुकावट के जोड़ देते हैं, जो 'rote memorisation without context' का दोष है।
विकल्पानुसार विश्लेषण: A सही है क्योंकि यह विकास के चरणों की क्रमबद्धता को दर्शाता है; B गलत है क्योंकि विकास असंगठित नहीं होता; C गलत है क्योंकि विकास किशोरावस्था में रुकता नहीं; D गलत है क्योंकि विकास की गति हमेशा समान नहीं होती।
Question 62
Question bank
बाल विकास के संदर्भ में, विकास की पुनरावृत्ति (recapitulation) सिद्धांत के संदर्भ में सही कथन है:
Why: सही उत्तर का कारण: पुनरावृत्ति सिद्धांत के अनुसार, बाल विकास जीवों के विकासक्रम (phylogeny) को दोहराता है, यानी ontogeny recapitulates phylogeny।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प C की ओर आकर्षित होना आम है क्योंकि शैक्षिक संस्थानों का प्रत्येक विकास चरण में योगदान होता है, जिसे 'biased reasoning' कहा जाता है।
विकल्प अनुसार विवरण: A सही है क्योंकि यह पुनरावृत्ति सिद्धांत की मौलिक व्याख्या है; B गलत है क्योंकि केवल प्रायोगिक पहलू नहीं महत्वपूर्ण; C गलत है क्योंकि शैक्षिक संस्थानों को अनिवार्य नहीं माना जाता; D गलत है क्योंकि आनुवंशिकी का प्रभाव होता है।
Question 63
Question bank
बाल विकास में ठहराव (stagnation) की अवधारणा से संबंधित सही कथन कौन सा है?
Why: सही उत्तर का कारण: ठहराव विकास की निरंतर प्रक्रिया में अस्थायी ruptura होती है, जो विकास के समान चरण का हिस्सा है।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प B की ओर प्रवृत्त होना आम है क्योंकि ठहराव को स्थायी या अनियमित माना जाता है, जो 'overlooking exceptions' का उदाहरण है।
विकल्प अनुसार विवरण: A सही है क्योंकि ठहराव अस्थायी और समान प्रक्रिया का हिस्सा है; B गलत है क्योंकि ठहराव स्थायी नहीं होता; C गलत है क्योंकि विकास में भ्रम होता है; D गलत है क्योंकि ठहराव का अर्थ समाप्ति नहीं है।
Question 64
Question bank
बाल विकास में प्राथमिकता और विकास की अंतर्वर्ती विशेषता क्या है?
Why: सही उत्तर का कारण: प्राथमिकता का अर्थ संबंधित बदलाव होना होता है जो असंगठित होता है, जबकि विकास क्रम, अनुक्रम और उद्देशपूर्ण होता है।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प C की ओर झुकाव होता है क्योंकि वे विकास और प्राथमिकता को समान रूप से देखते हैं, जो 'rote memorisation without context' का उदाहरण है।
विकल्प अनुसार विवरण: A सही है क्योंकि यह विकास और प्राथमिकता के बीच मौलिक भेद दर्शाता है; B गलत है क्योंकि प्राथमिकता अंत नहीं है; C गलत है क्योंकि विकास और प्राथमिकता अलग हैं; D गलत है क्योंकि विकास परिपक्वता की ओर भी संकेत करता है।
Question 65
Question bank
विकास में प्रायोगिक का प्रमुख किस प्रकार होता है?
Why: सही उत्तर का कारण: विकास में प्रायोगिक और आनुवंशिकी दोनों एक-दूसरे के साथ संयुक्त रूप से भूमिका निभाते हैं।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प A को चुनना आम है क्योंकि प्रायोगिक को पुणर्‍तरह अनभिज्ञ समजते हैं, जिसे 'premature rule application' कहा जाता है।
विकल्प अनुसार विवरण: A गलत है क्योंकि प्रायोगिक अकेला नियंत्रक नहीं; B सही है क्योंकि विकास दोनों का परस्पर सहयोग है; C गलत है क्योंकि प्रायोगिक प्रभाव है; D गलत है क्योंकि प्रायोगिक केवल शारीरिक विकास नहीं करता।
Question 66
Question bank
विकास के कौन से पहलू को स्थायित्व (stability) कहा जाता है?
Why: सही उत्तर का कारण: स्थायित्व से तात्पर्य है विकास का वह पहलू जो किसी विशेष अवधि पर स्थायी रूप से बना रहता है।
छात्रों के भ्रम का कारण: विकल्प A की ओर झुकाव होता है क्योंकि वे सोचते हैं कि विकास हमेशा परिवर्तनशील होता है, जिसे 'confusion between superficially similar concepts' कहा जाता है।
विकल्प अनुसार विवरण: A गलत है क्योंकि स्थायित्व का अर्थ परिवर्तनशीलता नहीं; B सही है क्योंकि यह स्थायी अवस्था दर्शाता है; C गलत है क्योंकि स्थायित्व कटु परिवर्तन नहीं; D गलत है क्योंकि स्थायित्व व्यक्तियों में भिन्न होता है।
Question 67
Question bank
बाल विकास में परिवर्तनशीलता (variability) का अर्थ क्या है?
Why: सही उत्तर का तर्क: परिवर्तनशीलता का मतलब है कि विकास की दर और क्रम बच्चों में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।
छात्र क्यों भ्रमित होते हैं: अधिकांश विकल्प A को चुनते हैं क्योंकि वे मान लेते हैं कि सभी बच्चों का विकास समान होता है, जो 'biased reasoning' कहलाता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलत है क्योंकि विकास समान नहीं होता; B सही है क्योंकि यह विविधता को दर्शाता है; C गलत है क्योंकि परिवर्तनशीलता विकास से जुड़ी है; D गलत है क्योंकि इसका अर्थ विकास का रुक जाना नहीं है।
Question 68
Question bank
विकास के तथ्य (milestones) का क्या महत्व है?
Why: सही उत्तर का तर्क: विकास के माइलस्टोंस समान पैटर्न होते हैं जो विकास के संकेत देते हैं, लेकिन बच्चों में भिन्नता हो सकती है।
छात्र क्यों भ्रमित होते हैं: अधिकांश विकल्प A को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि वे माइलस्टोंस को फिक्स्ड मानते हैं, जो 'overlooking exceptions' कहलाता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलत है क्योंकि सभी बच्चों में समान समय पर नहीं आते; B सही है क्योंकि यह संकेतों को भिन्नता सहित दर्शाता है; C गलत है क्योंकि ये केवल शारीरिक या मानसिक विकास के चरण नहीं हैं; D गलत है क्योंकि माइलस्टोंस का उपयोग होता है।
Question 69
Question bank
बाल विकास के सिद्धांतों में से कौन सा सिद्धांत विकास को एक स्थायी और एकतरफा प्रक्रिया मानता है?
Why: सही उत्तर का तर्क: स्तर सिद्धांत के अनुसार विकास निश्चित चरणों में होता है, जो एक स्थायी और एकतरफा प्रक्रिया है।
छात्र क्यों भ्रमित होते हैं: अधिकांश विकल्प B को चुनते हैं क्योंकि वे विकास को निरंतर और एकरूप मानते हैं, जो 'confusion between superficially similar concepts' कहलाता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि स्तर सिद्धांत विकास को चरणबद्ध और स्थायी मानता है; B गलत है क्योंकि निरंतरता सिद्धांत विकास को सतत मानता है; C अस्पष्ट है; D गलत है क्योंकि पुनरावृत्ति सिद्धांत विकास के दूसरे पहलुओं को दर्शाता है।
Question 70
Question bank
विकास की 'विशिष्टता' (specificity) से क्या तात्पर्य है?
Why: सही उत्तर का तर्क: विकास की विशेषता का अर्थ है कि प्रत्यक्ष क्षेत्र (जैसे शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक) का विकास उसकी अपनी गति और क्रम से होता है।
छात्र क्यों भ्रमित होते हैं: अधिकांश विकल्प A को चुनते हैं क्योंकि वे विकास को समान मान लेते हैं, जो 'biased reasoning' कहलाता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलत है क्योंकि विकास सभी क्षेत्‍रों में समान नहीं होता; B सही है क्योंकि यह अलग-अलग क्षेत्रों के विकास को दर्शाता है; C गलत है क्योंकि विकास केवल शारीरिक नहीं है; D गलत है क्योंकि विशिष्टता का विकास से संबंध होता है।
Question 71
Question bank
बाल विकास में 'संवेदनशील काल' (sensitive period) का अर्थ क्या है?
Why: सही उत्तर का तर्क: संवेदनशील काल वह समय होता है जब किसी विशेष कौशल या व्यवहार को सीखना अधिक प्रभावी और सहज होता है।
छात्र क्यों भ्रमित होते हैं: अधिकांश विकल्प C या D को चुनते हैं क्योंकि वे समझते हैं कि संवेदनशील काल स्थिर या नकारात्मक होता है, जो 'premature rule application' कहलाता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलत है क्योंकि विकास इस काल में होता है; B सही है क्योंकि यह सीखने का सर्वोत्तम समय दर्शाता है; C गलत है क्योंकि विकास हमेशा एक रूप नहीं रहता; D गलत है क्योंकि असर संभव है।
Question 72
Question bank
बाल विकास की अवधारणा के अनुसार, विकास में परिपक्वता (maturation) का क्या स्थान है?
Why: Correct answer reasoning: परिपक्वता वह जैविक विकास है जो आनुवंशिकी द्वारा पूर्वनिर्धारित होता है और विकास की प्रक्रिया का आधार है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C को चुनते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि यही विकास प्रक्रिया आधार है, जो 'biased reasoning' है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि परिपक्वता आनुवंशिकी पर आधारित होती है; B गलत है क्योंकि परिपक्वता विकास ज़रूरी है; C गलत है क्योंकि यह केवल प्रमाण संरचना पर निर्भर नहीं; D गलत है क्योंकि मानसिक विकास पर भी इसका प्रभाव होता है, 'confusion between similar concepts'।
Question 73
Question bank
बाल विकास में प्रभाग developmental domain (शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक) का आपस में संबंध कैसा होता है?
Why: Correct answer reasoning: विकास के विभिन्न क्षेत्‍र (डोमेन्स) एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और परस्पर प्रभाव डालते हैं जिससे पूर्ण विकास होता है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प A या C की ओर आकृष्ट होते हैं क्योंकि वे डोमेन्स को अल्प-अल्प या समान गति से विकसित मानते हैं, जो 'confusion between superficially similar concepts' या 'biased reasoning' है।
Option-by-option: A गलत है क्योंकि डोमेन्स स्वतंत्र नहीं; B सही है क्योंकि यह विकास की इंटरडिपेंडेंसी को दर्शाता है; C गलत है क्योंकि समान विकास तर्क सही नहीं; D गलत है क्योंकि सामाजिक और शारीरिक विकास में संबंध होता है।
Question 74
Question bank
बाल विकास की अवधारणा में 'नीति-विशयक' (normative) और 'निःशर्तात्मक' (non-normative) घटनाओं में क्या अंतर होता है?
Why: Correct answer reasoning: नीति-विशयक घटनाएँ सामान्य और अपेक्षित विकास अंकुर को दर्शाती हैं, जबकि नॉन-नीति-विशयक घटनाएँ दुर्लभ और अप्रत्याशित होती हैं।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प D को चुनते हैं क्योंकि वे इन दोनों को समान मान लेते हैं, यह 'rote memorisation without context' मिथक है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि यह दोनों घटनाओं के बीच स्पष्ट अंतर बताता है; B गलत है; C गलत है क्योंकि नीति-विशयक केवल मानसिक विकास तक सीमित नहीं; D गलत है।
Question 75
Question bank
बाल विकास में 'सामयबद्धता' (timing) की महत्ता क्या है?
Why: Correct answer reasoning: सामयबद्धता से मतलब है कि विकास के अवसाद सही समय पर मिलेंगे, जिससे विकास सही दिशा से हो सके।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प A की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि वे सामयबद्धता को समय के नियम से जोड़ते हैं, जो 'premature rule application' है।
Option-by-option: A गलत है क्योंकि सामयब्धता हमेशा नियत समय नहीं; B सही है क्योंकि यह विकास के अवसाद की समय संवेदनशीलता दर्शाता है; C गलत है; D गलत है।
Question 76
Question bank
नीचे दी गई आकृति में पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के विभिन्न चरण दर्शाए गए हैं। इनमें से किस चरण में बालक वस्तुओं को समझने के लिए नए अनुभवों को अपनाने के लिए अपने मौजूदा schemas को बदलता है?
संवेदी-चालकपूर्वात्मकठोसऔपचारिक
Why: Accommodation वह प्रक्रिया है जिसमें बालक अपने मौजूदा ज्ञान-संचनाओं को बदलकर नए अनुभवों को समायोजित करता है।
Question 77
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में 'Schemas' का क्या अर्थ है? नीचे दिए चित्र में दो ब्लॉकों पर लेबल है: 'पुराना Schema' और 'नया अनुभव'। तीर दिखा रहे हैं कि नया अनुभव किस प्रकार पुराने schema को प्रभावित करता है।
पुराना Schemaनया अनुभव
Why: Schemas संरचनाएँ होती हैं जो ज्ञान को व्यवस्थित करती हैं और अनुभवों को समझने में मदद करती हैं।
Question 78
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में 'Assimilation (अवकलन)' का क्या अर्थ है? नीचे दिए चित्र में एक बच्चा का नया अनुभव जो पुराने schema में मेल खाता है। चित्र में एक बड़ा वृत्त (Schema) और एक छोटा वृत्त (नया अनुभव) दर्शाए गए हैं जो आपस में जुड़े हुए हैं।
Schemaनया अनुभव
Why: Assimilation वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चे नए अनुभवों को अपने पुराने संज्ञानात्मक संरचनाओं (Schemas) में शामिल करता है।
Question 79
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में Equilibration (संतुलन) किसे कहते हैं? सरल चित्र में 'Assimilation', 'Accommodation' और 'Equilibration' को चरणों के रूप में दर्शाया गया है, जिसमें संतुलन की प्रक्रिया को तीर दिखा रहे हैं।
AssimilationAccommodationEquilibration
Why: Equilibration वह प्रक्रिया है जिसमें बालक अपनी संज्ञानात्मक संरचनाओं को नए अनुभवों के अनुसार पुनर्संयोजन करता है।
Question 80
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के कौन से चरण में बालक भाशा विकास तथा प्रतीकों का उपयोग शुरू करता है? नीचे दिए विकासात्मक चरणों के चित्र में लेबल और आयु सीमा दी गई हैं: संवेदी-चालक (0-2 वर्ष), पूर्वचालक (2-7 वर्ष), ठोस (7-11 वर्ष), और औपचारिक (11 वर्ष से ऊपर)।
संवेदी-चालक
(0-2 वर्ष)पूर्वात्मक
(2-7 वर्ष)
ठोस
(7-11 वर्ष)
औपचारिक
(11 वर्ष से ऊपर)
Why: पूर्वचालक चरण (2-7 वर्ष) में बालक भाषा सीखता है और प्रतीकों का उपयोग करता है।
Question 81
Question bank
पियाजे के अनुसार बालक किस क्रिया से नए अनुभवों को अपनी समझ में शामिल करता है जबकि मौजूदा ज्ञान को बिना बदले रखता है?
मौजूदा Schemaनया अनुभवAssimilation
Why: Assimilation वह क्रिया है जिससे नए अनुभव को मौजूदा ज्ञान-संरचनाओं के अनुरूप समायोजित किया जाता है।
Question 82
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में प्रारंभिक चरण (Sensorimotor Stage) में बच्चा का मुख्य विकास विकाश क्या होता है?
प्रत्यक्ष अनुभूति और चाल-चलन
(0-2 वर्ष)
Why: Sensorimotor चरण में शारीरिक इंद्रियों और गतिशील क्रियाओं के माध्यम से बालक सीकhta है।
Question 83
Question bank
पियाजे के सिद्धांतों में बच्चें के संज्ञानात्मक विकास में कौन सा सिद्धांत संतुलन बनाए रखने की प्रक्रिया पर केंद्रित है?
AssimilationAccommodationEquilibration
Why: Equilibration वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा मानसिक संतुलन बनाए रखता है।
Question 84
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में पूर्वात्मक चरण (Preoperational Stage) के दौरान बालक के सीखने की कौन सी विशेषता प्रमुख होती है?
प्रतीकात्मक सोच
भाषा विकास
आत्मकेंद्रितता
(2-7 वर्ष)
Why: पूर्वात्मक चरण में बालक प्रमुख रूप से सोच विकसित करता है, जिससे भावना और कल्पना भी बढ़ती है।
Question 85
Question bank
पियाजे के अनुसार 'Accommodation (उपकलन)' प्रक्रिया किस प्रकार होती है?
मौजूदा Schemaसंशोधित Schema
Why: Accommodation वह क्रिया है जिसमें व्यक्ति पूर्व ज्ञात संरचनाओं को नए अनुभवों के अनुसार संशोधित करता है।
Question 86
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार संज्ञानात्मक संकरणों में संतुलन बनाए रखने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? Refer to the diagram depicting the cycle: Assimilation --> Accommodation --> Equilibration labeled क्रमशः।
AssimilationAccommodationEquilibration
Why: संतुलन या Equilibration वह प्रक्रिया है जो बालक को मांसिक स्थिति प्रस्थान करनी है।
Question 87
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में बालक की सोच के शैक्षिक प्रमुख चरणों का बेहतर उल्लेख किस स्तर से शुरू होता है? Refer to the developmental levels diagram highlighting 'औपचारिक चरण' (Formal Stage) में बुद्धिमय प्रमुखों के साथ।
संवेदी-चालकपूर्वात्मकठोसऔपचारिकशैक्षिक प्रश्न
Why: औपचारिक चरण में बालक तर्कपूर्ण और निर्विवाद विचार कर पाते हैं, जिससे शैक्षिक प्रमुखों के उच्चतर स्तर खोजने की क्षमता होती है।
Question 88
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में संज्ञानात्मक विकास के दौरान बालक की संकीर्ण सोच (Egocentrism) किस चरण में सर्वाधित होती है? Refer to the diagram below showing stages of development with 'Egocentrism' marked in the Preoperational stage (2-7 वर्ष)।
संवेदी-चालकपूर्वात्मक
Egocentrismठोसऔपचारिक
Why: Egocentrism अर्थात आत्मकेन्द्रितता पूर्वसंचालित चरण में होती है जहाँ बच्चें दूसरों के दृष्टिकोण को समझ नहीं पाते।
Question 89
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के कौन सा चरण तार्किक विचार और सवालों के समाधान पर केंद्रित होता है? Refer to the developmental stages graph below showing संबंधित आयु सीमा के साथ चरण: संवेदी-चालक, पूर्वसंचालित, ठोस, औपचारिक।
संवेदी-चालकपूर्वात्मकठोसऔपचारिक
Why: ठोस चरण में बच्चे तार्किक रूप से सोचते हैं और ठोस वस्तुओं पर आधारित समाधानों का समाधान करते हैं।
Question 90
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में Adaptation (अनुकूलन) क्या व्यवहार निमित होता है? Refer to the diagram depicting 'Adaptation' as एक प्रक्रिया जिसमें 'Assimilation' और 'Accommodation' दोनो शामिल हैं।
AdaptationAssimilationAccommodation
Why: Adaptation का अर्थ है बालक के लिए नये अनुभवों के अनुकूलन अनुप्रयोग जान को बढ़ाना जिससे वह बेहतर समंज समझ विकास करता है।
Question 91
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में बालक के विकास के पाँच किस प्रकार के चरण कौन से हैं? नीचे दिए गए चित्र में चरणों के क्रम को तीरों द्वारा दिखाया गया है: संवेदनी-चालक --> पूर्वात्मक --> थॉस --> ऑपचारिक।
संवेदी-चालकपूर्वात्मकठोसऔपचारिक
Why: पियाजे के अनुभूति संज्ञानात्मक विकास के क्रम होते हैं: संवेदनी-चालक, पूर्वात्मक, थॉस, और ऑपचारिक।
Question 92
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार बालक द्वाराव्यवहार के नियम सीखने की प्रक्रिया किस संज्ञानात्मक प्रक्रिया से जुड़ी होती है? नीचे चित्र एक बच्चे के सीखने जिज्ञासामें Assimilation और Accommodation के बीच संतुलन (Equilibration) दर्शाया गया है।
AssimilationAccommodationEquilibration
Why: Equilibration वह प्रक्रिया है जिसमें बालक नये और पुराने ज्ञानों के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे सीखना होता है।
Question 93
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में किस प्रक्रिया के दौरान बच्चे अपने मौजूदा ज्ञाना-संरचनाओं (schemas) को बदलते हैं ताकि नए अनुभाव उन्मे फिट हो सकें? नीचे चित्र में schema: पुराना और संशोधित।
पुराना Schemaसंशोधित Schema
Why: Accommodation की प्रक्रिया में बच्चे अपने schemas को नये अनुभवों के अनुसार संशोधित करते हैं।
Question 94
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में बालक का पूर्वात्मक सोच का विकास किस चरण में होता है? नीचे चित्र पूर्वात्मक चरण को भासा या क्ल्पना द्वारा दर्शाता है।
पूर्वात्मक चरण - प्रतीकात्मक सोच
भाषा और कल्पना विकास
Why: पूर्वात्मक चरण वह अवस्था है जिसमें बालक पूर्वात्मक सोच या भाषा का विकास करता है।
Question 95
Question bank
निम्नलिखित में से पीयाजे के संज्ञानात्मक विकास की किस विशेषता का अर्थ है कि बच्चा अनुभव के माध्यम से ज्ञात को समायोजित और पुनर्रचित करता है?
Refer to the diagram below which illustrates बालक के विकास के चरण, अनुभूिलन प्रक्रियया, और संज्ञानात्मक संरचनाओं का परस्पर संबंध। इसमें लेबल्स, माप और संकेत नीचे दिये गये हैं।
संज्ञानात्मक संरचना अनुभव अवबोधन (Assimilation) अवबोधन (Accommodation)
Why: Accommodation का अर्थ है कि बच्चा अपनी संज्ञानात्मक संरचनाओं में बदलाव करता हैं ताकि नए अनुभवों को समायोजित किया जा सके, जो संज्ञानात्मक विकास की मुख्य विशेषता है।
Question 96
Question bank
पीयाजे के अनुसार, बालक का संज्ञानात्मक विकास की किस प्रक्रिया को द्वारासंतुलित होता है?
Refer to the diagram below जो 'संतुलन (Equilibration)' की प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसमें असंतुलन और पुनःसंतुलन के चरण स्पष्ट किये गये हैं। इसमें लेबल्स और दिशा संकेत दिये गये हैं।
संतुलन (Equilibrium) असंतुलन (Disequilibrium) अवबोधन एवं समायोजन पुनर्संतुलन प्रक्रिया
Why: Equilibration वह प्रक्रिया है जिससे द्वाराबच्चे अपने संज्ञानात्मक संरचनाओं को दोहर कर संतुलन बनाते हैं। यह संज्ञानात्मक विकास को प्रेरित करती है।
Question 97
Question bank
पीयाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बालकों में ज्ञात के निरंतर निर्माण और सुधार की प्रक्रिया किस नाम से जानी जाती है?
Refer to the diagram below जिसमें विकास की विभिन्न चरण, संज्ञानात्मक संरचनाओं की वृद्धि, और पुनर्गठन क्रमवार दिखाए गये हैं।
अवबोधन (Assimilation) समायोजन (Accommodation) संज्ञानात्मक विकास ज्ञान निर्माण और सुधार की प्रक्रिया
Why: संज्ञानात्मक विकास वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चे ज्ञान का निरंतर निर्माण करते हुए निरंतर अपने मानसिक संरचनाओं में सुधार करते हैं।
Question 98
Question bank
पीयाजे ने संज्ञानात्मक विकास को चार मुख्य चरणों में विभाजित किया। निम्नलिखित में से कौन-सा चरण प्रारंभिक संज्ञानात्मक विकास का प्रतिनिधित्व करता है?
Refer to the diagram below जिसमें चार प्रमुख संज्ञानात्मक चरणों - संवेदनशील युग (Sensorimotor), पूर्व-स्वरूपिक (Preoperational), ठोस स्वरूपिक (Concrete Operational), और Formal Operational के लेबल, माप और आयाम दिए गए हैं।
संवेदनशील युग (0-2 वर्ष) पूर्व-स्वरूपिक (2-7 वर्ष) ठोस स्वरूपिक (7-11 वर्ष) Formal Operational (11 वर्ष और अधिक)
Why: संवेदनशील युग पीयाजे का पहला चरण है, जो जन्म से लगभग 2 वर्ष तक होता है और इसमें बच्चे अपने इंद्रिय अनुभवों के माध्यम से ज्ञान प्रारंभ करते हैं।
Question 99
Question bank
पीयाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा चरण तार्किक सोचना और मेहतनी संज्ञानाओं के विकास का संकेतमूलक है?
Refer to the diagram below जिसमें ठोस स्वरूपिक (Concrete Operational) चरण के अंतर्गत तर्क, संरचनाएं और मेहतनी विश्वास को दर्शाया गया है।
ठोस स्वरूपिक चरण तर्क और मेहनती संरचनाओं का विकास (7-11 वर्ष)
Why: ठोस स्वरूपिक चरण (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे तार्किक और विचारों को संरचित करने लगते हैं, जिससे उनकी सोच व्यवस्थित और मेहतनी बनती है।
Question 100
Question bank
पियों के संज्ञान्त में अवबोधन (Assimilation) और समायोजन (Accommodation) के बीच मुख्य अंतर क्या है? Refer to the diagram below जो अवबोधन और समायोजन के बीच प्राथमिक को स्पष्ठ रूप में दर्शाता है।
मौजूदा संज्ञानात्मक संरचनाएँ नए अनुभव अवबोधन (Assimilation) समायोजन (Accommodation)
Why: अवबोधन में बच्चे नए अनुभवों को अपने मौजूदा संज्ञानात्मक ढांचे में फिट करते हैं, जबकि समायोजन में मौजूदा संरचनाओं को नए अनुभवों के अनुसार संशोधित किया जाता है।
Question 101
Question bank
पियों के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, किस प्राथमिक के दौरान बच्चे नए अनुभवों के अनुसार अपने मानसिक ढांचे का पुनर्गठन करते हैं? Refer to the diagram below जिसमे Adaptation (अनुकूलन) प्रक्रिया के दो भाग Assimilation और Accommodation दर्शाए गए हैं।
Assimilation Accommodation Adaptation प्रक्रिया के भाग
Why: Accommodation वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चे अपने मानसिक ढांचे को नए अनुभवों के अनुसार पुनः व्यवस्थित करते हैं।
Question 102
Question bank
पियों के विकास सिद्धांत में, निम्न में से कौन-सा चरण प्रार्थमिक शैक्षिक दृष्टिकोणों के लिए उपयुक्त माना जाता है जहाँ बच्चे प्रतीकों और भाषा का उपयोग शुरू करते हैं? Refer to the diagram below जिसमे प्राथमिक चरण के लिए आयु सीमा और विशेषताएँ दी गई हैं।
पूर्व-स्वरूपिक (2-7 वर्ष) संवेदनशील युग ठोस स्वरूपिक Formal Operational
Why: पूर्व-संवेदीक चरण (लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चे भाषा सीखते हैं और प्राथमिकों के माध्यम से विचार करते हैं, जो प्राथमिक शैक्षिक दृष्टिकोणों के लिए उपयुक्त है।
Question 103
Question bank
पियों के अनुकूलन, Equilibration प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है? Refer to the diagram below जो बच्चे की संज्ञानात्मक संतुलन बनाए रखने की प्रक्रिया को स्पष्ट मे दर्शाता है।
संतुलन असंतुलन Equilibration प्रक्रिया
Why: Equilibration का उद्देश्य बच्चे को संतुलन (equilibrium) की स्थिति में बनाए रखना है जब वे असंतुलन (disequilibrium) का सामना करते हैं।
Question 104
Question bank
पियों के संज्ञानात्मक विकास में 'Script' या 'Schema' की अवधारणा क्या है? Refer to the diagram below जिसमें 'Schema' के उदहारण और उसके प्रकार दिखाए गई हैं।
Schema (संरचित ज्ञान) अनुभव से विकसित इकाई नया अनुभव
Why: Schema संज्ञानात्मक संरचनाएँ हैं जो बच्चों के ज्ञात और अनुभव से बनती हैं और सम्प्रति के साथ अपडेट होती हैं।
Question 105
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की प्राथमिक प्रक्रियायें कौन-से महत्त्वपूर्ण घटक हैं? Refer to the diagram below: इसमे संज्ञानात्मक अवबोधन, समायोजन और संतुलन प्रक्रियाओं को दिखाया गया है।
अवबोधन समायोजन संतुलन
Why: पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की मुख्य प्राथमिक प्रक्रियाएँ अवबोधन, समायोजन और संतुलन (Equilibration) हैं।
Question 106
Question bank
पियाजे की संज्ञानात्मक विकास प्रक्रियाओं में, Adaptation प्रक्रिया किन दो उप-प्रक्रियाओं से मिलकर बनती है? Refer to the diagram below: जो Adaptation का संक्षिप्त प्रदर्शन है।
Adaptation (अनुकूलन) Assimilation Accommodation
Why: Adaptation दो प्रक्रियाओं से मिलकर बनती है: Assimilation जो नए अनुभव को मौजूदा संरचना में शामिल करता है, और Accommodation जो संरचना को संशोधित करता है।
Question 107
Question bank
पियाजे के संदर्भ में अनुसर, संज्ञानात्मक विकास में 'Growth' का क्या अर्थ है? Refer to the diagram below: जो विकास के विभिन्न चरणों और उनके बीच संबंध को प्रस्तुत करता है।
संज्ञानात्मक विकास की वृद्धि प्रारंभ बढ़ोतरी आगे विकास सम्पूर्णता
Why: Growth का आशय संज्ञानात्मक संरचनाओं और ज्ञाना में वृद्धि से है जो समय के साथ होती रहती है।
Question 108
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास बालकों में मनोविज्ञानिक विकास के किस पहलू से अधिक सम्बंधित है? Refer to the diagram below: जिसमें संज्ञानात्मक, भावात्मक, सामाजिक और शारीरिक विकास के आयाम दर्शाए गए हैं।
संज्ञानात्मक विकास भावात्मक विकास सामाजिक विकास शारीरिक विकास
Why: पियाजे का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से केंन्द्रित है, जो बालक की सोचने, ज्ञान प्राप्ति और समझने की क्षमता को विकसित करता है।
Question 109
Question bank
पियाजे के अनुसार, निम्न में से कौन-सी अवस्था संज्ञानात्मक विकास में औपचारिक चिंतन के नाम और प्रमुख लक्षण दिए गए हैं? Refer to the timeline diagram below:
संवेदनशील युग (0-2 वर्ष) पूर्व-स्वरूपिक (2-7 वर्ष) ठोस स्वरूपिक (7-11 वर्ष) Formal Operational (11 वर्ष और अधिक)
Why: Formal Operational चरण में पांञ्चवीं कक्षा के बाद बच्चा में तार्किक, अमूर्त सोच और समस्या समाधान की क्षमता आती है जो संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण बढ़ावा देती है।
Question 110
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक अनुसरण, अर्थपूर्ण सीखने के लिए बालक को सीखने के दौरान क्या अनुभव होना चाहिए?
Refer to the process diagram below जिसमें बालक के अनुभव और संश्लेषण की प्रक्रिया दर्शाई गई है।
पुराना ज्ञान नया अनुभव संतुलन प्रक्रिया
Why: संज्ञानात्मक विकास में नए अनुभवों का समायोजन और उनका पूरक ज्ञान के साथ संतुलन करना आवश्यक होता है जिससे अर्थपूर्ण सीख प्राप्त होती है।
Question 111
Question bank
पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को व्याख्यायित करते हुए किस सिद्धांत को प्रस्तुत किया?
Refer to the labeled diagram below जो विकास के विभिन्न स्तरों जैसे प्रारंभिक, अनुभव, और साधनों के बीच संबंध दिखाता है।
परिपक्वता अनुभव संज्ञानात्मक विकास
Why: पियाजे का संज्ञानात्मक विकास संचालनात्मक सिद्धांत कहलाता है क्योंकि यह बच्चों के सोचने और संस्मरण बनाने के निर्गत चरणों को दर्शाता है।
Question 112
Question bank
पियाजे के सिद्धांत के अनुसार बालक की मानसिक संरचनाओं में परिवर्तन किस तत्व द्वारा होता है?
Refer to the diagram below जो mental structures में Adaptation, Assimilation, और Accommodation की क्रियाओं को दिखा रहा है।
Mental Structures Adaptation Accommodation (संरचना परिवर्तन)
Why: Mental structures में परिवर्तन Accommodation के माध्यम से होता है जब बच्चा अपने अनुभवों को नए अनुभवों के अनुसार संरचनात्मक रूप से बदलता है।
Question 113
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में, बच्चे के पूर्व ज्ञान के साथ नए ज्ञान को जोड़ने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
Refer to the diagram below जिसमें Child’s Existing Schema और New Information के बीच संबंध दर्शाकर एक प्रक्रिया को हाइलाइट किया गया है।
Child’s Existing Schema New Information Assimilation
Why: अवबोधन वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चा अपने पूर्व ज्ञान को नए अनुभवों के साथ मौजुद ज्ञान संरचना में फिट करता है।
Question 114
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में Equilibration प्रक्रिया क्या प्रदाता करती है?
Refer to the diagram below जिसमें असंतुलन और संतुलन के बीच पुनर्संतुलन की प्रक्रिया दर्शायी गई है।
संतुलन (Equilibrium) असंतुलन (Disequilibrium) पुनर्संतुलन की प्रक्रिया
Why: Equilibration प्रक्रिया असंतुलन के कारण पैदा हुए तनाव को संतुलन की ओर मोड़ती है जिससे विकाश प्रेरित होता है।
Question 115
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास संबंधी में ‘संरचनात्मक व्यवहार’ किस अवस्था में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देता है?
Why: सही उत्तर की व्याख्या: संरचनात्मक व्यवहार (structured operations) विशिष्ट रूप से कौशलात्मक संज्ञानात्मक अवस्था में विकसित होता है जहां बच्चे तर्कसंगत, पूर्ण व्यवहारक और प्रतिबिंबित सोच का प्रयोग करते हैं।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: अक्सर बच्चे पूर्व-संवेदी या औपचारिक अवस्थाओं को संरचनात्मक व्यवहार के लिए उपयुक्त मान लेते हैं, जबकि ये पूर्वगामी सोच या प्रेरक अमूर्तन (abstract thinking) बेहतर समझाते हैं। यह एक premature rule application है।
विकल्प-दर-विकल्प: A: गलत क्योंकि पूर्व-संवेदी अवस्था में सोच असंगठित और प्रायोगात्मक होती है, यह premature rule application है; B: भ्रम है क्योंकि संवेदी चाल अवस्था में व्यवहार अधिक सहज और प्रारंभिक होता है; D: औपचारिक संज्ञानात्मक अवस्था में अमूर्तन सोच होती है, पर कौशलात्मक संज्ञानात्मक स्तर जैसा तेज़ तर्क नहीं, यह edge-case omission है।
Question 116
Question bank
पियाजे के अनुसार, ‘संरेखन’ (Assimilation) और ‘अनुकूलन’ (Accommodation) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
Why: सही उत्तर की व्याख्या: संरेखन में हम नए अनुभवों को अपनी पूर्व योगनाओं के अनुरूप समझते हैं, जबकि अनुकूलन में अपनी योगनाओं को नए अनुभवों के अनुसार संशोधित किया जाता है।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: वे अक्सर प्रक्रिया या योगना बढ़ाने की प्रक्रिया के तकनीकी अंतर को समझ नहीं पाते; यह superficially similar concepts के बीच का भ्रम है।
विकल्प-दर-विकल्प: B: गलत, क्योंकि पूर्ण परिवर्तन नहीं होता, यह premature rule application है; C: भ्रम है क्योंकि दोनों में वृद्धि नहीं होती; D: गलत अर्थ व सामान्यीकरण एवं अपनाने की गलत व्याख्या।
Question 117
Question bank
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में, औपचारिक संज्ञानात्मक अवस्था की सबसे विशेष विशेषता क्या है?
Why: सही उत्तर की व्याख्या: औपचारिक संज्ञानात्मक अवस्था में बच्चे अमूर्त, सैद्धांतिक और संवैधानिक तर्क कर सकते हैं जो प्रतिष्ठितों पर निर्भर नहीं होता।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: कई बच्चे औपचारिक सोच या अमूर्त आधारित व्यवहार को सरलता से समझने में असमर्थ होते हैं, यह superficially similar concepts के बीच भ्रम है।
विकल्प-दर-विकल्प: B: यह संवेदी चाल अवस्था की विशेषता है; C: कौशलात्मक संज्ञानात्मक अवस्था की विशेषता; D: पूर्वस्थितिमक सोच पूर्व-संवेदी अवस्था की विशेषता, rote memorisation है।
Question 118
Question bank
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक संतुलन (Cognitive Equilibration) का क्या अर्थ है?
Why: सही उत्तर की व्याख्या: संज्ञानात्मक संतुलन का अर्थ असंतुलन (disequilibrium) की स्थिति में बच्चे अपनी सोच को पुनः संतुलित करना है ताकि नई जानकारी समायोजित हो सके।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: वे अक्सर संतुलन का अर्थ पुनरावृत्ति और स्थिरता समझ लेते हैं, यह rote memorisation without context है।
विकल्प-दर-विकल्प: A: पुनरावृत्ति सोच नहीं है, rote memorisation है; C: शिक्षक निर्देश पालन नहीं है; D: स्थिर स्थिति संतुलन नहीं है, edge case omission है।
Question 119
Question bank
पियाजे की संज्ञानात्मक विकास के अनुसार, निम्न में से कौन सा कथन ‘पूर्व-संवेदी अवस्था’ (Preoperational Stage) के लिए सही है?
Why: सही उत्तर की व्याख्या: पूर्व-संवेदी अवस्था में बच्चे प्रतीकात्मक सोच करते हैं, लेकिन उनकी सोच केंद्रीकरण (centration) और स्थ्यं-केन्द्रित होती है।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: बच्चे तार्कसंगत सोच या अमूर्त सोच को पूर्व अवस्था से जोड़ लेते हैं, जो premature rule application या भ्रम होता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A: तर्कसंगत सोच कौशलात्मक संज्ञानात्मक अवस्था की विशेषता है; C: अमूर्त सोच औपचारिक संज्ञानात्मक अवस्था में आती है; D: पूर्व-संवेदी अवस्था संवेदी चाल अवस्था नहीं है।
Question 120
Question bank
पियाजे के विकास सिद्धांत के अनुसार, कौशलात्मक संचारण अवस्था में बच्चा निम्नलिखित में से क्या करता है जो पूर्व-संवेदी अवस्था में संभव नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: कौशलात्मक संचारण अवस्था में बच्चें तार्किक, व्यवस्थित, और प्राथमिक सोच करते हैं जो पूर्व-संवेदी अवस्था में संभव नहीं होती।
छात्र इस भ्रम में क्यों पड़ते हैं: छात्र सरल संचारण जैसी निर्देश पालन या सामान्य स्मृति को एक बड़ी उपलब्धि समझ लेते हैं, जो कि असत्य है।
विकल्पों के अनुसार स्पष्टीकरण: A: पूर्व-संवेदी में ध्यान केंद्रित नहीं होता, यह स्तर भ्रम होता है; C: निर्देश पालन कौशलात्मक संचारण में कम सटीक होता है, यह रटे हुए उत्तर जैसा भ्रम होता है; D: गोपनीय नियमों का स्मरण होना अवधारणा की गलतफहमी है।
Question 121
Question bank
पियाजे के अनुसार, यदि एक बच्चा अमूर्त तर्क (abstract reasoning) करने में सक्षम है, तो वह कौन सी संज्ञानात्मक अवस्था में होगा?
Why: सही उत्तर का कारण: अमूर्त तर्क केवल औपचारिक संचारण अवस्था में विकसित होता है, जहाँ बच्चें सिद्धांतों और संभावनाओं पर सोच सकते हैं।
छात्र इस भ्रम में क्यों पड़ते हैं: कई छात्र अमूर्त सोच को कौशलात्मक या पूर्व-संवेती सोच से जोड़ देते हैं, इसलिए भ्रम होता है।
विकल्पों के अनुसार स्पष्टीकरण: A: कौशलात्मक संचारण में अमूर्त सोच सीमित होती है; C: पूर्व-संवेती काल रटे हुए ज्ञान पर आधारित है; D: संवेदी चाल में अमूर्त सोच नहीं होती, यह नियमों के जल्दी लागू होने का भ्रम है।
Question 122
Question bank
पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, बच्चें किस अवस्था में वस्तुओं की अपरिवर्तनीयता (conservation) को समझना शुरू करते हैं?
Why: सही उत्तर का कारण: वस्तुओं की अपरिवर्तनीयता की समझ कौशलात्मक संचारण अवस्था में आती है जहाँ बच्चें मात्रा, माप तथा संरचना आदि को समझने लगते हैं।
छात्र इस भ्रम में क्यों पड़ते हैं: छात्र अक्सर पूर्व-संवेती या संवेदी चाल अवस्थाओं को सोचते हैं क्योंकि वे बड़े आकार पर जल्दी ध्यान देते हैं, जो नियमों के जल्द लागू करने का भ्रम है।
विकल्पों के अनुसार स्पष्टीकरण: A: संवेदी चाल में बच्चें प्राथमिक अवधारणाओं को केवल महसूस करते हैं; B: पूर्व-संवेती में अपरिवर्तनीयता नहीं होती, भ्रम है; D: औपचारिक संचारण में यह अवधारणा पहले से आ चुकी होती है।
Question 123
Question bank
पियाजे के विकास सिद्धांत में, जब बच्चा नई जानकारी को अपनी मौजूदा मानसिक संरचना में फिट करने का प्रयास करता है, इसे क्या कहा जाता है?
Why: सही उत्तर का कारण: नई जानकारी को मौजूदा निर्णय की प्रक्रिया के संसलेषण कहा जाता है जो कि इसे प्राथमिक प्रतिक्रिया समझा जाता है।
छात्र इस भ्रम में क्यों पड़ते हैं: अनेक बार अनुकूलन और संसलेषण को समान मान लेते हैं, जिससे भ्रम होता है।
विकल्पों के अनुसार स्पष्टीकरण: A: अनुकूलन नई जानकारी की प्रक्रिया है, भ्रम है; C: संतुलन असंबंधित प्रक्रिया है; D: केंद्रित सोच एक सोच प्रक्रिया है, गलत धारणा है।
Question 124
Question bank
पियाजे के अनुसार, संवेदी चाल अवस्था की विशेषता क्या है जो इसे अन्य अवस्थाओं से अलग करती है?
Why: सही उत्तर का कारण: संवेदी चाल अवस्था में बच्चें शारीरिक एवं संवेदी क्रियाओं द्वारा सीखते हैं तथा वस्तु स्थिरता (object permanence) विकसित करते हैं।
छात्र इस भ्रम में क्यों पड़ते हैं: छात्र पूर्वसंचारात्मक भाषा तथा अमूर्त तर्क कौशल को बड़ी सोच समझ लेते हैं जबकि यह बाद की अवस्थाएँ हैं।
विकल्पों के अनुसार स्पष्टीकरण: B: तार्किक, अमूर्त सोच बाद की अवस्थाओं में होती है; C: पूर्वसंचारात्मक अवस्था की विशेषता है; D: अमूर्त तर्क औपचारिक संचारण की अवस्था की।
Question 125
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में ‘मोहना’ (Egocentrism) क्या है और यह किस अवस्था में प्रामुख्य हो‌ता है?
Why: Correct answer reasoning: मोहना का अर्थ होता है अपने दृष्टिकोण को स्वयं महत्वपूर्ण समझना और दूसरों के नजरिए को न समझ पाना; यह विशेष रूप से पूर्व-संवेदनशील अवस्था में होता है।
Why students fall for the trap: वे मोहना को समान्य स्वभाविकता या तार्किक सोच के साथ जोड़ देते हैं, जिससे भ्रम होता है।
Option-by-option: B: दूसरों के विचार समझना मोहना का उल्टा है, भ्रम; C: तार्किक सोच कौशलात्मक या ऑपचारिक संवेदनशील अवस्था में; D: संज्ञात्मक संपूर्ण अल्प प्रकरण है।
Question 126
Question bank
पियाजे के अनुसार, संज्ञात्मक विकास में ‘संतुलन’ (Equilibration) की प्रक्रिया क्या अवश्यक है?
Why: Correct answer reasoning: संतुलन प्रक्रिया असंगत विचारों को पुनर्गठित कर बच्चे संतुलित और उन्नत सोच की ओर बढ़ता है।
Why students fall for the trap: वे संतुलन को जैविक या बाह्य मजबूरी से जोड़ देते हैं, जैसे rote memorisation या biased reasoning।
Option-by-option: B: यांदृच्छिक सीखना असंतुलन है; C: जैविक विकास से है, भ्रम; D: बाध्यता की भावना ग्लत व्याख्या है।
Question 127
Question bank
पियाजे के अनुसार, ‘वस्तु स्थिरता’ (Object Permanence) का विकास किस अवस्था के दौरान होता है?
Why: Correct answer reasoning: वस्तु स्थिरता का विकास संवेदी चाल अवस्था के अंत तक होता है, जब बच्चा जानता है कि वस्तु उसकी दृष्टि से बाहर होने पर भी अस्तित्व में रहती है।
Why students fall for the trap: कई बच्चे पूर्व-संवेदनशील अवस्था को प्राथमिकता से भ्रमित करते हैं, premature rule application।
Option-by-option: A: पूर्व-संवेदनशील में यह अवधारणा पूर्णतः विकसित नहीं; C: कौशलात्मक संज्ञानल बाद की अवस्था; D: औपचारिक संज्ञानल में अमूर्तता की बात।
Question 128
Question bank
पियाजे के अनुसार, पूर्व-संवेदनशील अवस्था में ‘केंद्रित सोच’ (Centration) का क्या मतलब है?
Why: Correct answer reasoning: केंद्रित सोच का मतलब है कि बच्चे किसी समस्या में केवल एक विषय पर ध्यान देते हैं और अन्य पहलुओं को अनदेखा कर देते हैं।
Why students fall for the trap: वे सोचते हैं कि यह सोच की प्राथमिकता का संकेत है, जो कि भ्रम है।
Option-by-option: B: विचारशीलता कौशलात्मक संज्ञानल में; C: विवाद समझना औपचारिक संज्ञानल; D: अनुकरण और संरेखण प्रक्रिया है, भ्रम।
Question 129
Question bank
पियाजे के सिद्धांत में, अनुकूलन (Accommodation) की प्रक्रिया कब होती है?
Why: Correct answer reasoning: अनुकूलन वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चे अपनी मौजूदा मानसिक योजनाओं को नई जानकारी या अनुभव के अनुसार बदलते या संशोधित करते हैं।
Why students fall for the trap: वे इसे संरेखण के बराबर मान लेते हैं, क्योंकि दोनों में बदलाव लगाता है, इसलिए भ्रम होता है।
Option-by-option: A: यह संरेखण है, गलत; C: प्रयोगकर्ता संपर्क से सम्बंधित नहीं; D: सामाजिक व्यवहार, पियाजे के सामाजिक विकास से अलग।
Question 130
Question bank
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की कौन सी अवस्था बच्‍चों में मात्रात्मक और गुणात्मक विचार को समझने का आधार होती है?
Why: Correct answer reasoning: कौशलात्‍मक संचालित अवस्था में बच्‍चे मात्रात्मक (quantity) और गुणात्मक (quality) विचारों को समझने लगते हैं, जो निर्णय और तार्किक सोच के लिए आधार होती है।
Why students fall for the trap: बच्‍चों के प्रारंभिक अवस्था को मात्रात्मक समझने की गलती करते हैं, premature rule application।
Option-by-option: A: माहिरात्मक अनुभव प्रारंभ करते हैं; B: प्ररंक्तात्मक सोच होती है; D: अमूर्त तर्क।
Question 131
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास के अनुसार किस स्तर पर व्यक्‍्ति सामाजि-क नियमों और कानूनों को महत्व देता है?
Why: कोहल्बर्ग के अनुसार परंपरागत स्तर में व्यक्‍्ति सामाजि-क नियमों, कानूनों और परंपराओं का पालन करता है और इन्हें महत्वपूर्ण समझता है।
Question 132
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास के कौन से स्तर में व्यक्‍्ति अपने स्वयंपूर्ण के सिद्धांतों और आत्‍मचेतना के आधार पर निर्णय लेता है?
Why: पूर्‍व-परंपरागत स्तर पर व्यक्‍्ति अपने ईछ्‍छाओं और स्वहित के आधार पर निर्णय लेता है। यह स्तर कोहल्बर्ग की नैतिक विकास की शुरुआत है।
Question 133
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास कितने मुख्य स्तरों में विभाजित हैं?
Why: कोहल्बर्ग का नैतिक विकास तीन मुख्य स्तरों में विभाजित है: पूर्व-परंपरागत, परंपरागत और परासंस्कृतिक स्तर।
Question 134
Question bank
कोहल्बर्ग के परंपरागत स्तर की विशेषता क्या है?
Why: परंपरागत स्तर में व्यक्‍्ति सामाजि-क मानदंडों, नियमों और दूसरों की अपेक्षाओं का पालन करता है।
Question 135
Question bank
कोहल्बर्ग के अनुसार नैतिक विकास के परासंस्कृतिक स्तर की पहचान क्या है?
Why: परासंस्कृतिक स्तर में व्यक्‍्ति अपने स्वतंत्र नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय करता है जो सामाजिक नैतिकता पर आधारित होते हैं।
Question 136
Question bank
निम्नलिखित में से कौन-सा नैतिक विचार का कौन सा स्त्र बीच्‍छों में सबसे पहले प्रकट होता है?
Why: पूर्व-परंपरागत स्त्र बीच्‍छों में सबसे पहले विकसित होता है क्योंकि वे पुरस्कर और सजा के आधार पर नैतिक निर्णय लेते हैं।
Question 137
Question bank
कौन-सा नैतिक विचार सिद्धांत के अनुसार किस स्त्र पर व्यक्तियाँ निर्णयों का उल्लंघन कर सकती हैं यदि वे न्यायसंगत हों?
Why: परासंस्कृतिक स्त्र पर व्यक्तियाँ सार्वभौम नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय को चुनौती दे सकते हैं यदि वह उन्हें न्यायपूर्ण लगता है।
Question 138
Question bank
कौन-से दो-तिन उप-शरण किस स्त्र में होते हैं?
Why: कौनल्बर्ग के प्रत्त्येक मुख्य स्त्र में दो उप-शरण होते हैं, इसलिए सभी तीन मुख्य स्त्रों में दो-तिन उप-शरण मौजूद हैं।
Question 139
Question bank
कौनल्बर्ग के नैतिक विचार सिद्धांत में पुरस्कार और सजा का महत्व किस स्त्र से संबंिधत है?
Why: पूर्व-परंपरागत स्त्र में व्यक्ति अपने नैतिक फैसले मुख्यतः पुरस्कार और सजा के आधार पर करता है।
Question 140
Question bank
कौनल्बर्ग के सिद्धांत के अनुसार कौन सा स्त्र नैतिक विचार का अंतिम और सबसे उच्‍च स्त्र माना जाता है?
Why: परासंस्कृतिक स्त्र नैतिक विचार का अंतिम स्त्र माना जाता है जहाँ व्यक्ति सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों के पालन करता है।
Question 141
Question bank
कोहलबरग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार बच्‍चों का पहला स्तर कौन सा होता है? ( )
Why: कोहलबरग के सिद्धांतों में पहला स्तर पूर्व नैतिक स्तर होता है जहाँ बच्‍चें नियमों को दंड और पुरस्कार के आधार पर समझते हैं।
Question 142
Question bank
नैतिक विकास के किस स्तर में व्यक्तिगत नियमों और नियमों का पालन करता है जिसे आपने सामाजिक समझता है? ( )
Why: परंपरागत नैतिक स्तर वह है जहाँ व्यक्‍ति सामाजिक नियमों का पालन करता है क्योंकि समाज में व्यावस्था और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक होता है।
Question 143
Question bank
कोहलबरग के नैतिक विकास में कौन सा चरण उच्चतम नैतिक स्तर का प्रतिरूप करता है? ( )
Why: पश्चात नैतिक चरण में व्यक्ति सर्वोच्च नैतिक सिद्धांतों के अनुसार निर्णय लेता है, जो उच्चतम नैतिक स्तर दर्शाता है।
Question 144
Question bank
निम्न में से कौन सा कोहलबरग के पूर्व नैतिक स्तर की विशेषता नहीं है? ( )
Why: पूर्व नैतिक स्तर में व्यक्ति सामाजिक नियमों को सही मानकर पालन नहीं करता, बल्कि दंड या पुरस्कार के कारण पालन करता है।
Question 145
Question bank
कोहलबरग के अनुसार, नैतिक विकास के किसी स्तर में बच्‍चें 'सामाजिक अनुशासन' को महत्व देते हैं? ( )
Why: परंपरागत स्तर में बच्‍चें सामाजिक अनुशासन और नियम पालन को नैतिकता के रूप में देखते हैं।
Question 146
Question bank
नैतिक विकास की प्रक्रिया में कौन‑से अनुपसार, स्वयं सूत्र पर योग्य निर्णय कराने के लिए लेता है? ( )
Why: उच्चतम स्तर पर योग्य नैतिक निर्णय सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों पर आधारित करता है, जिसे इंसाफ़ और समानता कहा जाता है।
Question 147
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार, निम्न में से कौन सा प्राथमिक नैतिक स्तर का उदाहरण है? ( )
Why: प्राथमिक नैतिक स्तर में योग्य नैयम तोड़ने से दण्ड पाने के डर से बचता है, न कि नैतिक सम्मान से।
Question 148
Question bank
कोहल्बर्ग के सिद्धांत में नैतिक विकास के दौरान योग्य व्यक्ति ‘सामाजिक पहलवान’ या ‘स्वीकृति’ की चिंता करता है? ( )
Why: परंपरागत स्तर में योग्य अपने नैतिक निर्णय में सामाजिक स्वीकृति और पहल को महत्वपूर्ण मानता है।
Question 149
Question bank
कोहल्बर्ग के अनुसार, नैतिक विकास में कौन सा चरण योग्य व्यक्ति निर्णयकर्ताओं में मध्यम करता है? ( )
Why: पश्चात्त नैतिक चरण में योग्य अपने निर्णयकर्ता और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों को महत्वपूर्ण मानता है।
Question 150
Question bank
नैतिक विकास के कोहल्बर्ग सिद्धांत में "सामाजिक अनुमोदन" की स्थिति किस चरण पर आती है? ( )
Why: सामाजिक अनुमोदन और नियमों की स्थिति को कोहल्बर्ग के सिद्धांत में परंपरागत स्तर पर माना गया है।
Question 151
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में निम्नलिखित में कौन-सा स्तर उस अवस्था को दर्शाता है जहाँ बच्‍चे नियमों को उनके सामाजिक स्वीकृति और प्रासंगिकता से निभाते हैं, न कि केवल दंड या पुरस्कार की दृष्टि से?
Why: सही उत्तर का तर्क: कोहल्बर्ग के सिद्धांत में परंपरागत स्तर वह चरण है जहाँ बच्‍चे सामाजिक नियमों और प्रासंगिकता को सम्मनित करते हैं और नैतिकता को सामाजिक व्यवहार और स्वीकृति से जोड़ते हैं।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर छात्र पूर्व-मानक स्तर चुन लेते हैं क्योंकि वे इसे नियम-सम्मत स्तर समझते हैं; यह 'rule-precondition skip' का भ्रम है जहाँ सीधे बच्‍चों का पालना दंड के भय से करते हैं, न कि सामाजिक स्वीकृति के कारण।
विकल्प वार विवरण: A: यह बहुत प्रारंभिक स्तर है जो मुख्यत: पुरस्कार- दंड पर आधारित है - rule-precondition skip; B: सही विकल्प है क्योंकि यह सामाजिक स्वीकृति पर आधारित है; C: यह एक उच्चतर, अधिक विचारशील स्तर है और छात्र इसे भ्रमित कर लेते हैं; D: यह स्तर कोहल्बर्ग के सिद्धांत में नहीं है, बल्कि रटने जैसा व्यवहार है।
Question 152
Question bank
कोहल्बर्ग के द्वितीय प्रस्तर नैतिक विकास के चरणों में से कौन-सा चरण इसी विकल्प को दर्शाता है कि नियम केवल सामाजिक समंजस्य के अनुरूप नहीं हैं?
Why: सही उत्तर का तर्क: चरण 5 में यह धारणा होती है कि नियम सामाजिक अनुबंध के अनुरूप होने चाहिए, और ये सामाजिक समंजस्य से ऊपर भी हो सकते हैं। इस स्तर पर नियम मात्र सामाजिक समरसता के लिए नहीं होते बल्कि न्यायसंगत और तार्किक होने चाहिए।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: छात्र अक्सर चरण 4 चुन लेते हैं क्योंकि वे इसे ‘नियम बनाये रखना’ समझते हैं, जो वास्तविक अर्थ में संदर्भ विहीन रटान होती है।
विकल्प वार विवरण: A: यह सामाजिक व्यवस्था को प्राथमिकता देता है लेकिन चरण 4 नियम बनाना नहीं; B: सही विकल्प है क्योंकि यह सामाजिक अनुबंध के अनुसार नियम संप्रेषित करता है; C: यह अधिक आदर्शवादी स्तर है; D: यह प्रारंभिक स्तर है जो दंड-आधारित है।
Question 153
Question bank
निम्नलिखित में से कौन-से कोहल्बर्ग के नैतिक विकास के पोस्ट-परंपरागत स्तर के सही उपयोगकर्ता हैं?
Why: सही उत्तर का तर्क: पोस्ट-परंपरागत स्तर पर व्यक्ति व्यक्तिगत मूल्य और सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है, जो सामाजिक नियमों से ऊपर हो सकते हैं। वह सामाजिक नियमों के उचित होने के आधार पर उनका पालन करता है।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: छात्र विकल्प B को चुनते हैं क्योंकि वे सामाजिक स्तरों की समानता के भ्रम में पड़ जाते हैं।
विकल्प वार विवरण: A: दंड-आधारित प्रारंभिक स्तर है; B: सामाजिक स्तर की अवधारणा है जो पोस्ट-परंपरागत नहीं; C: सही विकल्प है; D: कोहल्बर्ग में नैतिकता की परिभाषा नहीं।
Question 154
Question bank
कोहल्बर्ग के अनुसार, कौन-सा कोन-सॉ स्तर नैतिक विकास में बच्‍चों के उस चरण को दिखाता है जहाँ वे मुख्‍यत: अपने स्वयंस के हित और तत्‍काल परिणामों के आधार पर सही और गलत को परखते हैं?
Why: सही उत्तर का तर्क: पूर्व-मानक स्तर में बच्‍चे नैतिक निर्णय मुख्‍यतः अपने स्वार्थ, तुरंत लाभ और दंड के आधार पर लेते हैं।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: छात्र अक्सर परंपरागत स्तर चुन लेते हैं क्योंकि वे इसे नैतिक निर्णय स्तर समझते हैं, जबकि यह एक प्रारंभिक, नियम-अव्यवस्थित चरण है - rule-precondition skip।
विकल्प वार विवरण: A: यह उच्च स्तर है; B: सही उत्तर है; C: यह अधिक उन्नत स्तर है; D: कोहल्बर्ग में नहीं दर्शाया गया।
Question 155
Question bank
कोहल्बर्ग के नैतिक विकास में, कौन-सा पोस्ट-परंपरागत स्तर की पहचान है जो इसे कोन्वेंशनल स्तर से भिन्न करता है?
Why: सही उत्तर का तर्क: पोस्ट-परंपरागत स्तर पर व्यक्ति नैतिक नियमों को सामाजिक अपेक्षाओं से ऊपर अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों के आधार पर मान्य करता है और निर्णय लेता है।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: छात्र अक्सर विकल्प A को चुनते हैं क्योंकि वे इसे व्यक्तिगत नियमों का एक सख्त रूप समझते हैं, जबकि यह वास्तव में व्यक्तिगत व्यावहारिक निर्णय स्तर है - भ्रम।
विकल्प वार विवरण: A: यह कोन्वेंशनल स्तर है; B: सही विकल्प है; C: गलत और भ्रम की स्थिति; D: पूर्व-मानक स्तर को दर्शाता है।
Question 156
Question bank
यदि एक बच्चे केवल इसलिए कोई नैतिक निर्णय लेता है कि उसे इनाम मिले या सजा न हो, तो वह कहाँ के सिद्धांत के अनुसार किस स्तर पर है?
Why: Correct answer reasoning: इस व्यवहार को प्रि-मोरल स्तर के अंतर्गत माना जाता है जिसमें नैतिक निर्णय दंड और पुरस्कार के आधार पर होते हैं।
Why students fall for the trap: बच्चे कॉन्फ़ॉर्मेशनल स्तर को चुनते हैं क्योंकि वे इसे समान्य नैतिक स्तर समझते हैं, जो premature rule application की भूल है।
Option-by-option: A: उच्च स्तर, नैतिक सिद्धांतों पर आधारित है, गलत; B: सामाजिक नियमों के लिए है, दंड-पुरस्कार से सम्बन्धित नहीं - rule-precondition skip; C: सही विकल्प; D: कोहोलबर्ग में नहीं - स्मृति से केवल याददाश्त
Question 157
Question bank
कोहोलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, कौन-सा कथन पोस्टी-कॉन्फ़ॉर्मेशनल चरण के अस्थाईवादि दृष्टिकोण की सही व्याख्या करता है?
Why: Correct answer reasoning: पोस्ट-कॉन्फ़ॉर्मेशनल चरण में व्यक्ति विचारशील रूप से अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों को सर्वमान्य सामजिक नियमों से ऊपर रखता है।
Why students fall for the trap: विकल्प C अधिक समान्य लगता है क्योंकि इसे सामाजिक नियमों के पालन से जोड़ा जाता है – confusion of superficially similar concepts।
Option-by-option: A: स्वार्थ केन्द्रित, गलत; B: सही विकल्प; C: कॉन्फ़ॉर्मेशनल स्तर की विशेषता – confusion; D: प्रि-मोरल स्तर से सम्बन्धित - rule-precondition skip
Question 158
Question bank
कोहोलबर्ग के नैतिक विकास के अनुसार, एक बच्चे का जो केवल निर्णयों और दण्ड के भय से निर्णय करता है, वह किस चरण में है?
Why: Correct answer reasoning: स्टेज 1 में बच्चा निर्णय दंड से बचने के लिए नैतिक निर्णय करता है।
Why students fall for the trap: अक्सर Stage 2 को चुनते हैं, क्योंकि वे नैयम-संबंधी व्यवहार समझते हैं, लेकिन यह सही जटिलता नहीं, भ्रम है।
Option-by-option: A: स्वार्थ आधारित, Stage 2; B: सामाजिक व्यवस्था को प्राथमिकता देता है, Stage 4 - भ्रम Law and Order से; C: सही विकल्प; D: सामाजिक अनुबंध पर आधारित, Stage 5 – न्यायजटिलता।
Question 159
Question bank
कोहोलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, बच्चा सामाज्यता कब अपने नैतिक निर्णयों को 'सामाजिक अनुबंध' या 'सर्वोच्च नैतिक सिद्धांतों' के आधार पर निर्णय करता है?
Why: Correct answer reasoning: पोस्ट-कॉन्फ़ॉर्मेशनल स्तर में बच्चा नैतिक निर्णय सामाजिक अनुबंध और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों के आदार पर करता है।
Why students fall for the trap: बच्चे कॉन्फ़ॉर्मेशनल स्तर को चुनते हैं क्योंकि इसे समान्य नैतिक नियमों से जोड़ा जाता है, मगर यह इसके समानांतर मनोवैज्ञानिक स्तर नहीं है – confusion between superficially similar social rules.
Option-by-option: A: सामाजिक नियमों का स्तर है, पर अनुबंध नहीं; B: दंड-आधारित स्तर है, गलत; C: सही विकल्प; D: कोहोल्बर्ग में उपलब्ध चरण है, अतः गलत।
Question 160
Question bank
किस स्तर पर कोहोलबर्ग के सिद्धांत में नैतिक निर्णय इस आधार पर लिए जाते हैं कि वे दण्ड/इनाम के भय या लाभ में न हों, बल्कि स्वयं के नैतिक सिद्धांतों पर आधारित हों?
Why: Correct answer reasoning: इस स्तर पर नैतिक निर्णय व्यक्ति के अपने नैतिक सिद्धांतों पर आधारित होते हैं, न कि बाहरी दण्ड या पुरस्कार पर।
Why students fall for the trap: विद्यार्थी कॉन्फ़ॉर्मेशनल स्तर चुनते हैं क्योंकि वे इसे समान्य नैतिक स्तर मानते हैं, जबकि यह पूर्व शीघ्र निर्णय लगाने की गलती है।
Option-by-option: A: दण्ड-इनाम आधारित, गलत; B: सामाजिक नियमों पर आधारित, सही नहीं; C: सही विकल्प; D: मौजूद नहीं।
Question 161
Question bank
कोहल्बर्ग के सिद्धांतों में, कौन-सा स्तर विषय रूप से समानाजिक नियमों और कानूनों के बिना नैतिक व्यवहार की व्याख्या करता है?
Why: सही उत्तर का कारण: पोस्ट-कौन्वेंशनल स्तर पर विषयक्त स्वयंक के सांर्‍वभौमिक नैतिक सिद्धांतों के आधार पर न्याय करता है, न कि केवल सामाजिक नियमों पर।
विद्यार्थी क्यों भ्रमित होते हैं: विद्यार्थी आमतौर पर कौन्वेंशनल स्तर चुनना पसंद करते हैं क्योंकि वही सामाजिक नियमों के पक्ष में होता है – समाज का भ्रम 'rule vs principle' का।
विकल्प-दर-विकल्प विवरण: A: प्रारंभिक स्तर, दंड-धार्मी; B: सामाजिक नियम आधरित, ग्लत; C: सही विकल्प; D: कोहल्बर्ग में नहीं – rote memorisation without understanding।
Question 162
Question bank
एक छात्र जो सोचता है कि नैतिक विषय केवल दंड से बचने के लिए नियमों को पालना है, वह कोहल्बर्ग के किस स्तर को सही रूप से समझ नहीं पाया है?
Why: सही उत्तर का कारण: प्रि-मोरल स्तर में नैतिकता दंड-इनाम आधरित होती है। यहाँ कोइ ऐसा नैतिक विषय की संरपुर्ण व्याख्या समजता है तो यही सही है, इसलिए अधिकन्त्र उन स्तरों का ज्ञान नहीं है।
विद्यार्थी क्यों भ्रमित होते हैं: छात्र सोचते हैं कि दंड आधरित नैतिकता ही नैतिक विषय है, जो rote memorisation without context है।
विकल्प-दर-विकल्प विवरण: A: सही विकल्प क्योंकि यह दंड आधरित नैतिकता है; B: सामाजिक नियम पर आधरित, गलत व्याख्या; C: विषयों पर आधरित ठोस नैतिकता; D: कोहल्बर्ग में मान्यता नहीं,गलत।
Question 163
Question bank
कोहल्बर्ग के अनुसार, किस स्तर पर व्याक्ति नियमों को तब शून्य दीता है जब सामाजिक नियम और सामाजिकों के सिद्धांतों के विरुद्ध होते हैं?
Why: सही उत्तर का कारण: पोस्ट-कौन्वेंशल स्तर विकल्प के व्याक्तिगत नैतिक सिद्धांतों के अनुसार नियमों को चुनौती देने का स्तर है।
विद्यार्थी क्यों भ्रमित होते हैं: कौन्वेंशनल स्तर को चुनौती देना क्योंकि सामाजिक नियम ही नैतिक नियम होती हैं – superficially similar concepts के भ्रम।
विकल्प-दर-विकल्प विवरण: A: प्रारंभिक, दंड आधरित; B: सामाजिक नियम स्वीकार करते हैं, गलत; C: सही विकल्प; D: कोहल्बर्ग में नहीं, गलत।
Question 164
Question bank
निम्नलिखित में से कौल्बर्ग के नैतिक विकास के 'स्टेज 2' (Individualism and Exchange) से मेल खाता है?
Why: सही उत्तर का कारण: स्टेज 2 में व्यक्तियों की व्यक्तिगत समझ होती है कि लोगों की अलग-अलग रुचियाँ हो सकती हैं और नैतिकता में वाणिज्यिक लेन-देन जैसा व्यवहार होता है।
विद्यार्थी क्यों भ्रमित होते हैं: अक्सर चरण 1 का जवाब चुनते हैं क्योंकि इसमें नैतिक-आधारित सरल समझता है – premature rule application।
विकल्प-दर-विकल्प विवरण: A: स्टेज 1 का दंड-इनाम आधरित व्यावहारिक; B: सही उत्तर; C: स्टेज 6 से संबन्धित, गलत; D: स्टेज 4 की दोषपूर्ण समझ।
Question 165
Question bank
कोहल्बर्ग के सिद्धांतों में, वह कौन-सी नैतिक निर्णय सामाजिक नैतिक अनुबंध पर आधरित नहीं है बल्कि केवल सामाजिक अनुबंध पर ही क्रियान्वित होता है, तो वह किस स्तर से संबन्धित है?
Why: सही उत्तर का कारण: स्टेज 5 में नैतिक निर्णय सामाजिक अनुबंध पर आधारित होते हैं, जबकि स्टेज 6 सामाजिक सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।
विद्यार्थी क्यों भ्रमित होते हैं: छात्र स्टेज 6 को चुनते हैं क्योंकि वहां अधिक आधरश लगता है और चुनौती की प्रकृति दोवारा भ्रमित करती है – confusion of advanced stages।
विकल्प-दर-विकल्प विवरण: A: सही विकल्प; B: सर्वोच्च नैतिक सिद्धांतों पर आधरित, गलत; C: नैयम पालन पर केंद्रित, गलत; D: दूसरों का अच्छा व्यवहार, गलत।
Question 166
Question bank
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में, स्टेज 3 (Good Interpersonal Relationships) की प्रमुख विशेषता क्या है?
Why: सही उत्तर का कारण: स्टेज 3 में व्यक्ति अपने बीच बनते संबंधों और सामाजिक स्वीकृति के लिए नैतिक निर्णय लेता है।
छात्र इस फंदे में क्यों पड़ते हैं: स्टेज 4 (सामाजिक व्यवहार) के विकल्प को चुनना आम है क्योंकि यह नैतिक पालना समान लगता है - स्तरों की भ्रम।
विकल्पों का विवरण: A: सही विकल्प; B: स्टेज 1 से संबन्धित; C: स्टेज 4 की विशेषता, गलत; D: पोस्ट-कन्वेंशनल विचारधारा, गलत।
Question 167
Question bank
निम्न में से कौन-सा कोहलबर्ग के 'Stage 4' (Maintaining Social Order) का सही प्रतिपिंब है?
Why: सही उत्तर का कारण: स्टेज 4 में व्यक्ति सामाजिक नियमों और कानूनों बनाए रखने को नैतिक व्यवहार मानता है।
छात्र इस फंदे में क्यों पड़ते हैं: विकल्प B को चुन लेना क्योंकि इसमें अधिक नैतिक और प्रगतिशील समझ होती है – पक्षपात reasoning।
विकल्पों का विवरण: A: सही विकल्प; B: पोस्ट-कन्वेंशनल स्टेज का दृष्टिकोण, गलत; C: प्री-मोरल स्टेज की विशेषता, गलत; D: स्वार्थ आधारित, गलत।
Question 168
Question bank
कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, एक व्यक्ति जो अपने फैसले केवल नियमों के आधार पर करता है, वह किस स्टेज पर होगा?
Why: सही उत्तर का कारण: स्टेज 1 में व्यक्ति नियम दंड और अनादरित नियम के भय से करता है।
छात्र इस फंदे में क्यों पड़ते हैं: स्टेज 5 या 6 का चुनाव हो सकता है क्योंकि वे नियम उल्लंघन पर अधिक ध्यान देते हैं – edge case omission।
विकल्पों का विवरण: A: सही विकल्प; B, C, D: उच्च स्तर के नैतिक विचार, गलत।
Question 169
Question bank
नीचे दिए गए आरेख को देखकर जिसमें एरिकसन के मनोविकासिक विकास सिद्धांत के आठ चरण दिखाए गए हैं। इनमें से किस चरण में शिशु को "विकासनिय BANam अविश्वास" की मनोविकासिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है? आरेख में निम्न चरण शामिल हैं: 1. विकास बाम अविश्वास (0-1 वर्ष) 2. स्वायत्तता बाम संदेह (1-3 वर्ष) 3. पूर्व बाल अनुपाध्यक्ष (3-6 वर्ष) 4. उद्योग बाम हीनता (6-12 वर्ष) 5. किशोरावस्था बाम प्रतिबिम्ब (किशोरावस्था) 6. अंतर्ग्रथित बाम पीठक्ता (युवा अवस्था) 7. उत्कमपादक बाम संकुचित्ता (प्रौढ़ावस्था) 8. अधिकृत बाम निर्शाशा (वृद्धावस्था) आरेख में आयु सीमा भी दर्शाई गई है। Refer to the diagram below showing Erikson's eight psychosocial stages including labels and age ranges.
एरिकसन का मनोसामाजिक विकास सिद्धांत विश्वास बनाम अविश्वास (0-1 वर्ष) स्वायत्तता बनाम संदेह (1-3 वर्ष) पहल बनाम अपराधबोध (3-6 वर्ष) उद्योग बनाम हीनता (6-12 वर्ष) पहचान बनाम भूमिका भ्रम (किशोरावस्था) अंतरंगता बनाम पृथकता (युवा अवस्था) उत्पादकता बनाम संकुचितता (प्रौढ़ावस्था) अखंडता बनाम निराशा (वृद्धावस्था)
Why: एरिकसन के सिद्धांत के अनुसार, पहला मनोविकासिक संघर्ष शिशु अवस्थथा (0-1 वर्ष) में होता है, जहाँ बच्चे लिए विकासनिय बाम अविश्वास की समस्या होती है।
Question 170
Question bank
एरिकसन के सिद्धांत में किशोरावस्था का मनोविकासिक संघर्ष क्या है? नीचे दिए गए विकल्पों में से सही चुनें। आरेख में किशोरावस्था का चरण "पहचान बाम भू्मिका भ्रम" के रूप में दिखाया गया है। Refer to the diagram below highlighting adolescent stage labeled as 'पहचान बाम भूमिका भ्रम'.
एरिकसन के मनोसामाजिक चरण - किशोरावस्था पहचान बनाम भूमिका भ्रम (किशोरावस्था)
Why: किशोरावस्था में व्यक्ति अपने पहचान की खोज करता है, और यदि ऐसा नहीं कर पाता तो भूमिका भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
Question 171
Question bank
एरिकसन के मनोविकासिक विकास सिद्धांत के अनुसार "प्रारम्भिक बचपन" में कौन सा संघर्ष आता है? आरेखानुसार प्रारम्भिक बचपन (3-6 वर्ष) का चरण "पहला बाल अनुपाध्यक्ष" है। Refer to the diagram below illustrating the psychosocial crisis during early childhood stage.
प्रारम्भिक बचपन - मनोसामाजिक संकट पहल बनाम अपराधबोध (3-6 वर्ष)
Why: "पहला बाल अनुपाध्यक्ष" प्रारम्भिक बचपन की मनोविकासिक संघर्ष है जहाँ बच्चे अपने पहल को लेकर संघर्ष करता है।
Question 172
Question bank
एरिकसन के सिद्धांत में "प्रौढ़ावस्था" का मनोविकासिक संघर्ष क्या है? आरेख में प्रौढ़ावस्था (40-65 वर्ष) हेतु "उत्पादकता बाम संकुचित्ता" संघर्ष दर्शाया गया है। Refer to the diagram below showing adulthood stage labeled with the psychosocial crisis.
प्रौढ़ावस्था - मनोसामाजिक संकट उत्पादकता बनाम संकुचितता (40-65 वर्ष)
Why: प्रौढ़ावस्था में व्यक्ति उत्पादकता (निर्माण और योगदान) बाम संघर्ष (अल्पता) के मध्य संघर्ष करता है।
Question 173
Question bank
एरिकसन के सिद्धांत के अनुसार, प्राथमिक मानसीक विकास के चरण में मनोविकासिक संघर्ष किस प्रकार होता है? निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनें। (Psychosocial Crisis के उदahrण: विकास बाम अविश्वास, पहचान बाम भूमिका भ्रम आदि)।
Why: हर चरण मनोविकासिक संघर्ष का द्विध्रुवीय संघर्ष होता है जहाँ व्यक्ति को दो विपरीत विकल्पों में से एक चुनना होता है।
Question 174
Question bank
निम्न में से कौन-सा कथन एकिरसण के सिद्धांत के "स्वायत्तता बनाम संदेह" चरण के लिए सही है? यह चरण 1-3 वर्ष के बच्चों का है।
Why: "स्वायत्तता बनाम संदेह" के चरण में बच्चे सीखते हैं कि वे स्वतंत्र और आत्म-नियंत्रणशील हो सकते हैं।
Question 175
Question bank
एकिरसण के मनोसामाजिक सिद्धांत में "अंधता बनाम निराशा" चरण किस आयु वर्ग का है? आर्थिक अनुसार यह वृद्धावस्था को दर्शाता है।
वृद्धावस्था - मनोसामाजिक संकट अखंडता बनाम निराशा (65 वर्ष से अधिक)
Why: "अंधता बनाम निराशा" का चरण वृद्धावस्था में होता है जहाँ व्यक्ति अपने जीवन के मूल्यांकन करता है।
Question 176
Question bank
एकिरसण ने अपने सिद्धांत में मनोसामाजिक विकास के आठ चरण बताए हैं। इन्हें कुल चार चरण "अंतर्निर्गत बनाम पृथकता" कहलाता है? आर्थिक में युवा अवस्था (20-40 वर्ष) को दिखाया गया है।
युवावस्था - मनोसामाजिक संकट अंतरंगता बनाम पृथकता (20-40 वर्ष)
Why: "अंतर्निर्गत बनाम पृथकता" युवा अवस्था का मनोसामाजिक संकट है जहाँ व्यक्ति गहरा संबंध बनाते हैं और कोशीश करते हैं।
Question 177
Question bank
एकिरसण के मनोसामाजिक सिद्धांत में मनोसामाजिक संकटों के समान की दिशा किस प्रकार होती है? कौन सा विकल्प सही है?
Why: मनोसामाजिक संकटों में सकरात्मक विकल्प चुनना सर्वोत्तम विकल्प के लिए आवश्यक होता है।
Question 178
Question bank
एकिरसण के सिद्धांत में "विश्‍वास बनाम अविश्‍वास" संकट के दौरान यदी शिशु को प्राथमिक देखभाल और स्नेह नहीं मिलता है तो क्या होता है?
Why: यदि शिशु को प्रयाप्त देखभाल नहीं मिलती तो वह अविश्वास और असुरक्षा महसूस करता है।
Question 179
Question bank
एरिक्सन के सिद्धांतों में किशोरावस्था का मनोसायजिक संकट "पहचान बनाना बनाम भूमिका भ्रम" है। इसका सही अर्थ क्या है?
Why: किशोरावस्था में व्यक्ति अपनी पहचान और सामाजिक भूमिका की खोज करता है।
Question 180
Question bank
नीचे दिए गए चित्र में एक सं के मनोवैज्ञानिक विकास के आठ चरण दर्शाए गए हैं। इस चित्र में बाल्यावस्था के किस चरण का प्रतिनिधित्व किया गया है जिसे मूर्ख मनोवैज्ञानिक संघर्ष "स्वतंत्रता बनाम संदेह" कहा गया है?
एरिकसन के मनोसामाजिक विकास के आठ चरणआयुक्रम एवं मनोसामाजिक संघर्ष1. शैशवावस्था (0-1 वर्ष)विश्वास बनाम संदेह2. पूर्व बाल्यावस्था (1-3 वर्ष)स्वतंत्रता बनाम संदेह3. बाल्यावस्था (3-6 वर्ष)सक्रियता बनाम अपराधबोध4. यौवनावस्था (6-12 वर्ष)परिश्रम बनाम हीनता
Why: पूर्व बाल्यावस्था का मनोवैज्ञानिक संघर्ष स्वतंत्रता बनाम संदेह होता है, जो बच्चो की शारीरिक और मानसिक स्वतंत्रता विकसित करने का समय होता है।
Question 181
Question bank
एक सं के सिद्धांत के अनुसार, किसीायु वर्ग में "पहचान बनाम भ्रम" संघर्ष मुहैया होता है? नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
Why: यौवनावस्था में मनुष्य अपनी पहचाण की खोज करता है, और इस अवस्था में मुर्ख मनोवैज्ञानिक संघर्ष पहचान बनाम भ्रम होता है।
Question 182
Question bank
एक सं के मनोवैज्ञानिक विकास सिद्धांत में 'प्रामाणिकता बनाम संदेह' संघर्ष किस चरण से संबद्ध है? दायग्राम के अनुसार सही उत्तर चुनिए।
एरिकसन के प्रथम चरण का मनोसामाजिक संघर्षशैशवावस्था (0-1 वर्ष)विश्वास (प्रामाणिकता) बनाम संदेह
Why: शैशवावस्था में बच्‍चों में विश्वास (प्रामाणिकता) या संदेह उत्पन्न होता है, जो जीवन् के प्रारंभिक अनुभवों पर आधारित होता है।
Question 183
Question bank
एक सं के सिद्धांत में मनोवैज्ञानिक संघर्षों के प्राथमिकता या असफलता होती है। 'प्रामाणिकता बनाम संदेह' संघर्ष के सफल परिणामी से कौन सा प्रभाव उत्पन्न होता है?
Why: इस संघर्ष का सफल समाधान बच्‍चों में विश्वासीयता और आत्मविश्वास विकसित करता है।
Question 184
Question bank
एक सं के मनोवैज्ञानिक विकास में मेंढक चित्र (Conflict map) के अनुसार, "स्वतंत्रता बनाम संदेह" संघर्ष के दौरान बालक के लिए कौन सा व्यवहार प्राथमिकताप्राप्त किया जाता है?
स्वतंत्रता बनाम संदेह संघर्ष का मानचित्रस्वतंत्रताआत्म-निर्भरतासंदेह
Why: स्वतंत्रता बनाम संदेह के समय बच्चे को स्वतंत्रता देने से आत्म-निर्भरता विकसित होती है।
Question 185
Question bank
नीचे दिए गए चार विकल्‍पों में से एरिकसन के मनोवैज्ञानिक विकास के सिद्धांत के अनुसार "परिपक्व बाल मन" संधर्ष किस आयुवर्ग से संबंधित है?
Why: 6 से 12 वर्ष की आयु में बच्चे के मनोवैज्ञानिक संघर्ष का प्रमुख विषय परिपक्व और हीनता के बीच होता है।
Question 186
Question bank
एरिकसन के सिद्धांत में मनोवैज्ञानिक विकास के कौनसे चरण में सामाजिक संबंधों का विकास प्रमुख रूप से होता है? दायरा में दिए गए विकल्पों में से चुनें।
मनोसामाजिक विकास में सामाजिक संबंधबाल्यावस्था (3-6 वर्ष)सामाजिकता और पहल
Why: बाल्यावस्था में सामाजिकता का विकास प्रमुख होता है और बच्चे अपनी सामाजिक भूमिकाओं को समझता है।
Question 187
Question bank
एरिकसन के विकासात्मक सिद्धांत में "मध्यावस्था (40-65 वर्ष)" का मनोवैज्ञानिक संघर्ष क्या है? नीचे दिए गए विकल्पों में से चयन करें।
Why: मध्यावस्था में मनोवैज्ञानिक संघर्ष उत्पादकता बनाम अभाव से संबंधित होता है, जिसमें व्यक्ति अपने कार्यों और उपलब्धियों के माध्यम से समाज में योगदान देता है।
Question 188
Question bank
एरिकसन के मनोवैज्ञानिक विकास में "पहचान बनाम भ्रम" संघर्ष को मुख्य रूप से किस उम्र वर्ग से संबंधित माना जाता है? नीचे दिए गए विकल्पों में से चुनें।
Why: इस चरण में युवा अपनी सामाजिक और व्यक्तिगत पहचान को समझने तथा स्थापित करने का प्रयास करता है।
Question 189
Question bank
नीचे दिए गए चार विकल्‍पों में से कौन सा मनोवैज्ञानिक संघर्ष बाल्यावस्था (3-6 वर्ष) के लिए एरिकसन के सिद्धांत में निर्यातित है?
Why: बाल्यावस्था में मनुष्य में सक्रियता (इनिशियेटिव) और अपराधबोध के बीच संघर्ष होता है।
Question 190
Question bank
एरिक्सन के सिद्धांत में "विष्वास बनाम संदेह" किस चरण से संबद्ध है? नीचे दिए गए विकल्पों में से चुनें।
Why: शैशवावस्था (0-1 वर्ष) में बच्चे को विश्वसनीय देखभाल मिलने पर विश्वसनीयता विकसित होती है, अन्यथा संदेह उत्पन्न होता है।
Question 191
Question bank
एरिक्सन के मनोवैज्ञानिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, इस चरण में व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्यों और उपलव्धि के बारे में प्रश्न पूछता है। यह चरण निम्नलिखित में से कौन सा है?
Why: मध्यावस्था में व्यक्ति उत्तरदायिता बनाम अभाव के संघर्ष से गुज़रता है और अपने जीवन की सार्थकता की खोज करता है।
Question 192
Question bank
निर्मलिखित में से बाल विकास की अवधारणा के संदरभ में कौन-सा कथन सही है? Refer to the diagram below illustrating बाल विकास की अवधारणा, जिसमें विकास की प्रक्रिया को चार चरणों (शारीरिक, मानसिक, सामाजीक, भावनात्मक) के साथ दिखाया गया है।
बाल विकास की अवधारणाशारीरिक विकासमानसिक विकाससामाजिक विकासभावनात्मक विकास
Why: बाल विकास एक समग्र प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा भावनात्मक सभी पक्ष विकास शामिल होते हैं, जिससे कि चारों चरणों चरया दर्शाए गए हैं।
Question 193
Question bank
बाल विकास के कोन-से कारक विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं? Refer to the diagram below depicting बाल विकास के प्रभावी कारक, जिसमें आनुवंशिक, पारिवारिक, सामाजिक और शैक्षिक कारकों को रूपों के साथ दर्शाया गया है।
बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारकआनुवंशिक कारकपारिवारिक कारकसामाजिक कारकशैक्षिक कारक
Why: बाल विकास में आनुवंशिक, पारिवारिक, सामाजिक और शैक्षिक कारक मिलकर बच्चे की विकास प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जिससे कि चित्र में दिखाया गया है।
Question 194
Question bank
बाल विकास के आनुवंशिक कारकों में कौन-सा तत्व शामिल है? Refer to the diagram below showing आनुवंशिक कारकों का स्रोत, जिसमें जीन, आनुवंशिक गुण, और वंशानुगत विशेषताओं को الگ-अलग रूपों में प्रदर्शित किया गया है।
आनुवंशिक कारकजीनवंशानुगत गुणविशेषताएँ
Why: आनुवंशिक कारक में मुख्य रूप से जीन और वंशानुगत गुण शामिल होते हैं, जो बच्चे के जन्म से पहले निर्धारित होते हैं।
Question 195
Question bank
पारिवारिक कारक के अंतर्गत कौन-सी भूमिकाएँ बाल विकास में प्रभाव डालती हैं? Refer to the diagram below depicting पारिवारिक कारकों के प्रकार तत्व, जिसमें परिवार के सदस्य, पालन-पोषण शैली, और पारिवारिक वातावरण को रंगों में दर्शाया गया है।
पारिवारिक कारकपरिवार के सदस्यपालन-पोषण शैलीपारिवारिक वातावरण
Why: बाल विकास में पारिवारिक कारक के अंतर्गत परिवार के सदस्य, पालन-पोषण शैली और पारिवारिक वातावरण सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Question 196
Question bank
बाल विकास के सामाजिक कारक किस प्रकार प्रभाव डालते हैं? Refer to the diagram below showing सामाजिक कारक जिससे मित्र समूह, सामाजिक वातावरण, और समुदाय के प्रभाव को रंगों में विशद किया गया है।
सामाजिक कारकमित्र समूहसांस्कृतिक वातावरणसमुदाय
Why: सामाजिक कारक बाल के समग्र विकास को प्रभावित करते हैं, जिन्हें ऊषके वातावरण, सोच और भावनाएँ शामिल हैं।
Question 197
Question bank
बाल विकास के शैक्षिक कारकों में से हैं?
नीचे दिए गए आरेख में शैक्षिक कारकों के प्रमुख तत्व, जिनमें स्कूल, शिक्षक, और शिक्षक की गुणवत्ताएँ अल्ग-अल्ग रंगों में दर्शाया गया है।
शैक्षिक कारकस्कूल का वातावरणशिक्षक की योग्यताशिक्षा की गुणवत्ता
Why: बाल विकास में शैक्षिक कारक महत्वपूर्ण हैं, जिनमें स्कूल का वातावरण, शिक्षक की योग्यता और शिक्षक की गुणवत्ता शामिल होते हैं।
Question 198
Question bank
बाल विकास के शारीरिक कारकों में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल है?
नीचे दिए गए आरेख में शारीरिक कारकों के पहलुओं को, जिनमें शारीरिक वृद्धि, मांसपेशी विकास और स्वास्थ्य को रंगों में दर्शाया गया है।
शारीरिक विकासशारीरिक वृद्धि
मांसपेशी विकास
स्वास्थ्य
Why: बाल विकास के शारीरिक कारकों में शारीरिक वृद्धि, मांसपेशियों का विकास और स्वास्थ्य शामिल होते हैं।
Question 199
Question bank
बाल विकास की प्राथमिकताओं को प्राथमिक करने वाले शैक्षिक कारकों में कौन-सा तत्व प्राथमिक है?
नीचे दिए गए आरेख में बाल विकास की प्राथमिकताओं में शैक्षिक कारकों के तत्वों, विद्यालय का वातावरण, और शिक्षक का व्यावहार दर्शाया गया है।
शैक्षिक प्रभावशिक्षण विधियाँविद्यालय का वातावरणशिक्षक का व्यवहार
Why: शैक्षिक कारकों में शिक्षक विभाग, विद्यालय का वातावरण और शिक्षक का व्यावहार सभी बाल विकास को प्राथमिक करते हैं।
Question 200
Question bank
शैक्षिक कारकों के प्रभाव को किस सिद्धांत से सबसे अधिक जोड़ा जा सकता है?
नीचे दिए गए आरेख में शैक्षिक प्राथमिकता एवं बाल विकास के मध्य संबंध, जिसमें जुगार्न, पुनरावृत्ति और प्रोत्साहन के तत्व शामिल हैं।
शैक्षिक प्रभाव और बाल विकासज्ञानार्जनपुनरावृत्तिप्रोत्साहन
Why: शैक्षिक कारकों का प्रभाव प्रेरणा और पुनरावृत्ति सिद्धांत से जुड़ा होता है क्योंकि ये सीखने और व्यवहार को प्रभावित करते हैं।
Question 201
Question bank
बाल विकास में अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों के बीच क्या संबंध होता है?
नीचे दिए गए आरेख में अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारक (जैसे: अनुवांशिकता और वातावरण), जिससे उनके प्रभाव को समझाने के लिए दो तत्वों का सम्मिलन दर्शाया गया है।
आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकआनुवंशिक कारकपर्यावरणीय कारकदोनों का संयुक्त प्रभाव
Why: बाल विकास एक संयुक्त प्रक्रिया है जहाँ अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारक मिलकर बच्चे के विकास को प्रभावित करते हैं, जिससे कि सम्मिलित तत्वों के बीच सही तालमेल दिखाया गया है।
Question 202
Question bank
बाल विकास को प्रभावित करने वाले शैक्षिक कारक निम्नलिखित में से कौन-से हैं? Refer to the diagram below showing शैक्षिक कारकों को Vidalay, शैक्षिक, और पर्यावरण के रूप में दर्शाया गया है।
शैक्षिक कारकविद्यालयशिक्षकपाठ्यक्रम
Why: शैक्षिक कारकों में Vidalay का ਵਾਤावरणण, शैक्षिक की भूमिका और पर्यावरण की गुणवत्ततात्मक मुख्‍य रूप से शामिल होती है।
Question 203
Question bank
बाल विकास में आनुवंशिक कारक और पर्यावरणीय कारक किस प्रकार जुड़ते हैं? Refer to the Venn diagram shown below illustrating the interaction of आनुवंशिक (Genetic) and पर्यावरणीय (Environmental) कारक affecting child development.
आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकआनुवंशिक कारकपर्यावरणीय कारकसंयुक्त प्रभाव
Why: आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक मिलकर बाल विकास को प्रभावित करते हैं, वे स्वतंत्र नहीं होते, जिससे कि स्मृति वृत्तों के माध्यम से दिया गया है।
Question 204
Question bank
बाल विकास के सामाजिक वातावरण में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व शामिल नहीं है? Refer to the diagram below depicting बाल का सामाजिक वातावरण जिसमें परिवार, दोस्त, Vidalay और समुदाय दिया गया है।
बाल का सामाजिक वातावरणपरिवारविद्यालयदोस्त
Why: खेळ सामाजिक सामाजिक वातावरण का हिस्सा नहीं है, जबकिं परिवार, Vidalay और दोस्त बाल के सामाजिक वातावरण के मुख्य घटक हैं।
Question 205
Question bank
बाल विकास में शैक्षिक कारकों का सबसे अधिक प्रभाव कब होता है? Refer to the diagram below depicting बाल के जीवन के विभिन्न चरणों में शैक्षिक प्रभाव की तीव्रता, जिसमें परिवार, मित्र और शिक्षक द्वारा ग्राफ दिया गया है।
शैक्षिक प्रभाव की तीव्रताप्रारंभिकमध्यकिशोरतीव्रता
Why: शैक्षिक कारकों का प्रभाव प्रारंभिक और मध्य दोनों में सबसे अधिक होता है, इसलिए ये दो चरण प्रमुख रूप से प्रभावशाली होते हैं।
Question 206
Question bank
नीचे दिए गए आरेख को देखकर जिनमें आनुवांशिक कारकों के विभाजन हिस्से दर्शाए गए हैं, उनमें से कौन सा कारक बाल विकास में_seed_ आनुवांशिकी को दर्शाता है? आरेख में: - डीएनए helix का चित्र - जीन, गुणसूत्र (Chromosome) के लेबल - वंशानुगत लक्षण (Hereditary traits) का संकेत Refer to the diagram below showing genetic components.
आनुवांशिक कारक डीएनए हेलिक्स जीन गुणसूत्र वंशानुगत लक्षण
Why: जीन और गुणसूत्र बाल विकास के आनुवांशिक (genetic) कारक होते हैं जो सही बच्चे के जैविक_lakshanon_ को प्रदान करते हैं।
Question 207
Question bank
नीचे दिए गए आरेख में बाल विकास को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय कारक दर्शाए गए हैं। इनमें से कौन सा कारक पर्यावरणीय प्रभाव के अंतर्गत नहीं आता है? आरेख में: - परिवार, विद्यालय, सामाजिक वातावरण के संकेतक चित्र - प्रतिपरिवारिक वातावरण दिखाने वाला चित्र Refer to the diagram below illustrating environmental factors affecting child development.
पर्यावरणीय कारक परिवार विद्यालय सामाजिक पर्यावरण शिक्षक का व्यवहार
Why: जन्मजात शारीरिक लक्षण आनुवांशिक (genetic) होते हैं, जो पर्यावरणीय कारकों के हिस्सा नहीं होते। बाकी सभी पर्यावरणीय तत्व हैं।
Question 208
Question bank
नीचे दिए गए चार्ट में सामाजिक तथा सांस्कृतिक कारकों को वर्गीकृत किया गया है। बाल विकास पर इनमें से कौन सा प्रमुख प्रभाव है? चार्ट में: परिवार, भाषा, परंपरा, धार्मिक विश्वास आदि के कॉलम दिखाए गए हैं। Refer to the diagram below showing social and cultural factors affecting child development.
सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक परिवार भाषा एवं परंपरा धार्मिक विश्वास
Why: सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक बालकों की सोच, व्यवहार, आदतों तथा व्यवहार को प्रभावित करते हैं, जिससे उनके सामाजिक विकास होता है।
Question 209
Question bank
नीचे दिए गए आरेख में मानसिक एवं भावनात्मक कारकों का चित्रण है। इनमें से कौन सा कारक मानसिक विकास को प्रभावित देता है? आरेख में: प्यार, सुरक्षा, समरस्ता, संवाद के आइकन और लेबल। Refer to the diagram below illustrating emotional and mental factors influencing child growth.
मानसिक एवं भावनात्मक कारक प्यार संवाद सुरक्षा
Why: सकारात्मक पारिवारिक संवाद बाल मानसिक विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है।
Question 210
Question bank
नीचे दिए गए आरेख में शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कारकों के विभाजन पट्टिका दिखाई गई है। इनमें से कौन सा तत्व बाल शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? आरेख में: शिक्षक, पुस्तकें, विद्यालय, पाठ्यक्रम के चित्र और लेबल। Refer to the diagram below showing educational and practical factors affecting child development.
शैक्षिक एवं व्यावहारिक कारक शिक्षक पाठ्यक्रम
Why: शिक्षक बाल की शिक्षा ओर विकास में मुख्य भूमिका रखते हैं, जो उन्हें सीखने की प्रक्रिया को संचालित करते हैं।
Question 211
Question bank
नीचे प्रदर्शित आलेख में पारिवारिक कारकों के विभिन पहलुओं को दर्शाया गया है। इनमें से कौन सा कारक बाल विकास को प्रभावित करने वाला पारिवारिक कारक नहीं है? आलेख में: माता-पिता, गरीबी, परिवार संचारणा, स्नేహ इत्‍यादि के लेबल
पारिवारिक कारक माता-पिता अर्थव्यवस्था संवाद
Why: जैविक रुग आनुवांशिक/शारीरिक कारणों में आते हैं, जो पारिवारिक सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से ताल्लुक नहीं रखते।
Question 212
Question bank
नीचे दिए गए आलेख में शारीरिक एवं जैविक कारणों को विभिन पहलुओं में विभाजित किया गया है। इनमें से कौन सा कारण बाल विकास पर गम्भीर प्रभाव डालता है? आलेख में: पोषण की कमी, जन्मजात दोष, रोग, स्वास्थ्य समस्याओं के लेबल
शारीरिक एवं जैविक कारण जन्मजात दोष पोषण की कमी
Why: जन्मजात दोष सीधे बाल के शारीरिक विकास को प्रभावित करते हैं तथा अन्य विकल्प सामाजिक और शारीरिक कारण होते हैं।
Question 213
Question bank
नीचे दिए गए आलेख में स्वास्थ्य कारणों के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। किस कारण का प्रभाव सब से अधिक बाल विकास पर होता है? आलेख में: टीकाकरण, पोषण, स्वच्छ़्ता, रोग का नियंत्रण
स्वास्थ्य कारण संतुलित पोषण टीकाकरण
Why: संतुलित पोषण बाल की शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होता है।
Question 214
Question bank
नीचे दिए गए आलेख में विभिन सामाजिक कारणों को दिया गया है। इनमें से कौन सा कारण बाल विकास के सामाजिक पक्ष को प्रभावित करता है? आलेख में: मित्र, समुदाय, सामाजिक नियम, परिवार की छवि के लेबल
सामाजिक कारण मित्र संबंध सामुदायिक नियम
Why: मित्र संबंध बाल के सामाजिक विकास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Question 215
Question bank
जीन एवं पर्यावरण के संबंध को दर्शाने वाले आलेख के संदर्भ में, इसका सही अर्थ क्या होगा? आलेख में: 'आनुवांशिक प्रभाव' और 'पर्यावरणीय प्रक्रियाओं' के दो चार तथ्यों द्वारा उनके मेल से बच्चे के विकास की स्थिति दीखती है।
आनुवांशिक व पर्यावरणीय प्रभाव आनुवांशिक प्रवृत्ति पर्यावरणीय प्रेरणाएं बाल विकास
Why: बाल विकास जीन (genetic) और पर्यावरण (environmental) के संयुक्त प्रभाव से होता है, दोनों का समन्वय प्रभाव होता है।
Question 216
Question bank
बाल विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक कारणों के रूप में दी गयी विकल्पों में से कौन सही है?
Refer to the diagram below indicating social causes affecting child development.
सामाजिक कारण सामाजिक समर्थन कम्युनिटी भूमिका
Why: सामाजिक संरचनाएँ, मान-सम्मान और सामाजिक संबंध बालकों के सामाजिक विकास को प्रभावित करते हैं।
Question 217
Question bank
बाल विकास पर प्रभाव डालने वाले आनुवांशिक कारणों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही है?
Refer to the diagram below illustrating genetic factors influencing child development.
आनुवांशिक कारक गुणसूत्र एवं जीन
Why: गुणसूत्र और जीन्स आनुवांशिक आधार होते हैं जो बाल विकास को प्रभावित करते हैं। परिवार, शिक्षा, और धार्मिक विश्वास पर्यावरणीय या सामाजिक कारण हैं।
Question 218
Question bank
नीचे दिए गए आलेख का संदर्भ लेकर जिसमें भाषा वाक्य की समस्या और महत्त्व दिखाया गया है, भाषा वाक्य का मुख्‍य उद्देश्‍य क्या है? लेबल: "भाषा", "संचार", "मनोवैज्ञानिक वाक्य" एनोटेशन: "अंतरंग वाक्य प्रक्रिया", "सामाजिक संप्रक का आधार"
भाषा विकाससंचारमनोवैज्ञानिक विकासअंतरंग विकास प्रक्रियासामाजिक संपर्क का आधार
Why: भाषा वाक्य का मुख्‍य उद्देश्‍य संचार कौशल का वाक्य करना होता है, जिससे बच्चे सामाजिक रूप से बेहतर जुड़े पाएं। यह केवल शब्द याद करने या उत्कृष्ट तक सीमित नहीं है।
Question 219
Question bank
नीचे दिए गए आलेख को देखकर जिसमें भाषा वाकास के चरण बताया गया है, भाषा वाकास के प्रारंभिक चरण में बच्चे सबसे पहले क्या करते हैं? लेबल: "शृवण", "उच्चारण", "शब्द संज्ञान", "वाक्य निर्माण" चक्र में क्रमबद्ध चरणों को दिखाया गया है।
श्रवणअर्थ समझनाउच्चारणवाक्य निर्माणसंवाद नकल
Why: भाषा वाकास में सबसे पहला चरण शृवण होता है जिसमें बच्चे सुनता है और शब्दों के अर्थ समझता है। उच्चारण और वाक्य निर्माण बाद के चरण हैं।
Question 220
Question bank
नीचे दिए गए आलेख को देखकर दो शब्दों के बोलने के क्रम को दिखाया गया है। भाषा के किस चरण में बच्चे दो शब्द बोलना शुरू करते हैं? लेबल: "अवाजें", "एक शब्द", "दो शब्द", "पूरण वाक्य" हर चरण का रंग अलग है: नीला, हरा, पीला, लाल।
अवाजेंएक शब्ददो शब्दपूर्ण वाक्य
Why: बोलने के क्रम में दो शब्दों के साथ बोलना तीसरा चरण है, जो पहले एक शब्द बोलने के बाद आता है। पूर्ण वाक्य बोलना अंतिम चरण माना जाता है।
Question 221
Question bank
नीचे दिए गए आलेख में भाषा वाकास के सिद्धांतों को दर्शाया गया है जिसमें जैसे जैसे नाटिक, कार्य भाववादी एवं स्ट्रामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत हैं। किस सिद्धांत के अनुसार भाषा वाकास सामाजिक संवादी और सांस्कृतिक के अंतर्ग्रिया से जुड़ा होता है? लेबल: "जैसे नाटिक सिद्धांत", "कार्य भाववादी सिद्धांत", "सांस्कृतिक-सांमाजिक सिद्धांत" तीनों बॉक्स एक-दूसरे से जुड़े हैं।
जैसे नैतिकव्यावहारवादीसांस्कृतिक-सामाजिक
Why: सांस्कृतिक-सामाजिक सिद्धांत भाषा वाकास को सामाजिक संवाद एवं संस्कृति के अंतर्ग्रिया से जोड़ता है, जबकि जैस नाटिक और कार्यभाववादी सिद्धांत अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।
Question 222
Question bank
नीचे दिए गए आलेख में भाषा वाकास में प्रयास की भूमिका दर्शाई गई है। भाषा वाकास में प्रयास का क्या महत्त्व है? लेबल: "बोलने का अभ्यास", "सही उच्चारण", "सामाजिक बातचीत" तीनों तीर केन्दर में 'भाषा वाकास' बॉक्स की ओर इशारा करते हैं।
भाषा विकासबोलने का अभ्याससही उच्चारणसामाजिक बातचीत
Why: प्रयास बच्चे के भाषा कौशल को व्यावहारिक में सुधारने का माध्यम होता है जो बोलने, उच्चारण और सामाजिक संवाद को बेहतर बनाता है। यह केवल याददाश्त या व्याकरण तक सीमित नहीं है।
Question 223
Question bank
नीचे दी गई तालिका देखें जिसमें बच्‍चों की उम्र की विभिन्‍न अवस्थाएँ दर्शाई गई हैं: बच्चो की उम्र, बच्‍चा उपय़ोग की विशेशताएँ। निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था 12-18 महीने की उम्र के अनुरूप सही है?
आयु (महीने)बच्चा उपयोग की विशेषताएँ
0-6ग्रुनानाना, आवाज़ें निकालना
6-12कुच शब्‍द समझना, एक शब्‍द बोलना
12-18दो शव्दों के वाक्य बोलना
18-24सरल वाक्य बनाना
आयु (महीने)भाषा विकास की विशेषताएँ
0-6ग्रुनाना, अवाजें निकालना
6-12कुछ शब्द समझना, एक शब्द बोलना
12-18दो शब्दों के वाक्य बोलना
18-24सरल वाक्य बनाना
Why: 12-18 महीनों की अवस्था में बच्चो दो शव्दों के वाक्य बोलना शुरू करते हैं जो भाषा विकास का महत्वपूर्ण चरण है।
Question 224
Question bank
नीचे दिये गए आंकड़ मेें भाषा विकास के दो मुख्य प्रकार - सामाजिक और शैक्षिक - को दर्शाया गया है। सामाजिक भाषा का प्रमुख गुण क्या है? लेबल: "सामाजिक भाषा", "शैक्षिक भाषा", "सहयोग", "रूल्स"
सामाजिक भाषाशैक्षिक भाषासहयोगरूल्स
Why: सामाजिक भाषा में भाषा का प्रमुख सामाजिक संदर्भों, जैसे बातचीत और मेलजोल में होना है, जबकि शैक्षिक भाषा अधिक औपचारिक और नियमबद्ध होती है।
Question 225
Question bank
नीचे दिये गए आंकड़ मेें भाषा-विकास में पर्यावरण की भूमिका क्या प्रकट करती है? लेबल: "प्रेरणादायक वातावरण", "सामाजिक सहभागिता", "शिक्षा", "प्रेरणा" तीन थीन केन्दर की ओर इंगित हैं।
भाषा विकासप्रेरणादायक वातावरणसामाजिक सहभागिताशिक्षा
Why: पर्यावरण बच्चे को उचित भाषा सीखने के अवसर प्रदान करता है जिसमें प्रेरणादायक माहौल, सामाजिक सहभागिता और शैक्षिक साधन होते हैं।
Question 226
Question bank
नीचे दिये गए आंकड़ मेें भाषा विकास के विभिन्‍न सिद्धांतों की तुलना की गई है। व्यावहारवادي सिद्धांत का भाषा विकास में क्या स्थान है? लेबल: "जैसे नैतिक", "व्यावहारवादी", "मनोवैज्ञानिक" एक चार्ट जिसमे प्रतीयक सिद्धांतों के मुख्य बिंदु लिखे हैं।
जैसे नैतिकभाषा जन्मजातव्यावहारवादीसिखाई गई प्रतिक्रियामनोवैज्ञानिकसामाजिक अंतःक्रिया
Why: व्यावहारवादी सिद्धांत में भाषा विकास को प्रत्यक्षता और प्रतिसाद के रूप में देखा जाता है, जो व्यवहार के आधार बनता है।
Question 227
Question bank
नीचे दिये गए आंकड़ में बच्चों को बहु-माध्यमिक भाषा विकास को दर्शाया गया है। बच्चो के भाषा में विभिन्‍न माध्यमों (देखना, सुनना, बोलना) का क्या संयुक्त प्रभाव होता है? लेबल: "देखना", "सुनना", "बोलना" तीन रंगीन वृत्त ओवरलैप हो रहे हैं, केंद्र में "भाषा विकास"।
देखनासुननाबोलनाभाषा विकास
Why: जब बच्चे विभिन्न माध्यमों से भाषा सीखता है, तो उसका समग्र भाषा कौशल बेहतर होता है, क्योंकि ये माध्यम आपस में सहयोग करते हैं।

Descriptive & long-form

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Question 1
PYQ 5.0 marks
विकास का अर्थ स्पष्ट कीजिए। विकास की परिभाषा निर्धारित कीजिए।
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Model answer
विकास का अर्थ है व्यवस्थित और समानुगत परिवर्तन जो परिपक्वता की प्राप्ति में सहायक होते हैं।

परिभाषा: विकास वह गतिशील, क्रमबद्ध और पूर्वकथनीय प्रक्रिया है जो गर्भाधान से प्रारंभ होकर जीवनपर्यंत चलती रहती है। इसमें व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और नैतिक पहलुओं में प्रगतिशील परिवर्तन निहित होते हैं।

प्रमुख विशेषताएँ:
1. क्रमबद्धता: विकास चरणों में होता है, प्रत्येक चरण अगले चरण की नींव रखता है।
2. प्रगतिशील परिवर्तन: विकास परिवर्तनों की एक प्रगतिशील शृंखला है जो भ्रूणावस्था से प्रौढ़ावस्था तक चलती है।
3. निरंतर प्रक्रिया: विकास जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है, न कि केवल बचपन तक सीमित।
4. समग्र विकास: इसमें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक सभी पहलु शामिल हैं।

उदाहरण: एक शिशु पहले बैठना सीखता है, फिर खड़े होना, फिर चलना। यह प्रक्रिया क्रमबद्ध है और पिछले विकास पर आधारित है।
More: यह प्रश्न विकास की समग्र अवधारणा को समझने के लिए डिज़ाइन किया गया है। विकास केवल शारीरिक वृद्धि नहीं है बल्कि एक व्यापक, क्रमबद्ध और निरंतर प्रक्रिया है जिसमें सभी प्रकार के परिवर्तन शामिल हैं।
How did you do?
Question 2
PYQ 3.0 marks
विकास की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
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Model answer
विकास की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

1. प्रगतिशील शृंखला: विकास परिवर्तनों की एक प्रगतिशील शृंखला है जहाँ प्रत्येक चरण पिछले विकास पर आधारित होता है। प्रत्येक चरण अगले चरण की नींव रखता है और अधिक जटिलताओं और क्षमताओं में योगदान देता है।

2. क्रमबद्धता: विकास में क्रमबद्धता होती है अर्थात् शारीरिक और मानसिक परिवर्तन में एक निश्चित क्रम होता है।

3. योजनाबद्ध प्रक्रिया: विकास एक योजनाबद्ध प्रक्रिया है जो आनुवंशिकी द्वारा निर्देशित होती है लेकिन पर्यावरणीय कारकों से भी प्रभावित होती है।

4. सार्वभौमिकता: विकास की मूल प्रक्रिया सभी मनुष्यों में समान होती है, हालांकि गति और व्यक्तिगत भिन्नताएं हो सकती हैं।
More: विकास की विशेषताएँ इसे वृद्धि से अलग करती हैं। ये विशेषताएँ दर्शाती हैं कि विकास एक जटिल, क्रमबद्ध और निरंतर प्रक्रिया है।
How did you do?
Question 3
PYQ 5.0 marks
विकास और वृद्धि में क्या अंतर है? उदाहरण के साथ समझाइए।
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Model answer
विकास और वृद्धि दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं जिन्हें अक्सर भ्रमवश एक माना जाता है।

वृद्धि (Growth):
वृद्धि का तात्पर्य शारीरिक अंगों या संपूर्ण जीव की बढ़ोत्तरी से है। यह मात्रात्मक परिवर्तन है जिसे मापा जा सकता है। इसमें आकार, वजन और ऊंचाई में वृद्धि शामिल है। वृद्धि मुख्यतः आनुवंशिकी द्वारा निर्धारित होती है। उदाहरण: बचपन से वयस्कता तक शरीर की ऊंचाई में वृद्धि, वजन में वृद्धि।

विकास (Development):
विकास एक व्यापक अवधारणा है जिसमें गुणात्मक परिवर्तन शामिल हैं। इसमें शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, भावनात्मक और सामाजिक सभी पहलु शामिल हैं। विकास आनुवंशिकी और पर्यावरण दोनों से प्रभावित होता है। इसका आकलन संख्यात्मक रूप से नहीं किया जा सकता। उदाहरण: सोचने की क्षमता का विकास, भाषा कौशल का विकास, सामाजिक कौशल का विकास।

मुख्य अंतर:
1. प्रकृति: वृद्धि मात्रात्मक है जबकि विकास गुणात्मक है।
2. मापन: वृद्धि को मापा जा सकता है जबकि विकास का मूल्यांकन किया जाता है।
3. अवधि: वृद्धि एक निश्चित अवधि तक सीमित है जबकि विकास जीवन भर चलता है।
4. प्रभाव: वृद्धि मुख्यतः आनुवंशिकी द्वारा निर्धारित है जबकि विकास आनुवंशिकी और पर्यावरण दोनों से प्रभावित होता है।
More: यह प्रश्न विकास और वृद्धि के बीच की महत्वपूर्ण भिन्नताओं को समझने के लिए है। विकास एक समग्र प्रक्रिया है जबकि वृद्धि केवल शारीरिक परिवर्तन से संबंधित है।
How did you do?
Question 4
PYQ 3.0 marks
विकास और परिपक्वता में क्या संबंध है? समझाइए।
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Model answer
विकास और परिपक्वता परस्पर संबंधित अवधारणाएँ हैं:

परिपक्वता (Maturation): परिपक्वता उन परिवर्तनों को इंगित करती है जो एक निर्धारित क्रम का अनुसरण करते हैं और प्रधानतः आनुवंशिक रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) से सुनिश्चित होते हैं। यह आनुवंशिकी द्वारा प्रमुखतः निर्देशित होती है।

संबंध: विकास में वृद्धि और परिपक्वता दोनों प्रक्रियाएँ निहित होती हैं। परिपक्वता विकास का एक आवश्यक आधार है। उदाहरण: अधिकांश बच्चे 7 माह की आयु तक बिना सहारे के बैठ सकते हैं (परिपक्वता), लेकिन आठवें महीने तक सहारे के साथ खड़े हो सकते हैं (विकास)। एक बार जब बच्चे की आधारभूत संरचना पर्याप्त रूप से विकसित हो जाती है (परिपक्वता), तो इन व्यवहारों में कुशलता प्राप्त करने के लिए उपयुक्त परिवेश और अभ्यास की आवश्यकता होती है (विकास)।
More: परिपक्वता विकास का एक पहलू है। परिपक्वता आनुवंशिकी द्वारा निर्देशित होती है जबकि विकास आनुवंशिकी और पर्यावरण दोनों से प्रभावित होता है।
How did you do?
Question 5
PYQ 5.0 marks
विकास पर आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव समझाइए।
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Model answer
विकास पर आनुवंशिकता और पर्यावरण दोनों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यह प्रकृति और पोषण (Nature vs Nurture) का प्रश्न है।

आनुवंशिकता (Heredity) का प्रभाव:
1. आनुवंशिकता विकास की दिशा और गति को निर्धारित करती है।
2. शारीरिक विशेषताएँ जैसे ऊंचाई, बाल का रंग, आंखों का रंग आनुवंशिकता द्वारा निर्धारित होते हैं।
3. मानसिक क्षमताओं का आधार भी आनुवंशिकता द्वारा निर्मित होता है।
4. परिपक्वता के समय को आनुवंशिकता प्रभावित करती है।

पर्यावरण का प्रभाव:
1. भौतिक पर्यावरण: जलवायु, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ, आवास आदि विकास को प्रभावित करते हैं।
2. सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव: परिवार, शिक्षा, समाज और संस्कृति मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करते हैं।
3. व्यक्तिगत अनुभव: सीखने के अवसर, खेल-कूद, शिक्षा और प्रशिक्षण विकास को सुविधाजनक बनाते हैं।
4. भावनात्मक समर्थन: प्यार, स्नेह और सुरक्षा भावनात्मक विकास के लिए आवश्यक हैं।

समन्वय: विकास आनुवंशिकता और पर्यावरण के समन्वय का परिणाम है। आनुवंशिकता संभावनाओं का क्षेत्र निर्धारित करती है जबकि पर्यावरण इन संभावनाओं को वास्तविकता में रूपांतरित करता है। उदाहरण: यदि किसी बच्चे में संगीत की क्षमता आनुवंशिकी से है (आनुवंशिकता) लेकिन उसे संगीत सीखने के अवसर नहीं मिलते (पर्यावरण), तो यह क्षमता विकसित नहीं होगी।
More: विकास पर आनुवंशिकता और पर्यावरण दोनों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। किसी भी मानव गुण का विकास इन दोनों कारकों के परस्पर प्रभाव का परिणाम होता है।
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Question 6
PYQ 5.0 marks
**जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत को विस्तार से समझाइए।**
इस सिद्धांत के चारों अवस्थाओं का वर्णन कीजिए और प्रत्येक अवस्था की मुख्य विशेषताओं को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
flowchart TD
    A[जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत] --> B[1. संवेदी-पेशीय
0-2 वर्ष] B --> C[2. पूर्व-संक्रियात्मक
2-7 वर्ष] C --> D[3. मूर्त-संक्रियात्मक
7-11 वर्ष] D --> E[4. अमूर्त संक्रियात्मक
11+ वर्ष] B -.->|वस्तु स्थायित्व| F[मुख्य विशेषताएं] C -.->|अहंकेंद्रवाद
सेंट्रेशन| F D -.->|संरक्षण
वर्गीकरण| F E -.->|परिकल्पना-निगमन| F
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Model answer
**जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत** बच्चों के बौद्धिक विकास को चार क्रमिक अवस्थाओं में वर्गीकृत करता है।

**1. संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष):** बच्चा इंद्रियों और मोटर क्रियाओं के माध्यम से सीखता है। **वस्तु स्थायित्व** विकसित होता है। उदाहरण: बच्चा आंखों से ओझल वस्तु को भी खोजता है।

**2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष):** **अहंकेंद्रवाद**, सेंट्रेशन, अपरिवर्तनीयता। उदाहरण: बच्चा लंबे गिलास का पानी छोटे गिलास में डालने पर कम समझता है।

**3. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष):** संरक्षण, वर्गीकरण, उलटने की क्षमता। उदाहरण: बच्चा समझता है कि मिट्टी का आकार बदलने से मात्रा नहीं बदलती।

**4. अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष):** परिकल्पना-निगमन, अपसारी सोच। उदाहरण: नैतिक दुविधाओं का समाधान।

**निष्कर्ष:** यह सिद्धांत शिक्षण-अधिगम रणनीतियों को बालक की मानसिक अवस्था के अनुसार ढालने में सहायक है। (250+ शब्द)
More: यह उत्तर पूर्ण रूप से परीक्षा-उन्मुख है जिसमें सभी चार अवस्थाएं, उनकी विशेषताएं, उदाहरण और शैक्षिक निहितार्थ शामिल हैं।
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Question 7
PYQ 3.0 marks
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में **अनुकूलन** की प्रक्रिया को समझाइए। **अनुकूलन**, **समायोजन** और **समभावीकरण** के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उदाहरण दीजिए।
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Model answer
**पियाजे के सिद्धांत में अनुकूलन** संज्ञानात्मक विकास का मूल सिद्धांत है जो दो प्रक्रियाओं से होता है:

**1. समायोजन (Assimilation):** नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा में समाहित करना। **उदाहरण:** बच्चा सभी चार पैर वाले जानवरों को 'कुत्ता' कहता है।

**2. समभावीकरण (Accommodation):** स्कीमा को नई जानकारी के अनुसार संशोधित करना। **उदाहरण:** बच्चा समझता है कि बिल्ली भी चार पैर वाली है लेकिन कुत्ता नहीं।

**अंतर:** समायोजन में नई वस्तु पुराने स्कीमा में फिट होती है, जबकि समभावीकरण में स्कीमा बदलता है। **परिणामस्वरूप संतुलन (Equilibration)** होता है।

शिक्षण में यह सिद्धांत बताता है कि शिक्षक को बालक के मौजूदा ज्ञान स्तर को ध्यान में रखकर नया ज्ञान प्रस्तुत करना चाहिए। (120+ शब्द)
More: अनुकूलन प्रक्रिया का पूर्ण विवरण उदाहरण सहित। परीक्षा में पूर्ण अंक के लिए आवश्यक सभी बिंदु शामिल।
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Question 8
PYQ 2.0 marks
वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।
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Model answer
वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत बाल विकास को समाज और संस्कृति से जोड़ता है।

1. **सामाजिक अंतर्क्रिया का महत्व:** बालक समाज के साथ अंतर्क्रिया और अनुकरण द्वारा सीखता है। वयस्कों और सहपाठियों की सहायता से संज्ञानात्मक विकास होता है। उदाहरण: शिक्षक सहायता से बच्चा जटिल समस्या हल करता है।

2. **संस्कृति और भाषा की भूमिका:** संस्कृति संदर्भ प्रदान करती है, भाषा विचार को व्यक्त और विकसित करती है। आंतरिक भाषण स्व-नियमन में सहायक है।

3. **विकास का क्रम:** पहले सामाजिक स्तर पर कार्य, फिर आंतरिककरण। अधिगम विकास से पहले होता है।

इस प्रकार, यह सिद्धांत शिक्षा को सामाजिक-सहयोगी बनाता है, जो छात्रों के नैतिक और संज्ञानात्मक विकास में सहायक है। (120 शब्द)
More: यह उत्तर परिभाषा, मुख्य बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष के साथ पूर्ण है, जो 2-मarks के लिए उपयुक्त है[1][2].
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Question 9
PYQ 5.0 marks
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत की व्याख्या करें।
graph TD
    A["कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत"] --> B["स्तर 1: पूर्व-पारंपरिक"]
    A --> C["स्तर 2: पारंपरिक"]
    A --> D["स्तर 3: उत्तर-पारंपरिक"]
    B --> B1["चरण 1: दंड से बचना"]
    B --> B2["चरण 2: पुरस्कार पाना"]
    C --> C1["चरण 3: अच्छा लड़का-लड़की"]
    C --> C2["चरण 4: कानून और व्यवस्था"]
    D --> D1["चरण 5: सामाजिक अनुबंध"]
    D --> D2["चरण 6: सार्वभौमिक सिद्धांत"]
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Model answer
कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत यह बताता है कि कैसे व्यक्ति विशेष रूप से बच्चे, नैतिक तर्क और सही-गलत की समझ को क्रमिक चरणों में विकसित करते हैं।

1. सिद्धांत का परिचय: लॉरेंस कोहलबर्ग, एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक, ने 1969 में यह सिद्धांत प्रस्तुत किया। उनके अनुसार नैतिकता एक विकासात्मक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास और सामाजिक अनुभवों से जुड़ी होती है।

2. तीन मुख्य स्तर: कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को तीन मुख्य स्तरों में विभाजित किया है - पूर्व-पारंपरिक स्तर (दंड और पुरस्कार पर केंद्रित), पारंपरिक स्तर (सामाजिक नियमों पर आधारित), और उत्तर-पारंपरिक स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों पर आधारित)।

3. छः चरण: प्रत्येक स्तर को दो-दो चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे कुल छः चरण बनते हैं। ये चरण व्यक्ति की नैतिक सोच के विकास को दर्शाते हैं।

4. परीक्षण विधि: कोहलबर्ग ने नैतिक दुविधा कथाओं और साक्षात्कार के माध्यम से नैतिक विकास का परीक्षण किया। वह छात्रों को नैतिक समस्याएं प्रस्तुत करते थे और उनके तर्क को समझते थे।

5. प्रमुख विशेषताएं: यह सिद्धांत यह मानता है कि नैतिक विकास एक प्राकृतिक क्रम में होता है, व्यक्तिगत विकास से समाज-केंद्रित विकास की ओर बढ़ता है, और उच्च नैतिक तर्क की ओर प्रगति करता है।

निष्कर्ष: कोहलबर्ग का सिद्धांत शिक्षा में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिक्षकों को समझने में सहायता करता है कि कैसे बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जा सकता है। यह दर्शाता है कि नैतिकता केवल व्यवहार नहीं है बल्कि एक गहरी सोच-समझ की प्रक्रिया है।
More: यह एक व्यापक विवरणात्मक प्रश्न है जो कोहलबर्ग के सिद्धांत की पूरी व्याख्या करता है।
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Question 10
PYQ 6.0 marks
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के छः चरणों का विस्तृत विवरण दें।
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Model answer
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में छः स्पष्ट चरण हैं जो व्यक्ति की नैतिक सोच के क्रमिक विकास को दर्शाते हैं।

पूर्व-पारंपरिक स्तर (Pre-Conventional Level):
चरण 1 - दंड और आज्ञा अभिविन्यास: इस चरण में बच्चा दंड से बचने और आज्ञा का पालन करने के लिए सही कार्य करता है। उसकी नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, एक बच्चा झूठ नहीं बोलता क्योंकि उसे दंड का डर है।
चरण 2 - आत्मनिर्भर साधन अभिविन्यास: इस चरण में व्यक्ति पुरस्कार पाने के लिए सही कार्य करता है। वह अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए नैतिक कार्य करता है। उदाहरण: "अगर तुम मेरी मदद करोगे तो मैं तुम्हें खेल में आने दूंगा।"

पारंपरिक स्तर (Conventional Level):
चरण 3 - अच्छा अंतर-व्यक्तिगत सम्बन्ध अभिविन्यास: इस चरण में व्यक्ति दूसरों की प्रशंसा और स्वीकृति प्राप्त करने के लिए सही कार्य करता है। वह 'अच्छा लड़का' या 'अच्छी लड़की' बनना चाहता है। सामाजिक अनुमोदन उसके लिए महत्वपूर्ण है।
चरण 4 - कानून और व्यवस्था अभिविन्यास: इस चरण में व्यक्ति कानूनों और सामाजिक व्यवस्था के पालन को महत्व देता है। वह कर्तव्य, सम्मान और सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कार्य करता है।

उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level):
चरण 5 - सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास: इस चरण में व्यक्ति सामाजिक समझौते और व्यक्तिगत अधिकारों को स्वीकार करता है। वह कानूनों को बदल सकते हैं यदि वे अन्यायपूर्ण हों। लोकतांत्रिक मूल्य यहां महत्वपूर्ण हैं।
चरण 6 - सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास: यह सर्वोच्च चरण है जहां व्यक्ति सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों के अनुसार कार्य करता है। वह न्याय, मानवता और सर्वव्यापी समानता को प्राथमिकता देता है।

महत्वपूर्ण बिंदु: ये चरण क्रमिक विकास दर्शाते हैं। प्रत्येक चरण पिछले चरण से अधिक परिपक्व नैतिक तर्क दर्शाता है। सभी व्यक्ति सभी चरणों तक पहुंचते नहीं हैं, और विकास व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास और सामाजिक अनुभवों पर निर्भर करता है।
More: यह विस्तृत विवरणात्मक प्रश्न है जो कोहलबर्ग के सभी छः चरणों को विस्तार से समझाता है।
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Question 11
PYQ 5.0 marks
कोहलबर्ग के सिद्धांत में नैतिकता का विकास संज्ञानात्मक विकास से किस प्रकार संबंधित है?
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Model answer
कोहलबर्ग के सिद्धांत में नैतिकता का विकास संज्ञानात्मक विकास से गहरा संबंध रखता है।

मूल संबंध: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास संज्ञानात्मक विकास पर निर्भर करता है। व्यक्ति जब तक सोचने-समझने की क्षमता विकसित नहीं कर लेता, वह उच्च स्तर की नैतिक तर्क नहीं कर सकता। यह सिद्धांत पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत से प्रभावित है।

विकास के स्तर: नैतिक विकास के प्रत्येक स्तर के लिए एक विशेष संज्ञानात्मक क्षमता आवश्यक है। पूर्व-पारंपरिक स्तर पर बच्चा केवल तत्काल परिणामों को समझ सकता है। पारंपरिक स्तर पर वह सामाजिक दृष्टिकोण को समझता है। उत्तर-पारंपरिक स्तर पर वह अमूर्त सार्वभौमिक सिद्धांतों को समझ सकता है।

चिंतन प्रक्रिया: नैतिक तर्क की प्रक्रिया स्वयं एक संज्ञानात्मक कौशल है। व्यक्ति को समस्या का विश्लेषण करना, विभिन्न दृष्टिकोणों पर विचार करना, और निर्णय लेना होता है। यह सब संज्ञानात्मक कार्य हैं।

आयु और विकास: कोहलबर्ग के अनुसार, जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती है और उसकी संज्ञानात्मक क्षमता विकसित होती है, वैसे-वैसे उसकी नैतिक सोच भी अधिक परिपक्व होती जाती है।

सामाजिक अनुभव: संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ सामाजिक अनुभव भी महत्वपूर्ण होते हैं। नई परिस्थितियों में, नए लोगों के साथ संपर्क से व्यक्ति को अपने नैतिक विचारों को परिष्कृत करने का अवसर मिलता है।

निष्कर्ष: कोहलबर्ग का मानना है कि आप किसी को उसके संज्ञानात्मक विकास के स्तर से आगे की नैतिक सोच नहीं सिखा सकते। इसलिए शिक्षकों को बच्चे की वर्तमान संज्ञानात्मक क्षमता को समझना चाहिए और उसी स्तर पर नैतिक विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए।
More: यह विस्तारित प्रश्न है जो नैतिकता और संज्ञानात्मक विकास के बीच के संबंध को विस्तृत रूप से समझाता है।
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Question 12
PYQ 6.0 marks
कोहलबर्ग के नैतिक दुविधा विधि को समझाएं और इसकी शिक्षा में भूमिका बताएं।
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Model answer
कोहलबर्ग की नैतिक दुविधा विधि एक महत्वपूर्ण अनुसंधान और शिक्षण विधि है जो छात्रों के नैतिक विकास को प्रोत्साहित करती है।

विधि का परिचय: नैतिक दुविधा विधि में छात्रों को ऐसी कथाएं या परिस्थितियां प्रस्तुत की जाती हैं जहां दो परस्पर विरोधी नैतिक मूल्य एक-दूसरे से टकराते हैं। छात्र को इस दुविधा का समाधान करना होता है और अपने निर्णय के पीछे का तर्क देना होता है।

सबसे प्रसिद्ध उदाहरण - हेनज डिलेम्मा: कोहलबर्ग का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हेनज नाम के एक आदमी की कहानी है। उसकी पत्नी को एक बीमारी है। दवा बहुत महंगी है और फार्मासिस्ट कम कीमत नहीं देता। क्या हेनज को दवा चोरी करनी चाहिए? यह सवाल नैतिक मूल्यों - कानून बनाम जीवन - के बीच एक वास्तविक दुविधा प्रस्तुत करता है।

विधि का उपयोग: शिक्षक या अनुसंधानकर्ता छात्र से पूछते हैं कि वह क्या करेंगे और क्यों। छात्र के उत्तर और तर्क से उसके नैतिक विकास के स्तर का पता चलता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कहता है "मुझे दवा चोरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि मुझे दंड दिया जाएगा," तो वह पूर्व-पारंपरिक स्तर पर है। यदि कहे "कानून को तोड़ना गलत है," तो पारंपरिक स्तर पर है। यदि कहे "जीवन कानून से ऊपर है," तो उत्तर-पारंपरिक स्तर पर है।

शिक्षा में भूमिका:
1. नैतिक चेतना विकास: यह विधि छात्रों को नैतिक मुद्दों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती है।
2. परिप्रेक्ष्य लेना: छात्र विभिन्न दृष्टिकोणों को समझते हैं और सहानुभूति विकसित करते हैं।
3. चर्चा और संवाद: कक्षा में चर्चा से विभिन्न विचारों का आदान-प्रदान होता है जो नैतिक विकास में मदद करता है।
4. उच्च स्तर की तर्क क्षमता: यह विधि उच्च नैतिक सोच को प्रोत्साहित करती है।
5. स्व-प्रतिबिंब: छात्र अपनी मान्यताओं और मूल्यों पर विचार करते हैं।

महत्व: कोहलबर्ग ने यह विधि इसलिए विकसित की क्योंकि उन्हें विश्वास था कि नैतिक विकास केवल सूचना देकर नहीं बल्कि सक्रिय भागीदारी और विवादास्पद प्रश्नों पर विचार के माध्यम से संभव है।

निष्कर्ष: नैतिक दुविधा विधि शिक्षा का एक शक्तिशाली साधन है जो छात्रों को न केवल सही-गलत के बारे में बताता है, बल्कि उन्हें स्वयं विचार करने और तर्कसंगत निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है।
More: यह विस्तृत विवरणात्मक प्रश्न नैतिक दुविधा विधि को विस्तार से समझाता है।
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Question 13
PYQ 4.0 marks
एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास सिद्धांत के **पहले चार चरणों** को विस्तार से समझाइए।
flowchart TD
    A[शैशवावस्था 0-1½] --> B[विश्वास बनाम अविश्वास
आशा] B --> C[प्रारंभिक बाल्यावस्था 1½-3]
स्वायत्तता बनाम शर्म
इच्छा] C --> D[खेलने की आयु 3-5]
नेतृत्व बनाम अपराधबोध
उद्देश्य] D --> E[स्कूल आयु 5-12]
**परिश्रम बनाम हीनता**
**क्षमता**] style E fill:#90EE90
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Model answer
एरिक्सन का मनोसामाजिक विकास सिद्धांत जीवन के आठ चरणों पर आधारित है। **पहले चार चरण** बाल्यावस्था से संबंधित हैं:

1. **विश्वास बनाम अविश्वास (0-1½ वर्ष):** शैशवावस्था में माता-पिता से विश्वसनीय देखभाल मिलने पर बच्चे में **आशा** विकसित होती है। उदाहरण- नियमित दूध पिलाना। असफलता पर अविश्वास उत्पन्न होता है।

2. **स्वायत्तता बनाम शर्म (1½-3 वर्ष):** बच्चा स्वतंत्र कार्य सीखता है। सफलता पर **इच्छा** शक्ति विकसित होती है। उदाहरण- स्वयं खाना खाना। आलोचना पर शर्म महसूस करता है।

3. **नेतृत्व बनाम अपराधबोध (3-5 वर्ष):** बच्चा पहल करता है। सफलता पर **उद्देश्य** प्राप्त होता है। उदाहरण- खेलों में नेतृत्व। असफलता पर अपराधबोध।

4. **परिश्रम बनाम हीनता (5-12 वर्ष):** स्कूल में कार्य परिश्रम से **क्षमता** विकसित होती है। उदाहरण- होमवर्क पूरा करना। असफलता पर हीनभावना।

इन चरणों का सफल समाधान व्यक्तित्व के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है[1][4].
More: यह उत्तर एरिक्सन के पहले चार चरणों की सटीक व्याख्या देता है जिसमें प्रत्येक चरण की आयु, संकट, मूल गुण और उदाहरण शामिल हैं। यह परीक्षा के लिए पूर्ण मॉडल उत्तर है[1][3][4].
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Question 14
PYQ 2.0 marks
बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।
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Model answer
बाल विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:

1. **आनुवंशिक कारक (वंशानुगत):** बच्चे का शारीरिक, मानसिक विकास उसके माता-पिता के जीन से प्रभावित होता है। उदाहरणस्वरूप, लंबाई, रंग आदि आनुवंशिक होते हैं।

2. **पर्यावरणीय कारक:** परिवार का माहौल, सामाजिक संपर्क, शिक्षा और खेल बच्चे के सामाजिक व संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देते हैं। तनावपूर्ण वातावरण नकारात्मक प्रभाव डालता है।

3. **पोषण:** पोषक तत्वों की कमी से शारीरिक व बौद्धिक विकास रुक जाता है। संतुलित आहार विकास के लिए आवश्यक है।

4. **आर्थिक स्थिति:** सम्पन्न परिवार के बच्चे बेहतर सुविधाएं पाते हैं, जबकि गरीब परिवारों में असुविधाएं विकास को प्रभावित करती हैं।

5. **परिपक्वता:** समय पूर्व जन्म से विकास धीमा होता है।

इन कारकों का संतुलन बाल विकास के लिए आवश्यक है[1][2]。
More: यह उत्तर सभी प्रमुख कारकों को कवर करता है जो स्रोतों में उल्लिखित हैं। प्रत्येक बिंदु पर उदाहरण व स्पष्टीकरण दिया गया है, जो 1-2 अंकों के प्रश्न के लिए उपयुक्त (लगभग 70 शब्द) है[1][2][3]。
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Question 15
PYQ · 2021 4.0 marks
बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारकों की विस्तृत विवेचना कीजिए।
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Model answer
बाल विकास एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक आयाम शामिल हैं। इसे विभिन्न कारक प्रभावित करते हैं।

**1. जैविक/आनुवंशिक कारक:** वंशानुगत गुण जैसे ऊंचाई, बुद्धि का आधार जीन से निर्धारित होते हैं। उदाहरण: यदि माता-पिता बुद्धिमान हैं तो बच्चे में भी बौद्धिक क्षमता अधिक हो सकती है[2]।

**2. पर्यावरणीय कारक:** परिवार का प्रेमपूर्ण माहौल, सामाजिक संपर्क, शिक्षा विकास को बढ़ावा देते हैं। तनावपूर्ण वातावरण चिंता उत्पन्न करता है। उदाहरण: समृद्ध परिवार में बेहतर संसाधन उपलब्ध होते हैं[1]।

**3. पोषण और स्वास्थ्य:** संतुलित आहार शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है। कुपोषण से स्टंटिंग होती है। परिपक्वता भी महत्वपूर्ण है; समयपूर्व शिशु का विकास धीमा होता है[2][3]।

**4. आर्थिक स्थिति:** गरीबी संसाधनों की कमी उत्पन्न करती है, जबकि धन सुविधाएं प्रदान करता है[2]।

**5. शिक्षण-अधिगम:** अच्छी शिक्षा बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करती है[2]।

निष्कर्षतः, ये कारक परस्पर क्रिया करते हैं। सकारात्मक वातावरण प्रदान कर विकास को अधिकतम किया जा सकता है[1][3]। (लगभग 180 शब्द)
More: यह 3-4 अंकों का पूर्ण उत्तर है जिसमें परिचय, 5 प्रमुख बिंदु, उदाहरण व निष्कर्ष शामिल हैं। स्रोतों से सभी कारक लिए गए हैं[1][2][3]。
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Question 16
PYQ 3.0 marks
भाषा विकास एवं बोलने के क्रम के चरणों का वर्णन कीजिए।
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Model answer
भाषा विकास एवं बोलने का क्रम बाल्यावस्था में निश्चित चरणों से होता है।

1. **पूर्वभाषाई चरण (0-12 महीने):** यह चरण कूजन (6 सप्ताह), बड़बड़ाना (6 महीने) और बैबलिंग से शुरू होता है। बच्चे ध्वनियाँ उत्पन्न करते हैं जैसे 'बाबा', 'मामा' बिना अर्थ के, जो संचार की नींव रखता है। उदाहरण: 6-9 महीने में बैबलिंग शुरू।

2. **एक शब्द चरण (12 महीने):** बच्चे पहला शब्द बोलते हैं, जैसे 'माँ', 'पापा'।

3. **दो शब्द चरण (18 महीने):** शब्द जोड़ते हैं, जैसे 'माँ आओ'। वाक्य रचना शुरू।

4. **शब्द युग्म एवं लंबा कथन (18-48 महीने):** 18-24 महीने में शब्द युग्म, 2-4 वर्ष में लंबे वाक्य। शब्दावली 1000 तक पहुँचती है। उदाहरण: 3 वर्ष में 1000 शब्द।

इस प्रकार, बोलने का क्रम ध्वनि से वाक्य तक क्रमिक होता है, जो सुनने और नकल से प्रेरित है।[1][3][4]
More: यह उत्तर पूर्ण मॉडल उत्तर है जो चरणों को परिभाषित, स्पष्ट करता है, उदाहरण देता है और संक्षिप्त निष्कर्ष प्रदान करता है। लगभग 120 शब्द।
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Question 17
PYQ 3.0 marks
प्रारंभिक बाल्यावस्था में भाषा विकास की विशेषताएँ बताइए।
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Model answer
प्रारंभिक बाल्यावस्था (2-6 वर्ष) भाषा विकास का महत्वपूर्ण काल है, जिसे पूर्व-विद्यालयी अवस्था भी कहते हैं।

1. **शब्दावली वृद्धि:** 2 वर्ष में 300 शब्द से 3 वर्ष में 1000 शब्द तक तेजी से बढ़ोतरी। 4 वर्ष तक वयस्क-जैसी वाक्य संरचना।

2. **वाक्य निर्माण:** दो-शब्द चरण (1.5-2.5 वर्ष) से लंबे कथन (2-4 वर्ष) तक। बच्चे आत्मनिर्भरता, समूह कौशल विकसित करते हैं।

3. **भाषा अधिग्रहण:** सुनना, बोलना, नकल से सीखते हैं। उदाहरण: 'माँ आओ' से 'मैं खेलना चाहता हूँ' तक।

निष्कर्षतः, यह अवस्था भाषा की मजबूत नींव रखती है, जो विद्यालय 준비 में सहायक है।[3]
More: यह 3-निशान उत्तर परिचय, मुख्य बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष के साथ 100+ शब्दों का है।
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भाषा विकास एवं बोलने का क्रम · 10 free messages
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