हिंदी व्याकरण का यह अध्याय संज्ञा (Noun) एवं सर्वनाम (Pronoun) की आधारभूत परिभाषा, उनके प्रकार, नियम तथा प्रयोग पर केंद्रित है। संज्ञा और सर्वनाम भाषा के ऐसे तत्व हैं, जो वाक्यों को अर्थपूर्ण बनाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इनकी समझ सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत आवश्यक है। इस विषय में संज्ञा एवं सर्वनाम की पहचान, उनके प्रकार, वचन और लिंग, तथा इनके प्रयोगकर्ताओं से जुड़े नियमों का समुचित अध्ययन किया जाएगा।
परिभाषा: संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव अथवा समूह का नाम दर्शाता है।
संज्ञा क्या है? किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, या भावना का नाम संज्ञा कहलाता है। जैसे - राम, पुस्तक, दिल्ली, सुंदरता।
| संज्ञा का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक संज्ञा | किसी विशेष व्यक्ति, जीव या वस्तु का नाम। | अजय, गंगा, शेर |
| जातिवाचक संज्ञा | किसी जाति या वर्ग का नाम। | लड़का, नदी, जानवर |
| भाववाचक संज्ञा | किसी भावना, गुण या अवस्था का नाम। | साहस, मिठास, ख़ुशी |
| समूहवाचक संज्ञा | किसी वस्तुओं या व्यक्तियों के समूह का नाम। | झुंड, सेना, वर्ग |
संज्ञा के सही प्रयोग में उसकी संख्या (वचन) और लिंग का विशेष ध्यान रखा जाता है। हिंदी में संज्ञा पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग या नपुंसकलिङ्ग हो सकती है, तथा संख्या के अनुसार एकवचन या बहुवचन रूप लेती है।
परिभाषा: सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं, अर्थात् संज्ञा के पुनः प्रयोग से बचाते हैं।
सर्वनाम क्या है? ऐसे शब्द जो संज्ञा के बदले प्रयोग होते हैं जैसे मैं, तुम, वह, ये।
| सर्वनाम का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| पूर्वसवाचक सर्वनाम | जो सीधे व्यक्ति को इंगित करता है। | मैं, हम, तुम, वे |
| संबंधवाचक सर्वनाम | जो संबंध दर्शाता है। | जो, जिसका, जिन |
| प्रश्नवाचक सर्वनाम | जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होता है। | कौन, क्या, किसका |
| अनिश्चित सर्वनाम | जो निश्चित नहीं होता। | कोई, कुछ, सभी |
सर्वनाम के प्रयोग में यह ध्यान रखना चाहिए कि वह जिस संज्ञा के स्थान पर प्रयोग हो रहा है, उसके लिंग, वचन और कारक के अनुसार सर्वनाम में भी बदलाव हो। उदाहरणतः यदि संज्ञा स्त्रीलिंग है, तो सर्वनाम भी स्त्रीलिंग में होना चाहिए।
हिंदी भाषा में शब्दों का वचन दो प्रकार का होता है - एकवचन और बहुवचन।
संज्ञा और सर्वनाम के वचन परिवर्तन के कुछ सामान्य नियम इस प्रकार हैं:
graph TD A[संज्ञा/सर्वनाम] --> B(एकवचन) A --> C(बहुवचन) B --> D[एक व्यक्ति/वस्तु] C --> E[अधिक व्यक्ति/वस्तु]
लिंग (Gender): हिंदी व्याकरण में लिंग से तात्पर्य उस विशेषता से है जो संज्ञा या सर्वनाम के शब्द के पुरुष या स्त्री होने का निर्धारण करता है। हिंदी में तीन प्रकार के लिंग होते हैं:
संज्ञा एवं सर्वनाम के लिंग का निर्धारण करते समय निम्नलिखित नियम सहायक होते हैं:
चरण 1: व्यक्तिवाचक संज्ञा वे हैं जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या जीव का नाम होती है।
चरण 2: 'कुत्ता' - कोई विशेष जीव; 'सागर' - कोई विशिष्ट स्थल का नाम; 'भारत' - एक देश का नाम। ये सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं। वहीं 'खुशी' एक भावना है, अतः भाववाचक संज्ञा।
उत्तर: कुत्ता, सागर, भारत
चरण 1: सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं।
चरण 2: 'मैं' संज्ञा 'राम' के स्थान पर प्रयुक्त सर्वनाम है। 'राम' एक संज्ञा है।
उत्तर: सर्वनाम - मैं
चरण 1: 'लड़की' स्त्रीलिङ्ग संज्ञा है जिसका बहुवचन 'लड़कियाँ' होगा।
चरण 2: सामान्यतः स्त्रीलिङ्ग शब्दों के अंत में '-ी' वाले शब्दों का बहुवचन '-ियाँ' हो जाता है।
उत्तर: लड़कियाँ
चरण 1: 'लड़की' स्त्रीलिङ्ग संज्ञा है, अत: सर्वनाम 'वह' भी स्त्रीलिङ्ग होगा।
चरण 2: सर्वनाम 'वह' यहाँ स्त्रीलिङ्ग के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है, क्योंकि इसका संबंधित शब्द स्त्रीलिङ्ग है।
उत्तर: स्त्रीलिङ्ग
विकल्प: (अ) राम (आ) यह (इ) पुस्तक (ई) नदी
चरण 1: 'राम', 'पुस्तक', 'नदी' संज्ञा हैं क्योंकि ये किसी व्यक्ति या वस्तु के नाम हैं।
चरण 2: 'यह' एक सर्वनाम है जो किसी संज्ञा के स्थान पर आता है।
उत्तर: (आ) यह
स्पष्टीकरण: 'राम' व्यक्ति का नाम है - संज्ञा। पुस्तक, नदी वस्तुओं के नाम हैं - संज्ञा। 'यह' शब्द संज्ञा के पुनरावृत्ति से बचाने वाले सर्वनाम हैं।
कब उपयोग करें: शब्द के अर्थ तथा संदर्भ स्पष्ट न हो तब।
कब उपयोग करें: जब वाक्य में गद्य को संक्षिप्त और प्रवाहमय बनाना हो।
कब उपयोग करें: संज्ञा का बहुवचन रूप बनाते समय।
कब उपयोग करें: सर्वनाम के सही प्रयोग के लिए।
कब उपयोग करें: प्रश्नवाचक सर्वनाम के प्रश्न आते समय।
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