चक्रवृद्धि ब्याज उस प्रकार का ब्याज है जिसमें ब्याज की गणना केवल मूलधन (Principal) पर नहीं होती, बल्कि पूर्व अवधि के ब्याज को भी मूलधन में मिला कर अगले समय के लिए ब्याज लगाया जाता है। इसे अंग्रेज़ी में 'Compound Interest' कहा जाता है। यह साधारण ब्याज (Simple Interest) से मुख्यतः इस प्रकार भिन्न होता है कि स्थैतिक ब्याज के विपरीत, यहाँ ब्याज स्वयं पर ब्याज उत्पन्न होता है। इससे निवेश की राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है।
यदि निवेश को अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ाना हो तो केवल साधारण ब्याज ही पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि वह हर समय मूलधन पर ही ब्याज देता है। चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज भी निवेश का हिस्सा बनकर नए ब्याज उत्पन्न करता है। इसलिए लंबे समय के निवेश में इसे अधिक लाभकारी माना जाता है।
ब्याज वह धनराशि होती है जो किसी निवेश या ऋण पर अतिरिक्त रूप से प्राप्त या भुगतान की जाती है। यह निवेश या ऋण की मुख्य राशि (मूलधन) का एक निर्धारित अनुपात होती है, जो समय के साथ बढ़ती है।
साधारण ब्याज में ब्याज का हिसाब मात्र मूलधन पर लगाया जाता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज का हिसाब मूलधन और पूर्व के ब्याज दोनों पर लगाया जाता है। साधारण ब्याज धीरे-धीरे बढ़ता है, परन्तु चक्रवृद्धि ब्याज समय के साथ तेजी से बढ़ता है।
यह वह अवधि होती है जिसके बाद ब्याज मूलधन में जोड दिया जाता है ताकि अगले आवधिक ब्याज की गणना इस राशि पर हो सके। यह अवधि वार्षिक, त्रैमासिक, मासिक या मासिक से भी छोटी हो सकती है।
चक्रवृद्धि ब्याज की गणना के लिए निम्नलिखित सूत्र प्रयुक्त होता है:
जहाँ,
इस सूत्र के अनुसार, ब्याज को हर संघि अवधि पर पूरी राशि में जोड़ दिया जाता है और अगली अवधि के लिए नया मूलधन बन जाता है।
ब्याज की संघि आवृत्ति के आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज के प्रकार होते हैं:
| विशेषता | साधारण ब्याज (SI) | चक्रवृद्धि ब्याज (CI) |
|---|---|---|
| ब्याज गणना आधार | केवल मूलधन पर | मूलधन और पूर्व ब्याज दोनों पर |
| सूत्र | SI = P x r x t | A = P \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{nt} |
| ब्याज का बढ़ना | रैखिक (सीधे अनुपात में) | घातीय (तेजी से बढ़ता हुआ) |
| लाभकारी | कम समय के लिए उपयुक्त | अधिक समय के निवेश में बेहतर |
चरण 1: ज्ञात करें, P = 10,000, r = 0.05, n = 1 (वार्षिक), t = 5 वर्ष।
चरण 2: सूत्र में मान डालें: \[ A = 10000 \left(1 + \frac{0.05}{1}\right)^{1 \times 5} = 10000 (1.05)^5 \]
चरण 3: (1.05)^5 = 1.2762815625 (लगभग)
चरण 4: इसलिए, \[ A = 10000 \times 1.27628 = Rs.12,762.81 \]
उत्तर: कुल राशि Rs.12,762.81 होगी।
चरण 1: दिया गया है, P = 15,000, r = 0.06, n = 2 (अर्धवार्षिक), t = 3 वर्ष।
चरण 2: सूत्र में मान डालें: \[ A = 15000 \left(1 + \frac{0.06}{2}\right)^{2 \times 3} = 15000 (1 + 0.03)^6 = 15000 (1.03)^6 \]
चरण 3: (1.03)^6 = 1.194052 (लगभग)
चरण 4: कुल राशि: \[ A = 15000 \times 1.19405 = Rs.17,910.78 \]
उत्तर: कुल राशि Rs.17,910.78 होगी।
चरण 1: P = 20,000, r = 0.08, n = 12 (मासिक), t = 4 वर्ष।
चरण 2: सूत्र लगाएँ: \[ A = 20000 \left(1 + \frac{0.08}{12}\right)^{12 \times 4} = 20000 \left(1 + 0.0066667\right)^{48} = 20000 (1.0066667)^{48} \]
चरण 3: (1.0066667)^{48} ≈ 1.432364
चरण 4: कुल राशि: \[ A = 20000 \times 1.432364 = Rs.28,647.28 \]
उत्तर: Rs.28,647.28 कुल राशि होगी।
चरण 1: साधारण ब्याज: \[ SI = P \times r \times t = 25000 \times 0.05 \times 3 = Rs.3,750 \]
चरण 2: चक्रवृद्धि ब्याज के अनुसार, \[ A = 25000 \left(1 + \frac{0.05}{1}\right)^{1 \times 3} = 25000 (1.05)^3 = 25000 \times 1.157625 = Rs.28,940.62 \]
चरण 3: चक्रवृद्धि ब्याज: \[ CI = A - P = 28940.62 - 25000 = Rs.3,940.62 \]
चरण 4: अंतर: \[ CI - SI = 3940.62 - 3750 = Rs.190.62 \]
उत्तर: Rs.190.62 का अधिक ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगा।
चरण 1: ज्ञात करें P = 12,000, r = 0.09, n = 4, t = 2।
चरण 2: सूत्र में मान रखें: \[ A = 12000 \left(1 + \frac{0.09}{4}\right)^{4 \times 2} = 12000 (1 + 0.0225)^8 = 12000 (1.0225)^8 \]
चरण 3: (1.0225)^8 = 1.19668 (लगभग)
चरण 4: कुल राशि: \[ A = 12000 \times 1.19668 = Rs.14,360.16 \]
उत्तर: कुल राशि Rs.14,360.16 होगी।
When to use: जब प्रश्न हल करने के लिए तुरंत अनुमान चाहिए।
When to use: जब सेकंडों में उत्तर चाहिए और संभावना को जल्दी परखना हो।
When to use: जल्दी पुनर्गणना और चेकिंग के दौरान
When to use: सभी गणनाओं में
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