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चक्रवृद्धि ब्याज

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

चक्रवृद्धि ब्याज उस प्रकार का ब्याज है जिसमें ब्याज की गणना केवल मूलधन (Principal) पर नहीं होती, बल्कि पूर्व अवधि के ब्याज को भी मूलधन में मिला कर अगले समय के लिए ब्याज लगाया जाता है। इसे अंग्रेज़ी में 'Compound Interest' कहा जाता है। यह साधारण ब्याज (Simple Interest) से मुख्यतः इस प्रकार भिन्न होता है कि स्थैतिक ब्याज के विपरीत, यहाँ ब्याज स्वयं पर ब्याज उत्पन्न होता है। इससे निवेश की राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है।

क्यों चक्रवृद्धि ब्याज आवश्यक है?

यदि निवेश को अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ाना हो तो केवल साधारण ब्याज ही पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि वह हर समय मूलधन पर ही ब्याज देता है। चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज भी निवेश का हिस्सा बनकर नए ब्याज उत्पन्न करता है। इसलिए लंबे समय के निवेश में इसे अधिक लाभकारी माना जाता है।

मूलभूत अवधारणाएँ

ब्याज क्या है?

ब्याज वह धनराशि होती है जो किसी निवेश या ऋण पर अतिरिक्त रूप से प्राप्त या भुगतान की जाती है। यह निवेश या ऋण की मुख्य राशि (मूलधन) का एक निर्धारित अनुपात होती है, जो समय के साथ बढ़ती है।

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर

साधारण ब्याज में ब्याज का हिसाब मात्र मूलधन पर लगाया जाता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज का हिसाब मूलधन और पूर्व के ब्याज दोनों पर लगाया जाता है। साधारण ब्याज धीरे-धीरे बढ़ता है, परन्तु चक्रवृद्धि ब्याज समय के साथ तेजी से बढ़ता है।

संघि अवधि (Compounding Period)

यह वह अवधि होती है जिसके बाद ब्याज मूलधन में जोड दिया जाता है ताकि अगले आवधिक ब्याज की गणना इस राशि पर हो सके। यह अवधि वार्षिक, त्रैमासिक, मासिक या मासिक से भी छोटी हो सकती है।

मूलधन (P) मूलधन + ब्याज (New Principal)

चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र

चक्रवृद्धि ब्याज की गणना के लिए निम्नलिखित सूत्र प्रयुक्त होता है:

\( A = P \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{nt} \)

जहाँ,

  • A = कुल राशि (Amount) निवेश के अंत में
  • P = मूलधन (Principal) जो शुरू में निवेश किया गया हो
  • r = वार्षिक ब्याज दर (Rate of Interest), दशमलव के रूप में (जैसे 5% = 0.05)
  • n = एक वर्ष में ब्याज मिलने की संख्या (Compounding Frequency)
  • t = निवेश की कुल अवधि (समय) वर्ष में

इस सूत्र के अनुसार, ब्याज को हर संघि अवधि पर पूरी राशि में जोड़ दिया जाता है और अगली अवधि के लिए नया मूलधन बन जाता है।

चक्रवृद्धि ब्याज सूत्र

\[A = P \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{nt}\]

मूलधन P और वार्षिक ब्याज दर r के आधार पर कुल राशि A की गणना

A = कुल राशि
P = मूलधन
r = ब्याज दर (दशमलव)
n = संघि अवधि प्रति वर्ष
t = समय (वर्षों में)

चक्रवृद्धि ब्याज के प्रकार

ब्याज की संघि आवृत्ति के आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज के प्रकार होते हैं:

  • वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज: ब्याज वर्ष में एक बार जोड़ा जाता है। (n=1)
  • त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज: हर तीन महीने पर ब्याज जोड़ा जाता है। (n=4)
  • मासिक चक्रवृद्धि ब्याज: हर महीने ब्याज जोड़ा जाता है। (n=12)
  • दैनिक चक्रवृद्धि ब्याज: प्रत्येक दिन ब्याज जोड़ा जाता है। (n=365)

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज की तुलना

विशेषता साधारण ब्याज (SI) चक्रवृद्धि ब्याज (CI)
ब्याज गणना आधार केवल मूलधन पर मूलधन और पूर्व ब्याज दोनों पर
सूत्र SI = P x r x t A = P \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{nt}
ब्याज का बढ़ना रैखिक (सीधे अनुपात में) घातीय (तेजी से बढ़ता हुआ)
लाभकारी कम समय के लिए उपयुक्त अधिक समय के निवेश में बेहतर

चक्रवृद्धि ब्याज के व्यावहारिक उदाहरण और समाधान

उदाहरण 1: पाँच वर्षों के लिए वार्षिक 5% चक्रवृद्धि ब्याज Easy
Rs.10,000 को 5 वर्ष के लिए प्रति वर्ष 5% चक्रवृद्धि ब्याज पर निवेश किया गया। कुल राशि ज्ञात करें।

चरण 1: ज्ञात करें, P = 10,000, r = 0.05, n = 1 (वार्षिक), t = 5 वर्ष।

चरण 2: सूत्र में मान डालें: \[ A = 10000 \left(1 + \frac{0.05}{1}\right)^{1 \times 5} = 10000 (1.05)^5 \]

चरण 3: (1.05)^5 = 1.2762815625 (लगभग)

चरण 4: इसलिए, \[ A = 10000 \times 1.27628 = Rs.12,762.81 \]

उत्तर: कुल राशि Rs.12,762.81 होगी।

उदाहरण 2: 3 वर्षों के लिए अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज Medium
Rs.15,000 को 6% वार्षिक ब्याज दर से 3 वर्ष के लिए अर्धवार्षिक (6 महीने) चक्रवृद्धि ब्याज पर निवेश किया गया। कुल राशि ज्ञात करें।

चरण 1: दिया गया है, P = 15,000, r = 0.06, n = 2 (अर्धवार्षिक), t = 3 वर्ष।

चरण 2: सूत्र में मान डालें: \[ A = 15000 \left(1 + \frac{0.06}{2}\right)^{2 \times 3} = 15000 (1 + 0.03)^6 = 15000 (1.03)^6 \]

चरण 3: (1.03)^6 = 1.194052 (लगभग)

चरण 4: कुल राशि: \[ A = 15000 \times 1.19405 = Rs.17,910.78 \]

उत्तर: कुल राशि Rs.17,910.78 होगी।

उदाहरण 3: मासिक चक्रवृद्धि ब्याज पर निवेश Medium
Rs.20,000 को 8% वार्षिक ब्याज दर से 4 वर्षों के लिए मासिक चक्रवृद्धि ब्याज पर निवेश किया गया। कुल राशि ज्ञात करें।

चरण 1: P = 20,000, r = 0.08, n = 12 (मासिक), t = 4 वर्ष।

चरण 2: सूत्र लगाएँ: \[ A = 20000 \left(1 + \frac{0.08}{12}\right)^{12 \times 4} = 20000 \left(1 + 0.0066667\right)^{48} = 20000 (1.0066667)^{48} \]

चरण 3: (1.0066667)^{48} ≈ 1.432364

चरण 4: कुल राशि: \[ A = 20000 \times 1.432364 = Rs.28,647.28 \]

उत्तर: Rs.28,647.28 कुल राशि होगी।

उदाहरण 4: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज का तुलनात्मक प्रश्न (परीक्षा शैली) Medium
अगर Rs.25,000 को 5% वार्षिक ब्याज दर पर 3 वर्ष के लिए निवेश किया जाए, तो साधारण ब्याज और वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज के मध्य ब्याज में कितना अंतर होगा?

चरण 1: साधारण ब्याज: \[ SI = P \times r \times t = 25000 \times 0.05 \times 3 = Rs.3,750 \]

चरण 2: चक्रवृद्धि ब्याज के अनुसार, \[ A = 25000 \left(1 + \frac{0.05}{1}\right)^{1 \times 3} = 25000 (1.05)^3 = 25000 \times 1.157625 = Rs.28,940.62 \]

चरण 3: चक्रवृद्धि ब्याज: \[ CI = A - P = 28940.62 - 25000 = Rs.3,940.62 \]

चरण 4: अंतर: \[ CI - SI = 3940.62 - 3750 = Rs.190.62 \]

उत्तर: Rs.190.62 का अधिक ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगा।

उदाहरण 5: त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज (परीक्षा शैली) Hard
Rs.12,000 को 9% वार्षिक ब्याज दर से 2 वर्षों के लिए त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज पर निवेश किया गया। कुल राशि ज्ञात करें।

चरण 1: ज्ञात करें P = 12,000, r = 0.09, n = 4, t = 2।

चरण 2: सूत्र में मान रखें: \[ A = 12000 \left(1 + \frac{0.09}{4}\right)^{4 \times 2} = 12000 (1 + 0.0225)^8 = 12000 (1.0225)^8 \]

चरण 3: (1.0225)^8 = 1.19668 (लगभग)

चरण 4: कुल राशि: \[ A = 12000 \times 1.19668 = Rs.14,360.16 \]

उत्तर: कुल राशि Rs.14,360.16 होगी।

चक्रवृद्धि ब्याज के लिए मुख्य सूत्र और व्युत्पन्न सूत्र

Formula Bank

चक्रवृद्धि ब्याज सूत्र
\[ A = P \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{nt} \]
जहाँ: A = अंत की कुल राशि, P = मूलधन, r = वार्षिक ब्याज दर (दशमलव), n = वर्ष में ब्याज की आवृत्ति, t = समय (वर्ष)
विवरण: निवेश की कुल राशि ज्ञात करने के लिए उपयोगी
साधारण ब्याज सूत्र
\[ SI = P \times r \times t \]
जहाँ: SI = साधारण ब्याज, P = मूलधन, r = ब्याज दर, t = समय (वर्ष)
विवरण: साधारण ब्याज की गणना के लिए
चक्रवृद्धि ब्याज राशि का निर्धारण
\[ CI = A - P \]
जहाँ: CI = चक्रवृद्धि ब्याज, A = कुल राशि, P = मूलधन
विवरण: चक्रवृद्धि ब्याज की माप के लिए

Tips & Tricks

Tip: यदि प्रश्न में चक्रवृद्धि ब्याज से संबंधित समय कम हो और ब्याज दर भी कम हो, तब आप आसानी से \( P(1 + rt) \) का उपयोग करके साधारण ब्याज की तरह तेजी से उत्तर निकाल सकते हैं। यह केवल प्राथमिक जांच के लिए उपयोगी है।

When to use: जब प्रश्न हल करने के लिए तुरंत अनुमान चाहिए।

Tip: चक्रवृद्धि अवधि (n) के बारे में सुनिश्चित न हों तो प्रारंभ में वार्षिक समझकर उत्तर निकालें; यदि आवश्यकता हो तो त्रैमासिक, मासिक आदि मानकर फिर जांच करें।

When to use: जब सेकंडों में उत्तर चाहिए और संभावना को जल्दी परखना हो।

Tip: 1.03^4 ≈ 1.125, 1.05^3 ≈ 1.157, 1.06^2 ≈ 1.124 जैसी संख्या याद रखें ताकि आप बिना कैलकुलेटर जल्दी से अनुमान लगा सकें।

When to use: जल्दी पुनर्गणना और चेकिंग के दौरान

Tip: जब भी ब्याज दर प्रतिशत में हो, उसे दशमलव में बदलना न भूलें (5% = 0.05)।

When to use: सभी गणनाओं में

Tip: चक्रवृद्धि ब्याज के मुकाबले साधारण ब्याज ज़्यादा होगा अगर ब्याज सूध का समय कम हो (विशेषकर 1 वर्ष या उससे कम)।

When to use: तुलना आधारित प्रश्नों में

Common Mistakes to Avoid

❌ ब्याज दर r को सीधे दशमलव के रूप में न लेना या प्रतिशत के रूप में छोड़ देना (जैसे 5 के बजाय 0.05 न लेना)।
✓ ब्याज दर को सदैव दशमलव में बदल कर ही सूत्र में डालें।
यह गलतफहमी सूत्र में प्रतिशत को दशमलव के स्थान पर डालने से गलत उत्तर जन्मती है।
❌ संघि अवधि (n) की संख्या को ध्यान न देना और हमेशा n=1 मान लेना।
✓ प्रश्न में दी गई ब्याज गणना अवधि को सही समझकर n की संख्या निर्धारित करें।
ब्याज की आवृत्ति के अनुसार n बदलता है, इसे गलत होने पर उत्तर ग़लत होता है।
❌ चक्रवृद्धि ब्याज निकालते समय कुल राशि A को चक्रवृद्धि ब्याज समझ लेना।
✓ चक्रवृद्धि ब्याज निकालने के लिए कुल राशि से मूलधन घटाएं, अर्थात \( CI = A - P \)।
कुल राशि में मूलधन भी शामिल होता है; इसे नहीं घटाने पर ब्याज की राशि गलत आ जाती है।
❌ समय t को महीने या दिनों में दिया हो तो उसे वर्ष में परिवर्तित करना भूल जाना।
✓ हमेशा समय को वर्ष में परिवर्तित कर के सूत्र में लागू करें।
सूत्र वार्षिक आधार पर है, समय को सही इकाई में न लेने पर गणना गलत होती है।

महत्वपूर्ण सारांश

  • चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे राशि तेजी से बढ़ती है।
  • गणना का सूत्र: \( A = P(1 + \frac{r}{n})^{nt} \) जहाँ सभी मान सावधानी से ग्रहण करें।
  • साधारण ब्याज से तुलना में चक्रवृद्धि ब्याज अधिक लाभकारी होता है।
  • संघि अवधि (n) और समय (t) को सही समझकर ही गणना करें।
  • सामान्य गलतियों से बचने के लिए ब्याज दर को दशमलव में, समय को वर्ष में बदलें और सही सूत्र का उपयोग करें।
Key Takeaway:

चक्रवृद्धि ब्याज का सही परिचय एवं सूत्र का उचित प्रयोग आर्थिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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