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विशेषण

विशेषण (Adjective)

विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा (noun) या सर्वनाम (pronoun) की विशेषता बताता है। इसका कार्य किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान के गुण, परिमाण या संबंध को स्पष्ट करना होता है। उदाहरण के लिए, वाक्य में "मीठा आम" में 'मीठा' शब्द 'आम' की विशेषता प्रदर्शित करता है इसलिए यह विशेषण है।

विशेषण हिंदी व्याकरण की अत्यंत महत्वपूर्ण श्रेणी है क्योंकि यह संज्ञा और सर्वनाम को अधिक स्पष्ट, संपूर्ण और सजीव बनाता है। यह व्याकरण में संज्ञा तथा सर्वनाम के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है।

विशेषण की परिभाषा और महत्त्व

विशेषण की परिभाषा को स्पष्ट रूप से इस प्रकार लिखा जा सकता है:

विशेषण वह शब्द है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की गुणवत्ता, परिमाण, संख्या अथवा सम्बन्ध को दर्शाता है।

महत्त्व: भाषा में स्पष्टता, व्यंजनात्मकता एवं अभिव्यक्ति की समृद्धि के लिए विशेषण आवश्यक हैं। इनके बिना वाक्य सूखे और अस्पष्ट लगते हैं।

विशेषण का स्थान

हिंदी में विशेषण सामान्यतः संज्ञा या सर्वनाम के पहले आता है। उदाहरणः

  • सुदूर (विशेषण) देश
  • मेहनती (विशेषण) छात्र
  • यह (विशेषण) पुस्तक
विशेषण + संज्ञा/सर्वनाम

ध्यान रखना चाहिए कि कभी-कभी विशेषण वाक्य के बाद भी आ सकता है परन्तु वह असाधारण और विशेष शैलीगत स्थिति होती है। सामान्यतः विशेषण संज्ञा-या सर्वनाम के पूर्व ही होता है।

संबंध व्याकरण से

विशेषण का अध्ययन संज्ञा और सर्वनाम के अध्ययन के बाद अधिक फलदायी होता है, क्योंकि यह इनके गुण-दोष, संख्या, लिंग आदि से संबंधित होता है। अतः संज्ञा और सर्वनाम विषयों को सम्यक् समझकर ही विशेषण की गहराई में जाना चाहिए।

graph TD    विशेषण --> परिभाषा    विशेषण --> प्रकार    विशेषण --> प्रयोग    विशेषण --> गलतियाँ    विशेषण --> टिप्स_और_ट्रिक्स

विशेषण के प्रकार

विशेषण को तीन मुख्य भागों में वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्येक प्रकार की अपनी विशेषता और प्रयोग विधि है।

1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)

यह वह विशेषण होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की गुण या विशेषता बताते हैं। जैसे रंग, आकार, स्वाद, गुण आदि।

  • लाल गुलाब (लाल रंग का संकेत)
  • मोटा कुत्ता (वजन का संकेत)
  • मीठा फल (स्वाद का संकेत)

गुणवाचक विशेषण संज्ञा के स्थायी या अस्थायी गुण दिखा सकते हैं।

2. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective)

परिमाणवाचक विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या संख्यात्मक पक्ष दर्शाते हैं। ये बतलाते हैं कि वस्तु कितनी है या संख्या कितनी है।

  • दो लड़के
  • अधिक पानी
  • थोड़ा अनाज

3. संबंधबोधक विशेषण (Possessive/Relative Adjective)

यह विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के संबंध को प्रदर्शित करते हैं। ये यह बताते हैं कि कोई वस्तु किसी के साथ संबंध रखती है।

  • मेरी किताब
  • आपका घर
  • राम का बैग

विशेषण के प्रयोग

विशेषण का प्रयोग संज्ञा के साथ, सर्वनाम के साथ, और कभी-कभी क्रिया विशेषण के अंतर्गत किया जाता है। इसके प्रयोग से वाक्य में अधिक स्पष्टता एवं प्रभावशीलता आती है।

1. संज्ञा के साथ विशेषण का प्रयोग

संज्ञा के साथ विशेषण का प्रयोग वाक्य में वस्तु की विशेषता स्पष्ट करता है। जैसे:

  • सुंदर लड़की
  • लंबा बाँटा
  • स्वादिष्ट भोजन

2. सर्वनाम के साथ विशेषण का प्रयोग

सर्वनाम के साथ विशेषण लगाकर वस्तु या व्यक्ति की विशेषता बताई जाती है:

  • यह अच्छा था।
  • मेरी किताब गायब हो गई।
  • उनका घर बड़ा है।

3. क्रिया विशेषण के अंतर्गत विशेषण

जब विशेषण क्रिया की गुणवत्ता को दर्शाता है, अर्थात किसी क्रिया का विशेषण होता है, तो वह क्रिया विशेषण कहलाता है, जो विशेषण की एक भिन्न श्रेणी है। ध्यान रहें कि इस विषय में विशेषण और क्रिया विशेषण का विवेचन अलग-अलग किया जाता है।

कार्य उदाहरण

उदाहरण 1: संज्ञा के साथ विशेषण की पहचान Easy
वाक्य में विशेषण कौन-से हैं? - "लाल किताब मेज़ पर रखी है।"

चरण 1: संज्ञा पहचानें - 'किताब', 'मेज़'

चरण 2: जिन शब्दों से संज्ञा का गुण-दोष बताया गया हो वे विशेषण होते हैं। यहाँ 'लाल' शब्द 'किताब' की विशेषता दिखाता है।

चरण 3: 'मेज़' के साथ कोई विशेषण नहीं है।

उत्तर: 'लाल' विशेषण है।

उदाहरण 2: विशेषण के प्रकार निर्धारण Medium
निम्नलिखित विशेषणों के प्रकार पहचानिए: 'तीन', 'सुंदर', 'मेरी'

चरण 1: 'तीन' संख्या बताता है -> परिमाणवाचक विशेषण।

चरण 2: 'सुंदर' किसी वस्तु की सुंदरता बताता है -> गुणवाचक विशेषण।

चरण 3: 'मेरी' सम्बन्ध दर्शाता है -> संबंधबोधक विशेषण।

उत्तर: तीन -> परिमाणवाचक, सुंदर -> गुणवाचक, मेरी -> संबंधबोधक

उदाहरण 3: विशेषण का प्रयोग Medium
सही विकल्प चुनिए: "वह ___ लड़का है।" (साधारण, तीन, तुम्हारा)

चरण 1: वाक्य में लड़का संज्ञा है। उस संज्ञा के साथ गुण, संख्या या सम्बन्ध का विशेषण प्रयोग करना है।

चरण 2: 'तीन' संख्या बताता है, 'साधारण' गुण दिखाता है, 'तुम्हारा' सम्बन्ध दिखाता है।

चरण 3: सभी विकल्प विशेषण हैं, पर वाक्य में कोई प्रतिबंध नहीं है। अतः तीनों सही हो सकते हैं।

उत्तर: साधारण, तीन, तुम्हारा तीनों का प्रयोग उपयुक्त है।

उदाहरण 4: परीक्षा शैली प्रश्न Medium
निम्न में से कौन सा शब्द विशेषण नहीं है?
(क) घना (ख) जल्दी (ग) पहला (घ) सा

चरण 1: 'घना' - गुणवाचक विशेषण (घने पेड़)

चरण 2: 'जल्दी' - क्रिया विशेषण (जल्दी दौड़ा), विशेषण नहीं

चरण 3: 'पहला' - परिमाणवाचक विशेषण (पहला दिन)

चरण 4: 'सा' - संबंधबोधक विशेषण (वह सा बच्चा)

उत्तर: (ख) जल्दी विशेषण नहीं, क्रिया विशेषण है।

उदाहरण 5: परीक्षा शैली प्रश्न Hard
सही वाक्य चुनिए जिसमें विशेषण का प्रयोग त्रुटिरहित हो:
(क) वह अच्छा लड़की है।
(ख) यह मेरा घर है।
(ग) दो मीठा आम खाए।
(घ) सुन्दर फूल खिल रहा है।

चरण 1: (क) में 'अच्छा' (पुल्लिंग) है और 'लड़की' स्त्रीलिंग, अतः मेल नहीं। गलत।

चरण 2: (ख) में 'मेरा' (पुल्लिंग) घर है, संगति सही है। सही।

चरण 3: (ग) में 'मीठा' (पुल्लिंग) है पर 'दो' संख्या, सुधार योग्य -> 'दो मीठे आम' बेहतर होगा। गलत।

चरण 4: (घ) में 'सुन्दर' फूल (पुल्लिंग) के साथ सही है, लेकिन 'खिल रहा है' क्रिया की तद्भवता जाँचना आवश्यक। वाक्य व्याकरण दृष्टि से सही है।

उत्तर: (ख) और (घ) सही हैं। (क) और (ग) गलत।

Tips & Tricks

Tip: गुणवाचक विशेषण अक्सर रंग, स्वाद, आकार, गुण आदि से संबंधित होते हैं।

When to use: विशेषण की पहचान में गुणज्ञ शब्दों को तुरंत टेक लगायें।

Tip: संख्या बताने वाले शब्द सामान्यतः परिमाणवाचक विशेषण होते हैं।

When to use: जब प्रश्न संख्या या परिमाण पर केंद्रित हो।

Tip: संबंधबोधक विशेषण वाक्य के संज्ञा/सर्वनाम के साथ सम्बंध दिखाते हैं जैसे मेरा, तुम्हारा, उनका।

When to use: किसी का स्वामित्व या संबद्धता पूछे जाने पर तुरंत पहचानें।

Tip: याद रखें, विशेषण संज्ञा/सर्वनाम से लिंग और वचन में मेल खाते हैं।

When to use: जब मेल मिलान संबंधी प्रश्न हों।

Tip: क्रिया विशेषण से भ्रमित न हों; जो शब्द क्रिया के गुण को दर्शाता है वे क्रिया विशेषण होते हैं।

When to use: विशेषण और क्रिया विशेषण के बीच अंतर जानने के लिए।

Common Mistakes to Avoid

❌ विशेषण को क्रिया के साथ जोड़कर प्रयोग करना (जैसे 'अच्छा कर' गलत है)
✓ विशेषण संज्ञा/सर्वनाम के साथ ही प्रयोग करें; क्रिया के साथ क्रिया विशेषण का प्रयोग करें।
Why: विशेषण केवल संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताता है, क्रिया का वर्णन क्रिया विशेषण करता है।
❌ लिंग और वचन में मेल न रखना (जैसे 'अच्छी लड़का')
✓ संज्ञा और उसके विशेषण का लिंग-वचन एक समान रखें (जैसे 'अच्छा लड़का')
Why: व्याकरण नियम अनुसार विशेषण और संज्ञा का लिंग-वचन मेल जरूरी है।
❌ गुणवाचक विशेषण और संबंधबोधक विशेषण को भ्रमित करना
✓ गुण बताने वाले शब्द गुणवाचक विशेषण तथा स्वामित्व या संबंध दिखाने वाले संबंधबोधक विशेषण होते हैं।
Why: इनके कार्य में मूलभूत भिन्नता होती है, जिससे वाक्य अर्थ प्रभावित हो सकता है।
Key Concept

विशेषण

विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की गुण, संख्या और संबंध को स्पष्ट करता है। यह भाषा की अभिव्यक्ति को सजीव, स्पष्ट एवं अर्थपूर्ण बनाता है।

विशेषण सीखने के परामर्श

  • गुणवाचक विशेषण रंग, आकार, स्वाद जैसी विशेषताएँ बताते हैं।
  • परिमाणवाचक विशेषण संख्या या मात्रा बताते हैं।
  • संबंधबोधक विशेषण स्वामित्व या सम्बंध दर्शाते हैं।
  • विशेषण और संज्ञा/सर्वनाम में लिंग और वचन की संगति बनाए रखें।
  • विशेषण और क्रिया विशेषण को अलग-अलग पहचानें।
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